आगरा के अछनेरा रेलवे स्टेशन के पास युवती का शव मिला, हत्या कर फेंके जाने की आशंका

आगरा। आगरा के अछनेरा रेलवे स्टेशन के यार्ड के पास झाड़ियों में एक युवती का शव मिला है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। युवती के गले में दुपट्‌टा बंधा है और मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ है, जो हत्या की ओर इशारा कर रहा है। उसके साथ जबरदस्ती किए जाने की भी आशंका जताई जा रही है। सुबह भैंस चराने गई महिला ने देखा शव अछनेरा के रेलवे फाटक 18 के पास कचौरा रोड पर सुबह एक महिला अपनी भैंसों को बांधने पहुंची थी, तभी उसकी नजर झाड़ियों में पड़ी एक युवती पर पड़ी। पास जाकर देखने पर उसे एक युवती की लाश मिली। महिला के शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सूचना मिलते ही जीआरपी, आरपीएफ और स्थानीय थाना पुलिस भी घटनास्थल पर आ गई। शरीर पर चोट के निशान, मुंह में कपड़ा ठूंसा मृतका ने लाल रंग की कुर्ती और काले रंग की सलवार पहन रखी थी। उसके गले में दुपट्‌टा बंधा था और मुंह में भी कपड़ा ठूंसा हुआ था। युवती के चेहरे पर भी चोट के निशान मिले हैं। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि युवती के साथ जोर-जबर्दस्ती करने की कोशिश की गई, और फिर दुपट्टे से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। युवती के हाथ पर उसके नाम का एक टैटू बना है। उसका बैग भी शव के पास पड़ा मिला है, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। पास में ही उसकी चप्पलें भी पड़ी मिली हैं। मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। अभी तक मृतका की शिनाख्त नहीं हो पाई है कि वह कहाँ की रहने वाली थी। पुलिस ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि मृतका की पहचान हो सके और हत्यारों तक पहुँचा जा सके। और खबरें भी हैं…

आगरा कैंट स्टेशन पर ‘शोले’ जैसा सीन: LED स्क्रीन पर चढ़ा युवक, 2 घंटे तक चला हाई-वोल्टेज ड्रामा, फिर नीचे उतरा

आगरा। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब एक युवक फिल्मी अंदाज में स्टेशन के बाहर लगी विशाल एलईडी स्क्रीन पर चढ़ गया। यह नजारा ठीक किसी फिल्म ‘शोले’ के सीन जैसा था, जहां धर्मेंद्र पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। युवक करीब दो घंटे तक एलईडी पर ही खड़ा रहा और नीचे कूदने की धमकी देता रहा। इस दौरान रेलवे, आरपीएफ, जीआरपी के साथ फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंच गई, लेकिन युवक को नीचे उतारना बड़ी चुनौती बन गया। सुबह 9 बजे शुरू हुआ ड्रामा, डंडा थमाया तो चिल्लाने लगा घटना मंगलवार सुबह लगभग 9 बजे की बताई जा रही है। एक बिना शर्ट के युवक अचानक कैंट रेलवे स्टेशन के बाहर लगी एलईडी स्क्रीन पर चढ़ गया। उसे देखकर लोगों की भीड़ जमा हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे काफी देर तक समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना। किसी ने उसे डंडा भी थमाया, लेकिन उसने डंडा खींचकर चिल्लाना शुरू कर दिया और एलईडी की बाउंड्री पर चढ़कर नीचे कूदने की बात करने लगा। रेलवे अधिकारियों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और युवक को गाड़ी पर उतारने की कोशिश की गई, लेकिन वह नीचे नहीं उतरा। “गोली मार दो, पर प्यार से बात करो”: महाराष्ट्र का निकला युवक करीब दो घंटे के हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद युवक आखिरकर खुद ही नीचे उतर आया। पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया। युवक लगातार कह रहा था, “चाहे गोली मार दो, लेकिन प्यार से बात करो।” शुरुआती पूछताछ में युवक ने बताया कि वह महाराष्ट्र का रहने वाला है। पुलिस फिलहाल उसके नाम और इस हरकत के पीछे की वजह जानने की कोशिश कर रही है। आरपीएफ और जीआरपी पुलिस हिरासत में लिए गए युवक से पूछताछ कर रही है।

ट्रेनों पर ‘मस्ती’ के लिए पत्थर फेंकते थे बच्चे: आगरा कैंट RPF ने 4 नाबालिगों को पकड़ा, 27 जुलाई को तोड़े थे ट्रेन के शीशे

आगरा। आगरा में बिल्लोचपुरा-रुनकता रेलवे स्टेशन के बीच चलती ट्रेनों पर पत्थर फेंकने की बढ़ती शिकायतों के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) आगरा कैंट ने कार्रवाई करते हुए चार बच्चों को पकड़ा है। इन बच्चों ने खुलासा किया है कि वे केवल ‘मस्ती’ के लिए ट्रेनों पर पत्थर फेंकते थे और आपस में शर्त भी लगाते थे कि किसके पत्थर से शीशा टूटेगा। एसी कोच के शीशे बनते थे निशाना, RPF ने की कड़ी निगरानी पिछले कुछ समय से रुनकता और बिल्लोचपुरा स्टेशन के बीच ट्रेनों पर पत्थर मारकर शीशे तोड़ने की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए, आगरा कैंट आरपीएफ ने एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम ने कई दिनों तक लगातार क्षेत्र की निगरानी की। ट्रेन के गुजरने के समय आरपीएफ की टीम छिपकर स्थिति पर नजर रखती थी। 27 जुलाई को भी एक ट्रेन के एसी कोच के शीशे पत्थर लगने से टूट गए थे। इस घटना के तुरंत बाद, आरपीएफ की टीम ने मौके से चार बच्चों को पकड़ लिया। पूछताछ में पता चला कि ये सभी बच्चे दहतोरा गांव के रहने वाले हैं। बच्चों ने बताया कि वे सिर्फ मनोरंजन के लिए ट्रेनों पर पत्थर फेंकते थे। वे आपस में यह भी शर्त लगाते थे कि किसका पत्थर शीशे पर लगेगा और कौन शर्त जीतेगा। चौंकाने वाली बात यह है कि वे विशेष रूप से एसी कोच के शीशों को ही निशाना बनाते थे। आरपीएफ ने बच्चों के अभिभावकों को सूचना दे दी है और बताया है कि नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने के गंभीर मुद्दे को उजागर करती है, खासकर जब यह ‘मस्ती’ के नाम पर की जा रही हो।

आगरा कैंट पर उतरी मौत! तमिलनाडु के बुजुर्ग यात्री की ट्रेन में हार्ट अटैक से जान गई, नहीं मिली समय पर मदद!

आगरा। तमिलनाडु के 83 वर्षीय एक बुजुर्ग यात्री की चलती ट्रेन में मौत हो गई। उन्हें आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर उतारा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि यात्रा के दौरान ही ट्रेन में उनकी हालत बिगड़ गई थी, लेकिन उन्हें समय पर चिकित्सीय सुविधा नहीं मिल पाई। दिल्ली से चेन्नई लौट रहे थे कल्याण सुंदरम जानकारी के अनुसार, तमिलनाडु के रिटायर्ड सरकारी अधिकारी कल्याण सुंदरम तमिलनाडु एक्सप्रेस से दिल्ली से चेन्नई लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि दिल्ली स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ते वक्त उनका पैर फिसल गया था, जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी थी। कल्याण सुंदरम की मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है। मेडिकल सुविधा न मिलने का आरोप, GRP जांच में जुटी उनके साथ यात्रा कर रहे साथी यात्रियों ने टीटीई से डॉक्टर बुलाने की मांग की, लेकिन चलती ट्रेन में आवश्यक मेडिकल सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी। ट्रेन जैसे ही आगरा कैंट स्टेशन पर पहुंची, तुरंत डॉक्टर को बुलाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौके पर पहुंची GRP (राजकीय रेलवे पुलिस) और RPF (रेलवे सुरक्षा बल) पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और घटना की जांच शुरू कर दी है। GRP आगरा के सीओ नजमुल हुसैन नकवी ने बताया कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है और साथियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री से मिलने दिल्ली गए थे मृतक के साथी श्रीनिवासन ने बताया कि कल्याण सुंदरम को तमिलनाडु सरकार की ओर से ‘कलइमामणि अवार्ड’ मिल चुका है। वे एक वरिष्ठ समाजसेवी थे और दिल्ली में केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन से मिलने गए थे।

Verified by MonsterInsights