आगरा के कोल्ड स्टोरेज में 10 फीट का अजगर देख मचा हड़कंप, मजदूरों ने काम छोड़ा; एनजीओ टीम ने किया रेस्क्यू

आगरा। आगरा के छलेसर क्षेत्र स्थित कुबेरपुर में मंगलवार दोपहर एक कोल्ड स्टोरेज में अजगर दिखने से हड़कंप मच गया। आलू के बोरों के बीच से अचानक निकले अजगर को देखते ही मजदूर अपना काम छोड़कर बाहर की ओर भाग खड़े हुए, जिससे वहाँ अफरा-तफरी का माहौल बन गया। 2 घंटे तक अजगर को घेरे रहे ग्रामीण, फिर एनजीओ को बुलाया कोल्ड स्टोरेज मालिक को जैसे ही अजगर के दिखने की सूचना मिली, उन्होंने स्थानीय निवासी छोटू भवानी से संपर्क किया। इसके बाद छोटू भवानी ने एक वन्यजीव एनजीओ को सूचना दी। अजगर दिखने के बाद करीब दो घंटे तक ग्रामीण और मजदूर अजगर को घेरे रहे। डर के कारण किसी ने भी सांप को छूने या पास जाने की हिम्मत नहीं की। 10 फीट लंबा और 25 किलो वजनी अजगर, जंगल में छोड़ा गया एनजीओ से अंशुल कुमार और उनकी टीम विशेष उपकरणों के साथ मौके पर पहुँची। उन्होंने सावधानीपूर्वक करीब 10 फीट लंबे और 20-25 किलो वजनी अजगर को पकड़ा। अजगर को सुरक्षित रेस्क्यू करने के बाद टीम ने उसे बाद में पास के जंगल में छोड़ दिया। अंशुल कुमार ने बताया कि अजगर जहरीले नहीं होते हैं, लेकिन लोग डर की वजह से उन्हें खतरनाक मान लेते हैं। उन्होंने यह भी समझाया कि जितना डर इंसान को सांप से होता है, उतना ही सांप को भी इंसान से होता है। अजगर के रेस्क्यू के बाद कोल्ड स्टोरेज के मजदूरों ने राहत की सांस ली। उन्होंने बताया कि अजगर को अचानक सामने देखकर उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हुआ था। और खबरें भी हैं…

आगरा के ताजमहल में ‘बंदरों का खौफ’: महिला पर्यटक पर हमला, मॉर्निंग वॉकर्स भी रहें सावधान!

आगरा। आगरा में दुनिया के सातवें अजूबे ताजमहल परिसर में अब बंदरों का आतंक बढ़ने लगा है। मंगलवार दोपहर ताजमहल देखने आईं 60 वर्षीय एक महिला पर्यटक पर बंदरों ने हमला कर दिया, जब वे पानी की बोतल के साथ अकेली बैठी थीं। बोतल छीनने की कोशिश में महिला के हाथ में चोट आ गई। ताज सुरक्षा पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर महिला को बचाया और उन्हें अस्पताल पहुँचाया। अब इस घटना के बाद मॉर्निंग वॉक पर जाने वालों को भी सावधान रहने की चेतावनी दी गई है। अकेला देखकर हमला, बेटा-बहू गए थे अंदर यह घटना दोपहर करीब 3 बजे की है। बनारस निवासी कमलेश भट्ट (60 वर्ष) अपने बेटे शैलेंद्र भट्ट और बहू अनुराधा शर्मा के साथ ताजमहल देखने आई थीं। जब बेटा और बहू ताजमहल के अंदर गए, तो कमलेश भट्ट पश्चिमी गेट के सामने एक पत्थर की बेंच पर अकेली बैठी थीं। उनके पास एक पानी की बोतल थी। इसी दौरान, कुछ बंदरों ने उनसे पानी की बोतल छीनने के लिए अचानक हमला कर दिया। बंदरों की इस हरकत से महिला डर गईं और चिल्लाने लगीं। इस छीना-झपटी में उनके दाहिने हाथ में चोट भी लग गई। पुलिस ने तत्परता से बचाया और अस्पताल भेजा ताज सुरक्षा बल को जैसे ही इसकी सूचना मिली, टीम तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए बंदरों को महिला के पास से भगाया और उन्हें सुरक्षित किया। पुलिस टीम ने तुरंत महिला के बेटे को फोन कर ताजमहल से बाहर बुलाया। पश्चिमी पार्किंग स्थित पर्यटक सुविधा केंद्र से एंबुलेंस बुलाई गई और कमलेश भट्ट को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। इस दौरान उनकी बहू अनुराधा काफी घबरा गईं और रोने लगीं। ताज सुरक्षा पुलिस के सहयोग से महिला पर्यटक को समय पर उपचार मिल जाने पर उनके पुत्र शैलेंद्र भट्ट ने आगरा पुलिस की सहायता के लिए आभार व्यक्त किया। पुलिस टीम में उप निरीक्षक शिवराज सिंह, मुख्य आरक्षी महेश चंद्र, मुख्य आरक्षी दिलीप कुमार, आरक्षी पीएसी विजय सिंह, और आरक्षी पीएसी यतेंद्र कुमार शामिल थे। ‘ताज खेमा से एंट्री तक है बंदरों का उत्पात’, वॉकर्स को चेतावनी ताजमहल के आसपास के निवासी और मॉर्निंग वॉक पर जाने वाले लोग भी बंदरों के बढ़ते उत्पात को लेकर चिंतित हैं। वॉकिंग क्लब ताजमहल-ताज रॉयल अपार्टमेंट निवासी सरदार हरदीप सिंह का कहना है, “सुबह जो वॉक करने जाते हैं ताजमहल, वह भी सतर्क रहें। बंदरों का उत्पात ज्यादातर ताज खेमा से एंट्री तक का है।” उन्होंने आगे बताया कि रोजाना सुबह 5 से 9 बजे के बीच आसपास से सैकड़ों लोग वॉक करने आते हैं, जिन्हें भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। क्या इस बढ़ती समस्या पर प्रशासन कोई ठोस कदम उठाएगा?

Verified by MonsterInsights