आगरा में नाले में गिरकर डेढ़ साल के बच्चे की मौत, खुला नाला बना हादसे की वजह

आगरा। आगरा के रुनकता कस्बे में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक डेढ़ साल के बच्चे की नाले में गिरकर मौत हो गई। बच्चा अपने घर के बाहर खेल रहा था, तभी बारिश के तेज बहाव में नाले में गिरकर बह गया। लगभग 45 मिनट की तलाश के बाद बच्चे का शव घर से 100 मीटर दूर नाले में मिला। यह घटना विकास खंड अछनेरा के कस्बा रुनकता के होली मोहल्ले की है। मृतक बच्चे का नाम प्रियांशु उर्फ शिव था, जो अपनी मां किरन के साथ अपने नाना के घर रह रहा था। परिजनों ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब तीन बजे बारिश के दौरान बच्चा दरवाजे पर खेल रहा था, जब वह अचानक लापता हो गया। लापता होने पर जब परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की तो पता चला कि वह घर के सामने बह रहे खुले नाले में गिर गया था। परिजनों ने बच्चे को फौरन नाले में ढूंढना शुरू किया। करीब पौन घंटे बाद उसका शव मिला, जिसे तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। खुला नाला बना मौत का कारण परिजनों का आरोप है कि नाला काफी समय से खुला हुआ है और उसकी सफाई भी नहीं की जाती। बारिश के दिनों में यह नाला ओवरफ्लो होकर बहता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। अगर नाला ढका हुआ होता तो यह हादसा नहीं होता। मौके पर पहुंचे कानूनगो और लेखपाल ने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है। इस घटना से पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है, और बच्चे की मां का रो-रोकर बुरा हाल है।

आगरा में महाराणा प्रताप के बोर्ड उखाड़ने पर बवाल: सिकंदरा पुलिस पर भड़के क्षत्रिय समाज के ग्रामीण, सड़क जाम कर किया पुतला दहन

आगरा। थाना सिकंदरा क्षेत्र के गांवों में महाराणा प्रताप के 4 बोर्ड उखाड़ने को लेकर क्षत्रिय समाज के लोगों में भारी आक्रोश फैल गया है। सोमवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए, उन्होंने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुतला दहन कर अपना विरोध जताया। बढ़ते बवाल को देखते हुए पुलिस ने ग्रामीणों को सड़क से हटाया और मौके पर अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है। क्या है पूरा मामला? ग्रामीणों ने बताया कि तीन दिन पहले रुनकता क्षेत्र के चार गांवों में क्षत्रिय समाज के लोगों ने महाराणा प्रताप के सम्मान में बोर्ड लगाए थे। सोमवार सुबह जब ग्रामीण उठे तो अकबरा गांव के बाहर लगा बोर्ड गायब था। यह खबर गांव में आग की तरह फैल गई। थोड़ी देर बाद पता चला कि बाकी के तीन और बोर्ड भी उखाड़ दिए गए हैं। इस घटना से क्षत्रिय समाज के लोग आक्रोशित हो गए और बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर सड़क पर आ गए। पुलिस प्रशासन पर लगाए आरोप, थाना प्रभारी के निलंबन की मांग ग्रामीणों ने सीधे तौर पर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उनका आरोप था कि पुलिस ने ही ये बोर्ड उखाड़े हैं। इस बात को लेकर उनमें गहरी नाराजगी थी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुँची और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन गुस्साए ग्रामीण पुलिस के सामने ही नारेबाजी करते रहे। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना था कि सिकंदरा थाना प्रभारी ने ही बोर्ड उखड़वाए हैं और उन्हें तुरंत निलंबित किया जाना चाहिए। बड़ी मुश्किल से पुलिस ने लोगों को शांत कराया और सड़क से हटाया। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए इलाके में फिलहाल अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। और खबरें भी हैं…

आगरा में सदर पुलिस और शातिर चोर के बीच मुठभेड़: पैर में गोली लगने से घायल हुआ ‘टंगा’, एक लाख नकद और हथियार बरामद

आगरा। आगरा में पुलिस ने एक बड़े चोर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। सदर बाजार थाना क्षेत्र के जखौता चौराहे पर वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने एक संदिग्ध व्यक्ति को रोकने का प्रयास किया, लेकिन उसने रुकने के बजाय पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में शातिर चोर के पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल हो गया। एनकाउंटर में घायल हुआ रुनकता का ‘टंगा’ घटना के तुरंत बाद पुलिस ने भी मोर्चा संभाला और जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक अभियुक्त के पैर में गोली लगी। घायल अभियुक्त की पहचान प्रभु उर्फ टंगा (निवासी रुनकता, थाना सिकंदरा) के रूप में हुई है। घायल ‘टंगा’ को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया गया है। पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से अभियुक्त के पास से चोरी का भारी माल बरामद किया है, जिसमें ₹1 लाख नकद शामिल हैं। इसके अलावा, उसके पास से एक अवैध तमंचा 315 बोर, एक खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया गया है। बंद घरों में सेंधमारी का माहिर था ‘टंगा’, पुलिस कर रही कार्रवाई पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त प्रभु उर्फ टंगा बंद मकानों के ताले तोड़कर और नकबजनी कर चोरी की घटनाओं को अंजाम देने में माहिर था। उसके पकड़े जाने से क्षेत्र में हुई कई चोरियों का खुलासा होने की उम्मीद है। पुलिस ने बताया कि अभियुक्त के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस मुठभेड़ से आगरा पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ अपनी सख्त कार्रवाई का संदेश दिया है।

ट्रेनों पर ‘मस्ती’ के लिए पत्थर फेंकते थे बच्चे: आगरा कैंट RPF ने 4 नाबालिगों को पकड़ा, 27 जुलाई को तोड़े थे ट्रेन के शीशे

आगरा। आगरा में बिल्लोचपुरा-रुनकता रेलवे स्टेशन के बीच चलती ट्रेनों पर पत्थर फेंकने की बढ़ती शिकायतों के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) आगरा कैंट ने कार्रवाई करते हुए चार बच्चों को पकड़ा है। इन बच्चों ने खुलासा किया है कि वे केवल ‘मस्ती’ के लिए ट्रेनों पर पत्थर फेंकते थे और आपस में शर्त भी लगाते थे कि किसके पत्थर से शीशा टूटेगा। एसी कोच के शीशे बनते थे निशाना, RPF ने की कड़ी निगरानी पिछले कुछ समय से रुनकता और बिल्लोचपुरा स्टेशन के बीच ट्रेनों पर पत्थर मारकर शीशे तोड़ने की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए, आगरा कैंट आरपीएफ ने एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम ने कई दिनों तक लगातार क्षेत्र की निगरानी की। ट्रेन के गुजरने के समय आरपीएफ की टीम छिपकर स्थिति पर नजर रखती थी। 27 जुलाई को भी एक ट्रेन के एसी कोच के शीशे पत्थर लगने से टूट गए थे। इस घटना के तुरंत बाद, आरपीएफ की टीम ने मौके से चार बच्चों को पकड़ लिया। पूछताछ में पता चला कि ये सभी बच्चे दहतोरा गांव के रहने वाले हैं। बच्चों ने बताया कि वे सिर्फ मनोरंजन के लिए ट्रेनों पर पत्थर फेंकते थे। वे आपस में यह भी शर्त लगाते थे कि किसका पत्थर शीशे पर लगेगा और कौन शर्त जीतेगा। चौंकाने वाली बात यह है कि वे विशेष रूप से एसी कोच के शीशों को ही निशाना बनाते थे। आरपीएफ ने बच्चों के अभिभावकों को सूचना दे दी है और बताया है कि नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने के गंभीर मुद्दे को उजागर करती है, खासकर जब यह ‘मस्ती’ के नाम पर की जा रही हो।

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