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आगरा में खारी नदी के तेज बहाव में दो युवक बहे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

आगरा। आगरा के कागारौल क्षेत्र में सोमवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जब खारी नदी की रपट पार करते समय एक वैन तेज बहाव में फंस गई। जान बचाने के लिए वैन से कूदने वाले दो युवक नदी में बह गए। इस हादसे के बाद दोनों के घरों में कोहराम मच गया है और प्रशासन ने उन्हें ढूंढने के लिए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। डूबने वाले युवकों की पहचान अभिषेक (17 वर्ष) और रवि (20 वर्ष) के रूप में हुई है। अभिषेक हाईस्कूल का छात्र है, जबकि रवि की शादी दस महीने पहले ही हुई थी। ये दोनों घटना के समय एक वैन में जैंगारा लौट रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, गोताखोर, अग्निशमन दल और पीएसी की टीमें मौके पर पहुँच गईं। उन्होंने नावों के सहारे नदी में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन देर रात तक कोई सफलता नहीं मिली। इस दौरान घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। उपजिलाधिकारी नीलम तिवारी, फतेहपुर सीकरी विधायक चौधरी बाबूलाल और एसीपी सुकन्या शर्मा सहित भारी पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा।

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धर्मांतरण गैंग का पर्दाफाश: देहरादून की युवती रेस्क्यू, व्हाट्सएप पर पढ़वाया कलमा; निकाह के बाद ‘सेफ हाउस’ भेजने की थी साजिश!

आगरा। आगरा में दो सगी बहनों के धर्मांतरण मामले में पकड़े गए मुख्य आरोपी अब्दुल रहमान के बेटों और जुनैद से पूछताछ में हर दिन नए, चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस ने इस गिरोह द्वारा जबरन धर्मांतरण कराई गईं कई युवतियों की जानकारी मिलने के बाद अब देहरादून निवासी एक युवती को रेस्क्यू किया है। पीड़िता ने शुक्रवार को कोर्ट में अपने बयान दर्ज कराए और बताया कि उस पर दबाव डालकर व्हाट्सएप के जरिए कलमा पढ़वाया गया था। फेसबुक से फंसाया, ‘रिवर्ट टू इस्लाम’ ग्रुप से जोड़ा पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि अब्दुल रहमान के बेटे और जुनैद से पूछताछ में देहरादून की युवती रीना (काल्पनिक नाम) का नाम सामने आया था। आगरा पुलिस ने उसे मुक्त कराया। पीड़िता रीना ने बताया कि करीब 6 साल पहले वह फेसबुक के माध्यम से मुजफ्फरनगर निवासी अबू तालिब के संपर्क में आई और उनसे दोस्ती हो गई। इसके बाद अबू तालिब ने रीना को फेसबुक और इंस्टाग्राम पर इस्लामिक ग्रुप ‘रिवर्ट टू इस्लाम’ से जोड़ दिया। इस ग्रुप के जरिए रीना का संपर्क सीधे अब्दुल रहमान, उनके दोनों बेटों, आयशा और रीत बनिक जैसे गिरोह के सदस्यों से हो गया। अबू तालिब ही रीना का मोबाइल रिचार्ज करवाता था और उसे कपड़े व रुपए भी भेजता था। एक बार जब रीना का मोबाइल खराब हो गया था, तब अबू तालिब ने आयशा से रुपए लेकर उसे नया मोबाइल दिलवाया था। ‘निकाह करोगी तभी मदद करेंगे’, नाम बदलकर मरियम रखा रीना ने बताया कि कुछ समय पहले अब्दुल रहमान ने उसके सामने एक शर्त रखी कि वे उसकी मदद तभी करेंगे, जब वह इस्लाम धर्म अपनाकर निकाह करेगी। वे उसका निकाह अब्दुल रहमान से कराना चाहते थे। इसके लिए रीना पर जबरदस्त दबाव बनाया गया। उसे व्हाट्सएप के माध्यम से कलमा पढ़वाया गया, जिसके बाद उसका नाम बदलकर मरियम रख दिया गया। इसके बाद रीना उर्फ मरियम को देहरादून से निकालकर किसी ‘सेफ हाउस’ ले जाने की तैयारी थी। इसके लिए एक मुस्लिम युवक को गाड़ी लेकर भेजा गया था और उसे निर्देश दिए गए थे कि जैसे ही रीना गाड़ी में बैठे, वह अपना मोबाइल और सिम तोड़ दे। हालांकि, इससे पहले ही आगरा पुलिस ने फुर्ती दिखाते हुए युवती को रेस्क्यू कर लिया। इस मामले में अवैध धर्मांतरण के हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं, और पुलिस अन्य पीड़ितों का पता लगाने में जुटी हुई है।

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