हाई कोर्ट बेंच की मांग: आगरा के अधिवक्ताओं ने ‘काले दिवस’ की जगह ‘सम्मान दिवस’ मनाया
आगरा। आगरा में हाई कोर्ट खंडपीठ (बेंच) की स्थापना की मांग को लेकर संघर्षरत अधिवक्ताओं ने गुरुवार को 26 सितंबर को पारंपरिक ‘काले दिवस’ के बजाय ‘अधिवक्ता सम्मान दिवस’ के रूप में मनाया। यह दिन 26 सितंबर 2001 की उस घटना की याद में मनाया जाता है, जब पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं पर लाठी चार्ज किया था, जिसमें कई अधिवक्ता घायल हुए थे।
‘काला दिवस’ अब बना ‘सम्मान दिवस’
वर्ष 2001 की घटना के बाद से, आगरा के अधिवक्ता हर साल इस दिन को विरोध के प्रतीक के रूप में मनाते आ रहे थे। हालांकि, अधिवक्ताओं का अब मानना है कि यह दिन उनकी संघर्ष और सम्मान की लड़ाई का प्रतीक है, इसलिए इसे ‘सम्मान दिवस’ के रूप में मनाना चाहिए।
अधिवक्ता संजय सिंह ने बताया कि यह दिन न्याय के लिए हमारे संघर्ष की पहचान है, और हमें इसे सम्मान के साथ याद करना चाहिए।
हाई कोर्ट खंडपीठ की मांग जारी
अधिवक्ताओं ने जिला न्यायालय परिसर में ब्लैक चादर लेकर प्रदर्शन किया और ‘अधिवक्ता सम्मान दिवस’ मनाया। उनकी मुख्य मांग है कि आगरा में जल्द से जल्द हाई कोर्ट खंडपीठ स्थापित की जाए। अधिवक्ताओं का कहना है कि खंडपीठ की स्थापना न्यायपालिका की स्वतंत्रता और लोगों को न्याय प्राप्त करने के अधिकार के लिए आवश्यक है, क्योंकि इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को न्याय के लिए दूर की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी।
अधिवक्ताओं ने संकल्प लिया कि वे अपनी इस न्यायसंगत मांग को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे और न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए लड़ते रहेंगे।
