आगरा में पदम प्राइड अपार्टमेंट के बिल्डर ने बेचे सील किए गए फ्लैट, आवास विकास ने कराई FIR

आगरा। आगरा के सेक्टर-16 बी स्थित पदम प्राइड अपार्टमेंट में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। बिल्डर अंकुर जैन ने आवास विकास परिषद द्वारा सील किए गए तीन फ्लैट्स की सील तोड़कर उन्हें अवैध रूप से बेच दिया। गुरुवार को आवास विकास परिषद की टीम की छापेमारी में इस धोखाधड़ी का खुलासा हुआ, जिसके बाद बिल्डर और खरीदारों के खिलाफ सिकंदरा थाने में तहरीर दी गई है। आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता सूरज पाल ने इस मामले में बिल्डर अंकुर जैन और तीनों फ्लैट्स के खरीदारों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। जिन लोगों पर आरोप है, उनमें फ्लैट संख्या F/901 में रह रहे देवाशीष, H/403 में पंकज शर्मा, और EG/01 में रोहित अग्रवाल शामिल हैं। क्या है पूरा मामला? सूर्य नगर निवासी मैसर्स रिद्धि-सिद्धि बिल्डवैल के मालिक अंकुर जैन ने सेक्टर-16 बी में पदम प्राइड अपार्टमेंट फेज-2 का निर्माण किया था। कुछ समय पहले, आवास विकास परिषद ने अनियमितताओं के चलते अपार्टमेंट के कुछ फ्लैटों को सील कर दिया था। अधिकारियों को शिकायत मिली कि सील किए गए तीन फ्लैट्स की सील तोड़कर उन पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। इस पर परिषद के प्रवर्तन प्रभारी कर्नल जीएम खान और अधिशासी अभियंता सूरज पाल सिंह ने टीम के साथ अपार्टमेंट में छापा मारा और पाया कि फ्लैट्स की सील टूटी हुई थी। परिषद ने इन फ्लैट्स पर दोबारा नोटिस चस्पा कर दिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि बिल्डर अंकुर जैन के खिलाफ पहले भी एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। चूंकि बिना पूर्णता प्रमाण पत्र (Completion Certificate) के फ्लैट्स बेचना अवैध है, इसलिए अब बिल्डर के साथ-साथ खरीदारों पर भी कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।

आगरा: आवास विकास ने 120 करोड़ की जमीन से हटाया अवैध कब्जा

आगरा। आगरा में आवास एवं विकास परिषद ने सिकंदरा योजना के सेक्टर-2C में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 11,000 वर्ग मीटर सरकारी जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराया है। इस जमीन की बाजारी कीमत 120 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। अधीक्षण अभियंता अतुल कुमार के आदेश पर, अधिशासी अभियंता सूरजपाल सिंह के नेतृत्व में प्रवर्तन दल और पुलिस टीम ने यह अभियान चलाया। इस दौरान, मौके पर करीब 90 अवैध झुग्गी-झोपड़ियाँ बनी हुई थीं। प्रवर्तन दल अधिकारी कर्नल जी.एम. ख़ान ने बताया कि इन कब्जाधारियों को पहले भी कई बार नोटिस और चेतावनी दी गई थी, लेकिन उन्होंने जमीन खाली नहीं की थी। अभियान के दौरान थोड़ा-बहुत विरोध हुआ, लेकिन अधिकारियों की समझाइश पर कब्जाधारियों ने खुद ही अपना सामान हटाना शुरू कर दिया। इसके बाद, जेसीबी की मदद से पूरी जमीन को समतल कर दिया गया। परिषद के अनुसार, यह जमीन आगामी 30 सितंबर को ई-नीलामी के लिए प्रस्तावित है। इस अभियान में प्रवर्तन दल अधिकारी कर्नल जी.एम. ख़ान, अधिशासी अभियंता सूरजपाल सिंह, सहायक अभियंता गजेंद्र, अवर अभियंता मयंक, सुनील, आकाश, और स्थानीय पुलिस बल शामिल रहे।

आगरा: नगर निगम की कार्रवाई, केके नगर में अवैध निर्माण पर लगे लाल निशान

आगरा। आगरा के केके नगर में सड़क पर हुए अवैध कब्जों के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। यहां लोगों ने 80 फीट की सड़क को घेरकर मकान बना लिए थे, जिससे सड़क की चौड़ाई 50 फीट से भी कम रह गई थी। लोगों की शिकायत के बाद नगर निगम ने 6 ऐसे मकानों को चिह्नित किया है, जिन पर लाल निशान लगा दिए गए हैं। यह मामला IGRS (Integrated Grievance Redressal System) के माध्यम से मिली शिकायत के बाद सामने आया है। जांच में पता चला कि आधा दर्जन से अधिक लोगों ने मुख्य सड़क पर अवैध निर्माण कर लिया है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर अवर अभियंता हरिओम प्रवर्तन दल के साथ मौके पर पहुँचे और सभी अवैध निर्माणों पर लाल निशान लगाए। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। नगर आयुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि मुख्य मार्गों और सार्वजनिक भूमि पर किसी भी तरह का कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन भवनों पर लाल निशान लगाए गए हैं, उनके स्वामियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। यदि निर्धारित समय में कब्जा नहीं हटाया गया, तो नगर निगम स्वयं कार्रवाई करेगा। पार्श्वनाथ पंचवटी सोसाइटी में नई कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह हिंदू महासभा ने शुरू किया अभियान, इमाम को तिरंगा और संदेश देने पर अड़ी मीरा राठौर

पढ़िए नेताजी की आपबीती, विस्तृत जानकारी: कान में सटाकर भाजपा नेता को मारी गोली, ‘आज मेरा भेजा उड़ जाता!’, लहूलुहान हालत में खुद ही 500 मीटर चलकर थाने पहुंचे सुमित दिवाकर

आगरा। आगरा में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने शहर के सबसे व्यस्त इलाके में भाजपा नेता पर जानलेवा हमला कर दिया। बुधवार देर रात शाह मार्केट में अंडे खाने गए भाजपा नेता और डेयरी व्यवसायी सुमित दिवाकर को तीन हमलावरों ने कान में सटाकर गोली मार दी। गोली चमत्कारी रूप से उनके कान को छूकर निकल गई, जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई। गोली लगने के बाद सुमित बेहोश हो गए, लेकिन होश आने पर वह लहूलुहान हालत में खुद ही 500 मीटर दूर हरीपर्वत थाने पहुंचे और अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया, “अगर, मेरा हाथ नहीं लगता तो मेरा भेजा उड़ जाता।” चश्मदीद सुमित दिवाकर की जुबानी: मौत को छूकर लौटे “मैं शाह मार्केट काम से गया था। वहां से बाहर निकलकर अंडे खाने के लिए ठेले पर पहुंचा। वहां पहले से ही तीन युवक सोहेल, राजा और शाहरुख बैठे थे। मैं जैसे ही पहुंचा, पीछे से सोहेल ने मेरे कान पर तमंचा सटा दिया। मैं कुछ समझ पाता, इससे पहले ही मैंने पलटा और हाथ मारा। मेरा हाथ लगने से असलहे का मुंह थोड़ा दूसरी ओर हो गया और गोली के छर्रे मेरे कान को छूकर निकल गए। मैं खून से लथपथ होकर बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। तब तक हमलावर भाग निकले।” यह खौफनाक दास्तान भाजपा महानगर के कार्य निर्माण विभाग के सह संयोजक सुमित दिवाकर ने पुलिस और भास्कर को सुनाई। यह पूरा मामला बुधवार रात करीब 11:30 बजे आगरा के हरीपर्वत थाना क्षेत्र के शाहपुर का है, जो शहर के अति-व्यस्त एमजी रोड से सटा हुआ है। बेहोशी से होश में आए और खुद ही पहुंचे थाने तक सुमित दिवाकर ने बताया कि गोली लगने के बाद वे जमीन पर गिर पड़े और बेहोश हो गए थे। हमलावरों के भाग जाने के बाद कुछ लोग ठेले के पास पहुंचे और उनके चेहरे पर पानी डाला। कुछ देर बाद होश आने पर वह किसी की मदद का इंतजार किए बिना ही घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर स्थित थाना हरीपर्वत तक पैदल चलकर पहुंचे। पुलिस ने उन्हें तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उन्होंने बताया कि हमलावर युवक की आहट से वह सतर्क हो गए थे। “मुझे लगा कि मेरे कान में चींटी रेंग रही है। इसी कारण मैंने कान के पास हाथ मारा और पीछे की तरफ घूम गया। जिससे तमंचे की गोली की दिशा मुड़ गई और मैं बच गया।” गोली की आवाज सुनकर ठेले के आसपास खड़े लोगों में भी भगदड़ मच गई थी। हमले की वजह: राजनीतिक रंजिश और पुरानी धमकी का शक, ‘विशेष समुदाय’ से ताल्लुक सुमित दिवाकर ने इस हमले के पीछे राजनीतिक रंजिश और पुरानी दुश्मनी का शक जताया है। उन्होंने भास्कर को बताया कि “मेरी आरोपियों से कोई दुश्मनी नहीं है। हो सकता है मेरी राजनीति के कारण नाराज हों।” उन्होंने साफ आरोप लगाया कि गोली मारने वाले आरोपी जज कंपाउंड निवासी सोहेल, राजा और शाहरुख विशेष समुदाय से आते हैं। सुमित ने बताया कि आरोपी मुस्तफा क्वार्टर निवासी सोहेल के मामा चांद ने दो महीने पहले उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। उस समय बजरंग दल के एक कार्यकर्ता सोनू से उन लोगों का झगड़ा हुआ था, और सुमित ने सोनू का साथ दिया था। चांद ने उन्हें फोन कर धमकी दी थी कि “मैंने मर्डर किए हैं। मैं हरेंद्र राणा के साथ रहता हूं।” तब सुमित ने पुलिस में इसकी शिकायत की थी और धमकी की रिकॉर्डिंग भी पुलिस को दी थी। उस समय पुलिस ने दो लोगों को शांतिभंग में पकड़ा था, लेकिन चांद पुलिस के हाथ नहीं आया था। सुमित का आरोप है कि चांद के कहने पर ही सोहेल ने उन पर यह हमला किया होगा। अवैध कब्जे का आरोप और पुलिस कार्रवाई सुमित दिवाकर ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी जज कंपाउंड के पास सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करके रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने यहां पर लगभग 15-20 मकान बना लिए हैं और पुलिस-प्रशासन को इसकी जांच करनी चाहिए कि ये लोग कौन हैं और कहां से आए हैं। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि भाजपा नेता सुमित दिवाकर की शिकायत पर हमलावरों के खिलाफ रात में ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित कर दी गई हैं और सभी संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आरोपियों को जल्दी ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने आगरा में कानून व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर एमजी रोड जैसे पॉश इलाके में, जहां सुरक्षा और कैमरों की मौजूदगी रहती है।

आगरा में गरजा नगर निगम का ‘बुलडोजर’: सड़क पर खुला ढाबा ध्वस्त, नाली पर बने निर्माण भी साफ!

आगरा। आगरा में अवैध कब्जों के खिलाफ नगर निगम का अभियान लगातार जारी है। गुरुवार को नगर निगम ने बूढ़ी का नगला क्षेत्र में सड़क और फुटपाथ पर कब्जा कर चलाए जा रहे एक अवैध ढाबे को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई से अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों में हड़कंप मच गया। ‘ज्ञानी ढाबा’ पर चला बुलडोजर, राहगीरों को हो रही थी परेशानी जानकारी के अनुसार, बूढ़ी का नगला क्षेत्र में एक व्यक्ति ने सड़क और फुटपाथ को घेर कर ‘ज्ञानी’ के नाम से अवैध ढाबा खोल रखा था। ढाबे पर आने वाले लोग अपने वाहन सड़क पर खड़े कर देते थे, जिससे आम नागरिकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस संबंध में नगर निगम प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए, नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल ने इस अवैध ढाबे पर कार्रवाई के निर्देश दिए। दोपहर में नगर निगम के ध्वस्तीकरण दस्ते ने मौके पर पहुँचकर ढाबे को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। अन्य क्षेत्रों में भी हटा अतिक्रमण, नाली पर बना निर्माण भी साफ बूढ़ी का नगला के अलावा, प्रवर्तन दल ने भगवान टॉकीज के पास पार्थी पेठा स्टोर के समीप तिरपाल डालकर किए गए अतिक्रमण को भी हटवाया। इसी प्रकार, कमला नगर में दिलीप मेडिकल स्टोर के संचालक द्वारा नाली पर किए गए अवैध निर्माण को भी ध्वस्त कर दिया गया। नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। जहाँ से भी शिकायतें मिलेंगी, वहाँ अवैध कब्जे हटाए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि नगर निगम में हर रोज दर्जनों अवैध कब्जों की शिकायतें पहुँचती हैं, जिन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। WordPress SEO Optimization:

आगरा में ‘अवैध’ कब्जे पर गरजा बुलडोजर: नगर निगम ने सड़क पर बने रैंप तोड़े, सिंधी बाजार से भी हटाए गए बोर्ड

आगरा। आगरा नगर निगम ने गुरुवार को नाई की मंडी और सिंधी बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया। नाई की मंडी चौराहे से गालिब होटल तक नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने सड़क पर दुकानदारों द्वारा अवैध रूप से बनाए गए रैंपों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। इस दौरान कुछ दुकानदारों ने विरोध करने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने उन्हें समझाकर शांत करा दिया। बार-बार चेतावनी के बाद भी नहीं माने दुकानदार नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि व्यापारियों को कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन वे सार्वजनिक रास्ते पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण कर रहे थे। इससे ट्रैफिक व्यवस्था और आम लोगों को भारी परेशानी हो रही थी। क्षेत्रीय लोगों ने भी इसकी शिकायत नगर निगम से की थी। अभियान के दौरान नाई की मंडी में काफी भीड़ जमा हो गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोगों ने कार्रवाई से बचने के लिए आनन-फानन में अपना सामान हटाना शुरू कर दिया। सिंधी बाजार में भी हुई कार्रवाई, फुटपाथ खाली कराया नाई की मंडी के अलावा, नगर निगम की टीम ने सिंधी बाजार में भी कार्रवाई करते हुए फुटपाथ पर रखे गए सामान, बोर्ड और होर्डिंग्स को हटवाया। अधिकारियों ने साफ किया कि फुटपाथ पैदल चलने वालों के लिए होता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दुकानदार दोबारा कब्जा करते पाए गए, तो जुर्माने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने शहर के व्यापारियों और नागरिकों से अपील की है कि वे शहर की साफ-सफाई और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में सहयोग करें और सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न करें।

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