आगरा में भारतीय जाटव समाज का अधिवेशन, शिक्षा और सेवा पर जोर

आगरा। आगरा में भारतीय जाटव समाज का एक विशाल अधिवेशन आयोजित किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण मंत्री श्री असीम अरुण मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अधिवेशन का उद्देश्य बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के आदर्शों पर चलते हुए समाज को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना था। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली सहित कई राज्यों से 1000 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बाबासाहेब के मंत्र ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो’ पर जोर अधिवेशन में बोलते हुए, राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र सिंह ने कहा कि हमें बाबासाहेब के विचारों से प्रेरणा लेकर अपने कमजोर साथियों की मदद करनी चाहिए और समाज को आगे लेकर जाना है। उन्होंने बताया कि संगठन का कारवां कई प्रदेशों में फैल चुका है। मुख्य अतिथि असीम अरुण ने अपने संबोधन में बाबासाहेब के दिए गए नारे ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो’ के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मोदी जी और योगी जी के नेतृत्व में सरकार समाज के दलित और पिछड़े वर्गों की उन्नति के लिए लगातार काम कर रही है। समाजसेवियों और मेधावी छात्रों का सम्मान इस अवसर पर समाजसेवा और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले समाजसेवियों और मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह युवा पीढ़ी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का एक प्रयास था। कार्यक्रम में राष्ट्रीय संरक्षक नत्थी सिंह जसोरा, राष्ट्रीय संगठन सचिव अनिल कुमार, राष्ट्रीय महासचिव सोहन सिंह, धर्मेंद्र सोनी, पी.सी. बेरवाल, नेत्रपाल सिंह, रविंद्र कुमार, अर्जुन सिंह, रचना सिंह और आशा सचदेवा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

“मंत्री का PS हूं तो अश्लीलता करूंगा तो कोई क्या ही कर लेगा?” – सोचा था जयकिशन ने, पर उसी मंत्री ने पुलिस बुलाकर करवा दिया गिरफ्तार!

लखनऊ। योगी सरकार में समाज कल्याण विभाग के मंत्री असीम अरुण के निजी सचिव जयकिशन सिंह को शायद यह गुमान था कि मंत्री का पीएस होने के नाते वह कुछ भी कर सकता है। लेकिन, उसे अंदाजा नहीं था कि जिस मंत्री के साथ वह काम कर रहा था, वही उसे अश्लील हरकत के आरोप में गिरफ्तार करवा देगा। गुरुवार को समाज कल्याण विभाग के मुख्यालय में तैनात एक महिला कर्मी से अश्लील हरकत करने के आरोप में मंत्री असीम अरुण ने खुद पुलिस बुलाकर जयकिशन सिंह को गिरफ्तार करवाया। अंधेरे में था आरोपी: मंत्री ने नहीं बर्दाश्त की मनमानी पीड़ित महिला ने रोते हुए सीधे मंत्री असीम अरुण से अपने निजी सचिव जयकिशन सिंह की हरकतों के बारे में बताया। महिला इतनी व्यथित थी कि वह मंत्री के सामने फूट-फूटकर रोने लगी। उसने बताया कि जयकिशन लंबे समय से उसे परेशान कर रहा था और अश्लील हरकतें करता था। महिला की पीड़ा सुनने के बाद, पूर्व IPS अधिकारी रहे मंत्री असीम अरुण ने उसे न्याय दिलाने का भरोसा दिया। उन्होंने साफ कहा, “इस तरह के अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अपराध करने वाला चाहे मेरा पर्सनल सेक्रेटरी हो या कोई और…” दोपहर करीब साढ़े 3 बजे मंत्री असीम अरुण कार्यालय पहुंचे और जयकिशन से इस बारे में पूछा, तो वह बहाने बनाने लगा। मंत्री ने तत्काल कार्यालय से ही पुलिस को फोन कर दिया और गोमतीनगर थाने से पुलिस बल बुलाकर जयकिशन को गिरफ्तार करवा दिया। पुलिस ने महिला की तरफ से निजी सचिव के खिलाफ मंत्री के सामने ही तहरीर दिलवाई और मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। आरोपी अब पुलिस हिरासत में आरोपी जयकिशन सिंह विभाग में समीक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत है और मूल रूप से प्रयागराज का रहने वाला है। गोमतीनगर इंस्पेक्टर बृजेंद्र चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी निजी सचिव जय किशन सिंह को थाने लाया गया है और महिला की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। यह घटना उन अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो पद का दुरुपयोग कर मनमानी करते हैं।

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