आगरा में ADA का अवैध निर्माणों पर एक्शन, बुलडोजर चलाकर कॉलोनी ध्वस्त और एक बिल्डिंग सील

आगरा। आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) ने शहर में अवैध निर्माणों के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। मंगलवार को ADA ने दो अलग-अलग कार्रवाई करते हुए एक अवैध कॉलोनी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया और ताजमहल के पास बन रही एक निर्माणाधीन बिल्डिंग को सील कर दिया। इस सख्त कार्रवाई से अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया है। हिंगोट खेरिया में ध्वस्त हुई 6 हजार वर्गमीटर की अवैध कॉलोनी ताजगंज क्षेत्र के अमर एन्क्लेव, मौजा हिंगोट खेरिया में बंटू यादव, भरत सिंह और कमल सिंह द्वारा 6 हजार वर्गमीटर में एक अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी। ADA अधिकारियों ने जब उनसे निर्माण की अनुमति मांगी तो वे इसे नहीं दिखा पाए। इसके बाद ADA ने कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाकर पूरी कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया। अवैध रूप से लगाए गए गेट, पक्की सड़कें और बाउंड्रीवाल भी बुलडोजर से उखाड़ दिए गए। ADA ने चेतावनी दी है कि बिना अनुमति के किसी भी तरह का निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा-27 के तहत की गई। ताजमहल के पास बन रही अवैध बिल्डिंग सील दूसरी ओर, ADA ने ताजमहल के प्रतिबंधित क्षेत्र में बन रही एक और अवैध बिल्डिंग को सील कर दिया। ताजगंज स्थित तांगा स्टैंड के पास सुनील राठौर और मनीष वर्मा द्वारा बिना किसी मानचित्र स्वीकृति के यह निर्माण कराया जा रहा था। बिल्डिंग को टीनशेड से छिपाने की कोशिश की गई थी। जब ADA अधिकारियों ने निर्माणकर्ताओं से अनुमति मांगी तो वे कोई भी वैध कागजात नहीं दिखा पाए। इसके बाद ADA ने उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा-28क(1) के तहत इस अवैध बिल्डिंग को सील कर दिया।

आगरा: सपा सांसद रामजीलाल सुमन का योगी सरकार पर बड़ा हमला – “फतेहपुर मजार पर तोड़फोड़ सरकार की शह पर, भाजपा जिलाध्यक्ष पर क्यों नहीं चला बुलडोजर?”

आगरा। समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद रामजीलाल सुमन ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बुधवार को प्रेसवार्ता में कहा कि फतेहपुर में 200 साल पुराने अबू समद के मकबरे पर हुआ धार्मिक अनुष्ठान और तोड़फोड़ सरकार की शह पर की गई। सुमन ने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि इस मामले का मुख्य आरोपी भाजपा जिलाध्यक्ष है, लेकिन FIR में उसका नाम तक नहीं है। उन्होंने तीखे शब्दों में पूछा, “क्या योगी का बुलडोजर जाति और धर्म को लेकर ही चलता है?” भाजपा जिलाध्यक्ष ने पहले ही किया था ऐलान, अधिकारी बने मूकदर्शक रामजीलाल सुमन ने प्रेसवार्ता के दौरान फतेहपुर मामले में भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि 11 अगस्त को मजार पर हुई घटना सुनियोजित थी। उन्होंने आरोप लगाया कि 7 अगस्त को भाजपा जिलाध्यक्ष ने डीएम से मुलाकात कर खुलेआम ऐलान किया था कि वे 11 अगस्त को मजार को क्षतिग्रस्त करेंगे और धार्मिक अनुष्ठान करेंगे। सुमन ने आगे कहा, “हमारा आरोप है कि सरकार और शासन की जानकारी में सब कुछ होने के बावजूद भी जो तैयारियाँ वहाँ होनी चाहिए थीं, वह नहीं हुईं। जब मजार तोड़ी जा रही थी, तब प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस के लोग मूकदर्शक बने हुए थे। ये सब सरकार की शह पर हुआ है।” “हमारी सभ्यता और संस्कृति तोड़ी जा रही है, मुसलमानों के दिल तोड़े जा रहे हैं” सपा सांसद ने इस घटना को केवल मजार तोड़ने तक सीमित न बताते हुए कहा, “सिर्फ मजारें नहीं तोड़ी जा रहीं, हमारी सभ्यता-संस्कृति को तोड़ा जा रहा है। मुसलमानों के दिलों को तोड़ा जा रहा है। ये बहुत गंभीर मामला है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि मजारों, मसजिदों और दरगाहों को तोड़ने का यह सिलसिला कोई नया नहीं है, बल्कि लंबे समय से चला आ रहा है। मुख्यमंत्री पर सीधा हमला: “कहां गया योगी का बुलडोजर?” रामजीलाल सुमन ने भाजपा जिलाध्यक्ष का नाम FIR में न होने पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा, “आज सबसे अहम सवाल ये है कि इस पूरे प्रकरण का मुख्य सरगना भाजपा जिलाध्यक्ष था। उसका नाम FIR में नहीं है। सरकार उनको संरक्षण दे रही है। मामला बहुत गंभीर है।” सुमन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे सवाल किया, “मैं पूछना चाहता हूं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहां चला गया आपका बुलडोजर? क्या योगी का बुलडोजर जाति और धर्म को लेकर ही चलता है?” उन्होंने इस गंभीर मामले की न्यायिक जांच की मांग की। सुमन ने कहा कि भाजपा जिलाध्यक्ष पर रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) लगनी चाहिए और उन पर भी बुलडोजर चलना चाहिए। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। और खबरें भी हैं…

आगरा में ‘अवैध’ कब्जे पर गरजा बुलडोजर: नगर निगम ने सड़क पर बने रैंप तोड़े, सिंधी बाजार से भी हटाए गए बोर्ड

आगरा। आगरा नगर निगम ने गुरुवार को नाई की मंडी और सिंधी बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया। नाई की मंडी चौराहे से गालिब होटल तक नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने सड़क पर दुकानदारों द्वारा अवैध रूप से बनाए गए रैंपों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। इस दौरान कुछ दुकानदारों ने विरोध करने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने उन्हें समझाकर शांत करा दिया। बार-बार चेतावनी के बाद भी नहीं माने दुकानदार नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि व्यापारियों को कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन वे सार्वजनिक रास्ते पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण कर रहे थे। इससे ट्रैफिक व्यवस्था और आम लोगों को भारी परेशानी हो रही थी। क्षेत्रीय लोगों ने भी इसकी शिकायत नगर निगम से की थी। अभियान के दौरान नाई की मंडी में काफी भीड़ जमा हो गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोगों ने कार्रवाई से बचने के लिए आनन-फानन में अपना सामान हटाना शुरू कर दिया। सिंधी बाजार में भी हुई कार्रवाई, फुटपाथ खाली कराया नाई की मंडी के अलावा, नगर निगम की टीम ने सिंधी बाजार में भी कार्रवाई करते हुए फुटपाथ पर रखे गए सामान, बोर्ड और होर्डिंग्स को हटवाया। अधिकारियों ने साफ किया कि फुटपाथ पैदल चलने वालों के लिए होता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दुकानदार दोबारा कब्जा करते पाए गए, तो जुर्माने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने शहर के व्यापारियों और नागरिकों से अपील की है कि वे शहर की साफ-सफाई और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में सहयोग करें और सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न करें।

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