कंबोडिया में बंधक बनाकर कराया जा रहा साइबर क्राइम, आगरा के दो युवक लौटे

आगरा। आगरा के दो युवकों ने साइबर क्राइम थाने में चौंकाने वाली शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उन्हें नौकरी का झांसा देकर कंबोडिया भेजा गया था, जहाँ उन्हें बंधक बनाकर जबरन साइबर क्राइम कराया जा रहा था। वापस आने के लिए उनसे लाखों रुपये वसूले गए। हाथरस के चिरावली निवासी सौरभ ने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया कि उन्होंने और उनके भाई अभिज्ञान ने मलपुरा में रहने वाले अपने नाना के माध्यम से एक एजेंट अजय शुक्ला से संपर्क किया था। अजय शुक्ला ने उन्हें नौकरी का वादा कर बैंकाक के रास्ते कंबोडिया भेज दिया। वहाँ पहुँचने पर उन्हें पता चला कि उन्हें एक ऐसी कंपनी में बंधक बनाया गया है, जहाँ पहले से ही कई भारतीय युवक कैद थे। उन सभी से डिजिटल अरेस्ट, शेयर ट्रेडिंग और अन्य तरीकों से लोगों को फँसाने वाला साइबर क्राइम कराया जा रहा था। सौरभ के अनुसार, जब उन्होंने यह काम करने से मना किया, तो उनका उत्पीड़न किया गया और उनसे रिहाई के बदले लाखों रुपये मांगे गए। किसी तरह उनके परिवार ने पैसे जुटाए और दोनों भाइयों ने तीन-तीन लाख रुपये देकर अपनी जान बचाई। भारत लौटने के बाद वे अजय शुक्ला से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उसका फोन बंद है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मानव तस्करी, धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपी एजेंट की तलाश शुरू कर दी है। इसके साथ ही, कंबोडिया में फंसे अन्य भारतीयों की जानकारी गृह मंत्रालय को भेजी जा रही है।

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