आगरा में कांग्रेस का नगर निगम पर धरना: ‘स्मार्ट सिटी के नाम पर बंदरबांट, सड़कें-सीवर बदहाल’, उग्र आंदोलन की चेतावनी

आगरा। आगरा की फतेहाबाद रोड पर सोमवार को कांग्रेस ने नगर निगम ताजगंज जोन पर धरना देकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और शहर की विभिन्न समस्याओं के निदान के लिए प्रदेश नगर विकास मंत्री के नाम एक ज्ञापन जोनल अधिकारी गजेंद्र कुमार को सौंपा। सीवर-पानी की समस्या और बदहाल सड़कों पर भड़के कांग्रेसी धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता अनिल शर्मा ने किया। उन्होंने आगरा की मूलभूत समस्याओं को उठाते हुए कहा कि शहर में जगह-जगह सीवर लाइनें बह रही हैं और मैनहोल खुले पड़े हैं। उन्होंने पानी की किल्लत पर भी चिंता जताते हुए कहा कि लोगों को पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है। कुछ क्षेत्रों में तो सीवर और पानी मिक्स होकर आ रहा है, जिससे गंभीर बीमारियों का खतरा बना हुआ है। शर्मा ने बारिश से खराब हुई सड़कों और बिजली व्यवस्था पर भी सवाल उठाए, और इनकी जल्द मरम्मत की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि इन समस्याओं को लेकर कई बार धरना दिया गया है, लेकिन “निगम की सोई हुई सरकार और इन अधिकारियों की नींद नहीं टूट रही है।” ‘स्मार्ट सिटी के नाम पर धोखा’: उग्र आंदोलन की चेतावनी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि “स्मार्ट सिटी के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, और अधिकारी मौज मार रहे हैं।” उनका कहना था कि निगम के पैसे का “बंदरबांट किया जा रहा है” और आगरा के विकास के नाम पर जनता के साथ धोखा हो रहा है। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो यह अभी केवल एक सांकेतिक धरना है, और इसके बाद उग्र आंदोलन किया जाएगा। यह प्रदर्शन शहर की बुनियादी ढाँचे और नागरिक सुविधाओं की बदहाली पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की कथित उदासीनता को उजागर करता है। और खबरें भी हैं…

आगरा में कांग्रेस का पैदल मार्च: गांधी प्रतिमा की बदहाली और शौचालय न होने पर भड़के कांग्रेसी, ‘गोडसे’ का नाम लेकर जताया विरोध

आगरा। मंगलवार को आगरा में शहर कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग ने गांधी पार्क की बदहाली और जलभराव की समस्या को लेकर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। गांधी प्रतिमा की मरम्मत न होने और पार्क में शौचालय का निर्माण न किए जाने पर कांग्रेसियों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। इसके बाद कांग्रेस के कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए कैंट बोर्ड कार्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने पार्क के सौंदर्यीकरण की मांग करते हुए छावनी परिषद को ज्ञापन सौंपा। “गांधी की प्रतिमा है इसलिए प्रशासन नहीं सुन रहा, गोडसे की होती तो सौंदर्यीकरण हो गया होता” छावनी क्षेत्र के वार्ड 6, सुल्तानपुरा में एनसी वैदिक इंटर कॉलेज के सामने स्थित पार्क में लगी गांधी प्रतिमा और वहाँ हो रहे जलभराव को लेकर कांग्रेसियों ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने गांधी प्रतिमा की तत्काल मरम्मत और पार्क में शौचालय के निर्माण की मांग की, ताकि पार्क की दयनीय स्थिति सुधर सके। प्रदर्शन के दौरान, कांग्रेस नेता अनिल शर्मा और अनुज शिवहरे ने तीखा बयान देते हुए कहा, “पार्क में गांधी की प्रतिमा लगी हुई है। जिस वजह से आज सरकार और प्रशासन सुनने को तैयार नहीं है। अगर गोडसे की प्रतिमा होती तो सौंदर्यीकरण हो गया होता।” उन्होंने कैंट बोर्ड से जल्द से जल्द गांधी की प्रतिमा की मरम्मत कराने और खराब पड़े शौचालय का निर्माण कराने की मांग की। कांग्रेसियों ने बताया कि प्रतिमा और शौचालय को लेकर पहले भी ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस बार उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो कांग्रेस हड़ताल करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। कैंट बोर्ड के अधिकारी को ज्ञापन सौंपते कांग्रेस के कार्यकर्ता: (यह फोटो विवरण समाचार में शामिल किया जाएगा) गांधी प्रतिमा के सामने धरना देते कांग्रेस के कार्यकर्ता: (यह फोटो विवरण समाचार में शामिल किया जाएगा) यह विरोध-प्रदर्शन न केवल गांधी पार्क की उपेक्षा पर केंद्रित था, बल्कि इसके माध्यम से कांग्रेस ने प्रशासन और सरकार पर सांकेतिक रूप से वैचारिक भेदभाव का भी आरोप लगाया।

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