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आगरा के पागलखाने में चिलमबाज कर्मचारी, वीडियो वायरल; 47 सेकेंड में बियर की खाली कैन का खुलासा

आगरा। आगरा के प्रसिद्ध मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस वीडियो में कुछ कर्मचारी संस्थान परिसर में बैठकर खुलेआम चिलम फूंकते नजर आ रहे हैं। वहीं, एक और वीडियो में पानी के एक खाली टैंक में दर्जनों बियर की खाली कैन पड़ी हुई दिखाई दी हैं। इन वीडियो के सामने आने के बाद संस्थान की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि संस्थान की यूनिफॉर्म पहने तीन कर्मचारी आराम से एक जगह बैठे हैं। एक कर्मचारी पहले चिलम फूंकता है और फिर बाकी कर्मचारी भी उसे साझा करते हैं। इस 2 मिनट 11 सेकंड के वीडियो के अलावा, एक 47 सेकंड का दूसरा वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक पानी के टैंक में बियर की खाली कैन भरी हुई हैं। यह देखकर लगता है कि संस्थान परिसर में नशाखोरी का माहौल है। यह वही संस्थान है, जिसे 1859 में ब्रिटिश राज द्वारा स्थापित किया गया था और यह कभी पूरे देश में प्रसिद्ध था। इस अस्पताल में आज भी दर्जनों मानसिक रोगियों का इलाज होता है, और हर दिन बड़ी संख्या में मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। ऐसे में कर्मचारियों का इस तरह का व्यवहार मरीजों और उनके इलाज की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है। जब इस मामले पर संस्थान के निदेशक डॉ. दिनेश राठौर से बात की गई, तो उनका कहना था कि वीडियो की जानकारी मिलते ही जांच शुरू कर दी गई थी। उनका दावा है कि यह वीडियो इसी महीने की शुरुआत का है और संस्थान को बदनाम करने के लिए जानबूझकर बनाया गया था। उन्होंने बताया कि वीडियो में दिख रहे सभी कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया गया है। हालांकि, बियर की खाली कैन के बारे में उन्होंने जानकारी होने से इनकार किया है। इस घटना ने एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील क्षेत्र में कर्मचारियों की जवाबदेही और निगरानी की जरूरत को उजागर किया है।

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आगरा में पारस पर्ल्स के निवासियों का बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन: ‘फ्लैट न खरीदें’ का बोर्ड लगाया, वीडियो वायरल; धोखाधड़ी और जानलेवा हमले का आरोप

आगरा। आगरा के लोहामंडी स्थित पारस पर्ल्स बिल्डिंग के निवासियों ने बुधवार को बिल्डर के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने बिल्डिंग के बाहर एक सावधानी बोर्ड लगाकर लोगों से फ्लैट न खरीदने की अपील की है और इस विरोध प्रदर्शन का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। निवासी बिल्डर मुकेश जैन पर 8 साल से धोखाधड़ी और दबंगई का आरोप लगा रहे हैं। बिल्डर पर वादे तोड़ने, जानलेवा हमला और रिवॉल्वर से धमकाने का आरोप बिल्डिंग में रह रहे निवासियों का कहना है कि वे पिछले 8 सालों से बिल्डर मुकेश जैन की मनमानी और दबंगई का सामना कर रहे हैं। उनका आरोप है कि फ्लैट खरीदते समय बिल्डर ने कई सुविधाओं का वादा किया था, लेकिन अभी तक उनमें से कोई भी पूरी नहीं की गई है। निवासियों ने बताया कि 18 अगस्त को बिल्डर ने एक बैठक बुलाई थी, जहाँ फ्लैट मालिकों ने अपनी समस्याएँ रखीं, लेकिन बिल्डर ने उनकी एक भी नहीं सुनी। निवासियों का आरोप है कि बैठक के दौरान आशीष जैन पर जानलेवा हमला किया गया और बिल्डर के गार्ड ने रिवॉल्वर निकालकर सभी को धमकाया। प्रेस वार्ता कर सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग पारस पर्ल्स के निवासियों ने 20 अगस्त को एक प्रेस वार्ता आयोजित की और बिल्डर के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस दबंग बिल्डर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें उनका हक दिलाया जाए। निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी माँगें पूरी नहीं होती हैं, तो वे आगरा जिला मुख्यालय पर बड़ा प्रदर्शन करेंगे। यह घटना आगरा के रियल एस्टेट सेक्टर में बिल्डरों और ग्राहकों के बीच विवादों के मुद्दे को फिर से गरमा रही है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और कब तक इन निवासियों को न्याय मिल पाता है। और खबरें भी हैं…

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कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में टीईटी-यात्री विवाद: आगरा के GRP सिपाही 11 घंटे ग्वालियर थाने में ‘बंद’, ₹20 हजार मांगने का आरोप

आगरा। ‘कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस’ में टिकट एग्जामिनर (TET) और एक यात्री के बीच विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। बात इतनी बढ़ी कि दोनों में मारपीट हो गई। इसके बाद ग्वालियर में आगरा के GRP (गवर्नमेंट रेलवे पुलिस) के दो सिपाहियों को कथित तौर पर 11 घंटे तक ग्वालियर के GRP थाने में बंद रखा गया और उन्हें छोड़ने के लिए ₹20,000 की मांग किए जाने का आरोप लगा है। यह मामला बुधवार का है, जिसका वीडियो आज सामने आया है। क्या है पूरा मामला? ग्वालियर निवासी यात्री प्रदीप भदौरिया नई दिल्ली से कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में यात्रा कर रहे थे। मथुरा स्टेशन निकलने के बाद टीईटी सुरजन सिंह ने प्रदीप से टिकट माँगा। प्रदीप ने बताया कि उनके पास जनरल टिकट है। इस पर टीईटी ने ₹350 का जुर्माना बताया, जिसमें से प्रदीप ने ₹200 नकद दिए। प्रदीप का आरोप है कि टीईटी ने उनसे बाकी के ₹150 पेटीएम पर मांगे, जिसका उन्होंने विरोध किया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच मारपीट हो गई। GRP स्क्वॉड को बुलाया, फिर शुरू हुआ ‘ड्रामा’ विवाद बढ़ने पर टीईटी सुरजन सिंह ने ट्रेन में चल रही आगरा की GRP स्क्वॉड को बुलाया। स्क्वॉड के तीन सिपाहियों ने यात्री प्रदीप भदौरिया को पकड़ लिया। प्रदीप ने तुरंत फोन कर ग्वालियर स्टेशन पर अपने परिजनों को बुला लिया। रात करीब 12 बजे जब ट्रेन ग्वालियर स्टेशन पहुँची, तो प्रदीप के परिजन पहले से ही वहाँ मौजूद थे। उनके साथ ग्वालियर GRP के जवान अमित और दिनेश भी थे। आरोप है कि परिजनों ने ग्वालियर GRP जवानों की मदद से आगरा GRP स्क्वॉड के दो सिपाहियों अजय और गौरव को जबरन ट्रेन से नीचे उतार लिया। ‘₹20 हजार दो वरना कार्रवाई’: ग्वालियर थाने में 11 घंटे ‘बंद’ रहे सिपाही आगरा के GRP सिपाहियों को ग्वालियर GRP स्टेशन ले जाया गया, जहाँ कथित तौर पर उनके साथ अभद्रता की गई। आरोप है कि उन्हें छोड़ने के एवज में ₹20,000 की मांग की गई, यह धमकी देते हुए कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो यात्री के साथ मारपीट के मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आगरा GRP के दोनों सिपाही रात करीब 12:30 बजे से सुबह 11 बजे तक ग्वालियर GRP थाने में बैठे रहे। आगरा से एक टीम ग्वालियर पहुँची, तब जाकर उन्हें छुड़ाया जा सका। आगरा GRP ने दर्ज कराया मुकदमा, ग्वालियर GRP के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग आगरा GRP कैंट स्टेशन इंचार्ज विकास सक्सेना ने बताया कि टीईटी सुरजन सिंह की तहरीर पर यात्री प्रदीप भदौरिया के खिलाफ मारपीट और अभद्रता करने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं, आगरा के दो GRP सिपाहियों को थाने में बैठाए रखने के मामले में ग्वालियर GRP के जवान अमित और दिनेश के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसपी GRP भोपाल को लिखा गया है। इस घटना ने रेलवे पुलिस के बीच समन्वय और क्षेत्राधिकार को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। और खबरें भी हैं…

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आगरा के दंगल महोत्सव में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर चर्चा, SO जगनेर ने मारी लात, वीडियो वायरल!

आगरा। आगरा के खेरागढ़ कस्बे स्थित मंडी ग्राउंड में “विकसित भारत के लिए एक राष्ट्र, एक चुनाव” दंगल महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कुश्ती देखने के लिए भारी संख्या में ग्रामीण उमड़ पड़े, जिससे भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसी दौरान, एसओ जगनेर द्वारा भीड़ में शामिल लोगों को लात मारकर हटाए जाने का एक वीडियो सोशल media पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल थे। नेपाल के पहलवान देवा थापा को देखने उमड़ी भीड़ दंगल महोत्सव का शुभारंभ भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल और सांसद राजकुमार चाहर ने अखाड़े में उतरकर पहलवानों से परिचय कर किया। इस मौके पर देश भर के नामी-गिरामी पहलवानों ने अपना दमखम दिखाया। नेपाल से आए पहलवान देवा थापा को देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देवा थापा को मंच तक ले जाने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी, और इसी दौरान वायरल वीडियो में एसओ जगनेर कुछ ग्रामीणों को लात मारकर खदेड़ते हुए दिखाई दिए। दंगल में महिला पहलवानों के भी शानदार मुकाबले हुए, जिन्हें देखने के लिए भी भारी भीड़ जुटी। कार्यक्रम में उमड़ी इस अपार भीड़ के चलते पुलिस को बार-बार कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। कई बार दर्शकों के दबाव के कारण भीड़ अखाड़े में घुस आई, जिसकी वजह से दंगल को बीच-बीच में रोकना भी पड़ा। ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर सुनील बंसल ने दिया जोर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने मंच से जनता को संबोधित करते हुए “एक राष्ट्र, एक चुनाव” के विचार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश के लिए एक साथ चुनाव होना आवश्यक है, चाहे वह लोकसभा के हों या विधानसभा के। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर देश में लगातार चर्चाओं का दंगल छिड़ा हुआ है, और यह दंगल भी इसी विचार को जन-जन तक पहुंचाने के लिए आयोजित किया गया है। बंसल ने अपील की कि देश को एकजुट करने वाले इस विचार के प्रति जन-समर्थन सबसे बड़ा बल है, और हर नागरिक को अपने स्तर पर इस संदेश को आगे बढ़ाना चाहिए।

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आगरा में SDM को ‘शहीद का पाठ’ पढ़ाते दिखे सपा सांसद रामजीलाल सुमन

आगरा। अक्सर अपनी बेबाकी के लिए चर्चा में रहने वाले सपा सांसद रामजीलाल सुमन एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। इस बार वे आगरा के खेरागढ़ क्षेत्र में एक एसडीएम (उप जिलाधिकारी) की सरेआम क्लास लेते हुए दिखाई दिए हैं, जिसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। 22 सेकंड के इस वीडियो में राज्यसभा सदस्य सुमन एसडीएम को शहीद के सम्मान का महत्व समझाते नजर आ रहे हैं, जबकि एसडीएम भीड़ के सामने हाथ बांधे खड़े दिखाई दे रहे हैं। शहीद लाखन सिंह लोधी के सम्मान में देरी पर भड़के सांसद यह पूरा मामला तब सामने आया जब रविवार को सपा सांसद रामजीलाल सुमन आगरा के खेरागढ़ तहसील के खानपुर गांव में शहीद सार्जेंट लाखन सिंह लोधी के परिजनों से मिलने पहुंचे थे। परिजनों ने सांसद को बताया कि सार्जेंट लाखन सिंह लोधी की शहादत को लगभग डेढ़ महीना बीत चुका है, लेकिन उनके समाधि स्थल का निर्माण अभी तक शुरू नहीं हुआ है। इसी जानकारी पर सांसद सुमन एसडीएम पर भड़क गए। रामजीलाल सुमन के साथ उनके आवास पर कुछ दिन पहले ही शहीद के परिजन पहुंचे थे, जहां उन्होंने बताया था कि लाखन सिंह लोधी पंजाब के जालंधर में सार्जेंट पद पर तैनात थे और उन्होंने भारतीय वायुसेना में 17 साल देश की सेवा की। 30 जून को हुई थी शहादत, प्रशासन पर संवेदनहीनता का आरोप सार्जेंट लाखन सिंह लोधी की 30 जून को सेवारत रहते हुए मृत्यु हो गई थी। 2 जुलाई को उनके पैतृक गांव खानपुर में वायुसेना के अधिकारियों ने राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया था। हालांकि, उस दौरान स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी मौजूद नहीं थे। शहीद की प्रतिमा स्थापना और समाधि स्थल के निर्माण में स्थानीय प्रशासन की ओर से हो रही देरी से परिजनों में नाराजगी थी। इसी के बाद सांसद सुमन रविवार को खानपुर गांव पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले सार्जेंट के चित्र पर माल्यार्पण किया। फिर एसडीएम ऋषि राज से कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले शहीद की प्रतिमा स्थापना में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है। उन्होंने भाजपा शासन और प्रशासन पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे बड़ा उदाहरण और कुछ नहीं हो सकता। “धरना देंगे अगर काम शुरू नहीं हुआ!” रामजीलाल सुमन ने एसडीएम को साफ चेतावनी दी कि समाधि स्थल का चयन प्रशासनिक अधिकारियों ने ही किया था, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, “समयबद्ध रूप से समाधि स्थल के निर्माण का कार्य प्रारंभ करवाएं। नहीं तो वे यहीं पर धरना देंगे।” वायरल वीडियो में सांसद सुमन एसडीएम से कहते सुनाई दे रहे हैं, “नहीं तो हम यहीं पर भूख हड़ताल करेंगे। कितना महत्वपूर्ण मामला कि एक जवान की देश की खातिर जान चली गई, हम उसको सम्मान देने के लिए तैयार नहीं हैं।” इस पर एसडीएम ऋषि राज यह कहते हुए दिख रहे हैं, “सर, मैं पूरा प्रयास कर रहा हूं। अभी दो दिन पहले ही मिला हूं।” सांसद ने जवाब में कहा, “आपका इसका हल निकालिए। आपको हर कीमत पर यहां मूर्ति लगवानी है। इसके बाद यहां पार्क बनेगा। यह आपकी जिम्मेदारी है।” यह घटना शहीदों के प्रति सम्मान और प्रशासनिक जवाबदेही पर नए सिरे से बहस छेड़ सकती है।

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आगरा: DP Hotel में हिंदू महिला संग सलमान को बेरहमी से पीटा, पुलिस के सामने भी मारपीट, VIDEO वायरल

आगरा। आगरा के शमसाबाद स्थित डीपी होटल में कानून को ताक पर रखकर एक युवक के साथ सरेआम मारपीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बजरंग दल के कार्यकर्ता बताए जा रहे 8-10 लोगों ने ज़बरदस्ती होटल में घुसकर एक युवक को बुरी तरह पीटा। हैरानी की बात यह है कि मारपीट की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस की मौजूदगी में भी युवक पर लात-घूंसे बरसाए जाते रहे। युवक जिस महिला के साथ होटल में था, वह हाथ जोड़कर गुहार लगाती रही, लेकिन हमलावरों ने किसी की नहीं सुनी। यह घटना 6 अगस्त की है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। क्या है पूरा मामला? शमसाबाद के डीपी होटल में 6 अगस्त की शाम करीब 5 बजे एक युवक अपनी महिला साथी के साथ कमरा नंबर 106 में रुका था। लगभग एक घंटे बाद, 8-10 युवक खुद को बजरंग दल का कार्यकर्ता बताते हुए होटल पहुंचे। उन्होंने रिसेप्शन पर रजिस्टर चेक कराया, जिसमें हिंदू महिला और मुस्लिम युवक (सलमान) को कमरा देने की जानकारी सामने आई। इसके बाद ये सभी लड़के ऊपर कमरे में गए और दरवाजों को खटखटाना शुरू कर दिया। जब कमरा नंबर 106 का दरवाज़ा खुला, तो युवक और घूंघट किए महिला बाहर निकले। युवक के निकलते ही तथाकथित हिंदूवादी संगठन के लोगों ने उस पर हमला बोल दिया। जूतों से पीटा, सिर दीवार में मारा, महिला गिड़गिड़ाती रही होटल मैनेजर पवन ने बताया कि हमलावरों ने सलमान नाम के युवक को जमकर पीटा, जूतों से मारा और लात-घूंसे बरसाए। युवक और महिला दोनों हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगते रहे, लेकिन हमलावरों ने कोई दया नहीं दिखाई। उन्होंने महिला के साथ भी अभद्रता की और युवक का सिर दीवार में मारा। महिला किसी तरह मौका पाकर वहां से भागने में सफल रही। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि पुलिस भी मौके पर मौजूद थी, लेकिन मारपीट नहीं रुक रही थी। बाद में पुलिस युवक को अपने साथ ले गई। होटल मैनेजर पवन ने अज्ञात लोगों के खिलाफ होटल में घुसकर तोड़फोड़ करने और ग्राहक के साथ मारपीट करने की एफआईआर शमशाबाद थाने में दर्ज कराई है। थाना प्रभारी डीपी तिवारी का कहना है कि मैनेजर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है और वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। यह घटना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है और खुलेआम हुई इस गुंडागर्दी पर सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। और खबरें भी हैं… आगरा में ‘डीपी होटल प्रकरण’ पर हिंदूवादी संगठनों का थाना घेराव: पुलिस अलर्ट पर, एडिशनल सीपी ने दिया उचित कार्रवाई का आश्वासन

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियां! ताजमहल के 500 मीटर के दायरे में धड़ल्ले से चल रहा अवैध निर्माण, VIDEO वायरल; ASI ने दर्ज कराई FIR, फिर भी नहीं रुक रहा काम

आगरा। देश की सर्वोच्च अदालत, सुप्रीम कोर्ट, के स्पष्ट आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। आगरा में ताजमहल की 500 मीटर की परिधि के अंदर धड़ल्ले से अवैध निर्माण कार्य चल रहा है, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना तब सामने आई है जब कुछ दिन पहले ही पूर्वी गेट के पास एक रेस्टोरेंट मालिक ने भी इसी तरह का अवैध निर्माण करवाया था, जिस पर कार्रवाई अभी लंबित है। टीन शेड के पीछे चल रहा काम, सड़क पर बिखरी ईंटें वायरल वीडियो में ताजमहल के पास टांगा स्टैंड के निकट एक टीन शेड के पीछे अवैध निर्माण कार्य चलता हुआ साफ दिखाई दे रहा है। निर्माण सामग्री, विशेषकर ईंटें, सड़क पर ही बिखरी पड़ी हैं, जिससे सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई निर्माण पर रोक का मज़ाक उड़ाया जा रहा है। पुरातत्व विभाग (ASI) के सहायक संरक्षक प्रिंस वाजपेयी ने बताया कि उन्हें टांगा स्टैंड के पास सुनील राठौर नामक व्यक्ति द्वारा अवैध निर्माण कराए जाने की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पुलिस अधिकारियों और संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। आश्चर्यजनक रूप से, सुनील राठौर के खिलाफ 2021 और 2023 में भी थाना ताजगंज में एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। सील हुए निर्माण, ध्वस्तीकरण के आदेश, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं! प्रिंस वाजपेयी ने यह भी खुलासा किया कि पूर्व में प्रशासन द्वारा इन निर्माणों पर सील लगा दी गई थी और उनके ध्वस्तीकरण के आदेश भी जारी हो चुके हैं। हालांकि, आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) ने अब तक उन्हें ध्वस्त नहीं किया है। कुछ दिन पहले भी सुनील राठौर को दो बार नोटिस दिया गया था, और पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार को भी इस संबंध में पत्र भेजकर शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अवैध निर्माण रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्वी गेट के पास भी था अवैध रेस्टोरेंट निर्माण, कार्रवाई का इंतजार यह पहला मामला नहीं है। कुछ दिन पहले भी ताजमहल के पूर्वी गेट से लगभग 150 मीटर की दूरी पर एक रेस्टोरेंट संचालक ने रेस्टोरेंट के पीछे टीन शेड डालकर अवैध निर्माण कर लिया था। एएसआई विभाग के अधिकारियों को जानकारी मिलने पर संचालक को नोटिस दिया गया था और ध्वस्तीकरण के आदेश जारी कर एफआईआर भी करा दी गई थी। लेकिन, दुर्भाग्यवश, अब तक उस अवैध निर्माण को भी ध्वस्त नहीं किया गया है। यह स्थिति सवाल उठाती है कि जब सुप्रीम कोर्ट जैसे सर्वोच्च न्यायालय ने ताजमहल जैसे विश्व धरोहर स्थल की सुरक्षा के लिए कड़े निर्देश दिए हैं, तो स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग उनका पालन क्यों नहीं कर रहे हैं। इन अवैध निर्माणों से न केवल ताजमहल की ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व को खतरा है, बल्कि यह कानून के शासन का भी खुलेआम उल्लंघन है।

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“बुलाओ मोदी को, मैं मन की बात कर रही हूं”:आगरा में नर्स ने ‘मोदी’ पोस्टर उतारकर डस्टबिन में फेंका

आगरा। आगरा के लेडी लॉयल महिला अस्पताल में मंगलवार को एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई। अस्पताल में कार्यरत एक नर्स सुनीता सागर ने प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का बैनर उतारकर डस्टबिन में फेंक दिया। जब जन औषधि केंद्र के कर्मचारी ने इसका विरोध किया, तो नर्स भड़क गईं और उनसे अभद्रता करते हुए कहा, “मैं तुम्हें थप्पड़ मार दूंगी। बुला लो मोदी जी को, फोन मिलाओ। मैं मन की बात कर रही हूं। साइलेंट, यू साइलेंट। झाड़ से मार कर तेरा मुंह लाल कर दूंगी।” इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और जांच के आदेश दिए हैं। टेबल पर कपड़े की कमी बनी पीएम पोस्टर विवाद की वजह जन औषधि केंद्र पर कार्यरत दुष्यंत कुमार दीक्षित ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 11 बजे नर्स सुनीता सागर उनके जन औषधि केंद्र पर आईं और प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का बैनर उतारकर ले जाने लगीं। जब दुष्यंत ने उनसे इसका कारण पूछा तो नर्स ने उनसे झगड़ा करना शुरू कर दिया। नर्स ने कथित तौर पर कहा कि उनकी टेबल पर कपड़ा नहीं है। जब उनसे पूछा गया कि टेबल पर कपड़ा न होने के कारण क्या वह पीएम मोदी की तस्वीर वाला बैनर उतारेंगी, तो नर्स और भड़क गईं। दुष्यंत कुमार दीक्षित के अनुसार, नर्स ने धमकी देते हुए कहा, “मेरे रास्ते से हट जाओ। वरना मैं तुम्हें थप्पड़ मार दूंगी। जाकर मोदी को बता देना।” इसके बाद उन्होंने बैनर को डस्टबिन में फेंक दिया और दुष्यंत से कहा, “तू जा डस्टबिन से कपड़े निकाल कर मेरे टेबल पर लेकर रख दें।” अपशब्दों का प्रयोग करते हुए नर्स वहां से चली गईं। “पीएम मोदी से माफी मांगे नर्स”: पीड़ित कर्मचारी की मांग, अस्पताल प्रशासन सख्त दुष्यंत कुमार दीक्षित का कहना है कि नर्स के व्यवहार से उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोई दुख नहीं है और वह नहीं चाहते कि कोई महिला उनसे माफी मांगे। हालांकि, उन्होंने प्रधानमंत्री के पोस्टर के साथ जो किया, उससे उन्हें ठेस पहुंची है। दुष्यंत की मांग है कि नर्स सार्वजनिक रूप से प्रधानमंत्री मोदी से माफी मांगे और अपनी गलती स्वीकार करे। इस गंभीर मामले पर अस्पताल प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। अस्पताल की सीएमएस डॉ. रचना गुप्ता ने कहा है कि इस एएनएम (ऑक्सिलियरी नर्स मिडवाइफ) को उनके अस्पताल में नहीं रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि यह नर्स जैतपुर से आई थी और उसका अस्पताल में पहला ही दिन था, लेकिन उसने पहले ही दिन स्टाफ से अभद्रता की है। डॉ. गुप्ता ने कहा कि नर्स का आचरण ठीक नहीं है और उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने भी मामले की गंभीरता को समझते हुए कहा है कि नर्स के सस्पेंशन की संस्तुति की जा रही है और इस संबंध में महानिदेशक को पत्र भेजा जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला तेज़ी से सुर्खियों में आ गया है, और प्रशासन इस पर सख्त कार्रवाई के मूड में दिख रहा है।

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आगरा पुलिस की ‘थर्ड डिग्री’ का लाइव सबूत: थाने में युवक को ‘पटे’ से पीट रहा कांस्टेबल, वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप!

आगरा। हाईटेक पुलिसिंग का दम भरने वाली आगरा कमिश्नरेट पुलिस इन दिनों एक शर्मनाक वीडियो को लेकर कठघरे में आ गई है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने पुलिस विभाग की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वीडियो में एक कांस्टेबल थाना इंचार्ज के कार्यालय में ही एक युवक को पटे से बेरहमी से पीटते हुए साफ-साफ दिखाई दे रहा है। दर्द से कराहता रहा युवक, सिपाही ने नहीं सुनी एक भी मिन्नत वायरल वीडियो में पुलिसिया क्रूरता का वीभत्स नमूना देखा जा सकता है। कांस्टेबल युवक को एक के बाद एक पटे से लगातार मारता जा रहा है। युवक दर्द से कराहता है, हाथ जोड़कर छोड़ देने की मिन्नतें करता है, लेकिन सिपाही पर इसका कोई असर नहीं होता। यह दृश्य किसी सामान्य सजा का हिस्सा नहीं, बल्कि थर्ड डिग्री का एक भयावह उदाहरण है। सिपाही की पहचान हुई, थाना प्रभारी की भूमिका पर भी सवाल वायरल वीडियो की शुरुआती जांच में कांस्टेबल की पहचान एत्माउद्दौला थाने में तैनात उपेंद्र यादव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो तब का है जब उपेंद्र ट्रांस यमुना थाने में तैनात थे। घटना थाना प्रभारी के दफ्तर की बताई जा रही है, जिससे सीधे तौर पर पुलिस महकमे की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। ऐसी चर्चाएं हैं कि युवक को किसी वसूली के उद्देश्य से हिरासत में लिया गया और बाद में उसे छोड़ भी दिया गया। मानवाधिकार उल्लंघन और लीपापोती की आशंका इस पूरे घटनाक्रम में यह स्पष्ट नहीं है कि युवक को किस आधार पर पकड़ा गया था। यदि वह अपराधी था, तो उसे जेल क्यों नहीं भेजा गया? और अगर वह निर्दोष था, तो उसे थर्ड डिग्री क्यों दी गई? सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या थाना प्रभारी इस अमानवीय कृत्य से अनभिज्ञ थे? ये सवाल सिर्फ थाने या जिले तक सीमित नहीं, बल्कि पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गहरे प्रश्नचिन्ह लगाते हैं।

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आगरा पहुंचते ही राज्यपाल के कुलपति ने छुए पैर: वीडियो वायरल होने से विवाद, कार्यकाल विस्तार की अटकलें तेज!

आगरा। आगरा में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर आशु रानी द्वारा राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के पैर छूने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने शहर में एक नई बहस छेड़ दी है और कुलपति के इस कृत्य पर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। राज्यपाल दो दिवसीय दौरे पर आगरा में हैं, जहां वह कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। गेस्ट हाउस पहुंचते ही कुलपति ने छुए पैर, फिर पुलिस कमिश्नर ने किया सैल्यूट राज्यपाल आनंदी बेन पटेल बुधवार दोपहर को यूनिवर्सिटी के गेस्ट हाउस पहुंचीं। वह शहर में कई कार्यक्रमों में भाग लेंगी, जिनमें ब्रिटिश समय की क्वीन एम्प्रेस मैरी लाइब्रेरी का उद्घाटन और नेशनल चैंबर का कार्यक्रम शामिल है। यूनिवर्सिटी के गेस्ट हाउस में राज्यपाल के स्वागत के लिए अधिकारियों के साथ कुलपति प्रो. आशु रानी भी मौजूद थीं। जैसे ही राज्यपाल अपनी गाड़ी से उतरीं, कुलपति ने उन्हें बुके भेंट किया और फिर उनके पैर छुए। इस दृश्य के तुरंत बाद, पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने उन्हें सैल्यूट किया, और कुलसचिव अजय मिश्रा सहित अन्य अधिकारियों ने भी उन्हें बुके दिए। इस दौरान उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय भी वहां उपस्थित थे। कार्यकाल विस्तार की अटकलें और जांच का सामना कुलपति प्रो. आशु रानी के पैर छूने का वीडियो सामने आते ही यह घटना चर्चा का विषय बन गई है। सूत्रों का कहना है कि कुलपति का कार्यकाल सितंबर में समाप्त हो रहा है और वह अपना कार्यकाल विस्तार करवाना चाहती हैं। इस पृष्ठभूमि में उनके इस कृत्य को कार्यकाल विस्तार के प्रयास से जोड़कर देखा जा रहा है। दूसरी ओर, कुलपति प्रो. आशु रानी के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। उनके खिलाफ कोर्ट में मुकदमे दर्ज हुए हैं, लोकपाल में शिकायतें पहुंची हैं और जांच भी शुरू हो गई है। यही नहीं, उनके खिलाफ विजिलेंस जांच भी चल रही है। ऐसे में, इस वायरल वीडियो ने उनकी स्थिति को और भी पेचीदा बना दिया है। राज्यपाल 31 जुलाई को यूनिवर्सिटी अधिकारियों के साथ बैठक करेंगी, जिससे इस मामले को लेकर आगे क्या रुख रहता है, यह देखना दिलचस्प होगा।

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