Agra News: सहालग शुरू; कलेक्ट्रेट और हाईवे पर 3 KM लंबा जाम, रेंग रहे वाहन

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Agra News सहालग शुरू होते ही आगरा में ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई है। सोमवार रात कलेक्ट्रेट चौराहे से पुलिस लाइन रोड पर 3 KM लंबा जाम लगा। एमजी रोड, फतेहाबाद रोड और आगरा-मथुरा हाईवे पर भी मैरिज होम और बारातों के कारण वाहन रेंगते रहे, लोग परेशान। आगरा में देवोत्थान एकादशी के बाद सहालग (शादी-समारोहों का सीजन) शुरू होते ही शहर की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है। शाम होते ही सड़कों पर वाहनों का दबाव इतना बढ़ जाता है कि वाहन चालकों को रेंग-रेंग कर निकलना पड़ता है। हाईवे से लेकर शहर के मुख्य मार्गों तक यही स्थिति बनी हुई है। शहर के मुख्य मार्गों का हाल सोमवार रात को शहर के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का सबसे बुरा हाल देखने को मिला: हाईवे पर थमी वाहनों की रफ्तार केवल शहर के आंतरिक मार्ग ही नहीं, बल्कि प्रमुख हाईवे पर भी यातायात बाधित रहा। यात्रियों ने शिकायत की कि सहालग के कारण नियमित यात्रा का समय दोगुना हो गया है। पुलिस प्रशासन को वेडिंग सीजन को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था में अतिरिक्त बल लगाने और बारिशों की मूवमेंट को नियंत्रित करने की तत्काल आवश्यकता है।

‘तिर्री और टेम्पू’ के लिए अब नए जोन, QR कोड से होगी पहचान: यातायात पुलिस का मास्टर प्लान, जल्द लागू होगा नया नियम

आगरा। आगरा की सड़कें पिछले काफी समय से जाम की समस्या से कराह रही हैं। इस विकट स्थिति से निपटने के लिए यातायात पुलिस ने एक नया और महत्वपूर्ण प्लान तैयार किया है। शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए अब ई-रिक्शा और ऑटो का संचालन चार जोन में बांटकर किया जाएगा। इसका मतलब है कि अब चालक अपने निर्धारित जोन में ही तिर्री और टेम्पू चला सकेंगे, और ज़ोन से बाहर जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। इस नई व्यवस्था को जल्द ही आगरा में लागू किया जाएगा। क्या है यातायात पुलिस का नया प्लान? यातायात पुलिस द्वारा तैयार किए गए इस प्लान के तहत: क्यों पड़ी इस नए प्लान की जरूरत? एमजी रोड पर मेट्रो कार्य और वाहनों का दबाव एमजी रोड और हाईवे पर चल रहे मेट्रो निर्माण कार्य के कारण डिवाइडर पर बैरिकेडिंग की गई है, जिससे ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है। पीक आवर्स (सुबह-शाम के व्यस्त समय) में वाहनों की संख्या बढ़ने पर लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ता है। एमजी रोड पर महानगर बसों के साथ-साथ ऑटो और ई-रिक्शा की बड़ी संख्या, और स्कूल बसों व निजी कारों की बढ़ती तादाद, जाम की प्रमुख वजह बन रही है। इस समस्या को दूर करने के लिए ही बुधवार को डीसीपी यातायात अभिषेक अग्रवाल की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई थी। डीसीपी अग्रवाल ने बताया कि जिले में लगभग 35 हजार ऑटो और ई-रिक्शा पंजीकृत हैं, जिनमें से आधे से ज़्यादा शहरी सीमा में चलते हैं। इनमें से भी बड़ी संख्या भगवान टॉकीज से प्रतापपुरा के बीच संचालित होती है। उन्होंने यह भी बताया कि कई ऑटो की फिटनेस नहीं है और देहात (ग्रामीण) क्षेत्र के ऑटो भी शहर में चल रहे हैं, जिससे यातायात का दबाव और बढ़ रहा है। मेट्रो के कार्य को देखते हुए शहर में यातायात को सुचारू बनाने के लिए यह नई व्यवस्था लाई जा रही है। क्यूआर कोड और फिटनेस चेकिंग से होगी सख्ती यातायात पुलिस की नई व्यवस्था में क्यूआर कोड अहम भूमिका निभाएगा। आरटीओ के माध्यम से ऑटो के मालिक और चालक के निवास स्थान का पता लगाकर उन्हें क्यूआर कोड जारी किए जाएंगे। जोन निर्धारित होने के बाद चालक को उसी में ऑटो का संचालन करना होगा। इसके अलावा, जिन वाहनों की फिटनेस नहीं होगी, उन्हें बिल्कुल भी संचालित नहीं करने दिया जाएगा। इसके लिए अलग से चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। देहात क्षेत्र के ऑटो को देहात में ही चलाने की अनुमति होगी, और आगरा से बाहर के ऑटो के शहर में प्रवेश करने पर भी कार्रवाई की जाएगी। यह नया प्लान आगरा को जाम से मुक्ति दिलाने में कितना सफल होगा, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन यातायात पुलिस का यह कदम निश्चित रूप से एक उम्मीद की किरण है।

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