आगरा: गोगिया परिवार के मेडिकल स्टोर्स पर छापा, ‘हे मां मेडिको’ से खरीद के मिले सबूत

आगरा। आगरा में ड्रग विभाग द्वारा गोगिया परिवार से संबंधित तीन मेडिकल स्टोर्स पर की गई छापेमारी के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया है कि इन स्टोर्स ने ‘हे मां मेडिको’ नामक फर्म से दवाएं खरीदी थीं, लेकिन स्टॉक में वे दवाएं गायब मिलीं। ड्रग विभाग ने अब तीनों मेडिकल स्टोर संचालकों से पिछले तीन साल का खरीद-बिक्री का पूरा रिकॉर्ड मांगा है। यह कार्रवाई गुरुवार को फव्वारा स्थित गोगिया मेडिकल एजेंसी, एनके एंटरप्राइजेज और राधे कृपा फार्मा पर की गई थी। इस दौरान दवाओं के स्टॉक और स्टॉक रजिस्टर में भारी अंतर पाया गया, और साथ ही बिलों में भी गड़बड़ी मिली। स्टॉक में नहीं मिली दवा ड्रग विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रिकॉर्ड की जांच के दौरान यह सामने आया कि राधे कृपा फार्मा ने ‘हे मां मेडिको’ से एक विशेष दवा खरीदी थी, लेकिन वह दवा न तो मेडिकल स्टोर पर मिली और न ही गोदाम में। हालाँकि, राधे कृपा फार्मा ने स्वीकार किया कि उस दवा की बिक्री की जा चुकी है। इस मामले में ड्रग विभाग ने नरेश गोगिया, पंकज गोगिया और कुलदीप गोगिया को नोटिस जारी कर पिछले तीन साल का दवाओं की खरीद, बिक्री और मौजूदा स्टॉक का पूरा ब्यौरा माँगा है। इसके अलावा, उनसे यह भी पूछा गया है कि क्या उन्होंने बंसल मेडिकल एजेंसी, एमएसपी मेडी प्वाइंट, ताज मेडिको या राधे मेडिकल एजेंसी जैसी अन्य फर्मों से भी कोई दवा खरीदी है। जांच के दौरान तीनों फर्मों से कुल 12 दवाओं के सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें आगे की जांच के लिए भेजा गया है। ड्रग विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि गोगिया परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर चल रहे मेडिकल फर्मों और गोदामों की भी जल्द ही जांच की जाएगी।

‘हे माँ!’ आगरा में ड्रग विभाग का फिर छापा, 71 करोड़ की ‘नकली’ दवाओं के बाद अब ये बड़ा एक्शन

आगरा। आगरा के दवा बाजार में एक बार फिर हड़कंप मच गया है। ड्रग विभाग ने दोपहर से ही एक बड़ी छापेमारी शुरू कर दी है, जो देर रात तक जारी है। बताया गया है कि मुख्यालय में शिकायत मिलने के बाद यह कार्रवाई की जा रही है। असिस्टेंट ड्रग कमिश्नर अतुल उपाध्याय ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली थी कि ड्रग एक्ट के नियमों का उल्लंघन करते हुए तीन दुकानों से अवैध व्यापार किया जा रहा है। इन दुकानों के नाम हैं- राधे कृपा फार्मा, एन के एंटरप्राइजेज और गोगिया मेडिकल एजेंसी। आगरा मंडल के ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने इन तीनों दुकानों से जांच के लिए 12 सैंपल कलेक्ट किए हैं। ड्रग विभाग की टीम इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इन दुकानों का संबंध पहले चर्चा में आए ‘हे माँ’ या ‘बंसल मेडिको’ जैसे बड़े दवा माफिया नेटवर्क से तो नहीं है। अधिकारियों का मानना है कि यह जांच नकली दवाओं के एक और बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश कर सकती है। अगस्त में भी हुई थी बड़ी कार्रवाई यह पहली बार नहीं है जब आगरा के दवा बाजार पर शिकंजा कसा गया है। अगस्त के अंत में ड्रग विभाग और एसटीएफ ने मिलकर एक बड़ी छापेमारी की थी, जिसमें 71 करोड़ रुपये से अधिक की दवाएं सील की गई थीं। उस दौरान नकली दवाओं के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ था और कई गिरफ्तारियां भी हुई थीं, जिसमें हिमांशु अग्रवाल को 1 करोड़ रुपये की रिश्वत देने के आरोप में पकड़ा गया था। इस नई छापेमारी से यह आशंका जताई जा रही है कि आगरा का दवा बाजार अभी भी अवैध और नकली दवाओं के कारोबार का गढ़ बना हुआ है।

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