आगरा में ट्रैफिक पुलिस के साथ अब थानों का पुलिस बल भी संभालेगा मोर्चा: पुलिस कमिश्नर

आगरा। आगरा में मेट्रो निर्माण, लगातार बारिश और यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण शहर की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। नेशनल हाईवे और एमजी रोड पर गाड़ियों का दबाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है, जबकि यमुना किनारा रोड पर जलभराव के कारण भी लोगों को परेशानी हो रही है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने तत्काल प्रभाव से सभी ट्रैफिक इंस्पेक्टर (TI), सब-इंस्पेक्टर (TSI) और थाना अध्यक्षों (SHO/SO) को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करें। उन्होंने कहा कि यह एक आपातकालीन स्थिति है, इसलिए अब ट्रैफिक पुलिस के साथ-साथ थानों का पुलिस बल भी यातायात ड्यूटी में सहयोग करेगा। नागरिकों से सहयोग की अपील पुलिस कमिश्नर ने आगरा के नागरिकों से भी इस स्थिति में सहयोग करने की विनम्र अपील की है। उन्होंने कहा: उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि आगरा पुलिस इस मुश्किल समय में नागरिकों के साथ है और सभी की असुविधा को कम करने का प्रयास कर रही है।

आगरा में ट्रैफिक नियम तोड़ना हुआ महंगा, हाई-टेक कैमरों ने 2 साल में काटे 11 लाख से ज्यादा चालान

आगरा। आगरा की सड़कों पर अब ट्रैफिक नियमों को तोड़ना महंगा पड़ रहा है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत लगाए गए हाई-टेक कैमरों की मदद से यातायात पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वालों पर शिकंजा कस दिया है। इन कैमरों के जरिए बिना हेलमेट बाइक चलाने, तीन सवारी बैठाने और बिना सीटबेल्ट कार चलाने जैसी हर गलती का ऑनलाइन चालान बन रहा है। कैमरे बने पुलिस की ‘तीसरी आंख’ यातायात पुलिस उपायुक्त अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि यह अभियान केवल चालान काटने के लिए नहीं, बल्कि लोगों में सुरक्षित यातायात की आदत डालने के लिए चलाया जा रहा है। उनकी टीम ट्रैफिक कंट्रोल रूम से हरिपर्वत, सूरसदन, सेंट जॉन्स और कलेक्ट्रेट जैसे व्यस्त चौराहों पर 24 घंटे निगरानी कर रही है। कैमरे हर वाहन की गतिविधि को रिकॉर्ड कर रहे हैं और नियम तोड़ने पर तुरंत चालान जारी हो रहा है। आंकड़े बता रहे सख्ती पिछले दो साल में चालानों की संख्या में चौंका देने वाली बढ़ोतरी हुई है। ‘नियमों का पालन स्वयं की सुरक्षा के लिए है’ पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे नियमों का पालन सिर्फ जुर्माने से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए करें। डीसीपी ने अपनी टीम को निर्देश दिए हैं कि ऑनलाइन चालान की कार्रवाई को और बढ़ाया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित हों।

‘तिर्री और टेम्पू’ के लिए अब नए जोन, QR कोड से होगी पहचान: यातायात पुलिस का मास्टर प्लान, जल्द लागू होगा नया नियम

आगरा। आगरा की सड़कें पिछले काफी समय से जाम की समस्या से कराह रही हैं। इस विकट स्थिति से निपटने के लिए यातायात पुलिस ने एक नया और महत्वपूर्ण प्लान तैयार किया है। शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए अब ई-रिक्शा और ऑटो का संचालन चार जोन में बांटकर किया जाएगा। इसका मतलब है कि अब चालक अपने निर्धारित जोन में ही तिर्री और टेम्पू चला सकेंगे, और ज़ोन से बाहर जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। इस नई व्यवस्था को जल्द ही आगरा में लागू किया जाएगा। क्या है यातायात पुलिस का नया प्लान? यातायात पुलिस द्वारा तैयार किए गए इस प्लान के तहत: क्यों पड़ी इस नए प्लान की जरूरत? एमजी रोड पर मेट्रो कार्य और वाहनों का दबाव एमजी रोड और हाईवे पर चल रहे मेट्रो निर्माण कार्य के कारण डिवाइडर पर बैरिकेडिंग की गई है, जिससे ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है। पीक आवर्स (सुबह-शाम के व्यस्त समय) में वाहनों की संख्या बढ़ने पर लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ता है। एमजी रोड पर महानगर बसों के साथ-साथ ऑटो और ई-रिक्शा की बड़ी संख्या, और स्कूल बसों व निजी कारों की बढ़ती तादाद, जाम की प्रमुख वजह बन रही है। इस समस्या को दूर करने के लिए ही बुधवार को डीसीपी यातायात अभिषेक अग्रवाल की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई थी। डीसीपी अग्रवाल ने बताया कि जिले में लगभग 35 हजार ऑटो और ई-रिक्शा पंजीकृत हैं, जिनमें से आधे से ज़्यादा शहरी सीमा में चलते हैं। इनमें से भी बड़ी संख्या भगवान टॉकीज से प्रतापपुरा के बीच संचालित होती है। उन्होंने यह भी बताया कि कई ऑटो की फिटनेस नहीं है और देहात (ग्रामीण) क्षेत्र के ऑटो भी शहर में चल रहे हैं, जिससे यातायात का दबाव और बढ़ रहा है। मेट्रो के कार्य को देखते हुए शहर में यातायात को सुचारू बनाने के लिए यह नई व्यवस्था लाई जा रही है। क्यूआर कोड और फिटनेस चेकिंग से होगी सख्ती यातायात पुलिस की नई व्यवस्था में क्यूआर कोड अहम भूमिका निभाएगा। आरटीओ के माध्यम से ऑटो के मालिक और चालक के निवास स्थान का पता लगाकर उन्हें क्यूआर कोड जारी किए जाएंगे। जोन निर्धारित होने के बाद चालक को उसी में ऑटो का संचालन करना होगा। इसके अलावा, जिन वाहनों की फिटनेस नहीं होगी, उन्हें बिल्कुल भी संचालित नहीं करने दिया जाएगा। इसके लिए अलग से चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। देहात क्षेत्र के ऑटो को देहात में ही चलाने की अनुमति होगी, और आगरा से बाहर के ऑटो के शहर में प्रवेश करने पर भी कार्रवाई की जाएगी। यह नया प्लान आगरा को जाम से मुक्ति दिलाने में कितना सफल होगा, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन यातायात पुलिस का यह कदम निश्चित रूप से एक उम्मीद की किरण है।

बिना हेलमेट निकलने की सोचना भी मत! आगरा ट्रैफिक पुलिस का चला ‘डंडा’, एक ही दिन में 3515 चालान कटे, 7 वाहन सीज – अब पुलिस ‘फॉर्म’ में है!

आगरा। आगरा में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों की अब खैर नहीं! मंगलवार को एमजी रोड और हाई-वे पर यातायात पुलिस ने ऐसा अभियान चलाया कि वाहन चालकों के होश उड़ गए। एक ही दिन में 3515 दोपहिया वाहनों के बिना हेलमेट के चालान काटे गए, वहीं 7 वाहनों को सीज भी कर दिया गया। आगरा ट्रैफिक पुलिस अब पूरी तरह से ‘फॉर्म’ में आ गई है और नियमों का पालन न करने वालों पर सख्ती जारी रहेगी। एक दिन में 3515 चालान, तीन सवारी और सीट बेल्ट पर भी गिरी गाज यातायात पुलिस ने मंगलवार को सघन चेकिंग अभियान चलाकर विभिन्न यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की। अपर पुलिस उपायुक्त अमिता सिंह ने बताया कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस लोगों को जागरूक भी कर रही है, लेकिन नियमों का पालन न करने वालों पर सख्ती बरती जाएगी। तो अगर आप आगरा में सड़क पर निकल रहे हैं, तो अपना हेलमेट पहनना और यातायात नियमों का पालन करना न भूलें, क्योंकि ट्रैफिक पुलिस अब किसी को बख्शने के मूड में नहीं है!

आगरा में ‘ट्रैफिक का डंडा’ चला: हेलमेट भूला? सीट बेल्ट नहीं? एक गलती और सीधा ‘मोबाइल’ से कटेगा चालान!

आगरा। आगरा की सड़कों पर अब यातायात नियमों को तोड़ना महंगा पड़ने वाला है। शुक्रवार से ट्रैफिक पुलिस ने एक विशेष अभियान शुरू किया है, जिसमें नियमों का उल्लंघन करने वालों पर पैनी नजर रखी जाएगी। अब अगर एक भी गलती हुई, तो आपका सीधा ‘मोबाइल’ से चालान कटेगा! ये ‘गलतियां’ पड़ेंगी भारी, जेब होगी हल्की: ‘जागरूक’ भी करेंगे और 4 बार चालान पर गाड़ी ‘रद्द’! अपर पुलिस उपायुक्त यातायात अमिता सिंह ने बताया कि इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से पहले ही चालान हो रहे हैं, लेकिन अब पुलिसकर्मी सीधे अपने मोबाइल से मौके पर ही चालान काटेंगे। इस अभियान का मकसद सिर्फ जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना भी है। अमिता सिंह ने एक सख्त चेतावनी भी दी है: अगर किसी वाहन का चार बार से ज्यादा चालान कटता है, तो उसका पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) रद्द करने के लिए आरटीओ को रिपोर्ट भेजी जाएगी। ट्रैफिक पुलिस ने आगरा के नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन करें और इस अभियान में सहयोग करें। तो, अगली बार जब सड़क पर निकलें, तो इन बातों का खास ध्यान रखें, वरना एक छोटी सी गलती आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है!

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