योग: स्वास्थ्य, शांति और संतुलन का अचूक मार्ग

आज की अत्यधिक तेज़ रफ्तार और तनावपूर्ण जीवनशैली में, यदि कोई साधन हमें शांति, सम्पूर्ण स्वास्थ्य और आंतरिक संतुलन प्रदान कर सकता है, तो वह निस्संदेह योग है। योग केवल कुछ शारीरिक मुद्राओं का अभ्यास मात्र नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी गहन जीवन शैली है, जो व्यक्ति के शरीर, मन और आत्मा – इन तीनों आयामों को एक-दूसरे से जोड़कर समग्र कल्याण और पूर्णता की ओर ले जाती है। यह स्वयं को जानने और ब्रह्मांड के साथ सामंजस्य स्थापित करने का एक प्राचीन विज्ञान है।

योग का अर्थ और इसका मूल दर्शन: ‘योग’ शब्द संस्कृत की ‘युज’ धातु से उत्पन्न हुआ है, जिसका शाब्दिक अर्थ है ‘जोड़ना’ या ‘मिलन’। योग का परम उद्देश्य व्यक्ति के भौतिक शरीर, चंचल मन और गहन आत्मा का एक दूसरे से, और अंततः विशाल ब्रह्मांडीय चेतना से समन्वय स्थापित करना है। यह कोई साधारण अनुशासन नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित मार्ग है जो शारीरिक आसनों (पोस्चर), श्वास-प्रश्वास की वैज्ञानिक तकनीकों (प्राणायाम), गहरे ध्यान (मेडिटेशन) और नैतिक मूल्यों के पालन के माध्यम से व्यक्ति को आंतरिक शांति, मानसिक स्पष्टता और जीवन में संतुलन की ओर अग्रसर करता है। यह हमें सिखाता है कि कैसे अपने भीतर की ऊर्जा को नियंत्रित कर जीवन को अधिक सार्थक बनाया जाए।

योग का ऐतिहासिक और वैश्विक प्रभाव: भारत अनादि काल से योग की जन्मभूमि और उद्गम स्थल रहा है। लगभग 5000 वर्षों से भी अधिक समय से योग भारतीय संस्कृति, दर्शन और जीवन-पद्धति का एक अविभाज्य हिस्सा रहा है। महर्षि पतंजलि जैसे महान ऋषियों ने इसे अपने ‘योगसूत्र’ के रूप में व्यवस्थित कर एक वैज्ञानिक और दार्शनिक आधार प्रदान किया, जिससे यह पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित होता रहा। आज, यह प्राचीन भारतीय विद्या भौगोलिक सीमाओं को पार कर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अद्वितीय महत्ता के लिए मान्यता प्राप्त कर चुकी है। इसकी वैश्विक स्वीकृति का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि वर्ष 2015 से हर साल 21 जून को ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ के रूप में धूमधाम से मनाया जाता है। यह दिवस न केवल योग के वैश्विक प्रसार का प्रतीक है, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विश्व को दिए गए इसके अमूल्य उपहार पर गर्व का भी प्रतीक बन चुका है।

योग के बहुआयामी लाभ: योग के अभ्यास से मिलने वाले लाभ केवल शारीरिक स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये मानसिक और आध्यात्मिक आयामों तक भी फैले हुए हैं:

  • शारीरिक लाभ: नियमित योगाभ्यास से शरीर की लचीलापन (फ्लेक्सिबिलिटी), संतुलन (बैलेंस) और सहनशीलता (स्टैमिना) में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। यह मोटापा, मधुमेह (डायबिटीज), थायरॉइड असंतुलन, उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) और जोड़ों के दर्द जैसी सामान्य जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से लड़ने में एक अत्यंत प्रभावी सहायक है। यह आंतरिक अंगों की कार्यप्रणाली में सुधार करता है और रक्त संचार को बढ़ाता है।
  • मानसिक लाभ: योग में निहित ध्यान और प्राणायाम की तकनीकें तनाव (स्ट्रेस), चिंता (एंजाइटी) और अवसाद (डिप्रेशन) जैसी आधुनिक जीवन की आम मानसिक समस्याओं से राहत प्रदान करने में अत्यधिक सहायक हैं। ये तकनीकें मन को शांत करती हैं, भावनाओं को नियंत्रित करती हैं और मानसिक स्पष्टता प्रदान करती हैं। इसके नियमित अभ्यास से स्मरण शक्ति (मेमोरी) और एकाग्रता (कंसंट्रेशन) में भी उल्लेखनीय वृद्धि होती है, जिससे व्यक्ति अपने कार्यों में बेहतर प्रदर्शन कर पाता है।
  • आध्यात्मिक लाभ: योग केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्म-जागरूकता और आत्मचिंतन को प्रोत्साहित करता है। यह व्यक्ति को अपने आंतरिक स्वरूप से जुड़ने में मदद करता है और जीवन के प्रति अधिक सकारात्मक, शांत और समग्र दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक होता है। यह जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझने और आंतरिक शांति प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करता है।

आज के समय में योग की बढ़ती प्रासंगिकता: हाल ही में आई कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी ने हमें स्वास्थ्य के वास्तविक महत्व और एक मजबूत रोग-प्रतिरोधक प्रणाली की आवश्यकता का गहराई से एहसास कराया है। ऐसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में, योग एक सशक्त और सुलभ माध्यम बनकर सामने आया। लाखों लोगों ने अपने घरों में रहते हुए योग को अपनाया और न केवल अपनी मानसिक शांति को बनाए रखा, बल्कि अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को बढ़ाने का एक प्राकृतिक और प्रभावी मार्ग भी पाया। योग ने यह सिद्ध किया कि यह किसी भी संकट के समय में मानसिक और शारीरिक लचीलापन बनाए रखने का एक विश्वसनीय उपकरण है, जो व्यक्ति को सशक्त और संतुलित रखता है। यह आज के व्यस्त और अनिश्चित समय में भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना प्राचीन काल में था।

Pawan Singh

खबर भेजने के लिए व्हाट्स एप कीजिए +919412777777 pawansingh@todayexpress.in

Pawan Singh

खबर भेजने के लिए व्हाट्स एप कीजिए +919412777777 pawansingh@todayexpress.in

Related Posts

आगरा में नकली दवा सिंडिकेट पर बड़ी कार्रवाई: केंद्र की नजर, पूर्व डीजीपी की वर्कशॉप के बाद SIT गठित

आगरा। आगरा में नकली दवा कारोबारियों पर हुई कार्रवाई अब केवल एक स्थानीय मामला नहीं रह गया है। इस अवैध धंधे के सिंडिकेट को पूरी तरह से तोड़ने के लिए…

आगरा: एसीएम राजेश जायसवाल की मौत पर उठे सवाल, छात्र परिषद ने कहा- ‘फर्जीवाड़े की जांच कर रहे थे, शिक्षा माफिया के दबाव में थे’

आगरा। आगरा में अपर नगर मजिस्ट्रेट (एसीएम) तृतीय राजेश कुमार जायसवाल की शुक्रवार को एक सड़क हादसे में हुई मौत अब सवालों के घेरे में है। राष्ट्रीय छात्र परिषद ने…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *