सुनील ग्रोवर की कहानी: ₹20 से ₹25 लाख प्रति एपिसोड तक का सफर!

नई दिल्ली। सुनील ग्रोवर – एक ऐसा नाम, जो सुनते ही चेहरे पर अपने आप मुस्कान आ जाती है। चाहे वो टीवी पर ‘गुत्थी’ का किरदार हो, ‘डॉ. मशहूर गुलाटी’ की अनोखी अदाएँ हों या ‘रिंकू भाभी’ की मार्मिक बातें, सुनील अपनी बेहतरीन एक्टिंग से हर किसी का दिल जीत लेते हैं। उनकी अदाकारी कितनी खास है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ‘गजनी’ और ‘हीरोपंती’ जैसी बड़ी फिल्मों में भी उनके चंद मिनटों के रोल दर्शकों के जेहन में आज तक ताजा हैं। आज, सुनील ग्रोवर के 48वें जन्मदिन के खास मौके पर, आइए उनकी फर्श से अर्श तक की जिंदगी के अविश्वसनीय सफर पर एक विस्तृत नज़र डालते हैं, जहाँ उन्होंने सिर्फ ₹20 दिन की कमाई से लेकर ₹25 लाख प्रति एपिसोड तक का मुकाम हासिल किया।


बचपन के सपने और थिएटर से टीवी तक का पहला कदम

सुनील ग्रोवर का जन्म 3 अगस्त 1977 को हरियाणा के सिरसा जिले के मंडी डबवाली कस्बे में हुआ था। उनकी शुरुआती शिक्षा आर्य विद्या मंदिर डबवाली में हुई, जिसके बाद उन्होंने गुरुनानक कॉलेज से आगे की पढ़ाई की। सुनील के पिता, जेएन ग्रोवर, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर में एक मैनेजर थे। सुनील ने पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ से थिएटर में मास्टर्स की डिग्री हासिल की। उनके छोटे भाई अनिल भी थिएटर से जुड़े हैं और हाल ही में शाहरुख खान की फिल्म ‘डंकी’ में नजर आए थे।

आज भले ही सुनील अपनी कॉमेडी से हर किसी को हंसाते हैं, लेकिन एक समय था जब उनका सपना एस्ट्रोनॉट बनने का था। हालांकि, बचपन से ही वे नकल करने, एक्टिंग करने और लोगों को हंसाने में माहिर थे। 12वीं क्लास में एक नाटक प्रतियोगिता में जब सुनील ने हिस्सा लिया, तो वहाँ मौजूद चीफ गेस्ट ने मजाक में कहा था कि उन्हें इसमें भाग नहीं लेना चाहिए था, क्योंकि वो बाकी बच्चों से कहीं बेहतर थे।

कॉलेज के पहले साल में ही सुनील को पता चला कि मशहूर कॉमेडियन जसपाल भट्टी एक शो के लिए ऑडिशन ले रहे हैं। बिना किसी उम्मीद के सुनील ऑडिशन में पहुँच गए। वहाँ जसपाल भट्टी, उनकी पत्नी और डायरेक्टर मौजूद थे। सुनील ने कुछ परफॉर्मेंस दीं, और जब उन्होंने अपनी तस्वीर दी, तो जसपाल भट्टी ने तस्वीर के पीछे लिखा – “क्लर्क टाइप रोल के लिए इसको बुलाएंगे।” इसके बाद सुनील को मौका मिला और वे जसपाल भट्टी के साथ शो करने लगे। उनकी पहली टीवी एंट्री जसपाल भट्टी के शो ‘फुल टेंशन’ (1995) में एक न्यू ईयर स्पेशल एपिसोड में डाकू के छोटे से रोल से हुई।


मुंबई का संघर्ष: जब दिन के ₹20 भी नहीं कमाते थे!

मात्र 18 साल की उम्र में टीवी में दिखने वाले सुनील जब मुंबई आए, तो शुरुआत में उन्हें लगा कि सफलता बस उनके करीब है। ‘ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे’ को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि पहले साल उन्होंने ज्यादा वक्त पार्टी करने में बिताया, क्योंकि उन्हें भरोसा था कि चीजें जल्दी ही सही हो जाएँगी। उस वक्त उनकी कमाई महज ₹500 महीने थी, यानी वो दिन के ₹20 भी नहीं कमाते थे। ऐसे मुश्किल समय में वे अपने बाकी खर्चे घर से आए पैसे और अपनी थोड़ी-बहुत सेविंग्स से चलाते थे।

धीरे-धीरे सुनील को एहसास हुआ कि मुंबई में कई ऐसे लोग थे जो अपने-अपने शहरों के सुपरस्टार थे, लेकिन यहाँ सब स्ट्रगलर थे। जब पैसों का कोई सहारा नहीं रहा, तो जिंदगी ने उन्हें एक कड़वी सच्चाई से रूबरू कराया। इस दौरान सुनील को अपने पिता की कहानी याद आई, जो रेडियो एनाउंसर बनना चाहते थे और उन्हें ऑफर भी मिला था, लेकिन दादाजी की नापसंदगी के कारण उन्हें बैंक की नौकरी करनी पड़ी, जिसका उन्हें जीवन भर अफसोस रहा। यही सोचते हुए सुनील ने अपने सपनों का पीछा करना नहीं छोड़ा और फिर से काम की तलाश में जुट गए।

कई बार उन्हें रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। एक बार तो उन्हें एक टीवी शो के लिए चुना गया था और 3 दिन की शूटिंग भी हो चुकी थी, लेकिन अचानक उन्हें शो से रिप्लेस कर दिया गया। हालांकि, सुनील को धीरे-धीरे वॉयस ओवर का काम मिलना शुरू हुआ। उन्होंने कहा था कि जब टीवी और फिल्मों से रिजेक्शन मिलता था, तो वॉयस ओवर एक सहारा बनता था। उन्हें एक रेडियो शो करने का मौका मिला, जो सिर्फ दिल्ली के लिए था, लेकिन जब शो ऑन एयर हुआ, तो इतना फेमस हुआ कि उसे पूरे देश में चलाया गया। सुनील ‘हंसी के फुहारे’ नाम के शो में ‘सुदर्शन’ उर्फ ‘सुद’ की आवाज बनकर खूब मशहूर हुए।


‘गुत्थी’, ‘डॉ. गुलाटी’ और कपिल शर्मा विवाद: करियर का सबसे बड़ा मोड़

अपने करियर की शुरुआत में सुनील ने ‘प्रोफेसर मनीप्लांट’, ‘श्श्श्श…कोई है’, ‘कौन बनेगा चंपू’, ‘क्या आप पांचवी फेल चंपू हैं?’ और ‘चला लल्लन हीरो बनने’ जैसे शो में काम किया। उन्होंने भारत के पहले साइलेंट कॉमेडी शो ‘गुटुर गूं’ के शुरुआती 26 एपिसोड में भी काम किया था।

लेकिन, 1995 में करियर की शुरुआत करने वाले सुनील की जिंदगी में असली टर्निंग पॉइंट तब आया जब उन्होंने 2013 में ‘कॉमेडी नाइट्स विद कपिल’ में ‘गुत्थी’ का आइकॉनिक रोल प्ले किया। इस शो से वे रातों-रात घर-घर में पहचाने जाने लगे और एक सुपरस्टार बन गए।

हालांकि, 2014 में सुनील ने कुछ समय के लिए ‘कॉमेडी नाइट्स विद कपिल’ छोड़ दिया। इसके बाद स्टारप्लस पर उनका शो ‘मैड इन इंडिया’ आया, जिसमें उनका किरदार ‘गुत्थी’ से मिलता-जुलता था, लेकिन यह शो ज्यादा नहीं चल पाया। फिर वे वापस ‘कॉमेडी नाइट्स विद कपिल’ में लौटे और कपिल के साथ काम किया। जनवरी 2016 में यह शो कलर्स टीवी पर बंद हो गया।

बाद में जब सोनी टीवी पर शो ‘द कपिल शर्मा शो’ शुरू हुआ, तो सुनील इसमें शामिल हुए। इस शो में उन्होंने ‘डॉ. मशहूर गुलाटी’ और ‘रिंकू भाभी’ जैसे किरदार निभाए, जो दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हो गए और लोगों ने उन्हें खूब पसंद किया।

फिर सुनील ग्रोवर और कपिल शर्मा के बीच मार्च 2017 में एक बड़ा विवाद हुआ, जो मीडिया में बहुत चर्चा में रहा। हिंदुस्तान टाइम्स जैसी रिपोर्ट्स में कहा गया था कि कपिल ने सुनील पर चिल्लाया और कथित तौर पर जूता भी फेंका था। इस घटना के बाद कई सालों तक सुनील और कपिल एक-दूसरे के साथ नजर नहीं आए।

2017 में बॉलीवुड हंगामा को दिए एक इंटरव्यू में कपिल शर्मा ने झगड़े को लेकर कहा था कि हाँ, उस वक्त कुछ दिक्कत जरूर हुई थी और उन्हें उसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी, लेकिन जो बातें मीडिया में आईं, उनमें काफी बढ़ा-चढ़ाकर और झूठी बातें बताई गईं। कपिल ने सुनील से माफी भी मांगी थी और ट्विटर व फेसबुक पर लंबा पोस्ट लिखकर अपनी भावनाएँ जाहिर की थीं और कहा था कि वे सुनील को भाई की तरह मानते हैं। वहीं, उस समय सुनील ने कहा था कि कपिल ने उन्हें काफी ठेस पहुँचाई और सलाह दी कि इंसानों की भी इज्जत करें, सिर्फ जानवरों की नहीं। उन्होंने यह भी लिखा था कि अगर कोई आपको सुधार रहा है, तो उसे गालियाँ न दें।

बाद में कपिल ने कहा था कि उन्होंने सुनील से कोई झगड़ा नहीं किया था, असली बहस चंदन प्रभाकर से हुई थी। फ्लाइट से पहले ही उन्हें तनाव था और उसी वजह से उन्होंने चंदन पर गुस्सा निकाल दिया।

2020 में दोनों एक शादी में मिले और साथ में मंच साझा किया। इसके बाद सुनील ने कपिल को जन्मदिन की बधाई दी थी। धीरे-धीरे दोनों के रिश्ते सुधरे और साल 2024 में सुनील ने कपिल के शो में सात साल बाद वापसी की। फिलहाल, दोनों ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ में साथ काम कर रहे हैं। इस सुलह में सलमान खान की भूमिका भी अहम रही, जिन्होंने 2018 में ‘द कपिल शर्मा शो’ के प्रोड्यूसर बनने के बाद दोनों को फिर से मिलाने की कोशिश की थी।


वेब सीरीज में दमदार एक्टिंग और फैशन शो में ‘गुत्थी’ का जलवा

जब सुनील कपिल के शो में नजर नहीं आए, उस दौरान उन्होंने ‘कानपुर वाले खुरानाज’ और ‘गैंग्स ऑफ फिल्मिस्तान’ जैसे कॉमेडी शो में काम किया, जो ज्यादा दिन नहीं चले।

लेकिन, सुनील ने अपनी एक्टिंग का दायरा बढ़ाया और 2021 में वेब सीरीज ‘तांडव’ में गुरपाल चौहान के रोल में नजर आए। इसमें सैफ अली खान, कुमुद मिश्रा, मोहम्मद जीशान अय्यूब जैसे कलाकार शामिल थे। उसी साल उन्होंने वेब सीरीज ‘सनफ्लावर’ में सोनू सिंह का किरदार निभाया। इस रोल के लिए उन्होंने लगभग 8 किलो वजन घटाया था, जिससे उनकी वर्सटाइल एक्टिंग का लोहा मनवाया।

कॉमेडी के अलावा सुनील ने फैशन की दुनिया में भी अपने रंग दिखाए। साल 2015 में मंदिरा बेदी ने अपनी डिजाइन की हुई साड़ियों का फैशन शो आयोजित किया था। इस शो में प्रोफेशनल मॉडल्स के बजाय ‘गुत्थी’ यानी सुनील ग्रोवर शोस्टॉपर बने थे। यह वाकया मिंत्रा फैशन वीक में हुआ था, जहाँ सुनील ने स्पोर्ट्स शूज के साथ गुलाबी और सुनहरी साड़ी पहनकर रैंप वॉक किया था, जिसने खूब सुर्खियाँ बटोरी। मंदिरा बेदी एक जानी-मानी एक्ट्रेस, फैशन डिजाइनर और टीवी शो होस्ट हैं।


निजी जीवन, स्वास्थ्य और आज का मुकाम

सुनील ग्रोवर की पत्नी का नाम आरती ग्रोवर है, जो पेशे से इंटीरियर डिजाइनर हैं। उनका एक बेटा भी है। सुनील के मुताबिक, वह कहीं भी परफॉर्म करने से पहले अपने सारे जोक बीवी आरती को सुनाते हैं। अगर वह हँस पड़ती हैं तो सुनील उन जोक्स पर परफॉर्म करते हैं और अगर वो नहीं हँसीं तो समझ लेते हैं कि वो जोक ऑडियंस के सामने नहीं चलेगा। यह उनकी निजी जीवन की सादगी और पत्नी के प्रति विश्वास को दर्शाता है।

साल 2022 में सुनील को दिल का दौरा पड़ा था, जिसके बाद उनकी चार बायपास सर्जरी हुई थीं। डॉक्टरों ने उन्हें एक महीने का आराम दिया था, लेकिन वे केवल 25 दिन में ही काम पर लौट आए, जो उनकी काम के प्रति लगन और जज्बे को दिखाता है।

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, सुनील की नेटवर्थ करीब ₹21 करोड़ है और वे मुंबई में एक शानदार डुप्लेक्स घर के मालिक हैं। इकोनॉमिक टाइम्स और कोईमोई की रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ के सीजन 3 के लिए सुनील ग्रोवर की फीस लगभग ₹25 लाख प्रति एपिसोड है। यह आंकड़ा उनके लंबे संघर्ष, कड़ी मेहनत और दर्शकों के दिलों में बनाई गई जगह का प्रमाण है।

सुनील ग्रोवर की कहानी सिर्फ एक कॉमेडियन की नहीं, बल्कि एक ऐसे कलाकार की है जिसने हर मुश्किल का सामना करते हुए, अपनी कला और समर्पण से एक ऐसा मुकाम हासिल किया, जहाँ से वे आज भी अपने दर्शकों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरते हैं।

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