आगरा में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान शुरू, बोदला चौराहे से हुई शुरुआत

आगरा। आगरा नगर निगम ने बुधवार को शहर में अतिक्रमण हटाने का बड़ा अभियान चलाया। यह कार्रवाई बोदला चौराहे से थाना जगदीशपुरा तक की गई, जिसमें सड़क किनारे और फुटपाथ पर लगे काउंटर, खोखे, बोर्ड और अन्य अवैध कब्जे हटा दिए गए। इसके साथ ही बिना अनुमति लगाए गए होर्डिंग और बैनर भी जब्त कर लिए गए। अभियान के दौरान कुछ दुकानदारों और नगर निगम की टीम के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई। दुकानदारों ने कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन अधिकारियों ने सख्ती दिखाते हुए काम जारी रखा। नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर में सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने दुकानदारों से फुटपाथ और सड़क किनारे दोबारा सामान न रखने की अपील की। आगे इन क्षेत्रों में चलेगा अभियान नगर निगम ने अतिक्रमण विरोधी अभियान का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। आने वाले दिनों में यह अभियान शहर के कई प्रमुख मार्गों पर चलाया जाएगा। आगरा में नगर निगम का अतिक्रमण विरोधी अभियान, बोदला चौराहे से बिचपुरी रोड तक की सड़क खाली कराई

आगरा में अतिक्रमण हटाने गई नगर निगम टीम को लौटना पड़ा, स्थानीय लोगों ने किया विरोध

आगरा। आगरा के आवास विकास सेक्टर-7 में बुधवार को नगर निगम की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई भारी हंगामे के कारण रुक गई। जोनल अधिकारी सी.पी. सिंह के नेतृत्व में गई निगम की टीम को स्थानीय लोगों के विरोध के बाद बिना कार्रवाई किए ही खाली हाथ लौटना पड़ा। यह कार्रवाई इलाके के एक निवासी ललित अग्रवाल की आईजीआरएस पोर्टल पर की गई शिकायत के बाद शुरू हुई थी। उन्होंने शिकायत में कहा था कि कई लोगों ने अपने घरों के सामने अवैध रूप से रैंप बना लिए हैं, जिससे राहगीरों और वाहनों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। जैसे ही नगर निगम की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची, स्थानीय लोगों ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया। लोगों ने आरोप लगाया कि उनके नाम से की गई शिकायत फर्जी है और शिकायतकर्ता ललित अग्रवाल ने उनके जाली हस्ताक्षर कर दिए हैं। अधिकारियों ने लोगों को समझाया कि सरकारी भूमि पर रैंप बनाना अवैध है और इसे किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा। हालांकि, तनाव बढ़ने पर निगम टीम को पीछे हटना पड़ा। लोगों ने कहा कि वे खुद ही रैंप हटा लेंगे और निगम को कार्रवाई नहीं करने देंगे। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने कहा है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों को खुद अतिक्रमण हटाने का मौका दिया है, लेकिन अगर तय समयसीमा में रैंप नहीं हटे तो निगम सख्त कार्रवाई करेगा।

आगरा में गरजा नगर निगम का ‘बुलडोजर’: सड़क पर खुला ढाबा ध्वस्त, नाली पर बने निर्माण भी साफ!

आगरा। आगरा में अवैध कब्जों के खिलाफ नगर निगम का अभियान लगातार जारी है। गुरुवार को नगर निगम ने बूढ़ी का नगला क्षेत्र में सड़क और फुटपाथ पर कब्जा कर चलाए जा रहे एक अवैध ढाबे को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई से अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों में हड़कंप मच गया। ‘ज्ञानी ढाबा’ पर चला बुलडोजर, राहगीरों को हो रही थी परेशानी जानकारी के अनुसार, बूढ़ी का नगला क्षेत्र में एक व्यक्ति ने सड़क और फुटपाथ को घेर कर ‘ज्ञानी’ के नाम से अवैध ढाबा खोल रखा था। ढाबे पर आने वाले लोग अपने वाहन सड़क पर खड़े कर देते थे, जिससे आम नागरिकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस संबंध में नगर निगम प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए, नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल ने इस अवैध ढाबे पर कार्रवाई के निर्देश दिए। दोपहर में नगर निगम के ध्वस्तीकरण दस्ते ने मौके पर पहुँचकर ढाबे को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। अन्य क्षेत्रों में भी हटा अतिक्रमण, नाली पर बना निर्माण भी साफ बूढ़ी का नगला के अलावा, प्रवर्तन दल ने भगवान टॉकीज के पास पार्थी पेठा स्टोर के समीप तिरपाल डालकर किए गए अतिक्रमण को भी हटवाया। इसी प्रकार, कमला नगर में दिलीप मेडिकल स्टोर के संचालक द्वारा नाली पर किए गए अवैध निर्माण को भी ध्वस्त कर दिया गया। नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। जहाँ से भी शिकायतें मिलेंगी, वहाँ अवैध कब्जे हटाए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि नगर निगम में हर रोज दर्जनों अवैध कब्जों की शिकायतें पहुँचती हैं, जिन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। WordPress SEO Optimization:

आगरा में ‘अवैध’ कब्जे पर गरजा बुलडोजर: नगर निगम ने सड़क पर बने रैंप तोड़े, सिंधी बाजार से भी हटाए गए बोर्ड

आगरा। आगरा नगर निगम ने गुरुवार को नाई की मंडी और सिंधी बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया। नाई की मंडी चौराहे से गालिब होटल तक नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने सड़क पर दुकानदारों द्वारा अवैध रूप से बनाए गए रैंपों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। इस दौरान कुछ दुकानदारों ने विरोध करने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने उन्हें समझाकर शांत करा दिया। बार-बार चेतावनी के बाद भी नहीं माने दुकानदार नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि व्यापारियों को कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन वे सार्वजनिक रास्ते पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण कर रहे थे। इससे ट्रैफिक व्यवस्था और आम लोगों को भारी परेशानी हो रही थी। क्षेत्रीय लोगों ने भी इसकी शिकायत नगर निगम से की थी। अभियान के दौरान नाई की मंडी में काफी भीड़ जमा हो गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोगों ने कार्रवाई से बचने के लिए आनन-फानन में अपना सामान हटाना शुरू कर दिया। सिंधी बाजार में भी हुई कार्रवाई, फुटपाथ खाली कराया नाई की मंडी के अलावा, नगर निगम की टीम ने सिंधी बाजार में भी कार्रवाई करते हुए फुटपाथ पर रखे गए सामान, बोर्ड और होर्डिंग्स को हटवाया। अधिकारियों ने साफ किया कि फुटपाथ पैदल चलने वालों के लिए होता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दुकानदार दोबारा कब्जा करते पाए गए, तो जुर्माने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने शहर के व्यापारियों और नागरिकों से अपील की है कि वे शहर की साफ-सफाई और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में सहयोग करें और सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न करें।

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