
सड़क हादसों और मौतों के मामलों में हुआ इजाफा, परिवहन विभाग की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता
लखनऊ, रविवार, 3 अगस्त 2025, शाम 7:30 बजे
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिसने शासन और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। परिवहन विभाग द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, इस साल के पहले छह महीनों (जनवरी-जून) में सड़क हादसों में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 18.4% की वृद्धि हुई है। जहाँ 2024 में इसी अवधि में 22,391 हादसे हुए थे, वहीं इस साल यह आँकड़ा बढ़कर 25,830 पर पहुँच गया है।
रिपोर्ट में सड़क हादसों में होने वाली मौतों की संख्या में भी भारी बढ़ोतरी का खुलासा हुआ है। इस साल जनवरी से जून के बीच 14,205 लोगों की जान गई, जबकि पिछले साल यह संख्या 12,043 थी, जो 18.5% की वृद्धि दर्शाती है।
प्रदेश में सड़क हादसों के आंकड़े (जनवरी-जून)
सूचक | जनवरी-जून 2024 | जनवरी-जून 2025 | % परिवर्तन |
सड़क हादसे | 22,391 | 25,830 | +15.4 |
मौतें | 12,043 | 14,205 | +18.5 |
घायल | 16,363 | 19,430 | +18.7 |
दैनिक मौतों का औसत | ~68 | ~78 | +10 मौतें/दिन |
प्रतिदिन 78 मौतें, छोटे जिलों में बढ़ी संख्या
रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में हर दिन औसतन 78 लोगों की मौत सड़क हादसों में हो रही है, जो पिछले साल के 68 के औसत से 10 अधिक है। घायलों की संख्या में भी 18.7% की बढ़ोतरी हुई है, जहाँ 2024 में यह संख्या 16,363 थी, वहीं इस साल यह 19,430 तक पहुंच गई है।
अतिरिक्त परिवहन आयुक्त (सड़क सुरक्षा) पी.एस. सत्यार्थी ने इस स्थिति को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि “हादसों और मौतों की संख्या में वृद्धि एक गंभीर चिंता का विषय है।” उन्होंने यह भी बताया कि हालात सुधारने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं।
चित्रकूट में सबसे ज्यादा वृद्धि, शामली में सबसे अधिक कमी
सड़क हादसों में बढ़ोतरी की सबसे तीखी वृद्धि चित्रकूट जिले में दर्ज की गई, जहाँ हादसों में 100% की बढ़ोतरी हुई। भदोही (80.3%), रायबरेली (58.9%) और सोनभद्र (53.5%) में भी हादसों की संख्या में बड़ा उछाल देखा गया। वहीं, कुछ जिलों में सुधार भी हुआ है। शामली जिले में सड़क हादसों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद अमरोहा, बलिया और मेरठ में भी गिरावट देखी गई। बिजनौर, फिरोजाबाद, बरेली, कुशीनगर, बलिया, अमरोहा और शामली जैसे जिलों में भी कम गलतियां पाई गईं।
शहरी क्षेत्रों में भी बढ़े हादसे
छोटे जिलों में हादसों की संख्या में वृद्धि के साथ-साथ, शहरी केंद्रों में भी दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ी है। लखनऊ में 871, प्रयागराज में 770 और आगरा में 746 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि ग्रामीण इलाकों में दुर्घटनाओं की संख्या में मामूली कमी आई है।
सत्यार्थी ने बताया कि हादसों को कम करने के लिए सड़क डिजाइन में सुधार, ब्लैक स्पॉट को हटाने, हेलमेट और सीट बेल्ट कानूनों को सख्ती से लागू करने, गश्त बढ़ाने और सार्वजनिक जागरूकता अभियान चलाने जैसे उपाय भी आवश्यक हैं।