आगरा: एसएन मेडिकल कॉलेज में डेंगू-मलेरिया के मरीज बढ़े, ओपीडी में लगी लंबी कतारें

आगरा। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में डेंगू और मलेरिया के लक्षण वाले मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। मौसम में आए बदलाव के बाद ओपीडी में हर दिन लगभग 70 मरीज इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं। मरीजों को घंटों जमीन पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, बारिश के मौसम में गंदे पानी और दूषित खान-पान के कारण लोगों में उल्टी और बुखार जैसी समस्याएं बढ़ गई हैं। इन्फेक्शन के कारण पीलिया के मामले भी सामने आ रहे हैं। फिजिशियन डॉ. शिवांक शर्मा ने बताया कि घरों के आसपास, तालाबों और टायरों में जमा पानी मच्छरों के प्रजनन के लिए सबसे उपयुक्त होता है, जिससे डेंगू और मलेरिया के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे करें बचाव:

आगरा: डेंगू के 5 नए मरीज मिले, स्वास्थ्य विभाग ने 27 घरों में लार्वा पाया

आगरा। आगरा में डेंगू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, रविवार को 5 नए मरीज सामने आए, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। इसके साथ ही, अब तक शहर में डेंगू के कुल मरीजों की संख्या 59 और मलेरिया के मरीजों की संख्या 23 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने इन मरीजों के घरों और आसपास के इलाकों में सर्वे किया, जिसमें 27 घरों में डेंगू का लार्वा पाया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि 182 सैंपलों की जांच की गई, जिनमें से 5 में डेंगू और मलेरिया की पुष्टि हुई। ये सभी जांचें एसएन मेडिकल कॉलेज में कराई गईं। विभाग की टीम ने मरीजों के घरों के आसपास जाकर सर्वे किया और पाया कि पानी के ड्रमों, कूलर की टंकियों, और टायरों में लार्वा जमा था। तुरंत ही एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया। फिलहाल, सभी मरीजों का इलाज उनके घरों पर ही चल रहा है और उनकी हालत सामान्य है। सीएमओ ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों और आसपास सफाई का विशेष ध्यान रखें। कूलर की टंकी, पानी के ड्रम, गमलों और टायरों में पानी जमा न होने दें, क्योंकि यह डेंगू के लार्वा के पनपने का मुख्य कारण है। उन्होंने कहा कि लोग अपनी जांच एसएन मेडिकल कॉलेज में मुफ्त में करा सकते हैं और कहीं भी जलभराव की स्थिति होने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें।

आगरा के बड़ोवरा कला में डेंगू का कहर: दो बच्चों की मौत, 7 नए मामले सामने आए, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

आगरा। आगरा के शमशाबाद थाना क्षेत्र के बड़ोवरा कला गांव में डेंगू का कहर देखने को मिला है। यहाँ डेंगू से दो बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। विभाग ने गाँव में बड़े पैमाने पर जाँच अभियान चलाया, जिसमें सात और लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इनके नमूने आगे की जाँच के लिए भेजे गए हैं। दो मासूमों की मौत, परिजनों में मातम गाँव के रामप्रकाश की 5 साल की बेटी अन्नू को पिछले तीन दिनों से बुखार था। उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसकी जाँच भी कराई गई। दुर्भाग्यवश, रिपोर्ट आने से पहले ही शुक्रवार को बच्ची की मौत हो गई। बाद में आई रिपोर्ट में उसे डेंगू होने की पुष्टि हुई। इसी गाँव की मुनिया जादौन की 15 वर्षीय बेटी रागिनी की मौत भी डेंगू के कारण हुई है, जिससे पूरे गाँव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्वास्थ्य विभाग ने चलाया अभियान, 7 नए केस मिले दो मौतों की खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग तुरंत एक्शन में आया। शनिवार और रविवार को गाँव में एक स्वास्थ्य कैंप लगाया गया, जहाँ 100 से अधिक लोगों की जाँच की गई। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि कैंप में 26 महिलाएं, 21 पुरुष और 54 बच्चों की जाँच हुई थी। इनमें से 76 लोगों में मलेरिया-डेंगू के लक्षण पाए गए, जिनकी एलाइजा (ELISA) जाँच कराई गई। 39 लोगों की रिपोर्ट मिल चुकी है, जिसमें से सात लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इन सात संक्रमितों में से छह बच्चे हैं। चार बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि तीन का इलाज घर पर ही चल रहा है। एक ही गली में सभी संक्रमित, फॉगिंग और सैनिटाइजेशन जारी सीएमओ ने बताया कि डेंगू से संक्रमित पाए गए सभी सात लोग उसी गली के निवासी हैं जहाँ मृत बच्चियाँ रहती थीं। एलाइजा जाँच के लिए 76 लोगों के नमूने नेशनल वायरोलॉजी लैब भेजे गए हैं, जिनकी रिपोर्ट आज आने की संभावना है। डेंगू के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तेजी से कदम उठाए हैं। गाँव के लगभग 50 घरों के अंदर और बाहर फॉगिंग कराई गई है, साथ ही एंटी लारवा स्प्रे का छिड़काव भी किया गया है। इसके अलावा, 350 घरों के आसपास सैनिटाइजेशन का कार्य भी संपन्न कराया गया है। प्रशासन ग्रामीणों से साफ-सफाई बनाए रखने और बुखार के लक्षण दिखने पर तुरंत जाँच कराने की अपील कर रहा है।

Verified by MonsterInsights