
आगरा। आगरा में नकली दवाओं के बड़े रैकेट का खुलासा होने के बाद पुलिस और ड्रग विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। अब तक कुल ₹6.35 करोड़ की नकली दवाएं सीज की जा चुकी हैं। इसी कड़ी में, पुलिस और ड्रग विभाग की टीम ने दवा माफिया हिमांशु अग्रवाल के भाई दीपक सिंघल के गोदाम का ताला तोड़कर छापेमारी की है। इस गोदाम से भी लगभग ₹2 करोड़ की दवाओं का स्टॉक मिला है, जिसे सील कर दिया गया है।
ताला तोड़कर क्यों हुई कार्रवाई?
गोदाम में छापा मारने के दौरान मालिक या परिवार के किसी सदस्य का होना जरूरी होता है, लेकिन हिमांशु अग्रवाल जेल में हैं और उनके परिजन घर पर नहीं थे। इसलिए एसटीएफ और ड्रग विभाग को मजबूरी में गोदाम का ताला तोड़ना पड़ा।

5 बड़ी कंपनियों की नकली दवाएं बरामद
जांच टीम को गोदाम से पांच बड़ी फार्मा कंपनियों – ग्लेनमार्क, सन फार्मा, जाइडस, सनोफी और यूएसबी – की नकली दवाएं मिली हैं। इनमें कई जीवनरक्षक दवाएं भी शामिल हैं। ड्रग विभाग ने इन 14 दवाओं के नमूने जांच के लिए लिए हैं।
सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि मालिक के फोन न उठाने के कारण ताला तोड़ना पड़ा। गोदाम में मिली दवाओं को सील कर दिया गया है और मालिक को नोटिस भेजा जाएगा।
बंसल मेडिको भी जांच के दायरे में
हे मां मेडिको के मालिक हिमांशु अग्रवाल को पहले ही रिश्वत देने के आरोप में जेल भेजा जा चुका है। अब इस मामले में बंसल मेडिको की दुकान और गोदाम पर भी जांच शुरू कर दी गई है। पिछले शुक्रवार से ही ड्रग विभाग और एसटीएफ की टीमें कोतवाली और एमएम गेट क्षेत्र के बाजारों में लगातार जांच कर रही हैं। इस अवैध कारोबार से जुड़े कई और लोग पुलिस के रडार पर हैं।