Agra News जैन महिला संगोष्ठी भव्य, मुनिश्री ने किया नारी शक्ति का गुणगान!

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Agra News आगरा में आचार्य शांतिसागर सभागार में जैन महिला संगोष्ठी संपन्न हुई। मुनिश्री सौम्य सागर जी ने नारी को समाज की संवाहक बताया। महिलाओं ने सशक्तिकरण का संकल्प लिया। Agra News आगरा के हृदय स्थल हरीपर्वत स्थित आचार्य शांतिसागर सभागार में सोमवार को आगरा दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में नगर की समस्त महिला मंडलों की एक भव्य एवं प्रेरणादायक एक दिवसीय महिला संगोष्ठी का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जैन समाज में नारी शक्ति के अतुलनीय योगदान को रेखांकित करना, और उन्हें धर्म, सेवा एवं संस्कार के मूल्यों को और अधिक प्रोत्साहित करने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करना रहा। संगोष्ठी का शुभारंभ मंगल कलश की स्थापना, मंगलाचरण, दीप प्रज्वलन और चित्र अनावरण की पारंपरिक विधि से किया गया, जिसने पूरे वातावरण को पवित्रता से भर दिया। कार्यक्रम की शोभा परम पूज्य मुनि श्री सौम्य सागर जी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य से और बढ़ गई। मुनिश्री के आगमन से उपस्थित सभी महिला सदस्यों में एक नई आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। मुनिश्री का प्रेरक प्रवचन: नारी समाज की संवाहक मुनिश्री सौम्य सागर जी महाराज ने अपने प्रेरक प्रवचन में महिलाओं के महत्वपूर्ण और अद्वितीय योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि “नारी समाज की संवाहक है, उसके बिना जीवन, धर्म और संस्कृति अधूरी है।” उन्होंने इस बात पर बल दिया कि किसी भी समाज में स्थायी समृद्धि और स्थिरता तभी संभव है, जब उस समाज की नारी सशक्त हो। मुनिश्री ने महिलाओं से आग्रह किया कि वे अब चारदीवारी से बाहर निकलकर धर्म, शिक्षा और सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़कर उदाहरण प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने ज्ञान, शक्ति और समर्पण का उपयोग कर न केवल अपने परिवार को, बल्कि पूरे समाज को सही दिशा देनी चाहिए। महिलाओं की सशक्त प्रस्तुति और संकल्प कार्यक्रम के दौरान आगरा शहर के विभिन्न महिला मंडलों ने अपनी-अपनी प्रतिभा और विचारों की सशक्त प्रस्तुतियों से संगोष्ठी को जीवंत बना दिया। महिलाओं ने धार्मिक भजनों से भक्ति रस बरसाया, प्रेरक कविताओं से उत्साह भरा और सामाजिक जागरूकता पर आधारित नाटिकाओं ने उपस्थित जनसमूह को गहन रूप से प्रभावित किया। इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं ने धर्म में अपनी भागीदारी, समाज सुधार में अपनी भूमिका और आत्मनिर्भरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक विचार साझा किए। मंच पर महिलाओं ने बताया कि कैसे वे अपने घरों को संभालने के साथ-साथ सामाजिक और धार्मिक कार्यों में भी सक्रिय रूप से भाग ले सकती हैं। संगोष्ठी के अंत में सभी उपस्थित महिला मंडलों ने एकजुट होकर यह दृढ़ संकल्प लिया कि वे धर्म, संस्कृति और सेवा के कार्यों में अग्रणी रहकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में निरंतर कार्य करती रहेंगी। परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन महिलाओं में जागरूकता बढ़ाने और उन्हें सशक्त मंच प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होते हैं। संगोष्ठी का सफल आयोजन इस सफल और भव्य संगोष्ठी का कुशल संचालन मनोज जैन बाकलीवाल एवं सपना जैन द्वारा किया गया। इस मौके पर आगरा दिगंबर जैन परिषद के सभी पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जिनमें निम्नलिखित प्रमुख थे: जगदीशप्रसाद जैन, राकेश जैन, मनीष जैन, विमल जैन, सुनील जैन ठेकदार, नरेश जैन, दीपक जैन, रमेश जैन, सतेन्द्र जैन साहूला और शुभम जैन। इनके अलावा, समस्त आगरा दिगंबर जैन परिषद के सदस्य एवं आगरा नगर की महिला मंडल सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहीं। Agra: जैन पाठशाला सम्मेलन भव्य, बच्चों को मिले संस्कार

Agra: जैन पाठशाला सम्मेलन भव्य, बच्चों को मिले संस्कार

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AGRA: आगरा के हरीपर्वत में जैन पाठशालाओं का भव्य सम्मेलन धार्मिक उल्लास में संपन्न हुआ। मुनिश्री सौम्य सागर जी ने बालकों को नैतिक शिक्षा का महत्व बताया। Agra News Today आगरा के हृदय स्थल हरीपर्वत स्थित एम.डी. जैन इंटर कॉलेज के आचार्य शांति सागर सभागार में रविवार, 5 अक्टूबर को जैन पाठशालाओं का एक भव्य सम्मेलन धार्मिक उल्लास और गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। आगरा दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में आयोजित इस महत्वपूर्ण आयोजन में नगर की सभी जैन पाठशालाओं के शिक्षक, बड़ी संख्या में विद्यार्थी और उनके अभिभावक उत्साहपूर्वक सम्मिलित हुए। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य बच्चों में जैन संस्कृति और नैतिक मूल्यों को मजबूत करना था, ताकि नई पीढ़ी आध्यात्मिक संस्कारों को जीवन का आधार बना सके। मुनिश्री का मंगल सान्निध्य और प्रवचन कार्यक्रम का शुभारंभ परम पूज्य मुनिश्री सौम्य सागर जी महाराज एवं मुनि श्री निश्चल सागर जी महाराज के मंगल सान्निध्य में किया गया। मुनिश्री के आगमन से सभागार का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। मुनिश्री सौम्य सागर जी महाराज ने अपने मंगल प्रवचन में बालकों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के भौतिकवादी युग में बच्चों के लिए जैन संस्कृति के आचार-विचार एवं नैतिक शिक्षा का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने पाठशाला के माध्यम से मिलने वाले आध्यात्मिक संस्कारों को ही जीवन का सच्चा आधार बताया। उन्होंने बल देते हुए कहा कि केवल भौतिक शिक्षा से जीवन संपूर्ण नहीं होता, बल्कि धर्म और नैतिकता ही चरित्र निर्माण का मूल मंत्र हैं। मुनिश्री ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से पाठशाला भेजकर उनके नैतिक विकास में सहयोग करें। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से गूंजा सभागार सम्मेलन के दौरान प्रत्येक पाठशाला ने अपनी-अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों ने मंच पर तीन-तीन मिनट की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें धार्मिक नृत्य, भक्ति गीत, समूहगान और प्रेरक भाषण शामिल रहे। बच्चों की अद्भुत प्रस्तुतियों ने सभागार में उपस्थित हज़ारों लोगों का मन मोह लिया और तालियों की गड़गड़ाहट से हॉल गूंज उठा। इस दौरान पूरा सभागार जय जय गुरुदेव और नमो अरिहंताणं के पवित्र स्वरों से गुंजायमान हो गया, जो बच्चों में धर्म के प्रति गहरी आस्था को दर्शाता है। परिषद के पदाधिकारियों ने बच्चों की सक्रिय सहभागिता और शिक्षकों के मार्गदर्शन की सराहना की। भव्य शोभायात्रा और पुरस्कार वितरण सांस्कृतिक कार्यक्रमों के समापन के पश्चात् सभी पाठशालाओं के विद्यार्थियों ने नगर में एक भव्य शोभायात्रा निकाली। यह शोभायात्रा धार्मिक झाँकियों, बैनरों और भक्ति नारों के साथ निकाली गई, जिसने पूरे वातावरण को मंगलमय और धर्ममय बना दिया। शोभायात्रा में बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था, जो जैन धर्म के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य कर रहे थे। परिषद की ओर से कार्यक्रम में सहभागिता करने वाले सभी विद्यार्थियों को आकर्षक पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। परिषद के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल बच्चों में आत्मविश्वास और सामाजिकता की भावना को बढ़ाते हैं, बल्कि ये जैन समाज की समृद्ध संस्कृति और अहिंसा के संदेश को भी नई पीढ़ी तक सफलतापूर्वक पहुँचाने का कार्य करते हैं। यह सम्मेलन आगरा में धार्मिक शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है। उपस्थित पदाधिकारीगण इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में आगरा दिगंबर जैन परिषद के सभी पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जिनमें निम्नलिखित प्रमुख थे: जगदीश प्रसाद जैन, मनीष जैन, जितेंद्र जैन, राकेश जैन पर्दे वाले, विमल जैन, दीपक जैन, लवली जैन, अनिल रईस, नरेश लुहाड़िया, मनोज जैन बल्लो, सतेन्द्र जैन साहूला, राजेंद्र जैन एडवोकेट, रमेश जैन, विशाल जैन, सुभाष जैन, अनुज जैन क्रांति, मनीष जैन लवली, सुबोध पाटनी, कुमार मंगलम, दीपक जैन बोतल वाले, राजेश जैन, राहुल जैन और समस्त आगरा दिगंबर जैन परिषद के पदाधिकारी। Agra News Today: Hariparvat के Shri Shantinath Digambar Jain Mandir में हुआ वार्षिक कलशाभिषेक महोत्सव

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