फतेहपुर सीकरी में जलभराव की समस्या: राजस्व टीम के दौरे के बाद भी समाधान नहीं

आगरा। फतेहपुर सीकरी के औलेंडा ग्राम के नगला दधिराम में जलभराव और पुलिया की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान राजस्व टीम के निरीक्षण के बाद भी नहीं हो सका है। ग्रामीणों की शिकायत पर उप जिलाधिकारी ने नाले की खुदाई और पुलिया की सफाई के आदेश दिए थे, लेकिन मंगलवार को पहुँची टीम ने इन आदेशों का पालन नहीं किया, जिससे ग्रामीणों और टीम के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मंगलवार दोपहर नायब तहसीलदार चर्चिता गौतम, कानून गो अनिल सोलंकी, और अन्य अधिकारियों सहित पूरी राजस्व टीम गाँव पहुँची थी। ग्रामीणों का आरोप है कि टीम ने न तो पुलिया को साफ कराया और न ही नाले की खुदाई की। उन्होंने बताया कि करीब 30 वर्ष पुरानी सड़क पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है और एक बंबे को भी जबरन बंद कर दिया है, जिससे गाँव के मुख्य रास्ते पर लगभग 600 मीटर तक पानी भर गया है। ग्राम प्रधान जगदीश सिंह ने भी इस बात की पुष्टि की कि टीम द्वारा कोई समाधान नहीं निकाला गया। राजस्व टीम की इस कार्यशैली से निराश ग्रामीणों ने अब जिलाधिकारी से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। वे चाहते हैं कि जलभराव को खत्म किया जाए, सड़क से अतिक्रमण हटाया जाए, और 30 साल पुरानी जल निकासी पुलिया को फिर से खोला जाए। इस दौरान पूर्व प्रधान अशोक गहलोत, पूर्व प्रधान सत्तो ठाकुर, निरोत्तम शर्मा, धंसू पहलवान और सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।

अछनेरा में पहली बारिश ने खोली नगर पालिका की पोल: बाजार में भरा गंदा पानी, काम-धंधा ठप

आगरा। अछनेरा कस्बे में मंगलवार को हुई बारिश ने नगर पालिका की सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी है। दोपहर से देर शाम तक हुई मूसलाधार बारिश के बाद नालियां ओवरफ्लो हो गईं, जिससे सड़कों, गलियों और दुकानों में गंदा पानी भर गया। जलभराव और कीचड़ के कारण बाजार में दुकानदारों का काम-धंधा पूरी तरह ठप हो गया। स्थानीय निवासियों और दुकानदारों का कहना है कि नगर पालिका नालियों की नियमित सफाई नहीं कराती है, जिसके कारण थोड़ा भी पानी गिरने पर नालियां उफान पर आ जाती हैं। “कागजों में होती है सफाई, अधिकारी नहीं करते निरीक्षण” स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका केवल कागजों में ही सफाई दिखाती है, जबकि वास्तविकता कुछ और है। उनका कहना है कि सभी वार्डों में जलभराव की समस्या है, लेकिन अधिकारी कभी भी मौके पर निरीक्षण करने नहीं आते। नागरिकों ने बताया कि नालियों में जमा कचरे के कारण पानी का निकास रुक जाता है, जिससे सड़कों पर गंदगी फैल जाती है। इस गंदे पानी से न केवल दुकानदारों बल्कि राहगीरों और वाहन चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है। इस समस्या की कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि गंदे पानी के जमाव से बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।

आगरा में 3 घंटे की मूसलाधार बारिश से हाहाकार: शहर डूबा, सड़कें बनीं तालाब, गाड़ियां रेंगती दिखीं!

आगरा। गुरुवार दोपहर को हुई महज 3 घंटे की तेज बारिश ने आगरा शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। मूसलाधार बारिश के चलते शहर की सड़कें और कई इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नाले और नालियां उफन पड़े, और सड़कें किसी तालाब से कम नहीं लग रही थीं। घरों-दुकानों में घुसा पानी, यातायात व्यवस्था चरमराई बारिश का पानी तेजी से लोगों की दुकानों और मकानों में घुस गया, जिससे कई लोग अपने घरों में कैद हो गए। शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और जगह-जगह लंबा जाम लग गया। सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार थम सी गई और वे रेंगती नजर आईं। शहर के कई इलाकों में गाड़ियां बंद पड़ गईं, जिन्हें राहगीरों की मदद से किनारे लगाना पड़ा। सड़कों पर एक फुट तक पानी भर जाने से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया था। इन इलाकों में दिखा सबसे बुरा हाल बारिश का सबसे अधिक असर शहर के व्यस्ततम इलाकों में देखने को मिला। हर बारिश में एक ही कहानी: कब सुधरेगी जल निकासी व्यवस्था? यह पहली बार नहीं है जब आगरा में थोड़ी सी बारिश के बाद शहर जलमग्न हो गया हो। इससे पहले भी कई बार ऐसी ही स्थिति बनी है, जब लोगों को जलभराव और घंटों लंबे जाम का सामना करना पड़ा है। शहर की बेहद खराब जल निकासी व्यवस्था के कारण यह समस्या हर साल और गंभीर होती जा रही है। नागरिकों का कहना है कि नगर निगम और प्रशासन को इस गंभीर समस्या पर तुरंत ध्यान देना चाहिए, ताकि बारिश उनके लिए आफत न बने।

Verified by MonsterInsights