AGRA:गांधी जयंती से पहले आगरा में कांग्रेस की गांधी प्रतिमाओं की सफाई की मांग

आगरा में गांधी जयंती के अवसर पर कांग्रेस ने गांधी प्रतिमाओं की साफ-सफाई और मरम्मत की मांग की है। महानगर कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने महात्मा गांधी से जुड़े स्मारकों और प्रतिमाओं की दुर्दशा पर चिंता जताई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि शहर में लगी कई गांधी प्रतिमाओं की हालत बहुत खराब है और वे क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। महानगर अध्यक्ष अमित सिंह ने मांग की कि ऐसी प्रतिमाओं को हटाकर नई प्रतिमाएं लगाई जाएं। उन्होंने खंदारी स्थित धोबी वाली बगीची और जमुना पार, खलिया मंडी स्थित बापू आश्रम की क्षतिग्रस्त प्रतिमाओं का विशेष उल्लेख किया। प्रतिनिधिमंडल ने गांधी स्मारकों के आसपास विशेष सफाई अभियान चलाने और घास की व्यवस्थित कटाई कराने की भी मांग की। इसके अलावा, उन्होंने सुझाव दिया कि 2 अक्टूबर को शहर भर में लगी नगर निगम की टीवी स्क्रीनों पर दिन भर महात्मा गांधी पर आधारित फिल्में और कहानियाँ दिखाई जाएं, ताकि लोग उनके विचारों से प्रेरणा ले सकें। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो 2 अक्टूबर से कार्यकर्ता सत्याग्रह आंदोलन शुरू करेंगे।

आगरा में मुख्य चुनाव आयुक्त के आवास का कांग्रेसियों ने किया घेराव: ‘वोट चोर’ बताकर मांगा इस्तीफा, पुलिस से हुई झड़प

आगरा। आगरा में सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के आवास का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। विजय नगर स्थित उनके घर के बाहर पहुंचे कांग्रेसियों ने पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ते हुए नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प भी हुई। कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार को ‘वोट चोर’ बताते हुए तत्काल इस्तीफे और राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की। पुलिस से झड़प, आवास के पास पहुँचकर नारेबाजी दोपहर करीब 3:30 बजे, कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमित सिंह के नेतृत्व में दर्जनों कांग्रेसी विजय नगर स्थित मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के आवास की ओर बढ़े। उनके हाथों में “ज्ञानेश कुमार, वोट चोर” लिखी तख्तियां थीं। प्रदर्शनकारियों में महिला कार्यकर्ता भी शामिल थीं। पुलिस को प्रदर्शन की सूचना पहले ही मिल चुकी थी, जिसके चलते उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के आवास को घेर लिया था। जैसे ही कांग्रेसी जुलूस निकालते हुए 50 मीटर पहले पहुँचे, पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया और लाठी-डंडे लगाकर रास्ता रोका। मगर कांग्रेसी नहीं माने और पुलिसकर्मियों को किनारे करते हुए तेजी से आगे बढ़ गए। वे मुख्य चुनाव आयुक्त के आवास के पास पहुँचकर करीब एक घंटे तक जमकर नारेबाजी करते रहे। इस दौरान कुछ महिला कांग्रेस कार्यकर्ता गिरते-गिरते बचीं। ‘लोकतंत्र की हत्या, संविधान के दुश्मन’: कांग्रेस का आरोप कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमित सिंह ने इस दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने देश के लोकतंत्र की हत्या की है और वे संविधान के दुश्मन हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिंदा लोगों के वोट काटे गए हैं। अमित सिंह ने मांग की कि ज्ञानेश कुमार को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया, तो कांग्रेस उनके आगरा आने पर विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को देश और राहुल गांधी, दोनों से माफी मांगनी चाहिए। अमित सिंह ने इस प्रदर्शन को ‘आजादी की दूसरी लड़ाई’ बताते हुए कहा कि यदि इसका विरोध नहीं हुआ तो देश दूसरी बार गुलामी की ओर बढ़ेगा। उन्होंने चुनाव आयोग पर भाजपा कार्यकर्ता के रूप में काम करने का भी गंभीर आरोप लगाया। आवास पर नहीं थे मुख्य चुनाव आयुक्त के माता-पिता जिस समय कांग्रेसी प्रदर्शन कर रहे थे, उस वक्त मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के माता-पिता, डॉ. सुबोध कुमार (सेवानिवृत्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी) और सत्यवती गुप्ता (योग सिखाती हैं), आवास पर मौजूद नहीं थे। वे नोएडा गए हुए हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्य चुनाव आयुक्त की बड़ी बेटी मेधा रूपम वर्तमान में नोएडा की डीएम हैं। एसीपी अक्षय महाडिक ने बताया कि कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमित सिंह कुछ लोगों के साथ आए थे। पहले से ही पुलिस की टीमें तैनात थीं और प्रदर्शनकारियों को मुख्य चुनाव आयुक्त के आवास पर पहुँचने से रोका गया। ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदर्शनकारी वापस लौट गए। और खबरें भी हैं…

नगर आयुक्त को फोन करो, कहो-कांग्रेस महानगर अध्यक्ष आएं हैं: ‘बाजार सड़क पर ही चलता है’, नाई की मंडी में अतिक्रमण हटाने गई टीम को कांग्रेस नेता ने रोका, बिना कार्रवाई लौटी नगर निगम की टीम

आगरा। आगरा के नाई की मंडी क्षेत्र में गुरुवार दोपहर अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम को कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमित सिंह मौके पर पहुंचे और नगर निगम के जोनल अधिकारी से तीखी नोकझोंक हो गई। अमित सिंह ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को रोकते हुए जोनल अधिकारी से सीधे कहा, “नगर आयुक्त को फोन करो, उनसे कहो- महानगर अध्यक्ष आए हैं।” काफी देर तक वाद-विवाद चला, जिसके बाद नगर निगम की टीम बिना कोई कार्रवाई किए ही अतिक्रमण हटाने की चेतावनी देकर लौट गई। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष का यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। अतिक्रमण हटाने की मांगी ‘परमिशन’, कहा- ‘बाजार सड़क पर ही चलता है’ यह पूरा मामला गुरुवार दोपहर का है, जब नगर निगम की टीम नाई की मंडी में सड़क किनारे हुए अतिक्रमण को हटाने पहुंची थी। इसी दौरान कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमित सिंह वहां आ गए और उन्होंने नगर निगम की कार्रवाई का विरोध करना शुरू कर दिया। उन्होंने जोनल अधिकारी अवधेश कुमार से अतिक्रमण हटाने की पहले ‘परमिशन’ दिखाने को कहा, और उसके बाद ही अभियान चलाने की बात कही। इस पर जोनल अधिकारी अवधेश कुमार ने सवाल किया, “सड़क पर बाजार लगाने की अनुमति किसने दी?” जिसका जवाब देते हुए कांग्रेस महानगर अध्यक्ष ने कहा कि “बाजार सड़क पर ही चलता है। दूसरे बाजारों की भी स्थिति देख लीजिए।” इस दौरान मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई। चेतावनी देकर लौटी टीम, जल्द फिर से अभियान चलाने का ऐलान लंबी नोकझोंक और वाद-विवाद के बाद, नगर निगम की टीम नाई की मंडी से बिना कोई ठोस कार्रवाई किए ही वापस लौट गई। जोनल अधिकारी अवधेश कुमार का कहना है कि नाई की मंडी में लोगों ने सड़क पर भारी अतिक्रमण कर रखा है। इन अतिक्रमणकारियों को पहले भी कई बार चेतावनी दी गई थी, इसके बावजूद उन्होंने अतिक्रमण नहीं हटाया। उन्होंने बताया कि अब एक बार फिर चेतावनी दी गई है और जल्द ही इस क्षेत्र में फिर से बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। यह घटना शहर में अतिक्रमण हटाने के अभियानों के दौरान राजनीतिक हस्तक्षेप और आम जनता द्वारा सामना की जाने वाली चुनौतियों को एक बार फिर उजागर करती है।

आगरा की सूरत से कांग्रेस ‘इतनी दुखी’: DM को लिखा पत्र, कहा – शहर का नाम ‘नर्क की नगरी’ रख दो! CM योगी से मिलेंगे

आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा शहर की बदहाल स्थिति से नाराज कांग्रेस कमेटी ने अब शहर का नाम बदलने की मांग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखने का फैसला किया है। कांग्रेस पदाधिकारियों का कहना है कि शहर की मौजूदा हालत को देखकर आगरा का नाम बदलकर ‘नर्क की नगरी’ रख दिया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल 5 अगस्त को मुख्यमंत्री के आगरा आगमन पर उनसे मुलाकात करना चाहता है। महानगर अध्यक्ष बोले – जलभराव से लोग गंवा रहे जान कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमित सिंह ने इस संबंध में जिलाधिकारी (DM) को एक पत्र लिखा है, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की अनुमति मांगी गई है। पत्र में अमित सिंह ने लिखा है कि आगरा में आम आदमी का जीना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने शहर की बदहाली का जिक्र करते हुए कहा कि पूरे शहर में गंदगी, जलभराव, टूटी सड़कें और आवारा पशुओं का आतंक है। स्कूलों के पास शराब के ठेके खुल गए हैं, जिससे छात्राओं के स्कूल के पास शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। अमित सिंह ने आरोप लगाया कि गंदगी व जलभराव के कारण कई नौजवान अपनी जान गंवा चुके हैं। आगरा कांग्रेस कमेटी मांग करती है कि आगरा का नाम बदलकर ‘नर्क की नगरी’ रख दिया जाए। एमजी रोड पर भी गड्ढे, एक घंटे की बरसात में जलमग्न होता है शहर कांग्रेस नेताओं के अनुसार, शहर की हर सड़क पर गहरे गड्ढे हो रहे हैं। शहर की लाइफलाइन कही जाने वाली एमजी रोड पर भी हर 30 फीट पर गड्ढे मौजूद हैं। उनका कहना है कि मात्र एक-दो घंटे की बरसात में ही पूरा शहर जलभराव की चपेट में आ जाता है। आलम यह है कि बच्चे सड़कों पर भरे पानी में स्वीमिंग करते और नावें चलाते नजर आते हैं, जबकि नगर निगम के अधिकारियों के घरों के सामने साफ-सफाई रहती है। कांग्रेस की यह मांग शहर की समस्याओं को उजागर करने का एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।

आगरा में कांग्रेस का ‘हल्ला बोल’ प्रदर्शन: ‘किसानों को महंगी खाद, बिजली नहीं!’ जिला मुख्यालय पर जोरदार हंगामा

आगरा। आगरा में किसानों की समस्याओं को लेकर मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। महानगर अध्यक्ष अमित सिंह के नेतृत्व में जुटे कांग्रेसियों ने बीजेपी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर किसानों को 24 घंटे बिजली और यूरिया खाद जल्द उपलब्ध कराने की मांग की। कांग्रेस का आरोप: ‘भाजपा के वादे झूठे, किसान परेशान!’ महानगर अध्यक्ष अमित सिंह ने सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, “पूरे उत्तर प्रदेश में खरीफ की फसल की बुआई चल रही है। किसानों को इस समय धान की फसल के लिए यूरिया खाद और सिंचाई के लिए पानी की सख्त जरूरत है।” सिंह ने याद दिलाया कि बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में किसानों की आय दोगुनी करने और मुफ्त बिजली देने का वादा किया था, लेकिन आज हकीकत कुछ और है। अमित सिंह ने आरोप लगाया, “आज उत्तर प्रदेश का किसान परेशान है। खाद लेने के लिए किसान लाइनों में लगा हुआ है। आय दोगुनी की बात तो दूर है। किसानों को जरूरत के हिसाब से उन्हें पर्याप्त बिजली भी नहीं मिल रही है।” उन्होंने कहा कि बीजेपी के ये वादे झूठे साबित हुए हैं, और प्रदेश की डबल इंजन सरकार मुफ्त बिजली देना तो दूर, बिजली आपूर्ति की कमी के चलते किसानों को सिंचाई के लिए पानी तक नहीं मिल पा रहा है। ‘कालाबाजारी से महंगी खाद, दर-दर भटक रहे किसान!’ कांग्रेस ने आरोप लगाया कि किसानों को यूरिया खाद के लिए सहकारी समितियों और निजी दुकानों पर कालाबाजारी के चलते अधिक दामों पर खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। अमित सिंह ने कहा, “प्रदेश का किसान सरकार की दोहरी नीति से परेशान है।” उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस ने हमेशा से किसानों के हित की लड़ाई लड़ी है और आगे भी किसानों के लिए संघर्ष करती रहेगी। कांग्रेस ने मांग की है कि किसानों को धान की फसल के लिए यूरिया खाद और सिंचाई के लिए पानी की तुरंत व्यवस्था की जाए, और भाजपा अपने संकल्प पत्र के वादे के अनुसार 24 घंटे मुफ्त में बिजली की व्यवस्था कराए। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अगर किसानों की समस्या का समाधान जल्द से जल्द नहीं किया गया, तो उन्हें बड़े आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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