आगरा: सपा सांसद रामजीलाल सुमन का योगी सरकार पर बड़ा हमला – “फतेहपुर मजार पर तोड़फोड़ सरकार की शह पर, भाजपा जिलाध्यक्ष पर क्यों नहीं चला बुलडोजर?”

आगरा। समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद रामजीलाल सुमन ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बुधवार को प्रेसवार्ता में कहा कि फतेहपुर में 200 साल पुराने अबू समद के मकबरे पर हुआ धार्मिक अनुष्ठान और तोड़फोड़ सरकार की शह पर की गई। सुमन ने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि इस मामले का मुख्य आरोपी भाजपा जिलाध्यक्ष है, लेकिन FIR में उसका नाम तक नहीं है। उन्होंने तीखे शब्दों में पूछा, “क्या योगी का बुलडोजर जाति और धर्म को लेकर ही चलता है?” भाजपा जिलाध्यक्ष ने पहले ही किया था ऐलान, अधिकारी बने मूकदर्शक रामजीलाल सुमन ने प्रेसवार्ता के दौरान फतेहपुर मामले में भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि 11 अगस्त को मजार पर हुई घटना सुनियोजित थी। उन्होंने आरोप लगाया कि 7 अगस्त को भाजपा जिलाध्यक्ष ने डीएम से मुलाकात कर खुलेआम ऐलान किया था कि वे 11 अगस्त को मजार को क्षतिग्रस्त करेंगे और धार्मिक अनुष्ठान करेंगे। सुमन ने आगे कहा, “हमारा आरोप है कि सरकार और शासन की जानकारी में सब कुछ होने के बावजूद भी जो तैयारियाँ वहाँ होनी चाहिए थीं, वह नहीं हुईं। जब मजार तोड़ी जा रही थी, तब प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस के लोग मूकदर्शक बने हुए थे। ये सब सरकार की शह पर हुआ है।” “हमारी सभ्यता और संस्कृति तोड़ी जा रही है, मुसलमानों के दिल तोड़े जा रहे हैं” सपा सांसद ने इस घटना को केवल मजार तोड़ने तक सीमित न बताते हुए कहा, “सिर्फ मजारें नहीं तोड़ी जा रहीं, हमारी सभ्यता-संस्कृति को तोड़ा जा रहा है। मुसलमानों के दिलों को तोड़ा जा रहा है। ये बहुत गंभीर मामला है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि मजारों, मसजिदों और दरगाहों को तोड़ने का यह सिलसिला कोई नया नहीं है, बल्कि लंबे समय से चला आ रहा है। मुख्यमंत्री पर सीधा हमला: “कहां गया योगी का बुलडोजर?” रामजीलाल सुमन ने भाजपा जिलाध्यक्ष का नाम FIR में न होने पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा, “आज सबसे अहम सवाल ये है कि इस पूरे प्रकरण का मुख्य सरगना भाजपा जिलाध्यक्ष था। उसका नाम FIR में नहीं है। सरकार उनको संरक्षण दे रही है। मामला बहुत गंभीर है।” सुमन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे सवाल किया, “मैं पूछना चाहता हूं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहां चला गया आपका बुलडोजर? क्या योगी का बुलडोजर जाति और धर्म को लेकर ही चलता है?” उन्होंने इस गंभीर मामले की न्यायिक जांच की मांग की। सुमन ने कहा कि भाजपा जिलाध्यक्ष पर रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) लगनी चाहिए और उन पर भी बुलडोजर चलना चाहिए। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। और खबरें भी हैं…

ये नहीं मानेंगे! प्रतिबंध के बाद भी गोवंश काटा जा रहा: आगरा के खंदौली में गोसेवकों ने पकड़ी गोवंश अवशेषों से भरी मैक्स, ड्राइवर फरार

आगरा। उत्तर प्रदेश में गोवंश कटान पर प्रतिबंध के बावजूद अवैध गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। आगरा के खंदौली थाना क्षेत्र में देर रात गोसेवकों ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए गोवंश के अवशेषों से भरी एक संदिग्ध मैक्स वाहन को पकड़ लिया। नगला धमाली के पास रात करीब 11 बजे हुई इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया, हालांकि वाहन का चालक और परिचालक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। मांस की तेज दुर्गंध, गोसेवकों ने रोका वाहन गोसेवक रवि चौधरी और विपिन राठौर ने सेमरा से खंदौली की ओर आ रही इस मैक्स वाहन को संदेह के आधार पर रोका। जैसे ही वाहन रुका, उसमें से मांस की तेज दुर्गंध आने लगी। गोसेवकों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना खंदौली की पुलिस मौके पर पहुंची और वाहन को कब्जे में लेकर यमुना एक्सप्रेसवे इंटरचेंज पर खड़ा करा दिया। ‘सावन में भी अवैध कटान’: गोसेवकों में भारी रोष गोसेवकों का कहना है कि सावन के पवित्र महीने में योगी सरकार द्वारा मीट पर लगाए गए प्रतिबंध के बावजूद कुछ लोग गोवंश की अवैध कटान कर रहे हैं। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों और गोसेवकों में भारी रोष है। उन्होंने इस मामले में कठोर कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके। थाना खंदौली के इंस्पेक्टर हंसराज भदौरिया ने बताया कि वाहन में लदे मांस को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर मालिक की पहचान करने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

“मंत्री का PS हूं तो अश्लीलता करूंगा तो कोई क्या ही कर लेगा?” – सोचा था जयकिशन ने, पर उसी मंत्री ने पुलिस बुलाकर करवा दिया गिरफ्तार!

लखनऊ। योगी सरकार में समाज कल्याण विभाग के मंत्री असीम अरुण के निजी सचिव जयकिशन सिंह को शायद यह गुमान था कि मंत्री का पीएस होने के नाते वह कुछ भी कर सकता है। लेकिन, उसे अंदाजा नहीं था कि जिस मंत्री के साथ वह काम कर रहा था, वही उसे अश्लील हरकत के आरोप में गिरफ्तार करवा देगा। गुरुवार को समाज कल्याण विभाग के मुख्यालय में तैनात एक महिला कर्मी से अश्लील हरकत करने के आरोप में मंत्री असीम अरुण ने खुद पुलिस बुलाकर जयकिशन सिंह को गिरफ्तार करवाया। अंधेरे में था आरोपी: मंत्री ने नहीं बर्दाश्त की मनमानी पीड़ित महिला ने रोते हुए सीधे मंत्री असीम अरुण से अपने निजी सचिव जयकिशन सिंह की हरकतों के बारे में बताया। महिला इतनी व्यथित थी कि वह मंत्री के सामने फूट-फूटकर रोने लगी। उसने बताया कि जयकिशन लंबे समय से उसे परेशान कर रहा था और अश्लील हरकतें करता था। महिला की पीड़ा सुनने के बाद, पूर्व IPS अधिकारी रहे मंत्री असीम अरुण ने उसे न्याय दिलाने का भरोसा दिया। उन्होंने साफ कहा, “इस तरह के अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अपराध करने वाला चाहे मेरा पर्सनल सेक्रेटरी हो या कोई और…” दोपहर करीब साढ़े 3 बजे मंत्री असीम अरुण कार्यालय पहुंचे और जयकिशन से इस बारे में पूछा, तो वह बहाने बनाने लगा। मंत्री ने तत्काल कार्यालय से ही पुलिस को फोन कर दिया और गोमतीनगर थाने से पुलिस बल बुलाकर जयकिशन को गिरफ्तार करवा दिया। पुलिस ने महिला की तरफ से निजी सचिव के खिलाफ मंत्री के सामने ही तहरीर दिलवाई और मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। आरोपी अब पुलिस हिरासत में आरोपी जयकिशन सिंह विभाग में समीक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत है और मूल रूप से प्रयागराज का रहने वाला है। गोमतीनगर इंस्पेक्टर बृजेंद्र चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी निजी सचिव जय किशन सिंह को थाने लाया गया है और महिला की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। यह घटना उन अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो पद का दुरुपयोग कर मनमानी करते हैं।

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