आगरा में हाइपरटेंशन पर नेशनल कॉन्फ्रेंस, हर चौथा-पांचवां शहरी है इस बीमारी से ग्रस्त

आगरा। हाइपरटेंशन और ब्लड प्रेशर को लेकर बढ़ती लापरवाही एक गंभीर समस्या बन गई है। एक चौंकाने वाली रिपोर्ट के अनुसार, हर चौथा-पांचवां शहरी और हर पांचवां-छठवां ग्रामीण इस बीमारी से पीड़ित है। इसी कारण हृदय, किडनी और ब्रेन फेलियर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस गंभीर समस्या पर मंथन और जागरूकता बढ़ाने के लिए, ताजनगरी में पहली बार रिसर्च सोसायटी फॉर द स्टडी ऑफ हाइपरटेंशन इन इंडिया (आरएसएसएचआई) ने तीन दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। फतेहाबाद रोड स्थित होटल डबल ट्री बाय हिल्टन में शुक्रवार को शुरू हुई इस कॉन्फ्रेंस का थीम “Reflect, Renew, Radiate” था। देशभर से 250 से ज्यादा चिकित्सक हुए शामिल तीन दिनों तक चलने वाली इस कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, मध्य प्रदेश, और दक्षिण भारत सहित देशभर से 250 से अधिक चिकित्सक भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत वरिष्ठ चिकित्सक पद्मश्री प्रोफेसर डॉ. डीके हाजरा, प्रोफेसर डॉ. बीके जैन, प्रोफेसर डॉ. एएस सचान, प्रोफेसर डॉ. एमएम सिंह, प्रोफेसर डॉ. टीपी सिंह, चेयरमैन डॉ. सीआर रावत, और सचिव डॉ. रजत रावत ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। विशेषज्ञों ने साझा किए शोध पत्र कॉन्फ्रेंस के पहले दिन, विभिन्न विशेषज्ञों ने अपने विचार और शोध पत्र प्रस्तुत किए। इनमें डॉ. मौहम्मद जावेद (एपिडमाईलॉजी), डॉ. राहुल वर्मा (ब्लड सुगर मेजरमेंट), डॉ. अमित कांत (एम्बुलैरेटरी एंड होम ब्लड प्रेशर मानिटरिंग), डॉ. अभिनव पंड़ित (अल्ट्रासाउड), डॉ. राहुल निझारा (रेनल वस्कुलर डोपलर), डॉ. रजत रावत (ईकोकार्डियोलॉजी), डॉ. वरुण गुप्ता (ईश गाइडलाइन), और डॉ. सुनील बंसल (रीसेंट गाइडलाइन) शामिल थे। इसके अतिरिक्त, डॉ. अतुल कुलश्रेष्ठ (हाइपरटेंशन इन ओल्ड पेशंट), डॉ. अनुभव कपूर (पुलमोंन्टरी अरटेरियल हाइपरटेंशन), डॉ. राजीव किशोर (वाइट कोट/मास्कड हाइपरटेंशन), और डॉ. राहुल गर्ग (आर्थो हाइपोटेंशन) ने भी अपने विचार रखे। 40 प्रतिशत भारतीय हैं हाइपरटेंशन से पीड़ित वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुनील बंसल ने बताया कि भारत में लगभग 40 प्रतिशत लोग हाइपरटेंशन से पीड़ित हैं। यह रोग हृदय, किडनी और मस्तिष्क सहित कई घातक बीमारियों का कारण बनता है। सोसाइटी के सचिव डॉ. रजत रावत ने कहा कि यह कॉन्फ्रेंस 21 सितंबर तक चलेगी और इसमें हाइपरटेंशन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। उपस्थित वरिष्ठ चिकित्सक कॉन्फ्रेंस में डॉ. सुनील बंसल, डॉ. अतुल कुलश्रेष्ठ, डॉ. शरद पालीवाल, डॉ. राहुल निझारा, डॉ. पायल सक्सेना, डॉ. चंदन कुमार, डॉ. केके बसंतानी, डॉ. करन रावत, डॉ. विनीत गर्ग, डॉ. प्रवेग गोयल, डॉ. कैरवि भारद्वाज, डॉ. वरुण शर्मा, डॉ. अनुश्री रावत, डॉ. राहुल वर्मा, डॉ. शुभम जैन, डॉ. राहुल गर्ग, डॉ. अभिनव पंडित, डॉ. दीपक बंसल समेत कई अन्य विशेषज्ञ भी मौजूद रहे।

आगरा में चिकित्सा महाकुंभ: यूपी के डॉक्टर जटिल रोगों पर करेंगे मंथन, आधुनिक तकनीकों पर होगी चर्चा

आगरा। ताजनगरी में दो दिवसीय चिकित्सा सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए डॉक्टर जटिल बीमारियों की रोकथाम और आधुनिक उपचार तकनीकों पर चर्चा करेंगे। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) आगरा के तत्वावधान में 30 और 31 अगस्त को थर्ड स्टेट वर्किंग कमेटी (एसडब्ल्यूसी) यूपी आईएमए आगरा 2025 का आयोजन फतेहाबाद रोड स्थित होटल कोर्टयार्ड बाय मैरियट में किया जा रहा है। पोस्टर विमोचन के साथ हुई कार्यक्रम की शुरुआत सम्मेलन की शुरुआत खंदारी स्थित होटल लेमन ट्री में एक पोस्टर विमोचन समारोह के साथ हुई। इस अवसर पर आईएमए आगरा के अध्यक्ष डॉ. अनूप दीक्षित, ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ. वाईबी अग्रवाल, डॉ. शरद गुप्ता और ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. मुकेश गोयल सहित कई प्रमुख चिकित्सक मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन आईएमए इलेक्ट अध्यक्ष डॉ. पंकज नगाइच ने किया। वैज्ञानिक सत्र और विशेषज्ञों के व्याख्यान यह दो दिवसीय सम्मेलन खास तौर पर विभिन्न बीमारियों के आधुनिक उपचार और रोकथाम पर केंद्रित रहेगा। 31 अगस्त को स्टेट वर्किंग कमेटी की बैठक के बाद एक वैज्ञानिक सत्र आयोजित होगा। इस सत्र में विशेषज्ञ आईवीएफ, हृदय रोग, जॉइंट रिप्लेसमेंट, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, कैंसर और स्पाइन से जुड़ी बीमारियों पर अपना ज्ञान साझा करेंगे। सम्मेलन के मुख्य वक्ताओं में डॉ. रजनी पचौरी (आईवीएफ विशेषज्ञ), डॉ. शिव चौधरी (कार्डियक सर्जरी विशेषज्ञ), डॉ. मनीष शर्मा (कार्डियक रोग विशेषज्ञ), डॉ. मेघल गोयल (हिप एंड नी रोबोटिक सर्जन), डॉ. मुदित खुराना (नेफ्रोलॉजी विशेषज्ञ), डॉ. विकास मित्तल (लेप्रोस्कोपिक सर्जन), डॉ. देवाशीष शर्मा (स्पाइन रोग विशेषज्ञ), डॉ. अनिमेष गुप्ता (कैंसर रोग विशेषज्ञ), डॉ. अभिनव आगहरी (न्यूरोसर्जरी विशेषज्ञ) और डॉ. अरुण गुप्ता (नी रिप्लेसमेंट सर्जन) जैसे विशेषज्ञ शामिल हैं।

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