Agra News Today: आगरा क्लब में राहुल पालीवाल तीसरी बार सचिव

आगरा क्लब की पहली बैठक में मंडलायुक्त शैलेंद्र सिंह की अध्यक्षता हुई। राहुल पालीवाल तीसरी बार सचिव बने और समिति को नई जिम्मेदारियां मिलीं। Agra News Today आगरा क्लब की पहली बैठक मंगलवार को मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में सबसे अहम निर्णय सचिव पद के लिए हुआ, जहां तीसरी बार राहुल पालीवाल को मनोनीत किया गया। इसके साथ ही प्रबंध समिति के अन्य सदस्यों को भी अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारियां सौंपी गईं। बैठक के बाद मंडलायुक्त और डीएम ने क्लब का निरीक्षण भी किया। तीसरी बार बने सचिव आगरा क्लब का इतिहास यह बताता है कि सचिव पद पर लगातार जिम्मेदारी निभाना बड़ी बात है। राहुल पालीवाल इससे पहले वर्ष 2004-05 और 2005-06 में सचिव रह चुके हैं। उस समय 2004-05 में तत्कालीन मंडलायुक्त अशोक कुमार अध्यक्ष थे और 2005-06 में ब्रिगेडियर दीपक सिन्हा अध्यक्ष बने थे। अब 2025-26 के कार्यकाल में राहुल पालीवाल को फिर से सचिव चुना गया है। अध्यक्ष पद की परंपरा आगरा क्लब में हर साल थल सेना, वायु सेना और प्रशासनिक सेवा से अध्यक्ष चुना जाता है। इस बार 2025-26 के लिए मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह अध्यक्ष बने हैं। उनकी अध्यक्षता में हुई पहली बैठक में सभी पदों पर जिम्मेदारियां बांटी गईं। 1800 से ज्यादा सदस्य माल रोड स्थित ऐतिहासिक आगरा क्लब में इस समय लगभग 1800 सदस्य हैं। इनमें से 1200 सदस्य मतदान का अधिकार रखते हैं, जबकि करीब 600 संबद्ध सदस्य हैं। क्लब लंबे समय से आगरा की सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र माना जाता रहा है। समिति में नई जिम्मेदारियां प्रबंध समिति में इस बार कई अहम पदों का बंटवारा हुआ। बैठक का समापन और निरीक्षण बैठक के बाद मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह और डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने क्लब का निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने क्लब की सुविधाओं और व्यवस्था का जायजा लिया। बैठक में शामिल सदस्यों ने उम्मीद जताई कि नए सत्र में क्लब गतिविधियों में और तेजी आएगी तथा सभी विभाग बेहतर तरीके से कार्य करेंगे। क्लब की भूमिका आगरा क्लब शहर के सामाजिक, खेल और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए लंबे समय से एक प्रमुख मंच रहा है। यहां आयोजित बैठकों और कार्यक्रमों में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग हिस्सा लेते हैं। समिति के नवनियुक्त पदाधिकारी अब क्लब को और अधिक सक्रिय और समर्पित रूप से संचालित करने के लिए तैयार हैं। आगरा क्लब: मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने संभाला अध्यक्ष पद का कार्यभार, नए सचिव के लिए 30 नाम दौड़ में

आगरा क्लब: मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने संभाला अध्यक्ष पद का कार्यभार, नए सचिव के लिए 30 नाम दौड़ में

आगरा। आगरा के 162 साल पुराने प्रतिष्ठित आगरा क्लब के नए अध्यक्ष के रूप में मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने कार्यभार संभाल लिया है। उनके पदभार संभालते ही अब क्लब के सचिव पद के मनोनयन की प्रक्रिया तेज हो गई है, जिसके लिए 30 स्थायी सदस्यों के नाम दौड़ में शामिल हैं। उम्मीद है कि अगले तीन दिनों के भीतर नए सचिव के नाम की घोषणा कर दी जाएगी। नए मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में क्लब की पहली बैठक 28 सितंबर को हो सकती है। हालांकि, मथुरा में राष्ट्रपति के प्रस्तावित आगमन के कारण बैठक की तिथि पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है। नए अध्यक्ष ने बैठक के लिए एजेंडा जारी करने के निर्देश दिए हैं। सचिव मनोनयन के लिए शर्तें आगरा क्लब का निर्माण 1863 में हुआ था। हर साल इसका अध्यक्ष प्रशासन, थल सेना और वायु सेना में से एक-एक साल के लिए तय होता है। सचिव पद के मनोनयन के लिए दो प्रमुख शर्तें रखी गई हैं: इन्हीं शर्तों के आधार पर वर्तमान में 30 सदस्यों के नाम सामने आए हैं। क्लब में सचिव के पास ही वित्तीय अधिकार होते हैं। क्लब में 400 स्थायी सदस्यों सहित 1200 से अधिक सदस्य हैं।

सीएम योगी के आगरा दौरे में दिखा ‘अफसरों का दौड़’ और ‘जनप्रतिनिधियों की सतर्कता’: मंडलायुक्त शैलेंद्र सिंह ने काफिले संग लगाई दौड़, पौधरोपण टला, राजेश्वर मंदिर पर भी हुई बात

आगरा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मंगलवार को आगरा दौरा कई मायनों में अहम रहा। उन्होंने जहां एक ओर मंडल के सभी जिलों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ विकास कार्यों की गहन समीक्षा की और महत्वाकांक्षी ‘अटलपुरम् टाउनशिप’ योजना का शुभारंभ किया, वहीं दूसरी ओर उनके दौरे ने अफसरों की कार्यशैली और जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकताओं को भी खुलकर सामने ला दिया। सीएम के जाने के समय मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह का उनके काफिले के साथ दौड़ लगाना और राजेश्वर महादेव मंदिर का मुद्दा उठना दिनभर चर्चा का विषय बना रहा। अटलपुरम् टाउनशिप का भव्य शुभारंभ: 1515 करोड़ की लागत से बनेगा नया शहर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को खेरिया हवाई अड्डे पर पहुंचे और सीधे सर्किट हाउस जाने के बाद मंडलायुक्त कार्यालय में समीक्षा बैठक में शामिल हुए। इस दौरे का एक प्रमुख आकर्षण आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) की 36 वर्षों बाद साकार हो रही ‘अटलपुरम् टाउनशिप’ योजना का शुभारंभ रहा। सीएम ने शिलापट्ट अनावरण कर इस नवीन टाउनशिप का औपचारिक उद्घाटन किया। एडीए उपाध्यक्ष एम अरुन्मोली ने मुख्यमंत्री को बताया कि लगभग 1515.47 करोड़ रुपये की कुल संभावित लागत से करीब 340 एकड़ (लगभग 138.00 हेक्टेयर) में यह टाउनशिप विकसित की जाएगी। इसमें 1430 आवासीय भूखंड, 18 ग्रुप हाउसिंग भूखंड और 96 अनावासीय भूखंड (जैसे व्यावसायिक भूखंड, स्वास्थ्य केंद्र, शैक्षणिक सुविधाएं, सामुदायिक सुविधाएं, बैंक्वेट हॉल, होटल, डाकघर/बैंक सुविधा) नियोजित किए गए हैं। इसके अलावा, योजना में अग्निश सुरक्षा के लिए फायर स्टेशन और सुरक्षा व्यवस्था के लिए आवासीय परिसर के साथ-साथ पुलिस चौकी भूखंड की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। यह टाउनशिप आगरा के शहरी विस्तार में एक मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद है। विकास कार्यों की समीक्षा और सीएम के कड़े निर्देश: गड्ढामुक्ति से जलभराव तक मुख्यमंत्री ने आगरा मंडल के मंत्रियों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के साथ विकास कार्यों से संबंधित मंडलीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, पर्यटन विभाग, नगर विकास विभाग और धर्मार्थ कार्य विभागों की प्रगति, कार्ययोजना एवं प्रस्तावित कार्यों की बारीकी से समीक्षा की। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव अजय चौहान, नगर विकास के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात और पर्यटन, संस्कृति व धर्मार्थ के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। सीएम योगी ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण और सख्त निर्देश दिए: पर्यटन विभाग ने प्रेजेंटेशन में बताया कि आगरा मंडल में पर्यटन विकास के लिए 590 करोड़ रुपये की 160 परियोजनाएं चल रही हैं, जिसमें से 379 करोड़ रुपये अवमुक्त हुए हैं। 92 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं और 68 पर काम चल रहा है। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने अवैध धर्मांतरण व अपराध से संबंधित ‘मिशन अस्मिता अभियान’ पर आगरा पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई का प्रेजेंटेशन भी दिया। सीएम की ‘चुटकियाँ’ और राजेश्वर मंदिर पर ‘प्रेशर पॉलिटिक्स’ बैठक के दौरान कुछ हल्के-फुल्के पल भी आए। जब सीएम योगी एक-एक जनप्रतिनिधि से उनके प्रस्तावों पर चर्चा कर रहे थे, तभी फतेहपुर सीकरी के विधायक चौधरी बाबूलाल का नंबर आया। सीएम ने उनसे चुटकी लेते हुए कहा, “बाबूलाल जी अब तो आप रिटायरमेंट की ओर हो…अब क्या करोगे।” इस पर बैठक में हल्की हंसी भी गूंजी। वहीं, आगरा में इन दिनों छावनी विधानसभा क्षेत्र के राजेश्वर महादेव मंदिर का मुद्दा काफी गर्माया हुआ है। मंदिर प्रशासन और क्षेत्रीय जनता ने क्षेत्रीय विधायक डॉ. जीएस धर्मेश पर इस प्राचीन मंदिर के विकास के लिए कोई काम न करने का आरोप लगाया था, जिस पर एक पंचायत भी हुई थी। इस मुद्दे को लेकर जनता में विधायक के प्रति नाराजगी है। जब सीएम योगी आदित्यनाथ की बैठक खत्म हुई और यूपी के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री व आगरा के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह मीडिया को जानकारी दे रहे थे, तब विधायक डॉ. जीएस धर्मेश बार-बार उनसे राजेश्वर मंदिर के बारे में भी बताने का अनुरोध करते दिखे। पर्यटन मंत्री ने मीडिया को आश्वस्त किया कि विधायक की ओर से राजेश्वर मंदिर के विकास के लिए प्रस्ताव दिया गया है और इसे शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश स्पष्ट हैं और श्री राजेश्वर महादेव मंदिर का विकास तेजी से कराया जाएगा। पौधरोपण कार्यक्रम टला, कमिश्नर ने काफिले संग लगाई दौड़ सीएम योगी आदित्यनाथ का दौरा भले ही विकास पर केंद्रित रहा हो, लेकिन एक बात जो सभी ने गौर की, वह यह कि बैठक खत्म करने के बाद मुख्यमंत्री बिना पौधरोपण किए ही सीधे खेरिया हवाई अड्डे के लिए रवाना हो गए। अमूमन मुख्यमंत्री के ऐसे दौरों में पौधरोपण एक नियमित कार्यक्रम होता है, लेकिन इस बार इसे टाल दिया गया। सबसे रोचक और ध्यान खींचने वाला दृश्य तब सामने आया जब मुख्यमंत्री अपनी गाड़ी में एयरपोर्ट जाने के लिए बैठ रहे थे। उसी वक्त आगरा मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह अपनी गाड़ी तक पहुंचने के लिए मुख्यमंत्री के काफिले के साथ दौड़ लगाते हुए दिखे। यह दृश्य दिखाता है कि मुख्यमंत्री की कार्यशैली को लेकर अधिकारियों में कितनी मुस्तैदी और प्रोटोकॉल के पालन को लेकर कितनी गंभीरता है। कुल मिलाकर, सीएम योगी का यह आगरा दौरा विकास कार्यों की समीक्षा, नए प्रोजेक्ट्स की शुरुआत और अधिकारियों-जनप्रतिनिधियों को जनता के प्रति जवाबदेही का स्पष्ट संदेश देने वाला रहा।

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