आगरा में जानलेवा साबित हो सकता है जर्जर बिजली का खंभा, टोरेंट पावर बेपरवाह

आगरा। आगरा के गुदड़ी मंसूर खां बाजार में एक जर्जर बिजली का खंभा लोगों के लिए जान का खतरा बना हुआ है। कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकने वाले इस खंभे की शिकायत के बावजूद टोरेंट पावर ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है, जिससे स्थानीय दुकानदार और निवासी बेहद परेशान हैं। गुदड़ी मंसूर खां बाजार एकता कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष चौधरी फरहान ने बताया कि बाजार के बीचो-बीच लगा यह खंभा पूरी तरह से जर्जर हो चुका है और कभी भी गिर सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बारे में कई बार शिकायत की गई है, लेकिन टोरेंट पावर “कुंभकरण की नींद” में सोया हुआ है और कोई सुध नहीं ले रहा। कमेटी के लोगों का कहना है कि यह खंभा न केवल दुकानदारों बल्कि बाजार में आने वाले ग्राहकों के लिए भी बड़ा खतरा बना हुआ है। इस समस्या के कारण सभी को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चौधरी फरहान ने टोरेंट पावर से तुरंत इस मामले का संज्ञान लेने की अपील की है। उन्होंने टीम भेजकर जल्द से जल्द गुदड़ी मंसूर खां और भांड गली के नुक्कड़ पर लगे दूसरे खतरनाक खंभे को भी हटाने की मांग की है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

आगरा में नगर निगम का बड़ा एक्शन, टोरंट पावर पर ₹7 लाख से अधिक का जुर्माना

आगरा। आगरा में नगर निगम ने नियमों का उल्लंघन करने पर टोरेंट पावर लिमिटेड पर सख्त कार्रवाई करते हुए ₹7,15,700 का भारी जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना शास्त्रीपुरम एमआईजी बी ब्लॉक में सड़क काटने और जलकल विभाग की लाइन को नुकसान पहुँचाने के लिए लगाया गया है, जबकि नगर निगम ने 30 सितंबर तक रोड कटिंग पर पूरी तरह रोक लगा रखी है। शास्त्रीपुरम मॉल से दहतोरा मंदिर तक लगभग 600 मीटर लंबी सड़क को बिना अनुमति के काट दिया गया था, जिससे स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा था। क्षेत्रीय पार्षद की शिकायत पर नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जाँच के आदेश दिए, जिसमें नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई। LEFT:केबल डालने के लिए टोरंट पॉवर ने खोदी सड़क। RIGHT: नगर निगम ने ट्रांसपोर्ट नगर में चलाया अतिक्रमण हटाओ अभियान। ट्रांसपोर्ट नगर में अतिक्रमण पर भी कार्रवाई इसके अलावा, नगर निगम ने ट्रांसपोर्ट नगर में भी एक बड़ा अभियान चलाया। आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर, निगम की टीम ने उन दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की, जिन्होंने सड़क पर कबाड़ और वाहनों के कलपुर्जे रखकर रास्ता रोक रखा था। इस अभियान के दौरान दुकान नंबर 147 के मालिक मनीष कुमार जैन पर ₹25,000 और पाठक एंटरप्राइजेज पर ₹10,000 का जुर्माना लगाया गया। दोनों को 24 घंटे के भीतर अतिक्रमण हटाने की सख्त चेतावनी भी दी गई। इस कार्रवाई से उन स्थानीय दुकानदारों को राहत मिली है, जिन्होंने सड़क पर सामान रखे जाने से हो रही दिक्कतों की शिकायत की थी। अगर आपके क्षेत्र में भी कोई खुदाई या निर्माण कार्य चल रहा हो, तो उनसे अनुमति पत्र दिखाने के लिए कहें। इससे आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि यह काम नियमों के अनुसार हो रहा है और आपको या आपके पड़ोसियों को अनावश्यक परेशानी न हो।

आगरा में टोरेंट पावर ने 2 किलोवाट बिजली कनेक्शन के लिए 9 लाख की वसूली, निजीकरण का विरोध तेज

आगरा। उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग के निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन कर रही कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने एक चौंकाने वाला मामला सामने रखा है। समिति ने आरोप लगाया है कि आगरा की निजी बिजली कंपनी टोरेंट पावर ने एक उपभोक्ता से 2 किलोवाट के कनेक्शन के लिए 9.06 लाख रुपये वसूले हैं, जबकि सरकारी व्यवस्था में यह कनेक्शन सिर्फ 1400 रुपये में मिलता है। समिति ने राम कुमार बंसल नामक उपभोक्ता का उदाहरण दिया, जिन्होंने 12 फरवरी 2025 को कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। कंपनी ने ट्रांसफार्मर, केबल, पोल आदि का खर्च जोड़कर 9 लाख रुपये से अधिक का बिल दिया। भुगतान के बाद भी उन्हें महीनों तक परेशान होना पड़ा और कनेक्शन एक महीने पहले ही मिल पाया। निजीकरण के खिलाफ 283 दिन से आंदोलन जारी बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति का निजीकरण के खिलाफ आंदोलन 283वें दिन भी जारी है। समिति ने आगामी त्योहारों को देखते हुए बिजली आपूर्ति को बाधित न करने का आश्वासन दिया है। इस दौरान उन्होंने पावर कॉर्पोरेशन से पाँच अहम सवाल पूछे हैं: समिति ने कहा है कि जब तक निजीकरण की प्रक्रिया रद्द नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ के पूर्व अध्यक्ष डीके मिश्रा को श्रद्धांजलि भी दी गई।

आगरा के ताजगंज बाजार में बिजली के खंबे में लगी आग, मची अफरा-तफरी

आगरा। आगरा के ताजगंज क्षेत्र में शनिवार की दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सब्जी मंडी के पास एक बिजली के खंबे में आग लग गई। देखते ही देखते आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं और दिवाली के पटाखों जैसी आवाजें आने लगीं, जिससे बाजार में अफरा-तफरी मच गई। भयभीत दुकानदार तुरंत अपनी दुकानें छोड़कर सुरक्षित जगहों की ओर भागने लगे। यह घटना दोपहर लगभग 2 बजे की है। ताजगंज बाजार में गायत्री डेयरी के पास लगे खंबे पर स्ट्रीट लाइट के कनेक्शन और ऑप्टिकल फाइबर केबल का जाल बिछा हुआ था। बताया गया कि स्ट्रीट लाइट के कनेक्शन में स्पार्किंग होने से आग लग गई और यह आग तेजी से ऑप्टिकल फाइबर केबल में फैल गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत टोरंट पॉवर को सूचना दी, जिसके बाद पूरे इलाके की बिजली काट दी गई। टोरंट की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। लगभग एक घंटे की मरम्मत के बाद क्षेत्र में बिजली आपूर्ति फिर से बहाल की गई।

आगरा में 86 लाख की धोखाधड़ी का अनोखा मामला: पार्टनरशिप कंपनी की ‘जुड़वां’ बना कर दिया ‘डबल-रोल’ वाला धोखा!

आगरा। ताजगंज थाना क्षेत्र स्थित पॉश शंकर ग्रीन्स सोसाइटी में एक बड़े और अनोखे धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहां पार्टनरशिप में चल रही एक मेंटेनेंस कंपनी (D.D.A.) के मालिक ने अपने ही सहयोगी पर कंपनी की फर्जी ‘जुड़वां’ कंपनी बनाकर 86 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। यह ठगी किसी फिल्मी ‘डबल रोल’ से कम नहीं है, जहाँ एक ही नाम से दूसरी कंपनी बनाकर लाखों का गबन किया गया। इस धोखे के कारण सोसाइटी के करीब 300 परिवार मुश्किल में पड़ गए थे, क्योंकि टोरेंट पावर के बिलों का भुगतान नहीं हो पाया था और बिजली कटने का डर मंडरा रहा था। आरोपी फिलहाल फरार है। क्या है ‘जुड़वां कंपनी’ बनाकर धोखाधड़ी का पूरा मामला? दीपक सोनकर (निवासी 7/66, औलिया रोड, छिपीटोला, रकाबगंज) ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने अपने सहयोगियों दीपक रहेजा और आज़ाद आनंद के साथ मिलकर ‘D.D.A.’ नामक एक कंपनी बनाई थी, जो शंकर ग्रीन्स सोसाइटी में मेंटेनेंस का काम देखती थी। दीपक सोनकर ने ही अमित जायसवाल (निवासी 3/1, बी-1, शाह मार्केट, एमजी रोड, हरि पर्वत) को अपनी कंपनी D.D.A. से परिचित कराया था। शिकायत के अनुसार, अमित जायसवाल ने D.D.A. कंपनी के साथ एक समझौता किया था, जिसके तहत उसे बचत से 5% मासिक हिस्सेदारी मिलनी थी। हालांकि, दीपक सोनकर का आरोप है कि सोसाइटी की आय को देखकर अमित जायसवाल की नीयत खराब हो गई। उसने D.D.A. कंपनी के नाम पर धोखाधड़ी से फर्जी दस्तावेज बनाए और अपनी एक और D.D.A. कंपनी स्थापित कर दी। इसके बाद, उसने मुनाफे को अपनी इस ‘जुड़वां’ कंपनी में जमा करना शुरू कर दिया, जिससे लाखों रुपये का गबन हुआ। एक की लालच से 300 परिवार हुए परेशान, बिजली संकट भी मंडराया दीपक सोनकर का कहना है कि अमित जायसवाल ने उनकी मूल कंपनी को कोई हिसाब-किताब या स्टेटमेंट नहीं दिया। बैंक खातों और स्टेटमेंट में हेरफेर कर उन्हें गुमराह किया गया। दीपक सोनकर द्वारा कराए गए पूर्ण लेखा-जोखा में यह सामने आया कि अमित जायसवाल पर 17 अगस्त 2024 से 20 मई 2025 तक की अवधि का, जीएसटी सहित, कुल ₹86,29,417/- (छियासी लाख उनतीस हज़ार चार सौ सत्रह रुपये) बकाया है। यह मामला जब सोसाइटी में उजागर हुआ, तो तत्काल पुरानी कंपनी को हटाकर मेंटेनेंस का काम दूसरी कंपनी को सौंप दिया गया था। लेकिन आरोपी की इस धोखाधड़ी से शंकर ग्रीन्स सोसाइटी के करीब 300 परिवार बेहद परेशान रहे, क्योंकि उनके टोरेंट पावर के बिलों का भुगतान नहीं हो पाया था। इस वजह से सोसाइटी में आए दिन बिजली कटने का डर बना रहता था, जिससे निवासियों को काफी मानसिक तनाव झेलना पड़ा। जैसे-तैसे इस संकट को टाला गया। यह स्पष्ट है कि किसी एक व्यक्ति की लालच ने कितने सारे लोगों को मुश्किल में डाल दिया। बार-बार मांगने पर भी अमित जायसवाल ने पैसे नहीं लौटाए। इसके बजाय, वह मौखिक दुर्व्यवहार और मारपीट पर उतर आया। दीपक सोनकर ने यह भी बताया कि उन्होंने पहले आगरा के पुलिस कमिश्नर और अन्य पुलिस अधिकारियों को स्पीड पोस्ट के माध्यम से इस घटना की शिकायत की थी, लेकिन तब कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। FIR दर्ज, उप-निरीक्षक विकास सिवाच को मिली जांच, आरोपी फरार दीपक सोनकर की लिखित शिकायत (दिनांक 01/07/2025) के आधार पर ताजगंज पुलिस स्टेशन में एफआईआर नंबर 0514/2025 दर्ज कर ली गई है। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की कई धाराएं शामिल हैं, जिनमें 318(4), 338, 336(3), 340(2), 316(2) और 352 प्रमुख हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जिसकी जिम्मेदारी उप-निरीक्षक (SI) विकास सिवाच को सौंपी गई है। शिकायतकर्ता को एफआईआर की एक निःशुल्क प्रति भी प्रदान की गई है। इस अनोखे धोखाधड़ी के मामले का आरोपी अमित जायसवाल फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

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