Agra News: बेटे की चाह में अंधविश्वास की बलि सपना, ससुरालियों पर FIR!

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Agra News सिकंदरा में बेटे की चाह में ससुराल वालों द्वारा प्रताड़ित विवाहिता सपना की मौत हो गई। शरीर पर जलने के निशान थे। मायके वालों की शिकायत पर पुलिस जांच शुरू। Agra News उत्तर प्रदेश के आगरा में बेटे की चाह और घोर अंधविश्वास की राह ने एक विवाहिता की जान ले ली। सिकंदरा थाना क्षेत्र के केके नगर में दहेज उत्पीड़न और पुत्र की चाह में झाड़ फूंक कराने के बाद कथित तौर पर हुई विवाहिता सपना की मौत से क्षेत्र में मातम पसर गया है। वीआईपी जैतपुर की रहने वाली महिला की शादी के साढ़े 11 साल बाद बेटी को जन्म देने के कारण ससुराल वाले उसे लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। मायके वालों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया है और आगे की कार्रवाई करने की बात कही है। पुत्र की चाहत बनी उत्पीड़न की वजह जैतपुर निवासी हरपाल ने पुलिस को बताया कि उनकी बहन सपना की शादी करीब 12 साल पहले आगरा के केके नगर निवासी अमित कुमार के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज के लिए उत्पीड़न कर रहे थे, लेकिन स्थिति तब बेहद खराब हो गई जब करीब 11 साल 6 महीने बाद सपना ने आईवीएफ (IVF) की मदद से बेटी को जन्म दिया। भाई हरपाल के मुताबिक, ससुराल वालों को यह बताया गया था कि अब दूसरा बच्चा नहीं हो सकता है, इसके बावजूद बेटे की चाह में ससुराल वाले सपना का शारीरिक और मानसिक रूप से उत्पीड़न कर रहे थे। झाड़ फूंक के दौरान प्रताड़ना के आरोप हरपाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उत्पीड़न बढ़ने पर वे सपना को अपने मायके ले आए थे। आरोप है कि 22 अगस्त को अच्छे से देखभाल करने की बात कहकर पति अमित कुमार सपना को वापस ससुराल ले गया। इसके बाद 27 अगस्त को पति ने फोन करके बताया कि सपना को तेज बुखार और घबराहट हो रही है। जब हरपाल अपनी बहन सपना को देखने केके नगर पहुँचे, तो वे दृश्य देखकर हैरान रह गए। सपना कमरे में बेसुध पड़ी थी, और पास में ही झाड़ फूंक कराने का सामान फैला हुआ था। सबसे गंभीर बात यह थी कि सपना के शरीर पर जलने के निशान थे, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि बेटे की चाह में अंधविश्वास के नाम पर उसके साथ क्रूरता की गई। इलाज में रुकावट और दिल्ली में मौत भाई हरपाल ने आरोप लगाया कि जब वे सपना को इलाज के लिए ले जाने लगे, तो ससुराल वाले उन्हें रोक रहे थे। उनका कहना था कि “झाड़ फूंक कराया है, चिंता मत करो,” और ‘भूत प्रेत का साया’ बताकर इलाज से रोका गया। ससुराल वालों की अनदेखी के कारण हरपाल सपना को तुरंत आगरा में दिल्ली गेट स्थित अस्पताल ले गए, जहाँ से उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया। 28 अगस्त को दिल्ली में सपना को भर्ती कराया गया था। हरपाल ने बताया कि ससुराल वाले फोन पर बताने के बावजूद दिल्ली नहीं पहुँचे। दिल्ली में इलाज के बाद परिजन कुछ दिन पहले ही छुट्टी कराकर जैतपुर (मायके) लाए थे, लेकिन मंगलवार की सुबह सपना की मौत हो गई। मायके वालों ने मौत के लिए सीधे तौर पर ससुराल वालों को जिम्मेदार ठहराया है और उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। थाना सिकंदरा निरीक्षण (SHO) ने बताया कि मायके वालों की तहरीर (शिकायत) मिल गई है और शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से पूरे परिवार और समाज में मातम और रोष का माहौल है, और सभी सपना को न्याय मिलने की मांग कर रहे हैं। आगरा में दहेज हत्या, ससुराल वालों ने विवाहिता को फांसी पर लटकाया

Agra: उटंगन नदी त्रासदी: करन का शव मिला, मां-पत्नी बेसुध!

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Agra उटंगन नदी त्रासदी के चौथे दिन लापता करन (21) का शव मिला। बेटे की खबर मिलते ही मां सामंती देवी की आँखें पथरा गईं और पत्नी सपना बेसुध हो गईं। Agra के खेरागढ़ क्षेत्र को झकझोर देने वाले उटंगन नदी हादसे के चौथे दिन, लापता सात लोगों में से एक और युवक का शव बरामद हो गया है। नदी में डूबे करन (21) पुत्र रनवीर का शव रविवार शाम को नदी की गहराई से निकाला गया। चार दिन तक अपने बेटे के सही-सलामत लौट आने की उम्मीद लगाए बैठे परिवार के लिए यह खबर किसी वज्रपात से कम नहीं थी। करन का शव मिलने की जानकारी मिलते ही पूरे घर में और कुसियापुर गांव में फिर से चीख-पुकार और कोहराम मच गया। इस भयानक त्रासदी ने कई घरों के दीपक हमेशा के लिए बुझा दिए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में गहरे शोक की लहर दौड़ गई है। सेना के जवानों ने निकाला शव करन (21) पुत्र रनवीर का शव सेना के जवानों और स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में चलाए जा रहे सघन रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मिला। बताया गया कि शव नदी में बने गहरे गड्ढों में फँसा हुआ था, जिसे निकालने के लिए कम्प्रेसर मशीन की सहायता ली गई। जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद करन के शव को बाहर निकाला। नदी किनारे मौजूद ग्रामीणों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में शव को तुरंत पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि बाकी लापता लोगों की तलाश अभी भी जारी है और जब तक सभी शव बरामद नहीं हो जाते, रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं रोका जाएगा। मां की पथराई आँखें, पत्नी का विलाप जैसे ही करन का शव मिलने की खबर घर पहुंची, वहां का मंजर बेहद मार्मिक हो गया। बेटे के इंतजार में लगातार चार दिनों से पथराई निगाहों से दरवाजे की ओर टकटकी लगाए बैठीं मां सामंती देवी सदमे से सन्न रह गईं। उनकी आँखें अब आस की बजाय गहरे गम में डूबी थीं। वह बार-बार सिर्फ अपने बेटे करन का नाम पुकारती रहीं और बेसुध होकर जमीन पर बैठ गईं। वहीं, करन की पत्नी सपना का रो-रोकर बुरा हाल था। अपने पति को खोने के गम में वह बार-बार बेहोश हो रही थीं। उनका हृदय विदारक विलाप सुनकर वहां मौजूद हर किसी की आँखें नम हो गईं। रिश्तेदारों और पड़ोसी महिलाओं का समूह घर में मौजूद था और वे करन की मां, पत्नी और बहन को ढांढस बंधाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन इस अपूरणीय क्षति की भरपाई करना असंभव था। करन के पिता भी बेटे की मौत से गहरे सदमे में हैं, उनके भी आंसू सूख गए हैं। मासूम विनय की मार्मिक तलाश इस पूरे दुखद माहौल में सबसे मार्मिक दृश्य करन के डेढ़ वर्षीय मासूम बेटे विनय का था। मासूमियत से अनजान विनय अपने पिता के घर न होने के कारण उन्हें बार-बार ढूंढता रहा। अपनी मासूम निगाहों से वह दरवाजे की ओर टकटकी लगाकर देखता रहा, मानो किसी भी पल उसके पिता करन उसे पुकारेंगे। उस छोटे बच्चे को अभी तक यह एहसास नहीं है कि उसके सिर से उसके पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है। मासूम का यह निष्पाप इंतजार देखकर वहां मौजूद सभी लोगों का दिल भर आया और इस त्रासदी की भयावहता और असहनीयता हर किसी को महसूस हुई। यह दृश्य उस त्रासदी की सामाजिक कीमत को दर्शाता है जो पूरे कुसियापुर गांव पर आई है। समूचे क्षेत्र में शोक की लहर उटंगन नदी हादसे ने एक ही गांव के कई घरों में मातम फैला दिया है। करन का शव मिलने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि यह त्रासदी कितनी गहरी है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। क्षेत्रीय व्यापारियों और सामाजिक संगठनों ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है। इस सामूहिक त्रासदी के कारण पूरे खेरागढ़ क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है और लोग शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं। प्रशासन ने भी कहा है कि नदी में बाकी लापता लोगों की तलाश में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। Agra News Today: मातम के बीच शराब बिक्री, गुस्साई महिलाओं ने ठेका तोड़ा!

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