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Agra News: महाराजा अग्रसेन मार्ग खोदा: टोरेंट पावर पर नगर निगम का ₹5 लाख का जुर्माना

Agra News जनकपुरी महोत्सव के लिए बन रहे फुटपाथ को टोरंट पावर ने बिना अनुमति खोद डाला। नगर निगम ने कार्य रुकवाकर कंपनी पर 5 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया, नगर आयुक्त ने दी कड़ी चेतावनी। नगर निगम ने टोरंट पावर कंपनी की मनमानी पर कड़ी कार्रवाई करते हुए एक बड़ा जुर्माना लगाया है। कंपनी ने मंगलवार को जनकपुरी महोत्सव के दौरान तैयार किए जा रहे एक महत्वपूर्ण फुटपाथ को नगर निगम की बिना किसी पूर्व अनुमति के खोद डाला। इस नियमों के घोर उल्लंघन की सूचना मिलते ही नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुँचे और तुरंत काम रुकवा दिया। जांच के बाद कंपनी पर ₹5,00,000 (पाँच लाख रुपये) का भारी जुर्माना लगाया गया है। यह मामला महाराजा अग्रसेन मार्ग से जुड़ा है, जहाँ आगामी जनकपुरी महोत्सव को ध्यान में रखते हुए साइट पटरी (फुटपाथ) का निर्माण कार्य चल रहा था। नगर निगम ने इस फुटपाथ के निर्माण में लाखों रुपये खर्च किए हैं और यह कार्य अंतिम चरण में था, जिसका उद्देश्य महोत्सव के दौरान पैदल यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करना था। स्थानीय शिकायत पर खुला मामला स्थानीय नागरिकों ने शिकायत की कि टोरंट पावर कंपनी ने नाले के किनारे अचानक खुदाई का काम शुरू कर दिया है, जिससे नवनिर्मित फुटपाथ क्षतिग्रस्त हो रहा है और सार्वजनिक कार्य में बाधा आ रही है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए, यह जानकारी तुरंत नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल तक पहुंचाई गई। नगर आयुक्त के निर्देश पर, क्षेत्रीय अभियंता हरिओम तुरंत मौके पर पहुँचे। उन्होंने टोरंट पावर कंपनी द्वारा किए जा रहे खुदाई के काम को तत्काल प्रभाव से रुकवाया। मौके पर की गई जाँच में यह स्पष्ट रूप से पाया गया कि कंपनी ने इस खुदाई के लिए नगर निगम से रोड कटिंग या खुदाई की कोई अनुमति नहीं ली थी। यह कार्य पूरी तरह से अनाधिकृत था और इसने नगर निगम के सार्वजनिक संपत्ति पर किए गए निवेश को नुकसान पहुँचाया। क्षेत्रीय अभियंता हरिओम ने तुरंत एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की और अपनी रिपोर्ट में टोरंट पावर पर ₹5,00,000 का जुर्माना लगाए जाने की संतुति की। नगर आयुक्त ने इस रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए तत्काल जुर्माने की कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए हैं। नगर आयुक्त की सख्त चेतावनी नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए शहर की सभी एजेंसियों और ठेकेदारों को स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने बताया कि: “शहर भर में किसी भी प्रकार की रोड कटिंग या खुदाई पर फिलहाल प्रतिबंध लगा हुआ है, खासकर जब जनकपुरी जैसे बड़े आयोजनों की तैयारी चल रही हो। किसी भी एजेंसी या व्यक्ति को बिना अनुमति के खुदाई करने की इजाजत नहीं है। यदि कोई भी एजेंसी बिना अनुमति के रोड कटिंग करती है और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाती है, तो उस पर भारी पेनाल्टी लगाई जाएगी।” उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में इस तरह की घटना सामने आने पर और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें एफआईआर दर्ज कराने जैसी कानूनी प्रक्रियाएं भी शामिल हो सकती हैं। सार्वजनिक सुविधाओं को क्षति पहुँचाने पर तुरंत कार्रवाई इसी क्रम में नगर निगम ने एक संबंधित घटना पर भी त्वरित कार्रवाई की है, जो शहर में चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान सार्वजनिक सुविधाओं की सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करती है। कर्मयोगी एन्क्लेव से अमित विहार के बीच बन रहे नाले की खुदाई के कारण पानी की एक मुख्य पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। स्थानीय लोगों ने जब इस बारे में ठेकेदार से शिकायत की, तो उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। तब स्थानीय लोगों ने सीधे नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल को इस गंभीर जल समस्या से अवगत कराया। नगर आयुक्त ने तुरंत इस पर संज्ञान लिया और संबंधित सहायक अभियंता को मौके पर पहुँचकर पाइप लाइन को तुरंत रिपेयर कराने का आदेश दिया। नगर आयुक्त ने एक बार फिर दोहराया कि: “शहर में चल रहे किसी भी निर्माण कार्य के दौरान यदि किसी भी प्रकार की सार्वजनिक सुविधा (जैसे पानी की पाइप लाइन, सीवर लाइन या बिजली के केबल) को क्षति पहुँची तो संबंधित एजेंसी या ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सार्वजनिक सुविधा को क्षति पहुंचाना गंभीर अपराध माना जाएगा।” इन दोनों घटनाओं में टोरंट पावर पर लगा भारी जुर्माना और पाइप लाइन क्षतिग्रस्त करने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई की चेतावनी यह दर्शाती है कि नगर निगम अब शहर के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचाने वाली किसी भी अनाधिकृत गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा और जनहित के कार्यों को सर्वोपरि रखेगा। आगरा में टोरेंट पावर ने 2 किलोवाट बिजली कनेक्शन के लिए 9 लाख की वसूली, निजीकरण का विरोध तेज

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आगरा में बुद्धा पार्क के विकास को लेकर नगर आयुक्त और जाटव समाज के नेताओं में मुलाकात

आगरा। आगरा के कालिंदी विहार स्थित बुद्धा पार्क के विकास को लेकर अब जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है। रविवार को भाजपा नेता और भारतीय जाटव समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र सिंह और प्रदेश अध्यक्ष नेत्रपाल सिंह ने आगरा के नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल से उनके कार्यालय में मुलाकात की। नेताओं ने बुद्धा पार्क के विकास के लिए एक ज्ञापन सौंपा और इस विषय पर लंबी चर्चा की। सीएम योगी से भी हो चुकी है मुलाकात उपेंद्र सिंह ने नगर आयुक्त को बताया कि 3 अगस्त को उनका एक प्रतिनिधिमंडल इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर चुका है। मुख्यमंत्री ने इस पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए पार्क को विकसित करने का आश्वासन दिया था और संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी दिए थे। प्रतिनिधिमंडल में उपेंद्र सिंह, नेत्रपाल सिंह, अनिल कुमार, लोकेश प्रधान और तेज कपूर शामिल थे। उन्होंने मुख्यमंत्री को एक मांग पत्र भी दिया था, जिसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से इस पर प्रभावी कार्रवाई शुरू हो गई है। इसी आदेश की प्रति नेताओं ने आज नगर आयुक्त को सौंपी। ‘पार्क का नामकरण नहीं होगा, पूरे क्षेत्र को विकसित किया जाएगा’ नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि बुद्धा पार्क के विकास पर जल्द से जल्द काम शुरू होगा। उन्होंने कहा कि कार्य योजना तैयार हो चुकी है और जल्द ही अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल मौके का मुआयना करेगा। नगर आयुक्त ने बताया कि वे खुद भी पहले बुद्धा पार्क का दौरा कर चुके हैं। पार्क के नामकरण को लेकर फैल रही अफवाहों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि बुद्धा पार्क का किसी भी प्रकार का कोई नया नामकरण नहीं होगा। इसके अलावा, 30 बीघा से अधिक क्षेत्रफल में फैले इस पार्क के आसपास के पूरे क्षेत्र को भी विकसित किया जाएगा।

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सड़क पर मलबे की शिकायत पर फंसे डीएम, सीडीओ और नगर आयुक्त: रिपोर्ट देने वाले दरोगा निलंबित, लापरवाही का आरोप

आगरा। आगरा में बोदला-बिचपुरी रोड किनारे पड़े सिल्ट और मलबे की शिकायतों पर कार्रवाई न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अब अदालत में सुनवाई होगी। इस मामले में सत्यमेव जयते ट्रस्ट ने अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। कोर्ट ने जब इस पर रिपोर्ट मांगी, तो जगदीशपुरा थाने के एक दरोगा ने आरोपों को सही पाते हुए अपनी जांच रिपोर्ट अदालत में भेज दी। इसके बाद, उस दरोगा को आनन-फानन में निलंबित कर दिया गया, हालांकि निलंबन की वजह लापरवाही बताई गई है। लंबे समय से पड़ा है मलबा, अधिकारियों पर निष्क्रियता का आरोप बोदला-बिचपुरी रोड पर लंबे समय से सिल्ट और मलबा पड़ा हुआ था, जिससे यहाँ से गुजरने वालों को काफी परेशानी हो रही थी। जब अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो सत्यमेव जयते ट्रस्ट ने इस मामले को उठाया। 21 जुलाई को ट्रस्ट के अध्यक्ष मुकेश जैन ने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें सीडीओ प्रतिभा सिंह, डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी, नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल और अन्य अधिकारियों को आरोपी बनाया गया था। प्रार्थना पत्र में कहा गया था कि सड़क महीनों से खतरनाक स्थिति में है, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य और यातायात के लिए खतरा पैदा हो रहा है। ट्रस्ट ने दावा किया कि अधिकारियों के पास आवश्यक बजट और अधिकार होने के बावजूद सफाई नहीं कराई गई, जो कि लोकसेवकों द्वारा अपने पद का दुरुपयोग कर जनता के विश्वास का आपराधिक उल्लंघन है। ट्रस्ट के पास अधिकारियों की लापरवाही के वीडियो और फोटो भी मौजूद होने का दावा किया गया है। दरोगा ने रिपोर्ट में मानी लापरवाही, फिर हुए निलंबित अदालत ने प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए थाना जगदीशपुरा से इस मामले पर रिपोर्ट मांगी। थाना जगदीशपुरा में तैनात दरोगा देवी शरण सिंह ने 29 जुलाई को अदालत को एक रिपोर्ट भेजी, जिसमें उन्होंने पुष्टि की कि बोदला से बिचपुरी तक जाने वाली सड़क पर वाकई मलबा, कीचड़ और सिल्ट जमा है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। जैसे ही यह रिपोर्ट कोर्ट में पहुंची, अधिकारियों को इसकी जानकारी मिली और पुलिस-प्रशासन में खलबली मच गई। शुक्रवार को दरोगा देवी शरण सिंह को निलंबित कर दिया गया। हालांकि, उनके निलंबन का कारण ‘सरकारी कार्य में लापरवाही और उच्च अधिकारियों के आदेशों का पालन न करना’ बताया गया है। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने कहा कि दरोगा को लगातार लापरवाही के कारण निलंबित किया गया है और उन्हें कोर्ट में दायर किए गए मामले की जानकारी नहीं है। यह घटना दिखाती है कि जनता की शिकायतों को नजरअंदाज करने वाले अधिकारियों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन साथ ही यह भी सवाल खड़ा करती है कि क्या सही रिपोर्ट देने वाले कर्मचारियों को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।

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आगरा में ‘अवैध’ कब्जे पर गरजा बुलडोजर: नगर निगम ने सड़क पर बने रैंप तोड़े, सिंधी बाजार से भी हटाए गए बोर्ड

आगरा। आगरा नगर निगम ने गुरुवार को नाई की मंडी और सिंधी बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया। नाई की मंडी चौराहे से गालिब होटल तक नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने सड़क पर दुकानदारों द्वारा अवैध रूप से बनाए गए रैंपों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। इस दौरान कुछ दुकानदारों ने विरोध करने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने उन्हें समझाकर शांत करा दिया। बार-बार चेतावनी के बाद भी नहीं माने दुकानदार नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि व्यापारियों को कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन वे सार्वजनिक रास्ते पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण कर रहे थे। इससे ट्रैफिक व्यवस्था और आम लोगों को भारी परेशानी हो रही थी। क्षेत्रीय लोगों ने भी इसकी शिकायत नगर निगम से की थी। अभियान के दौरान नाई की मंडी में काफी भीड़ जमा हो गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोगों ने कार्रवाई से बचने के लिए आनन-फानन में अपना सामान हटाना शुरू कर दिया। सिंधी बाजार में भी हुई कार्रवाई, फुटपाथ खाली कराया नाई की मंडी के अलावा, नगर निगम की टीम ने सिंधी बाजार में भी कार्रवाई करते हुए फुटपाथ पर रखे गए सामान, बोर्ड और होर्डिंग्स को हटवाया। अधिकारियों ने साफ किया कि फुटपाथ पैदल चलने वालों के लिए होता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दुकानदार दोबारा कब्जा करते पाए गए, तो जुर्माने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने शहर के व्यापारियों और नागरिकों से अपील की है कि वे शहर की साफ-सफाई और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में सहयोग करें और सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न करें।

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