आगरा में खारी नदी के तेज बहाव में दो युवक बहे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

आगरा। आगरा के कागारौल क्षेत्र में सोमवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जब खारी नदी की रपट पार करते समय एक वैन तेज बहाव में फंस गई। जान बचाने के लिए वैन से कूदने वाले दो युवक नदी में बह गए। इस हादसे के बाद दोनों के घरों में कोहराम मच गया है और प्रशासन ने उन्हें ढूंढने के लिए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। डूबने वाले युवकों की पहचान अभिषेक (17 वर्ष) और रवि (20 वर्ष) के रूप में हुई है। अभिषेक हाईस्कूल का छात्र है, जबकि रवि की शादी दस महीने पहले ही हुई थी। ये दोनों घटना के समय एक वैन में जैंगारा लौट रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, गोताखोर, अग्निशमन दल और पीएसी की टीमें मौके पर पहुँच गईं। उन्होंने नावों के सहारे नदी में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन देर रात तक कोई सफलता नहीं मिली। इस दौरान घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। उपजिलाधिकारी नीलम तिवारी, फतेहपुर सीकरी विधायक चौधरी बाबूलाल और एसीपी सुकन्या शर्मा सहित भारी पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा।

पदमप्रभु जिनालय में गूंजे जयकारे: अवधपुरी में भक्तिभाव से संपन्न हुआ श्री कल्याण मंदिर विधान

आगरा। अवधपुरी स्थित पदमप्रभु जिनालय में आज, 1 अगस्त को, आध्यात्मिक भक्ति और उत्साह के साथ श्री कल्याण मंदिर विधान का आयोजन सानंद संपन्न हुआ। यह दिव्य आयोजन पदमप्रभु महिला मंडल द्वारा पंडित विवेक जैन शास्त्री के कुशल निर्देशन में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया। अभिषेक, शांतिधारा और मंगल कलश की स्थापना विधान की शुरुआत में, भक्तों ने पूर्ण भक्तिभाव के साथ सर्वप्रथम श्रीजी का अभिषेक एवं शांतिधारा की। इसके उपरांत, सौभाग्यवती महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक मांडले पर मंगल कलश स्थापित कर इस पावन विधान का विधिवत शुभारंभ किया। यह दृश्य भक्तों के लिए अत्यंत मनोहारी और प्रेरणादायक था। अष्ट द्रव्यों से प्रभु की आराधना पंडित विवेक जैन शास्त्री के कुशल निर्देशन में, उपस्थित सभी श्रावक-श्राविकाओं ने अष्ट द्रव्यों (जल, चंदन, अक्षत, पुष्प, नैवेद्य, दीप, धूप और फल) के साथ प्रभु की आराधना की। इस दौरान, श्री कल्याण मंदिर विधान की सभी मांगलिक क्रियाएं भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुईं। पूरा जिनालय मंत्रोच्चार और जयकारों से गूंज उठा, जिससे वातावरण और भी अधिक आध्यात्मिक हो गया। सकल जैन समाज की भागीदारी इस अवसर पर, विधान में ओम प्रकाश जैन, इंद्रप्रकाश जैन, मनीष जैन, प्रवीन जैन, अजय जैन, नरेंद्र कुमार जैन, रवि जैन, शुभम जैन, अनिल जैन, रश्मि जैन, करुणा जैन, बीना जैन, कविता जैन, पुष्पा जैन, अंजू जैन सहित समस्त अवधपुरी सकल जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने मिलकर इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में अपना योगदान दिया और प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस आयोजन ने समाज में धार्मिक सौहार्द और एकजुटता का संदेश दिया।

आगरा: मोतीकटरा जैन मंदिर में ‘श्रीजी विराजमान समारोह’ संपन्न, नेमिनाथ भगवान के जन्म-तप कल्याणक पर उमड़ी श्रद्धा

आगरा। मोतीकटरा स्थित जत्ती कटरा के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में बुधवार को 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ के जन्म एवं तप कल्याणक के पावन अवसर पर ‘श्रीजी विराजमान समारोह’ अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। यह समारोह आचार्यश्री चैत्यसागर जी महाराज एवं गुरुमां शाश्वतमति माता जी ससंघ के दिव्य सान्निध्य में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भाग लिया। अभिषेक, शांतिधारा और विधि-विधान से प्रतिमाएं विराजमान कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक एवं शांतिधारा से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को पवित्र कर दिया। इसके बाद, विधानाचार्य पंडित जिनेन्द्र जैन शास्त्री के कुशल निर्देशन में श्रीजी की प्रतिमाओं को वैदिक विधि-विधान के साथ वेदी में स्थापित (विराजमान) कराया गया। इस शुभ अवसर पर, सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रभु पार्श्वनाथ के समक्ष सामूहिक रूप से निर्वाण लाडू चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस पूरे आयोजन में भक्ति और संयम का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था और भी गहरी हुई। आचार्यश्री का आशीर्वाद और भक्तिमय संगीत मोती कटरा जैन समाज के श्रद्धालुओं ने आचार्यश्री चैत्यसागर जी महाराज के चरणों में श्रीफल भेंट कर उनका मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। इस कार्यक्रम में धर्मभाव, श्रद्धा और संगठन की एक अनुपम छवि दिखाई दी। भक्ति संगीत शशि पाटनी द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। कार्यक्रम का संचालन मनोज जैन बाकलीवाल ने बेहद प्रभावशाली ढंग से किया। इस अवसर पर निर्मल मौठया, पंकज जैन, संजीव जैन, पन्नालाल गोधा, अशोक सेठी, कमल जैन, आकाश जैन, अमन जैन, दीपक जैन, हुकम जैन, शुभम जैन सहित मोती कटरा जैन समाज के अनेक सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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