आगरा से पूरे देश में हो रही थी नकली दवाओं की सप्लाई, मुजफ्फरनगर में बड़ा खुलासा

आगरा। आगरा से नकली दवाओं का बड़ा कारोबार पूरे देश में फैला हुआ था। आगरा में ड्रग विभाग और एसटीएफ की छापेमारी के बाद अब अन्य राज्यों में भी धरपकड़ की जा रही है, जिसमें मुजफ्फरनगर में एक बड़ा खुलासा हुआ है। यहाँ की एक फर्म ने अकेले आगरा से करोड़ों रुपये की नकली दवाएं खरीदी थीं। हाल ही में, ड्रग विभाग और एसटीएफ ने आगरा में हे मां मेडिको के संचालक हिमांशु अग्रवाल के साथ ही बंसल मेडिकल एजेंसी, ताज मेडिको और एमएसवी मेडी प्वाइंट पर छापेमारी की थी। इन फर्मों से करोड़ों रुपये की नकली दवाएं जब्त की गई थीं। जाँच में मिले दस्तावेजों और बिलों से यह पता चला कि ये फर्में कई राज्यों में नकली दवाओं की सप्लाई कर रही थीं। मुजफ्फरनगर में 3.50 करोड़ की नकली दवाएं बरामद जाँच के दौरान, मुजफ्फरनगर की आयुष मेडिकोज को भी आगरा की इन फर्मों से दवाएं बेचे जाने के सबूत मिले। ड्रग विभाग ने मुजफ्फरनगर में आयुष मेडिकोज पर छापा मारा। वहाँ फर्म के संचालक तरुण गिरधर ने बताया कि वह आगरा की तीनों फर्मों से दवाएं खरीदता था, जो उसे बाजार मूल्य से 36% कम दाम पर मिलती थीं। दस्तावेजों की जाँच में सामने आया कि इन फर्मों ने केवल 6 महीने में ही 3 करोड़ 57 लाख 28 हजार 35 रुपये की दवाएं खरीदी थीं। ये सभी दवाइयां नकली साबित हुईं, जिसके बाद तरुण को गिरफ्तार कर लिया गया है। आगरा से बेची गईं नकली दवाएं इस रैकेट के जरिए जो नकली दवाएं बेची जा रही थीं, उनमें ये प्रमुख थीं: फर्जी फर्मों का कारोबार ड्रग विभाग के अनुसार, एमएसवी मेडी प्वाइंट फर्म फर्जी रूप से बनाई गई थी। पुलिस को संदेह है कि बंसल मेडिको के संचालक, जो रिश्वत देने के मामले में जेल गए हिमांशु अग्रवाल से भी बड़े दवा कारोबारी हैं, उन्होंने कई अन्य फर्जी फर्मों के माध्यम से भी करोड़ों रुपये की नकली दवाएं अन्य राज्यों में बेची हैं। इस खुलासे के बाद ड्रग विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है ताकि इस नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म किया जा सके।

नकली दवा जांच के 8वें दिन बंसल मेडिको की एमएसवी मेडिपॉइंट फर्म पर जांच तेज

आगरा। आगरा में नकली दवाओं के खिलाफ ड्रग विभाग और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई लगातार आठवें दिन भी जारी रही। शुक्रवार को टीम ने बंसल मेडिको की एक फर्म, एमएसवी मेडिपॉइंट प्राइवेट लिमिटेड, पर छापा मारा। जांच में गोदाम में भारी मात्रा में दवाओं का स्टॉक मिला, जिसकी सघनता से जांच की जा रही है। गोदाम में हर डिब्बे की हो रही है जांच डिप्टी कमिश्नर ड्रग अतुल उपाध्याय ने बताया कि एमएसवी मेडिपॉइंट के गोदाम में मिले दवाओं के स्टॉक की गिनती और बिलों का मिलान किया जा रहा है। जांच टीम हर डिब्बे को खोलकर दवाओं के बैच नंबर और क्यूआर कोड को बिलों से मिला रही है। उन्होंने कहा कि संदिग्ध दवाओं के सैंपल तुरंत जांच के लिए भेजे जाएंगे और रिपोर्ट निगेटिव आने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि नकली दवा सिंडिकेट के भंडाफोड़ के बाद से ही बंसल मेडिको पर सेल-परचेज पर रोक लगा दी गई थी। जंगल में जली मिली दवाओं की भी हो रही जांच वहीं, यमुना किनारे जंगल में कुछ दवाओं को जलाने का वीडियो वायरल होने के बाद एसटीएफ और ड्रग विभाग ने इस मामले में भी जांच शुरू कर दी है। जिस जगह पर दवाएं जलाई गई थीं, वहां से जली हुई दवाओं के डिब्बे और जो दवाएं जलने से बच गई थीं, उन्हें जब्त कर लिया गया है। अधिकारियों को शक है कि किसी दवा व्यापारी ने पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए सबूत मिटाने की कोशिश में ये दवाएं जलाई होंगी।

आगरा में नकली दवा रैकेट: ₹6.35 करोड़ की दवाएं जब्त, अब हिमांशु अग्रवाल के भाई दीपक सिंघल के गोदाम पर छापा

आगरा। आगरा में नकली दवाओं के बड़े रैकेट का खुलासा होने के बाद पुलिस और ड्रग विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। अब तक कुल ₹6.35 करोड़ की नकली दवाएं सीज की जा चुकी हैं। इसी कड़ी में, पुलिस और ड्रग विभाग की टीम ने दवा माफिया हिमांशु अग्रवाल के भाई दीपक सिंघल के गोदाम का ताला तोड़कर छापेमारी की है। इस गोदाम से भी लगभग ₹2 करोड़ की दवाओं का स्टॉक मिला है, जिसे सील कर दिया गया है। ताला तोड़कर क्यों हुई कार्रवाई? गोदाम में छापा मारने के दौरान मालिक या परिवार के किसी सदस्य का होना जरूरी होता है, लेकिन हिमांशु अग्रवाल जेल में हैं और उनके परिजन घर पर नहीं थे। इसलिए एसटीएफ और ड्रग विभाग को मजबूरी में गोदाम का ताला तोड़ना पड़ा। 5 बड़ी कंपनियों की नकली दवाएं बरामद जांच टीम को गोदाम से पांच बड़ी फार्मा कंपनियों – ग्लेनमार्क, सन फार्मा, जाइडस, सनोफी और यूएसबी – की नकली दवाएं मिली हैं। इनमें कई जीवनरक्षक दवाएं भी शामिल हैं। ड्रग विभाग ने इन 14 दवाओं के नमूने जांच के लिए लिए हैं। सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि मालिक के फोन न उठाने के कारण ताला तोड़ना पड़ा। गोदाम में मिली दवाओं को सील कर दिया गया है और मालिक को नोटिस भेजा जाएगा। बंसल मेडिको भी जांच के दायरे में हे मां मेडिको के मालिक हिमांशु अग्रवाल को पहले ही रिश्वत देने के आरोप में जेल भेजा जा चुका है। अब इस मामले में बंसल मेडिको की दुकान और गोदाम पर भी जांच शुरू कर दी गई है। पिछले शुक्रवार से ही ड्रग विभाग और एसटीएफ की टीमें कोतवाली और एमएम गेट क्षेत्र के बाजारों में लगातार जांच कर रही हैं। इस अवैध कारोबार से जुड़े कई और लोग पुलिस के रडार पर हैं।

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