आगरा में अतिक्रमण हटाने गई नगर निगम टीम को लौटना पड़ा, स्थानीय लोगों ने किया विरोध

आगरा। आगरा के आवास विकास सेक्टर-7 में बुधवार को नगर निगम की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई भारी हंगामे के कारण रुक गई। जोनल अधिकारी सी.पी. सिंह के नेतृत्व में गई निगम की टीम को स्थानीय लोगों के विरोध के बाद बिना कार्रवाई किए ही खाली हाथ लौटना पड़ा। यह कार्रवाई इलाके के एक निवासी ललित अग्रवाल की आईजीआरएस पोर्टल पर की गई शिकायत के बाद शुरू हुई थी। उन्होंने शिकायत में कहा था कि कई लोगों ने अपने घरों के सामने अवैध रूप से रैंप बना लिए हैं, जिससे राहगीरों और वाहनों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। जैसे ही नगर निगम की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची, स्थानीय लोगों ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया। लोगों ने आरोप लगाया कि उनके नाम से की गई शिकायत फर्जी है और शिकायतकर्ता ललित अग्रवाल ने उनके जाली हस्ताक्षर कर दिए हैं। अधिकारियों ने लोगों को समझाया कि सरकारी भूमि पर रैंप बनाना अवैध है और इसे किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा। हालांकि, तनाव बढ़ने पर निगम टीम को पीछे हटना पड़ा। लोगों ने कहा कि वे खुद ही रैंप हटा लेंगे और निगम को कार्रवाई नहीं करने देंगे। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने कहा है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों को खुद अतिक्रमण हटाने का मौका दिया है, लेकिन अगर तय समयसीमा में रैंप नहीं हटे तो निगम सख्त कार्रवाई करेगा।

आगरा में चोरों ने खाली घर में लगाई सेंध, पड़ोसियों के शोर मचाने पर बाइक छोड़ भागे; 50 हजार नगद ले गए

आगरा। आगरा के थाना सिकंदरा क्षेत्र में स्थित एडब्ल्यूएस कॉलोनी, आवास विकास में चोरों ने एक बंद घर को निशाना बनाया। चोर घर का ताला तोड़कर अंदर घुसे और 50 हजार रुपए नगद, सोने के जेवरात और अन्य सामान ले गए। हालांकि, पड़ोसियों की आहट होने पर उन्होंने शोर मचाया, जिससे चोर अपनी बाइक छोड़कर भागने पर मजबूर हो गए। पुलिस ने मौके से बाइक को कब्जे में ले लिया है और सीसीटीवी फुटेज की मदद से चोरों की पहचान करने में जुटी है। बेटी की फीस के 50 हजार रुपए उड़ाए आवास विकास निवासी विमल कुमार दुबे ने बताया कि वह 28 अगस्त को अपनी बेटी के पास गुरुग्राम गए हुए थे और घर पर ताला लगा था। देर रात करीब 3 बजे दो चोर बाइक से आए और मेन गेट का ताला तोड़कर घर में घुस गए। चोरों ने अलमारी में रखे बेटी की फीस के 50 हजार रुपए, एक सोने की अंगूठी और अन्य सामान चोरी कर लिया। शोर सुनते ही बाइक छोड़ भागे चोर पीड़ित के अनुसार, जब चोर वारदात को अंजाम दे रहे थे, तभी पड़ोसियों को कुछ आवाजें सुनाई दीं। उन्होंने तुरंत शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनते ही घबराए बदमाश अपनी बाइक छोड़कर अंधेरे में भाग गए। सूचना मिलने पर विमल कुमार दुबे गुरुग्राम से लौटकर आए और पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने मौके से चोरों की बाइक को जब्त कर लिया है और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, जिससे जल्द ही चोरों की पहचान होने की उम्मीद है।

आगरा में ‘ट्रैफिक रेंगता है’ का हाल! हरीपर्वत से आवास विकास तक ‘गड्ढे-अतिक्रमण का सफर’: 4 KM की दूरी 30 मिनट में, ‘मांएं स्कूल से लौटते बच्चों का करती हैं इंतजार’

आगरा। आगरा शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक, हरीपर्वत से आवास विकास तक का मार्ग, इन दिनों शहरवासियों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं। महज 4 किलोमीटर की यह दूरी, जिसे सामान्यतः 10 मिनट में तय किया जा सकता है, अब 25 से 30 मिनट का समय ले रही है। सबसे ज़्यादा पीड़ा उन माताओं को उठानी पड़ रही है, जो स्कूल से अपने बच्चों के लौटने का बेसब्री से इंतजार करती हैं, क्योंकि बच्चों को थोड़ी सी दूरी तय करने में भी घंटों लग रहे हैं। इस रूट पर ट्रैफिक चलता नहीं, बल्कि रेंगता है, जिसका मुख्य कारण जगह-जगह मौजूद गड्ढे और बेतहाशा अतिक्रमण है, जिसने पूरे रास्ते को एक बड़े जाम में तब्दील कर दिया है। हरीपर्वत से ही शुरू हो जाती है मुसीबत: स्कूल टाइम और शाम को ‘हाल बेहाल’ स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस परेशानी की शुरुआत हरीपर्वत चौराहे से ही हो जाती है, जहां से सड़क पर गड्ढे मिलने लगते हैं। दोपहर में स्कूल की छुट्टी के समय और शाम 6 से 8 बजे के बीच इस रूट पर सबसे भीषण जाम लगता है। खासकर दिल्ली गेट से लेकर मदिया कटरा पुल और मानसिक स्वास्थ्य संस्थान तक वाहन मुश्किल से आगे बढ़ पाते हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि दिल्ली गेट पर स्थित अस्पतालों की पार्किंग में खड़े वाहन भी अक्सर सड़क पर ट्रैफिक को रोक देते हैं, जिससे जाम और बढ़ जाता है। मदिया कटरा पर केवल एक लेन होने के कारण टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर दोनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, और गाड़ियां बस रेंगती रहती हैं। जाम के कारण स्कूल से लौटते बच्चों को गर्मी और उमस में भारी परेशानी होती है, जिससे मांओं की चिंता बढ़ती है कि उनका बच्चा कब घर आएगा, कब खाएगा और कब सो पाएगा। बारिश में हालात और बदतर: नालियां ओवरफ्लो, सड़कें बन जाती हैं तालाब मदिया कटरा चौराहे पर दुकानदारों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि दोपहर और शाम को रोज आवास विकास से आने वाले वाहनों की लंबी लाइनें लग जाती हैं। वहीं एक रेहड़ी लगाने वाले ने बताया कि चौराहे से लेकर मानसिक चिकित्सालय तक हल्की बारिश में भी पानी भर जाता है। सड़कें तालाब जैसी बन जाती हैं, जिससे गाड़ियां फंस जाती हैं। नालियां ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बहने लगती हैं, और जलभराव से हालात और भी खराब हो जाते हैं, जिससे यह 4 किलोमीटर का सफर बारिश के दिनों में 45 मिनट तक का समय ले सकता है। 16 सेक्टरों को जोड़ता है यह अहम मार्ग, हजारों वाहन रोज गुजरते हैं यह मार्ग आवास विकास कॉलोनी के 16 सेक्टरों को जोड़ने वाला एक बेहद महत्वपूर्ण रास्ता है। मदिया कटरा से होकर लोहामंडी, न्यू राजामंडी और सिकंदरा पुल जाने वाले हजारों लोग रोजाना इसी रूट का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा, यह मार्ग मथुरा और दिल्ली जाने वाले वाहनों के लिए भी एक अहम कड़ी है। इस महत्वपूर्ण मार्ग की बदहाली से हजारों लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन को इस समस्या पर तुरंत ध्यान देने और ठोस कदम उठाने की जरूरत है ताकि शहरवासियों को इस रोजमर्रा के ‘जाम और गड्ढों के सफर’ से मुक्ति मिल सके।

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