आगरा में धरने के बीच पहुंचा ‘फर्जी अधिकारी’, किसानों ने पकड़ा

आगरा। आगरा के अकोला ब्लॉक के गांव कराहरा में पशुधन सेवा केंद्र और सामुदायिक उप स्वास्थ्य केंद्र की मांग को लेकर चल रहे बेमियादी धरने में एक नया मोड़ आ गया है। धरने के तीसरे दिन एक व्यक्ति खुद को उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ का अधिकारी बताकर पहुंचा, लेकिन जब किसानों ने उससे पहचान पत्र मांगा तो वह अपना नाम और पद नहीं बता पाया। इस व्यक्ति ने खुद को अधिशासी अभियंता द्वारा भेजा गया अवर अभियंता बताया। उसने धरना स्थल पर बैठकर किसानों को धरना खत्म करने की धमकी भी दी। जांच में निकला ठेकेदार भारतीय किसान मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पेंद्र चौधरी ने जब उस व्यक्ति की जांच की, तो पता चला कि वह कोई अधिकारी नहीं, बल्कि उसी सहकारी संघ का ठेकेदार है, जिसने पशुधन सेवा केंद्र का निर्माण कराया था। यह इमारत 7 साल पहले बन चुकी है, लेकिन अभी तक पशुपालन विभाग को नहीं सौंपी गई है। शाम को यूपीसीएलडीएफ के असली अवर अभियंता कमल यादव मौके पर पहुंचे और उन्होंने किसानों को शांत करने की कोशिश की, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। किसान फर्जी अधिकारी बनकर आए युवक के खिलाफ एफआईआर और ठेकेदार से रिकवरी की मांग कर रहे हैं। अवर अभियंता कमल यादव ने बताया कि उस युवक की पहचान हो गई है और वह एक ठेकेदार है। उसे कार्यालय बुलाकर लिखित स्पष्टीकरण मांगा जाएगा, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। धरने में संगठन के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।

किसान आयोग की मांग को लेकर दिल्ली में कृषि मंत्री से मिले भारतीय किसान यूनियन (चौधरी चरण सिंह) के अध्यक्ष, मनरेगा में सीधे लाभ का उठाया मुद्दा

आगरा, उत्तर प्रदेश। किसानों के हितों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए भारतीय किसान यूनियन (चौधरी चरण सिंह) के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। बुधवार, 6 अगस्त 2025 को हुई इस मुलाकात के दौरान, किसान नेताओं ने ‘किसान आयोग’ के गठन की पुरजोर मांग उठाई और इस संबंध में एक विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा। मनरेगा में किसानों को सीधे लाभ देने पर जोर, ग्राम प्रधानों की मनमानी रोकने की मांग मुलाकात के दौरान, किसान प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से यह मांग रखी कि मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) का सीधा फायदा किसानों को मिले। उनका तर्क था कि इससे ग्राम प्रधानों की मनमानी पर रोक लगाई जा सकेगी और वास्तविक ज़रूरतमंद किसानों तक लाभ पहुँच पाएगा। प्रतिनिधिमंडल में शामिल भारतीय किसान यूनियन (चौधरी चरण सिंह) के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह गुर्जर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र बघेल, राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष थान सिंह कंसाना, और नीरज प्रधान सहित अन्य सदस्यों ने मंत्री को किसानों की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। कृषि मंत्री का आश्वासन: “जल्द होगा विचार-विमर्श और उचित कार्रवाई” केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसान नेताओं की बातों को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वासन दिया। मंत्री ने कहा कि किसानों द्वारा उठाई गई समस्याओं पर जल्द ही विचार-विमर्श किया जाएगा और किसान हित में उचित कदम उठाए जाएंगे। इस मुलाकात से किसानों में उम्मीद जगी है कि उनकी लंबित मांगें और मनरेगा से संबंधित मुद्दे सरकार के संज्ञान में आएंगे और जल्द ही उन पर सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी। भारतीय किसान यूनियन (चौधरी चरण सिंह) ने इस मुलाकात को किसानों के हक की लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

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