
किरावली, आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में विकासखंड अछनेरा का छहपोखर गांव इस समय एक हृदयविदारक समस्या से जूझ रहा है। यहाँ के श्मशान घाट पर न तो कोई टीनशेड है और न ही कोई अन्य बुनियादी व्यवस्था, जिसके चलते बारिश के मौसम में लोगों को अपने प्रियजनों का दाह संस्कार करने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
खुले आसमान के नीचे तिरपाल से ढकी चिता: प्रशासन की लापरवाही उजागर
एक वायरल हो रहे वीडियो में श्मशान घाट की दर्दनाक हकीकत सामने आई है। इसमें साफ दिख रहा है कि ग्रामीण भारी बारिश के बीच, खुले आसमान के नीचे, तिरपाल की मदद से चिता को बारिश से बचाने का असफल प्रयास कर रहे हैं। बारिश की बूंदों के बीच अंतिम संस्कार करने की यह दुर्दशा स्थानीय प्रशासन की घोर लापरवाही को उजागर करती है, जहाँ ज़िंदों के साथ-साथ अब मृतकों को भी बारिश की आफत झेलनी पड़ रही है।
‘उत्तम प्रदेश’ के दावों पर सवाल
एक तरफ राज्य सरकार उत्तर प्रदेश को ‘उत्तम प्रदेश’ बनाने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का यह अभाव साफ दिखाई दे रहा है। श्मशान घाट जैसी आवश्यक सुविधाओं का विकास न होना स्थानीय निवासियों के लिए एक गंभीर समस्या बन गया है, जो उन्हें सम्मानजनक तरीके से अपने अंतिम संस्कार करने से भी वंचित कर रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार इस समस्या को अधिकारियों के सामने उठाया है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है। इस मामले में फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।