ग्वालियर हाईवे की बदहाली पर सवाल, ₹102 करोड़ की मंज़ूरी के बाद भी गड्ढे और जलभराव

आगरा। आगरा में ग्वालियर हाईवे की स्थिति ₹102 करोड़ की मंज़ूरी के बावजूद बदहाल बनी हुई है। इटौरा चौराहे के पास नगला माकरौल क्षेत्र में सड़क पर गहरे गड्ढे और जलभराव यात्रियों, विशेषकर पर्यटकों, के लिए बड़ी मुसीबत बन गए हैं। सड़क पर 5 फुट चौड़े गड्ढे, ट्रैफिक जाम नगला माकरौल में हाईवे पर कई गड्ढे हैं, जिनकी गहराई दो फुट और व्यास पाँच फुट तक है। इन गड्ढों में गंदा पानी भरा रहता है, जिससे देशी-विदेशी पर्यटकों की बसें और अन्य वाहन अक्सर फंस जाते हैं। सड़क की इस खराब हालत के कारण वाहनों को निकलने में भारी परेशानी होती है, जिससे न केवल यात्रियों को असुविधा होती है, बल्कि दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है। सरकार की मंशा पर सवाल, विरोध प्रदर्शन जारी सड़क की दुर्दशा का एक बड़ा कारण जल निकासी की समस्या है। उत्तर प्रदेश सरकार ने हाईवे के दोनों ओर नाले के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा था, लेकिन अभी तक इस पर कोई काम शुरू नहीं हुआ है। कांग्रेस और किसान नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर कई महीनों तक विरोध प्रदर्शन भी किया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव के कारण सड़क लगातार खराब हो रही है और सरकार की मंशा पर भी सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों को इस पर तत्काल ध्यान देने और सड़क की मरम्मत कराने की ज़रूरत है, ताकि यातायात सुचारू हो सके और पर्यटन नगरी आगरा की छवि खराब न हो। आगरा में पदम प्राइड अपार्टमेंट के बिल्डर ने बेचे सील किए गए फ्लैट, आवास विकास ने कराई FIR

फतेहपुर सीकरी: देवनारी गांव में जलभराव से ग्रामीण परेशान

फतेहपुर सीकरी। फतेहपुर सीकरी के देवनारी गांव में मुख्य मार्ग पर जलभराव की स्थिति से ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर पानी जमा होने के कारण आवागमन मुश्किल हो गया है, जिससे लोगों के दैनिक जीवन पर सीधा असर पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण यह समस्या लगातार बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, यह समस्या सिर्फ देवनारी गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे फतेहपुर सीकरी क्षेत्र के 42 से 50 गांवों में जल प्रबंधन की स्थिति गंभीर है। क्षेत्रीय निवासियों ने बताया कि जल संकट इतना गहरा है कि कई पुरानी बावड़ियां भी सूख गई हैं। वे प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं कि जल्द से जल्द जल निकासी की उचित व्यवस्था की जाए ताकि लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके और खासकर स्कूली बच्चे सुरक्षित रूप से स्कूल जा सकें। अगर इस पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है।

आगरा: 3 किलोमीटर की सड़क पर गड्ढे और जलभराव, 12 गांवों के लोग परेशान

आगरा। किरावली के आगरा-जयपुर हाईवे स्थित महुअर से पाली बिचपुरी अछनेरा तक का लगभग 3 किलोमीटर लंबा मार्ग पूरी तरह से टूट चुका है। सड़क पर कई फुट गहरे गड्ढे हो गए हैं, और बारिश के कारण इन गड्ढों में पानी भर गया है, जिससे यह जानलेवा बन गया है। इस रास्ते से करीब एक दर्जन गाँवों के हजारों लोग रोज आना-जाना करते हैं। इस क्षतिग्रस्त सड़क से गुजरना लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। राहगीर, खासकर पैदल चलने वाले और स्कूली छात्र, इन गड्ढों में गिरकर अक्सर घायल हो रहे हैं। रात के समय यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि अंधेरे में गड्ढे दिखाई नहीं देते। यह मार्ग खेतों और जंगलों से घिरा है, जिससे जलभराव के दौरान जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय नेताओं ने सड़क बनाने का वादा किया था, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। इस समस्या से परेशान ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही सड़क का पुनर्निर्माण शुरू नहीं हुआ, तो वे आंदोलन करेंगे। पूर्व प्रधान नौबत सिंह, मनीष उपाध्याय, पन्नालाल शर्मा, किशन सिंह कश्यप, खेम सिंह कश्यप, नीरज सिंह और सूखा कश्यप सहित कई ग्रामीणों ने प्रशासन से इस सड़क को तुरंत ठीक कराने की मांग की है।

आगरा: अमृत विहार में जलभराव से लोग परेशान, सपा नेता नितिन कोहली ने संभाला मोर्चा

आगरा। आगरा के कमला नगर क्षेत्र स्थित अमृत विहार कॉलोनी में नाले के गंदे पानी के जलभराव से स्थानीय लोग और खासकर स्कूली बच्चे परेशान हैं। एक ठेकेदार द्वारा नालियों की ठीक से मरम्मत न होने के कारण पूरी कॉलोनी में गंदा पानी भर गया, जिससे आवागमन मुश्किल हो गया। इसी कॉलोनी में स्थित सेंट एंड्रयू स्कूल के छोटे-छोटे बच्चों को भी इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। क्षेत्रीय लोगों ने इस समस्या को लेकर अपने जनप्रतिनिधियों से संपर्क किया, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेता नितिन कोहली से संपर्क किया। नितिन कोहली तुरंत मौके पर पहुँचे और लोगों के लिए आशा की किरण बनकर सामने आए। उन्होंने घटनास्थल से ही संबंधित अधिकारियों को फोन कर इस समस्या का तुरंत समाधान करने का आग्रह किया। अधिकारियों ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए, तुरंत कार्रवाई करने और ठेकेदार पर जांच के बाद कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। समाजवादी नेता नितिन कोहली का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग उनकी खूब प्रशंसा कर रहे हैं। क्षेत्रीय जनता का कहना है कि कम से कम कोई तो ऐसा नेता है जो उनकी समस्या सुनता है और समाधान के लिए तुरंत कदम उठाता है। आपको बता दें कि नितिन कोहली समाजवादी पार्टी की तरफ से उत्तरी विधानसभा से चुनाव लड़ सकते हैं और पिछले कई सालों से वह लगातार क्षेत्रीय जनता की समस्याओं को सुनते और हल करने का प्रयास करते रहे हैं।

आगरा: श्यामों गांव में जलभराव की समस्या का समाधान शुरू

आगरा। आगरा के शमसाबाद मार्ग पर स्थित बरौली अहीर ब्लॉक की ग्राम पंचायत श्यामों में महीनों से चली आ रही जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन ने कदम उठाए हैं। दुर्गा देवी मंदिर के सामने और गांव के कई अन्य हिस्सों में जमा पानी से ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है। इस मुद्दे को समाजसेवी विजय सिंह लोधी ने सहायक विकास अधिकारी (एडीओ) दिनेश चंद वर्मा के संज्ञान में लाया। उन्होंने बताया कि प्राथमिक विद्यालय और माता रानी मंदिर के पास भी पानी जमा हो रहा था, जिससे लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा था। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए नालियों की सफाई करवाई और पानी निकालने के लिए वाटर पंप लगाने का निर्णय लिया है। विजय सिंह ने यह भी बताया कि जल निकासी की सही व्यवस्था न होने के कारण पानी श्मशान स्थल में जमा हो रहा है, जिससे वह तालाब में बदलता जा रहा है। एडीओ पंचायत दिनेश चंद वर्मा ने गांव में नियमित रूप से सफाई कर्मियों की टीम भेजने का आश्वासन दिया है। सफाई टीम में भीकम सिंह, राजकुमारी, बबीता और रमेश शामिल रहे। समाजसेवी विजय सिंह लोधी ने त्वरित कार्रवाई के लिए एडीओ पंचायत का आभार व्यक्त किया है।

आगरा: अछनेरा रेलवे अंडरपास में अजीब समस्या, बोरिंग से वापस आ रहा है पानी

आगरा। आगरा के अछनेरा-फरह रोड स्थित अछनेरा रेलवे स्टेशन के पास बना अंडरपास इन दिनों एक अजीब समस्या से जूझ रहा है। पानी की निकासी के लिए लगाई गई बोरिंग से ही पानी उफनकर वापस अंडरपास में आ रहा है, जिससे यहाँ हमेशा घुटनों तक पानी भरा रहता है। कुछ साल पहले इस अंडरपास का निर्माण लोगों की सुविधा के लिए किया गया था, ताकि उन्हें रेलवे फाटक पर घंटों इंतजार न करना पड़े। लेकिन अब यह नया अंडरपास ही एक बड़ी मुसीबत बन गया है। यहाँ न तो कोई नाला है और न ही पानी भरने का कोई अन्य कारण। स्थानीय लोगों का कहना है कि सिर्फ बोरिंग से वापस आने वाला पानी ही इस स्थिति के लिए जिम्मेदार है। इस जलभराव के कारण पैदल यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने कई बार इसकी शिकायत रेलवे प्रशासन से की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ठेकेदार की जिम्मेदारी थी कि वह पानी की निकासी का सही प्रबंध करे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। पास में बने एक और अंडरपास की स्थिति भी ऐसी ही है। दोनों अंडरपास में पानी भरे रहने से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने की मांग की है।

फतेहपुर सीकरी में जलभराव की समस्या: राजस्व टीम के दौरे के बाद भी समाधान नहीं

आगरा। फतेहपुर सीकरी के औलेंडा ग्राम के नगला दधिराम में जलभराव और पुलिया की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान राजस्व टीम के निरीक्षण के बाद भी नहीं हो सका है। ग्रामीणों की शिकायत पर उप जिलाधिकारी ने नाले की खुदाई और पुलिया की सफाई के आदेश दिए थे, लेकिन मंगलवार को पहुँची टीम ने इन आदेशों का पालन नहीं किया, जिससे ग्रामीणों और टीम के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मंगलवार दोपहर नायब तहसीलदार चर्चिता गौतम, कानून गो अनिल सोलंकी, और अन्य अधिकारियों सहित पूरी राजस्व टीम गाँव पहुँची थी। ग्रामीणों का आरोप है कि टीम ने न तो पुलिया को साफ कराया और न ही नाले की खुदाई की। उन्होंने बताया कि करीब 30 वर्ष पुरानी सड़क पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है और एक बंबे को भी जबरन बंद कर दिया है, जिससे गाँव के मुख्य रास्ते पर लगभग 600 मीटर तक पानी भर गया है। ग्राम प्रधान जगदीश सिंह ने भी इस बात की पुष्टि की कि टीम द्वारा कोई समाधान नहीं निकाला गया। राजस्व टीम की इस कार्यशैली से निराश ग्रामीणों ने अब जिलाधिकारी से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। वे चाहते हैं कि जलभराव को खत्म किया जाए, सड़क से अतिक्रमण हटाया जाए, और 30 साल पुरानी जल निकासी पुलिया को फिर से खोला जाए। इस दौरान पूर्व प्रधान अशोक गहलोत, पूर्व प्रधान सत्तो ठाकुर, निरोत्तम शर्मा, धंसू पहलवान और सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।

अछनेरा में टूटी सड़क और जलभराव से लोग परेशान, नगर पालिका ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

आगरा। आगरा के अछनेरा नगर पालिका क्षेत्र में कमल कॉलोनी और लाखन कॉलोनी के निवासियों को पिछले कई महीनों से क्षतिग्रस्त सड़क और जलभराव की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बिना बारिश के भी सड़क पर हर वक्त पानी और कीचड़ जमा रहता है, जिससे लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क पर पानी की निकासी की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। नालियां टूटी पड़ी हैं, जिससे पानी बहने के बजाय सड़क पर जमा हो जाता है। इस कारण लोगों को एक किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुँचना पड़ता है। लोगों ने इस समस्या को लेकर नगर पालिका परिषद में कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। इस संबंध में अछनेरा चेयरमैन प्रतिनिधि महेंद्र सिंह भगत ने आश्वासन दिया है कि इस समस्या का जल्द ही समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क की मरम्मत का काम जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा, जिससे जलभराव और आवागमन की समस्या खत्म हो जाएगी।

आगरा में मूसलाधार बारिश से हाहाकार, देखिए तस्वीरें

आगरा। शुक्रवार की दोपहर आगरा में हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर को अस्त-व्यस्त कर दिया। सुबह हल्की बूंदाबांदी के बाद दोपहर करीब 1 बजे से शुरू हुई बारिश लगातार दो घंटे तक जारी रही, जिससे शहर के कई पॉश इलाकों और बाजारों में 2-2 फीट तक जलभराव हो गया। इस जोरदार बारिश का असर ऐसा था कि सड़कों पर गाड़ियाँ और बाइकें लगभग डूब गईं। दिन में भी इतना अंधेरा छा गया था कि ऐसा लग रहा था मानो शाम के 6 बज रहे हों। बाजारों और सड़कों पर जलभराव भारी बारिश के कारण राजामंडी बाजार पूरी तरह से पानी से भर गया। दुकानों के अंदर पानी घुस जाने से व्यापारियों को अपना सामान समेटना पड़ा। इसके अलावा, शास्त्रीपुरम, खेरिया मोड़, अलबतिया रोड, ट्रांसयमुना कॉलोनी, एमजी रोड और मॉल रोड जैसे प्रमुख इलाकों में भी भारी जलभराव देखने को मिला। स्ट्रैची ब्रिज के नीचे तो कई फीट पानी जमा हो गया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। सितंबर में बदला मौसम का मिजाज आगरा में सितंबर की शुरुआत से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 से 4 सितंबर के बीच शहर में 12% बारिश हो चुकी है। जबकि, 1 जून से 31 अगस्त तक सिर्फ 26% बारिश हुई थी। मौसम का हाल: आगे क्या? मौसम विभाग ने 5 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना जताई है, जबकि 6 सितंबर को बादल छाए रहेंगे और बारिश हो सकती है। 7 सितंबर से मौसम के साफ होने का अनुमान है। इस बीच, बारिश के कारण पीपल मंडी में एक पुराना और बंद पड़ा मकान गिर गया, हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ क्योंकि वह खाली था। देखिए तस्वीरें:-

आगरा में भारी बारिश के कारण कल बंद रहेंगे कक्षा 8 तक के सभी स्कूल

आगरा। आगरा में लगातार हो रही बारिश और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। उनके निर्देश पर, 4 सितंबर को कक्षा 8 तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे। इस आदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कंपोजिट विद्यालय, राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, वित्तविहीन, सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य सभी बोर्ड के नर्सरी से लेकर कक्षा 8 तक के स्कूल शामिल हैं। यह कदम बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

आगरा में झमाझम बारिश से दिन में छाया अंधेरा, सड़कों पर भरा पानी देखिए जलभराव की तस्वीरें

आगरा। आगरा में बुधवार सुबह से हो रही हल्की बारिश के बाद दोपहर को मौसम ने अचानक करवट ली। दोपहर 3 बजे काली घटाएं छा गईं, जिससे दिन में ही अंधेरा हो गया और वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। इसके बाद हुई तेज बारिश से शहर में कई जगह जलभराव हो गया, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई। यमुना किनारा रोड और बाजारों में भरा पानी तेज बारिश के कारण शहर में करीब 20 जगहों पर पानी भर गया। यमुना किनारा रोड पर बारिश और यमुना के बढ़ते जलस्तर की वजह से नाला उफान पर आ गया, जिससे सड़क पर दो फीट तक पानी भर गया और वाहन फंसे रहे। वहीं, ट्रांसयमुना स्थित बेसमेंट मार्केट में पानी घुसने से दुकानदारों को भारी नुकसान हुआ है। इनके अलावा, अलबतिया रोड, सुभाष नगर, दौरेठा रोड, पृथ्वीनाथ 100 फीट रोड, साकेत कॉलोनी, मारुति एस्टेट, रामबाग, आवास विकास, एमजी रोड, मदिया कटरा, तोता का ताल, जयपुर हाउस और राजपुर चुंगी जैसे इलाकों में भी जलभराव की समस्या देखी गई। 5 सालों में सबसे ठंडा रहा सितंबर लगातार हो रही बारिश और बूंदाबांदी से आगरा का मौसम सुहाना बना हुआ है। पिछले पांच दिनों से अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर नहीं गया है। आंकड़ों के अनुसार, यह पिछले 5 सालों में सितंबर का सबसे कम तापमान रहा है। मौसम विभाग ने पूर्वानुमान लगाया है कि गुरुवार, 4 सितंबर को भी बादल छाए रहेंगे और बारिश हो सकती है, लेकिन 5 सितंबर से मौसम साफ होने की संभावना है।

आगरा में तेज बारिश के बाद धंसी 15 फीट गहरी सड़क, गड्ढे में फंसा ट्रक; कई इलाकों में जलभराव

आगरा। रविवार को आगरा में हुई तेज बारिश के बाद शहर में कई जगह मुसीबतें खड़ी हो गईं। कालिंदी विहार में एक 100 फुट रोड अचानक धंस गई, जिससे लगभग 15 फीट गहरा गड्ढा हो गया। इस हादसे में सड़क किनारे खड़ा एक ट्रक भी गड्ढे में फंस गया, जिसे बाहर निकालने के लिए क्रेन की मदद लेनी पड़ी। कालिंदी विहार में रोड हुई बंद यह घटना कालिंदी विहार में आशू ग्रेनाइट एंड मार्बल के सामने हुई, जहां एक पत्थर से लदा ट्रक खड़ा था। सड़क धंसने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। हादसे की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक डा. धर्मपाल सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से तुरंत सड़क की मरम्मत कराने की बात कही। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस ने रोड पर बैरिकेडिंग लगाकर यातायात बंद कर दिया है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब 100 फुट रोड धंसी हो। इससे पहले भी एक बार सड़क धंसने से दो युवक उसमें गिर गए थे। हाईवे पर जलभराव से बढ़ी मुसीबत बारिश के कारण शहर में कई अन्य जगहों पर भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। आगरा-दिल्ली हाईवे पर अरतौनी स्थित अपोलो हॉस्पिटल के सामने सर्विस रोड पर भारी जलभराव हो गया। वर्षों से अधूरी पड़ी इस सर्विस रोड के गहरे गड्ढों में पानी भर जाने से राहगीरों को आवाजाही में काफी दिक्कतें हो रही हैं। कई वाहन चालक हादसे का शिकार हो रहे हैं या फिर वापस लौटकर हाईवे से निकलने पर मजबूर हो रहे हैं।

आगरा की ‘लाइफ-लाइन’ अब ‘गड्ढा-लाइन’: मेट्रो निर्माण ने MG रोड को बनाया नरक, DM आवास के बाहर ही दिखी चकाचक सड़क!

आगरा। आगरा की जिस एमजी रोड (महात्मा गांधी रोड) को शहर की ‘लाइफ-लाइन’ कहा जाता था, वह अब ‘गड्ढा-लाइन’ में तब्दील हो गई है! बारिश और मेट्रो के निर्माण कार्य ने इस मुख्य सड़क की ऐसी दुर्दशा कर दी है कि हर 10 मीटर पर गहरे गड्‌ढे, बेहिसाब धूल के गुबार और हर मोड़ पर जलभराव लोगों के लिए बड़ी आफत बन गया है। आलम यह है कि शहर के केंद्र से गुजरने वाली इस सड़क पर डीएम आवास के ठीक बाहर का छोटा-सा हिस्सा ही चकाचक है, जबकि बाकी जगहों पर सफर करना किसी जोखिम भरे अभियान से कम नहीं। 7 KM का सफर बना ‘परीक्षा’, 50 मीटर भी बिना गड्ढे नहीं दैनिक भास्कर टीम ने भगवान टॉकीज से अवंतीबाई चौराहे तक करीब 7 किलोमीटर के एमजी रोड का जायजा लिया, और चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे रास्ते में 50 मीटर सड़क भी ऐसी नहीं मिली जिस पर कोई गड्ढा न हो। वाहनों की रफ्तार थम सी गई है, और यात्री हिचकोले खाते हुए निकल रहे हैं। अधिकारियों के घर के आगे चमकती सड़क, बाकियों को धूल और जाम की मार एमजी रोड की यह बदहाली तब और अखरती है जब पता चलता है कि जिलाधिकारी, सीएमओ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के घरों के ठीक सामने वाला सड़क का हिस्सा बिल्कुल दुरुस्त है। यह स्थिति आम जनता के लिए दोहरी मार है। एमजी रोड पर जगह-जगह बिखरी गिट्टी और गड्ढे, साथ ही नालियों के अभाव में जलभराव, ने इस सड़क को शहर की ‘लाइफ-लाइन’ से हटाकर ‘परेशानी की लाइन’ बना दिया है। सवाल यह है कि आगरा की इस सबसे महत्वपूर्ण सड़क की दुर्दशा पर कब तक आंखें मूंदी जाएंगी और नागरिकों को इस जोखिम भरे सफर से कब मुक्ति मिलेगी।

आगरा में कांग्रेस का पैदल मार्च: गांधी प्रतिमा की बदहाली और शौचालय न होने पर भड़के कांग्रेसी, ‘गोडसे’ का नाम लेकर जताया विरोध

आगरा। मंगलवार को आगरा में शहर कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग ने गांधी पार्क की बदहाली और जलभराव की समस्या को लेकर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। गांधी प्रतिमा की मरम्मत न होने और पार्क में शौचालय का निर्माण न किए जाने पर कांग्रेसियों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। इसके बाद कांग्रेस के कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए कैंट बोर्ड कार्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने पार्क के सौंदर्यीकरण की मांग करते हुए छावनी परिषद को ज्ञापन सौंपा। “गांधी की प्रतिमा है इसलिए प्रशासन नहीं सुन रहा, गोडसे की होती तो सौंदर्यीकरण हो गया होता” छावनी क्षेत्र के वार्ड 6, सुल्तानपुरा में एनसी वैदिक इंटर कॉलेज के सामने स्थित पार्क में लगी गांधी प्रतिमा और वहाँ हो रहे जलभराव को लेकर कांग्रेसियों ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने गांधी प्रतिमा की तत्काल मरम्मत और पार्क में शौचालय के निर्माण की मांग की, ताकि पार्क की दयनीय स्थिति सुधर सके। प्रदर्शन के दौरान, कांग्रेस नेता अनिल शर्मा और अनुज शिवहरे ने तीखा बयान देते हुए कहा, “पार्क में गांधी की प्रतिमा लगी हुई है। जिस वजह से आज सरकार और प्रशासन सुनने को तैयार नहीं है। अगर गोडसे की प्रतिमा होती तो सौंदर्यीकरण हो गया होता।” उन्होंने कैंट बोर्ड से जल्द से जल्द गांधी की प्रतिमा की मरम्मत कराने और खराब पड़े शौचालय का निर्माण कराने की मांग की। कांग्रेसियों ने बताया कि प्रतिमा और शौचालय को लेकर पहले भी ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस बार उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो कांग्रेस हड़ताल करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। कैंट बोर्ड के अधिकारी को ज्ञापन सौंपते कांग्रेस के कार्यकर्ता: (यह फोटो विवरण समाचार में शामिल किया जाएगा) गांधी प्रतिमा के सामने धरना देते कांग्रेस के कार्यकर्ता: (यह फोटो विवरण समाचार में शामिल किया जाएगा) यह विरोध-प्रदर्शन न केवल गांधी पार्क की उपेक्षा पर केंद्रित था, बल्कि इसके माध्यम से कांग्रेस ने प्रशासन और सरकार पर सांकेतिक रूप से वैचारिक भेदभाव का भी आरोप लगाया।

सड़क पर फावड़ा-गैती चलती दिखे तो तुरंत बताएं! आगरा में 30 सितंबर तक ‘नो कटिंग जोन’ घोषित, नगर निगम हुआ सख्त: दोषी अधिकारी होंगे जिम्मेदार!

आगरा। बारिश के मौसम में शहर की सड़कों को सुरक्षित रखने के लिए आगरा नगर निगम ने एक बड़ा कदम उठाया है। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने 30 सितंबर तक किसी भी प्रकार की रोड कटिंग पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। चेतावनी दी गई है कि यदि कहीं भी बिना अनुमति रोड कटिंग करते हुए कोई दिखा, तो अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम को लगातार प्रतिबंध के बावजूद कुछ कंपनियों द्वारा रोड कटिंग की सूचनाएं मिल रही थीं, जिसे अब गंभीरता से लिया गया है। अब क्षेत्रीय अधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार मुख्य अभियंता (निर्माण) बीएल गुप्ता ने बताया कि शहर में हो रही अनधिकृत रोड कटिंग पर लगाम लगाने के लिए क्षेत्रीय सहायक अभियंताओं (AE) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसका मतलब साफ है कि अब यदि किसी भी क्षेत्र में बिना अनुमति रोड कटिंग होती है, तो संबंधित क्षेत्रीय AE को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा। सभी सहायक और अवर अभियंताओं को लगातार फील्ड में निरीक्षण करने और सड़क कटिंग की घटनाओं पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। जुर्माना और सख्त दंडात्मक कार्रवाई होगी मुख्य अभियंता ने स्पष्ट किया है कि जिन संस्थाओं या कंपनियों द्वारा नियमों की अनदेखी की जाएगी, उनके खिलाफ जुर्माना, कार्य रोकने और अन्य दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस सख्त कदम का मुख्य उद्देश्य बरसात के समय में होने वाले जलभराव, सड़क धंसने और दुर्घटनाओं की संभावनाओं को रोकना है। बता दें कि बारिश में शहर की बहुत सी सड़कें धंस चुकी हैं। जलभराव के दौरान यह पता नहीं चल पाता कि कहां सड़क है और कहां गड्ढा, जिससे हादसों की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं। इन्हीं सब को रोकने के लिए रोड कटिंग पर यह पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। आम जनता से भी अपील: ‘हमें बताएं, अगर कहीं देखें रोड कटिंग’ नगर निगम ने आमजन से भी अपील की है। मुख्य अभियंता ने कहा है कि अगर कहीं पर कोई कंपनी फावड़ा, गैंती या कोई कटिंग मशीन चलाते हुए रोड कटिंग करती पाई जाए, तो इसकी सूचना तत्काल नगर निगम कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराएं। अब पूरा आगरा 30 सितंबर तक ‘नो कटिंग जोन’ है!

आगरा में 3 घंटे की मूसलाधार बारिश से हाहाकार: शहर डूबा, सड़कें बनीं तालाब, गाड़ियां रेंगती दिखीं!

आगरा। गुरुवार दोपहर को हुई महज 3 घंटे की तेज बारिश ने आगरा शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। मूसलाधार बारिश के चलते शहर की सड़कें और कई इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नाले और नालियां उफन पड़े, और सड़कें किसी तालाब से कम नहीं लग रही थीं। घरों-दुकानों में घुसा पानी, यातायात व्यवस्था चरमराई बारिश का पानी तेजी से लोगों की दुकानों और मकानों में घुस गया, जिससे कई लोग अपने घरों में कैद हो गए। शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और जगह-जगह लंबा जाम लग गया। सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार थम सी गई और वे रेंगती नजर आईं। शहर के कई इलाकों में गाड़ियां बंद पड़ गईं, जिन्हें राहगीरों की मदद से किनारे लगाना पड़ा। सड़कों पर एक फुट तक पानी भर जाने से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया था। इन इलाकों में दिखा सबसे बुरा हाल बारिश का सबसे अधिक असर शहर के व्यस्ततम इलाकों में देखने को मिला। हर बारिश में एक ही कहानी: कब सुधरेगी जल निकासी व्यवस्था? यह पहली बार नहीं है जब आगरा में थोड़ी सी बारिश के बाद शहर जलमग्न हो गया हो। इससे पहले भी कई बार ऐसी ही स्थिति बनी है, जब लोगों को जलभराव और घंटों लंबे जाम का सामना करना पड़ा है। शहर की बेहद खराब जल निकासी व्यवस्था के कारण यह समस्या हर साल और गंभीर होती जा रही है। नागरिकों का कहना है कि नगर निगम और प्रशासन को इस गंभीर समस्या पर तुरंत ध्यान देना चाहिए, ताकि बारिश उनके लिए आफत न बने।

आगरा की ‘लाइफलाइन’ MG रोड बदहाल: गड्ढों का राज, घंटों का जाम और बारिश में जलभराव से लोग बेहाल!

आगरा। कभी शहर की शान और लाइफलाइन कही जाने वाली एमजी रोड (महात्मा गांधी रोड) अब आगरावासियों के लिए सिरदर्द बन गई है। जगह-जगह बने गड्ढे, मेट्रो निर्माण के कारण संकरी हो चुकी लेन और बारिश के दिनों में भारी जलभराव ने इस व्यस्ततम सड़क को बदहाल कर दिया है। दैनिक भास्कर की टीम ने मौके पर जाकर जो स्थिति देखी, वह चिंताजनक है। भगवान टॉकीज से प्रतापपुरा तक बदहाली का आलम एमजी रोड पर भगवान टॉकीज से प्रतापपुरा तक लगभग पूरे मार्ग पर गड्ढों और लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। मेट्रो परियोजना के चलते सड़क के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई है, जिससे सड़क की चौड़ाई आधी रह गई है। ऊपर से सड़क की हालत इतनी खराब है कि जगह-जगह गहरे गड्ढे और उबड़-खाबड़ रास्ते सफर को बेहद मुश्किल बना देते हैं। हर दिन हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन विशेष रूप से सुबह ऑफिस और स्कूल-कॉलेज के समय और शाम को घर लौटते समय ट्रैफिक जाम चरम पर होता है। सैंट जॉन्स चौराहे और सूरसदन चौराहे से पहले भी सड़क की स्थिति बेहद खराब है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश में और बिगड़ते हालात, सिर्फ खानापूर्ति का पैचवर्क बारिश होने पर एमजी रोड की हालत और भी बदतर हो जाती है। गड्ढे पानी से भर जाते हैं और सड़क पर जलभराव हो जाता है, जिससे वाहन चालकों और पैदल चलने वालों दोनों को परेशानी होती है। हादसों का डर हमेशा बना रहता है। सड़क की मरम्मत के लिए कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं दिख रहा है। अधिकारियों द्वारा सिर्फ पैचवर्क कर खानापूर्ति कर दी जाती है, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है। राजा मंडी चौराहे पर भी ऐसा ही पैचवर्क देखा गया, जो बारिश में फिर से धुल जाता है। मेट्रो परियोजना बेशक शहर के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन जब तक इसके साथ यातायात प्रबंधन और सड़कों की उचित मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, तब तक शहरवासियों की मुश्किलें कम नहीं होंगी। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को इस समस्या पर तुरंत ध्यान देना चाहिए ताकि शहर की लाइफलाइन को फिर से सुचारु बनाया जा सके।

आगरा में मेयर पर विकास न करने का आरोप: गंदे पानी में बैठकर लोगों ने किया प्रदर्शन, सड़कों पर गड्ढे और जलभराव से हाहाकार!

आगरा। आगरा में सड़कों की बदहाली और जलभराव से परेशान स्थानीय लोगों ने बुधवार को नगर निगम और मेयर के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया। शंकरगढ़ पुलिया से आजम पाड़ा की ओर जाने वाली सड़क पर गहरे गड्ढों और नालियों के गंदे पानी के बीच बैठकर लोगों ने जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि मेयर शहर के विकास पर ध्यान नहीं दे रही हैं, जिससे मुख्यमंत्री के “गड्ढा मुक्त उत्तर प्रदेश” के सपने पर पानी फिर रहा है। सड़क पर जलभराव से हादसे, बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल भारतीय किसान यूनियन (भानू) के नेतृत्व में यह धरना प्रदर्शन किया गया। किसान नेता अभिषेक चौहान ने बताया कि शंकरगढ़ से आजम पाड़ा तक की सड़क पूरी तरह टूट चुकी है और उसमें बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। पास में तीन स्कूल हैं, और आए दिन स्कूली बच्चे इन गड्ढों में गिरकर चोटिल होते रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम को 10 से अधिक बार शिकायत पत्र दिए जा चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरन, आज स्थानीय लोगों के साथ सड़क पर भरे गंदे पानी में बैठकर धरना देना पड़ा है। अभिषेक चौहान ने चेतावनी दी कि जब तक कार्रवाई नहीं होती, उनका धरना जारी रहेगा, और जरूरत पड़ी तो भूख हड़ताल भी की जाएगी। पार्षद पर भी अनदेखी का आरोप, वार्ड 40 की बदहाली प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बताया कि यह क्षेत्र वार्ड 40 के अंतर्गत आता है, जिसके पार्षद रवि दिवाकर हैं। उन्हें भी इस समस्या की जानकारी दी गई थी और उन्होंने निरीक्षण भी किया, लेकिन इसके बावजूद सड़क की हालत नहीं सुधरी। नालियों का गंदा पानी सड़क पर भर जाता है, जिससे बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है और दोपहिया वाहन चालकों के साथ आए दिन हादसे होते रहते हैं। लोगों ने कहा कि जहां एक ओर मुख्यमंत्री का सपना उत्तर प्रदेश को गड्ढा मुक्त बनाना है, वहीं आगरा की मेयर उनके सपनों पर पानी फेर रही हैं। उनका आरोप है कि मेयर का शहर के विकास पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं है, जिससे जनता परेशान है। इस प्रदर्शन ने शहर की मूलभूत समस्याओं और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आगरा में व्यापारियों का ‘हाउस टैक्स’ पर हंगामा: नगर निकायों पर लगाए उत्पीड़न के आरोप, बोले- ‘मनमाने तरीके से बढ़ा रहे टैक्स, सीवर-जलकर की भी लूट!’

आगरा। आगरा में नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के खिलाफ व्यापारियों ने उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश ने आज नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर कहा कि स्थानीय निकाय G.I. सर्वे के नाम पर मनमाने तरीके से हाउस टैक्स बढ़ा रहे हैं, जबकि सरकार के 28 जून 2024 के आदेश को दरकिनार किया जा रहा है। “सीवर नहीं, फिर भी सीवर टैक्स! पेयजल का अभाव, फिर भी जलकर वसूली!” संगठन के महानगर अध्यक्ष नरेश पांडे ने आरोप लगाया कि जिन क्षेत्रों में सीवर की सुविधा तक नहीं है, वहाँ भी सीवर टैक्स वसूला जा रहा है। इसके अलावा, बाजारों में पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था न होने के बावजूद जलकर वसूली जारी है। व्यापारियों ने मांग की है कि बाजारों में वाटर कूलर लगाए जाएं और उनके रखरखाव की जिम्मेदारी तय की जाए। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि नगर निगम और पालिका के अधिकारी निर्धारित समय पर दफ्तरों में उपलब्ध नहीं रहते, जिससे आम जनता को काफी परेशानी होती है। साथ ही, बरसात में जलभराव, कूड़ा निस्तारण में लापरवाही, और सड़कों, नालियों, स्ट्रीट लाइट आदि की बदहाल स्थिति से व्यापारी वर्ग को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। “आवारा जानवरों का आतंक, अतिक्रमण पर आंखें मूंदे प्रशासन” संगठन ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि नगर क्षेत्रों में आवारा कुत्तों और बंदरों का आतंक बना हुआ है, लेकिन प्रशासन इस पर आंखें मूंदे बैठा है। वहीं, शहर की बड़ी समस्या अतिक्रमण और जाम को दूर करने के लिए स्ट्रीट वेंडर अधिनियम 2014 को अब तक ठीक से लागू नहीं किया गया है। व्यापारियों की ओर से मांग की गई है कि इन सभी समस्याओं पर त्वरित संज्ञान लेते हुए प्रदेश सरकार स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे और संबंधित निकायों को जवाबदेह बनाया जाए। ज्ञापन देने आए प्रतिनिधिमंडल में महानगर अध्यक्ष नरेश पांडे, मुकेश सिंह, मनोज गुप्ता, संजय गुप्ता, कपूर चंद रावत आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। व्यापारियों का यह विरोध नगर निकायों के कामकाज पर सवालिया निशान लगाता है और उनकी जवाबदेही की मांग करता है।

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