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“मैं टॉयलेट करने गया था, इसलिए बच गया,” वैष्णो देवी हादसे में उजड़ा आगरा के दीपक का परिवार; मां, बेटी, साली की मौत

आगरा। वैष्णो देवी में हुए भीषण भूस्खलन ने आगरा के एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है। अपनी 11 महीने की बेटी का मुंडन कराने गए दीपक की आंखों के सामने ही उनकी मां, मासूम बेटी और साली की मौत हो गई। उनकी पत्नी की भी टांग कट गई, जबकि पिता लापता हैं। खुद टॉयलेट करने गए दीपक महज दो मिनट में हुए इस हादसे में चमत्कारिक रूप से बच गए। उनका कहना है, ”मेरा पूरा परिवार उजड़ गया। कोई सूचना भी नहीं दी गई थी कि यात्रा बंद कर दी गई है।” वैष्णो देवी में टूटा परिवार पर कहर आगरा के रकाबगंज स्थित कुम्हारपाड़ा निवासी जूता कारीगर अर्जुन सिंह का परिवार अपनी छोटी बेटी सेजल के मुंडन के लिए वैष्णो देवी गया था। दीपक ने बताया कि उन्होंने बेटी के मुंडन की मन्नत मांगी थी और कई सालों बाद उनका यह सपना पूरा होने वाला था। मंगलवार दोपहर को जब यह परिवार अर्द्ध कुंवारी के पास पहुंचा, तभी भूस्खलन की चपेट में आ गया। दीपक ने अस्पताल से बताया कि उनकी मां सुनीता देवी (50), बेटी सेजल (11 माह) और साली भावना (11) की मौत हो गई है। उनकी पत्नी मोना (26) गंभीर रूप से घायल हैं और उनकी टांग काटनी पड़ी है। उनके पिता अर्जुन सिंह अभी भी लापता हैं। टॉयलेट करने गया था दीपक, इसलिए बच गया दीपक के बहनोई प्रमोद कुमार ने बताया कि दीपक ने उन्हें फोन पर पूरी आपबीती सुनाई। दीपक के मुताबिक, हादसा होने से ठीक पहले उन्हें टॉयलेट जाना था, जिसके लिए वह परिवार को वहीं बैठाकर भवन के रास्ते में बने शौचालय में चले गए। अचानक दो से तीन मिनट के भीतर ही तेज आवाज के साथ मलबा और पत्थर गिरने लगे। जब वह वापस आए, तो देखा कि पूरा परिवार मलबे में दब चुका था। चीख-पुकार मच गई। दीपक ने कहा, ”मैं सिर्फ दो मिनट के लिए गया था, इसलिए मैं बच गया। मेरे सामने ही मेरा पूरा परिवार खत्म हो गया।” हादसे की खबर मिलते ही आगरा में परिवार और पड़ोसियों में कोहराम मच गया है। घर पर ताला लगा है, लेकिन बाहर लोगों की भीड़ जमा है। दीपक के चाचा राजू और अन्य परिजन जम्मू के लिए रवाना हो गए हैं। हादसे में अब तक 32 की मौत, यूपी के 11 मृतक जम्मू के कटरा स्थित वैष्णो देवी धाम के ट्रैक पर हुए इस भीषण हादसे में अब तक 32 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रशासन का कहना है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। घायलों की संख्या 23 से ज्यादा है। इस हादसे में उत्तर प्रदेश के 11 लोगों की मौत हुई है। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 4-4 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। भारी बारिश की वजह से फिलहाल वैष्णो देवी यात्रा स्थगित कर दी गई है।

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आगरा पर दोहरी त्रासदी: वैष्णो देवी में 2 हादसों में 3 की मौत, 5 लापता

वैष्णो देवी की यात्रा पर गए ताजनगरी के परिवारों पर कुदरत का कहर ऐसा टूटा है कि शहर गम में डूब गया है। कल के हादसे का दर्द अभी कम भी नहीं हुआ था कि आज एक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आ गई। दो अलग-अलग घटनाओं में 3 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5 लोग अभी भी लापता हैं। आज की खबर: छिपीटोला के परिवार में मातम, 3 की मौत आज मिली जानकारी के अनुसार, आगरा के छिपीटोला के रहने वाले अर्जुन सिंह (55) का परिवार वैष्णो देवी की यात्रा पर गया था। लैंड स्लाइड की चपेट में आने से परिवार के सात सदस्यों में से पांच लोग तेज बहाव में बह गए। परिजनों के मुताबिक, इनमें से तीन की मौत हो गई है, जबकि दो लोग अभी भी लापता हैं। मृतकों में 50 वर्षीय सुनीता, 11 महीने की सेजल और 11 साल की भावना शामिल हैं। वहीं, अर्जुन सिंह सहित एक अन्य लापता हैं। तीनों शवों को जम्मू से आगरा लाने के लिए एंबुलेंस से भेजा जा रहा है। कल की खबर: खेरागढ़ के तीन दोस्त सैलाब में बहे अभी लोग इस खबर से उबर भी नहीं पाए थे कि कल की घटना की पूरी जानकारी सामने आ गई, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। आगरा के खेरागढ़ के रहने वाले विनोद बंसल का बेटा शिव 23 अगस्त को अपने चार दोस्तों के साथ वैष्णो देवी के दर्शन के लिए गया था। मंगलवार की दोपहर कटरा के पास मनसा लेक जाते समय अचानक लैंड स्लाइड हुई। हादसे में बचे दीपक मित्तल ने बताया कि दोपहर करीब 12.30 बजे रास्ता बंद होने पर वे कार से नीचे उतर गए थे। इसी दौरान पीछे से लैंड स्लाइड हुई और एक पेड़ के साथ पांचों दोस्त बहाव में बहने लगे। नदी में गिरने के बाद दीपक और आदित्य परमार तो किसी तरह बाहर आ गए, लेकिन उनके सामने ही शिव, यश गर्ग और प्रांशु मित्तल बहते चले गए और लापता हो गए। हादसे के दो घंटे बाद एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस ने सर्च अभियान शुरू किया, लेकिन तीनों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।

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