
आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा में आगामी 20 अगस्त को प्रस्तावित दीक्षांत समारोह से पहले परिसर की बदहाली ने छात्रों और शिक्षकों की चिंता बढ़ा दी है। कार्यक्रम का आयोजन स्वामी विवेकानंद परिसर (पूर्व में खंदारी परिसर) स्थित शिवाजी मंडपम में किया जाना है, जहां स्वयं राज्यपाल की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। हालांकि, परिसर में मौजूद संस्थाओं के टॉयलेट टूटे पड़े हैं, कैंटीन की सीटें खराब हैं, और चारों ओर गंदगी का ढेर लगा हुआ है, जिससे छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
टॉयलेट में कचरा, टूटी कैंटीन और चारों ओर गंदगी: छात्रों की जुबानी बदहाली की कहानी
विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद परिसर में लगभग 8 संस्थान हैं, जहां करीब 3 हजार छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। छात्रों को टॉयलेट जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए भी भटकना पड़ रहा है।
छात्र नितिन ने बताया कि 20 अगस्त को दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आ रही हैं, लेकिन शिवाजी मंडपम के पास बहुत गंदगी है। कैंटीन की सीटें टूटी पड़ी हैं और पार्क में पानी की बोतलें बिखरी पड़ी हैं। कैंटीन के सामने वाले दूसरे पार्क में स्थित एक टॉयलेट की एक महीने से सफाई नहीं हुई है, जिससे छात्रों को भारी असुविधा हो रही है। छात्र नितिन ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर सफाई व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाया।
एक अन्य छात्र आकाश शर्मा ने परिसर की और भी भयावह तस्वीर पेश की। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम स्थल के पीछे एक पेड़ टूटा पड़ा है और शिवाजी मंडपम के चारों तरफ बारिश के कारण काई जम गई है, जिससे दीक्षांत समारोह में आने वाले किसी भी व्यक्ति को चोट लगने का खतरा है। परिसर में स्थित टीचर्स कॉलोनी की दीवारें भी टूटी पड़ी हैं, और डिपार्टमेंट ऑफ सिविल इंजीनियरिंग विभाग के टॉयलेट भी खराब पड़े हैं, जिससे लोगों को भारी दिक्कतें हो रही हैं।
राज्यपाल के काफिले के रास्ते में भी बदहाली, छात्रों ने की सुधार की मांग
छात्रों ने मांग की है कि दीक्षांत समारोह से पहले विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से ले। उन्होंने कैंटीन और टॉयलेट की तुरंत सफाई कराने, टूटी हुई सीटों की मरम्मत करने और जिन जगहों की मरम्मत की आवश्यकता है, वहां तत्काल कार्य कराने की अपील की है। छात्रों का कहना है कि जब राज्यपाल का काफिला इन्हीं रास्तों से गुजरेगा, तो विश्वविद्यालय की ऐसी दयनीय स्थिति पर सवाल उठेंगे।
यह देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन राज्यपाल के आगमन से पहले इन मूलभूत समस्याओं को कितनी गंभीरता से लेता है और छात्रों को स्वच्छ एवं सुरक्षित परिसर उपलब्ध करा पाता है या नहीं।