
आगरा। आगरा में घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल पर नगर निगम ने एक ठेकेदार पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है। जांच में सामने आया कि छलेसर बूचड़खाना से यमुना की ओर हो रहे नाली निर्माण में ठेकेदार पीली ईंटों का और सीमेंट की जगह अत्यधिक बालू का प्रयोग कर रहा था। नगर निगम ने अब इस निर्माण को ध्वस्त कर दोबारा कराने का आदेश दिया है।
किसान नेता की शिकायत पर हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के आगरा मंडल अध्यक्ष विपिन यादव की शिकायत पर की गई। संभव दिवस के दौरान उन्होंने नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल को इस संबंध में एक प्रार्थना पत्र दिया था। शिकायत के बाद नगर आयुक्त ने मुख्य अभियंता बीएल गुप्ता को तत्काल जांच के निर्देश दिए।
जांच में शिकायत सही पाए जाने पर ठेकेदार पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने, घटिया निर्माण को ध्वस्त करने और फिर से सही तरीके से काम कराने का आदेश जारी किया गया है। किसान नेता ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की भी मांग की है।
टेंडर मिलने के 24 घंटे में काम शुरू नहीं किया तो होगा निरस्त
नगर निगम प्रशासन ने अब काम में देरी और घटिया निर्माण करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। मुख्य अभियंता बीएल गुप्ता ने नया आदेश जारी किया है कि टेंडर की स्वीकृति मिलने के 24 घंटे के भीतर जो ठेकेदार काम शुरू नहीं करेगा, उसका टेंडर निरस्त कर दिया जाएगा।
मंगलवार को वार्ड 79 के पार्षद ने भी इसी तरह की शिकायत दर्ज कराई, जिसमें बताया गया कि जटपुरा की गली कारवां में इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण का टेंडर पास होने के बावजूद ठेकेदार ने अभी तक काम शुरू नहीं किया है।