आगरा में धर्मांतरण के आरोप में 11 लोग गिरफ्तार, एक महीने की गोपनीय जांच के बाद हुई कार्रवाई

आगरा। आगरा के शाहगंज थाना क्षेत्र में धर्मांतरण कराने के आरोप में पुलिस ने एक घर से 11 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पांच महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने यह कार्रवाई एक महीने तक चली गोपनीय जांच के बाद की है। केदार नगर के एक घर में प्रत्येक रविवार को ईसाई धर्म सभा आयोजित की जाती थी। शिकायत के अनुसार, इस सभा में हिंदुओं को बुलाया जाता था और उन्हें सनातन धर्म के देवी-देवताओं की पूजा-पाठ से दूर रहने के लिए कहा जाता था। इसके बदले में, उनकी गरीबी और अन्य सभी कष्टों को दूर करने का दावा किया जाता था। पुलिस ने सादे कपड़ों में भेजे थे कर्मी एक माननीय मंत्री से इस इलाके में धर्मांतरण की गतिविधियों की शिकायत की गई थी, जिसके बाद मामला पुलिस आयुक्त दीपक कुमार तक पहुंचा। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर शाहगंज पुलिस ने गोपनीय जांच शुरू की। इस दौरान महिला पुलिसकर्मियों को सादे कपड़ों में धर्म सभा में भेजा गया ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके। जांच में पता चला कि इस घर में बाहर से कुछ लोग आते थे और आसपास के हिंदुओं को इकट्ठा करते थे। उनकी समस्याओं के बारे में पूछने के बाद उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता था। जो लोग इसके लिए तैयार होते थे, उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया जाता था। दो दिन पहले, पुलिस ने छापेमारी कर इस घर से पांच महिलाओं सहित 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इसमें एक मुख्य व्यक्ति भी शामिल है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

आगरा में सपा सांसद रामजीलाल सुमन का ‘आक्रामक’ बयान: बोले- “जब तक दलित-पिछड़ों को हिंदू समाज का अंग नहीं समझेंगे, धर्म परिवर्तन नहीं रुकेगा!”

आगरा। आगरा में हालिया धर्मांतरण के खुलासे के बाद अब समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन का एक बेहद आक्रामक बयान सामने आया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि “जब तक हिंदू धर्म के जो ठेकेदार हैं, अपना मिजाज नहीं बदलेंगे, सोचने का तरीका नहीं बदलेंगे, दलितों-पिछड़ों को हिंदू समाज का अंग नहीं समझेंगे, तब तक धर्म परिवर्तन की संभावनाओं को कोई रोक नहीं सकता।” “असमानता के चलते हो रहा धर्मांतरण” सांसद रामजीलाल सुमन ने शनिवार को फिरोजाबाद में एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि हिंदू धर्म में व्याप्त असमानता के चलते ही धर्म परिवर्तन हो रहे हैं। उनका मानना है कि जब तक ऊंच-नीच का भेदभाव रहेगा, तब तक धर्म परिवर्तन होता रहेगा। उनके इस बयान के बाद जब दैनिक भास्कर ने उनके आवास पर इस मुद्दे पर बातचीत की, तो उन्होंने अपनी बात को और विस्तार दिया। “हमारे आचरण, व्यवहार और सोच से हुआ धर्म परिवर्तन” सपा सांसद का कहना है कि जो सनातन के मानने वाले लोग हैं, उन्होंने जब दलितों का मंदिर जाना रोक दिया, तो वे बजाय मंदिर के गुरुद्वारा-मस्जिद में चले गए। उन्होंने साफ कहा कि “कुल मिलाकर ये है कि धर्म परिवर्तन हमारे आचरण की वजह से हुआ…हमारे व्यवहार से हुआ, हमारे संस्कार और सोच से हुआ।” उन्होंने धर्मांतरण का मुख्य कारण बताते हुए कहा कि हमने कुछ वर्गों को जानबूझकर अलग कर दिया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष को मंदिर में नहीं जाने दिया गया, और उज्जैन में बीजेपी के एमएलए को मंदिर में नहीं जाने दिया गया। सांसद ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का भी उदाहरण दिया, कि जब उन्होंने मुख्यमंत्री आवास छोड़ा तो उसे गंगाजल से साफ किया गया था। रामजीलाल सुमन के अनुसार, “ये सबका सीधा-सीधा मतलब ये है कि कुछ वर्गों को आपने जानबूझकर अलग कर रखा है।” “लालच नहीं, असमानता है धर्मांतरण की वजह” धर्मांतरण के मामले को नया न बताते हुए रामजीलाल सुमन ने तर्क दिया कि अगर धर्मांतरण किसी लालच में होता है या किसी अन्य वजह से होता है तो वे इसके विरोधी हैं। मगर, हमें असल वजह पर जाना होगा कि इस देश में धर्मांतरण क्यों होता है? उनका मानना है कि “देश में धर्मांतरण तब होता है, जब किसी मजहब या धर्म में समानता का भाव नहीं होता। तब लोग दूसरे रास्ते की तलाश करते हैं।” कुछ लोग हिंदू राष्ट्र बनाने की बात करते हैं, इस पर सांसद ने कहा कि इंडोनेशिया के बाद सबसे अधिक मुसलमान हमारे देश में रहते हैं। दलित, पिछड़े लोग हैं। उनका साफ कहना है कि “अगर समानता का व्यवहार नहीं करेंगे तो आप जो करना चाहते हैं, वह नहीं होगा।”

धर्मांतरण के खिलाफ आगरा में पंजाबी समाज ‘एकजुट’: बेटियों की सुरक्षा पर ‘बड़ी बैठक’, 5 समुदाय लेंगे अहम फैसले!

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आगरा। आगरा में धर्मांतरण के बढ़ते मामलों और खासकर पंजाबी समाज की दो बेटियों को लालच व दबाव के ज़रिए जबरन धर्म परिवर्तन कराने जैसी घटनाओं ने पूरे समाज को हिला दिया है। अब शहर का पंजाबी, सिख, खत्री, बहावलपुरी और मुल्तानी समाज एकजुट हो गया है। इन गंभीर घटनाओं को लेकर आगामी 27 जुलाई को ‘पंजाबी विरासत परिवार’ के बैनर तले इन पांचों समुदायों की एक बड़ी और अहम बैठक होने जा रही है। यह बैठक समाज की अस्मिता, बेटियों की सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान के लिए निर्णायक कदम उठाने वाली है। 27 जुलाई को ‘महापंचायत’: पंजाब भवन में जुटेंगे हज़ारों लोग यह महत्वपूर्ण बैठक रविवार, 27 जुलाई को शाम 4 बजे, पंजाब भवन (ग्रैंड होटल के पास), आगरा कैंट में आयोजित की जाएगी। ‘पंजाबी विरासत परिवार’ के अध्यक्ष पूरन डावर की अध्यक्षता और संत बाबा प्रीतम सिंह की सरपरस्ती में होने वाली इस बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना, बेटियों की सुरक्षा हेतु सामाजिक दृष्टिकोण से ठोस पहल करना और ऐसे मामलों के विरुद्ध एक संयुक्त आवाज़ उठाना है। आयोजकों को उम्मीद है कि इसमें पूरे शहर और आस-पास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाजजन जुटेंगे। बैठक में महिलाओं को खास तौर पर बुलाया गया है, ताकि उन्हें यह बताया जा सके कि एक मां के रूप में कैसे वे अपने बच्चों की हिफाजत कर सकती हैं। ‘योजनाबद्ध धर्मांतरण’ का आरोप, समाज में बढ़ी बेचैनी ‘पंजाबी विरासत’ के महामंत्री बंटी ग्रोवर ने बताया कि यह बैठक आगरा की दो बेटियों के हालिया धर्मांतरण प्रकरण के संदर्भ में बुलाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि “कुछ संगठनों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से समाज की बेटियों को धर्म परिवर्तन के लिए मानसिक, आर्थिक और भावनात्मक दबाव डाला जा रहा है।” ग्रोवर ने चिंता जताई कि समाज में बढ़ती बेचैनी, बेटियों की सुरक्षा और धार्मिक-सांस्कृतिक अस्तित्व को लेकर गहरी चिंता है। ऐसे में समाज को एक दिशा, संगठन और निर्णायक कार्रवाई की सख्त ज़रूरत है। पुलिस प्रशासन की सराहना, पर ‘स्थायी समाधान’ की मांग ‘पंजाबी विरासत परिवार’ के अध्यक्ष पूरन डावर, कार्यकारी अध्यक्ष अनिल वर्मा एडवोकेट और अन्य वरिष्ठजनों ने पुलिस प्रशासन की उस तत्परता की सराहना की है, जिससे उन दो बेटियों को मुक्त कराया जा सका। उन्होंने कहा कि पुलिस की सजगता से समाज में सकारात्मक संदेश गया है, लेकिन इस तरह की घटनाओं पर स्थायी रोक लगाने के लिए प्रशासन को निगरानी और सख्ती बढ़ानी होगी। वरिष्ठजनों ने की अपील: ‘एकजुट होकर करें निर्णय’ ‘पंजाबी विरासत’ के कार्यकारी अध्यक्ष अनिल वर्मा, कोषाध्यक्ष नवीन अरोरा, संरक्षक चरणजीत थापर, सुनील मनचंदा, चंद्रमोहन सचदेवा, अशोक अरोरा, वीर महेंद्रपाल सिंह, मनमोहन निरंकारी, रानी सिंह और श्री गुरु सिंह सभा माईथान के प्रधान सरदार कंवल दीप सिंह सहित कई वरिष्ठजनों ने समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण बैठक में समय से पहुंचें और संगठित स्वर में निर्णय लें। उम्मीद है कि इन बैठकों में ऐसे ठोस और प्रभावशाली प्रस्ताव पारित होंगे, जो समाज की बेटियों को भविष्य में धर्मांतरण के जाल से सुरक्षित रखने में मदद करेंगे। एक सामूहिक मोर्चा और कानूनी विकल्पों की रूपरेखा भी बनाई जा सकती है।

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