सड़क पर मलबे की शिकायत पर फंसे डीएम, सीडीओ और नगर आयुक्त: रिपोर्ट देने वाले दरोगा निलंबित, लापरवाही का आरोप

आगरा। आगरा में बोदला-बिचपुरी रोड किनारे पड़े सिल्ट और मलबे की शिकायतों पर कार्रवाई न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अब अदालत में सुनवाई होगी। इस मामले में सत्यमेव जयते ट्रस्ट ने अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। कोर्ट ने जब इस पर रिपोर्ट मांगी, तो जगदीशपुरा थाने के एक दरोगा ने आरोपों को सही पाते हुए अपनी जांच रिपोर्ट अदालत में भेज दी। इसके बाद, उस दरोगा को आनन-फानन में निलंबित कर दिया गया, हालांकि निलंबन की वजह लापरवाही बताई गई है। लंबे समय से पड़ा है मलबा, अधिकारियों पर निष्क्रियता का आरोप बोदला-बिचपुरी रोड पर लंबे समय से सिल्ट और मलबा पड़ा हुआ था, जिससे यहाँ से गुजरने वालों को काफी परेशानी हो रही थी। जब अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो सत्यमेव जयते ट्रस्ट ने इस मामले को उठाया। 21 जुलाई को ट्रस्ट के अध्यक्ष मुकेश जैन ने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें सीडीओ प्रतिभा सिंह, डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी, नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल और अन्य अधिकारियों को आरोपी बनाया गया था। प्रार्थना पत्र में कहा गया था कि सड़क महीनों से खतरनाक स्थिति में है, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य और यातायात के लिए खतरा पैदा हो रहा है। ट्रस्ट ने दावा किया कि अधिकारियों के पास आवश्यक बजट और अधिकार होने के बावजूद सफाई नहीं कराई गई, जो कि लोकसेवकों द्वारा अपने पद का दुरुपयोग कर जनता के विश्वास का आपराधिक उल्लंघन है। ट्रस्ट के पास अधिकारियों की लापरवाही के वीडियो और फोटो भी मौजूद होने का दावा किया गया है। दरोगा ने रिपोर्ट में मानी लापरवाही, फिर हुए निलंबित अदालत ने प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए थाना जगदीशपुरा से इस मामले पर रिपोर्ट मांगी। थाना जगदीशपुरा में तैनात दरोगा देवी शरण सिंह ने 29 जुलाई को अदालत को एक रिपोर्ट भेजी, जिसमें उन्होंने पुष्टि की कि बोदला से बिचपुरी तक जाने वाली सड़क पर वाकई मलबा, कीचड़ और सिल्ट जमा है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। जैसे ही यह रिपोर्ट कोर्ट में पहुंची, अधिकारियों को इसकी जानकारी मिली और पुलिस-प्रशासन में खलबली मच गई। शुक्रवार को दरोगा देवी शरण सिंह को निलंबित कर दिया गया। हालांकि, उनके निलंबन का कारण ‘सरकारी कार्य में लापरवाही और उच्च अधिकारियों के आदेशों का पालन न करना’ बताया गया है। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने कहा कि दरोगा को लगातार लापरवाही के कारण निलंबित किया गया है और उन्हें कोर्ट में दायर किए गए मामले की जानकारी नहीं है। यह घटना दिखाती है कि जनता की शिकायतों को नजरअंदाज करने वाले अधिकारियों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन साथ ही यह भी सवाल खड़ा करती है कि क्या सही रिपोर्ट देने वाले कर्मचारियों को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।

ताजमहल के पास ‘लपका’ आतंक: विदेशी पर्यटक को परेशान कर रहे तीन पकड़े गए, मुकदमा दर्ज!!!

आगरा। आगरा में ताजमहल के पास पर्यटकों को जबरदस्ती घुमाने का दबाव डालने वाले तीन युवकों को पर्यटन पुलिस ने गिरफ्तार किया है। तीनों पर्यटकों पर लगातार दबाव बना रहे थे, जिसके बाद पर्यटन पुलिस ने यह त्वरित कार्रवाई की। क्या हुआ था? गुरुवार को ताजमहल के पूर्वी और पश्चिमी गेट के पास इन तीन युवकों ने कुछ पर्यटकों को घेर लिया। वे पर्यटकों पर इस बात का दबाव बना रहे थे कि वे उन्हें कम पैसों में ताजमहल घुमा देंगे और शॉपिंग भी करा देंगे। पर्यटक बार-बार मना कर रहे थे, लेकिन तीनों युवक पर्यटकों के साथ जबरदस्ती करते रहे। इसकी शिकायत तुरंत पर्यटन पुलिस तक पहुँची। पुलिस ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर सलमान, राहुल सिंह और विकास नाम के तीनों युवकों को धर दबोचा। ये तीनों ही बिना आईडी कार्ड के पर्यटकों पर दबाव बना रहे थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 170, 126 और 135 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। ‘लपकों का आतंक’ खत्म क्यों नहीं हो रहा? यह कोई नई बात नहीं है कि ताजमहल के आसपास ‘लपकों’ (पर्यटकों को परेशान करने वाले गाइड/दलाल) का आतंक है। कुछ साल पहले आगरा आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ताजमहल को ‘लपका मुक्त’ करने की बात कही थी। पुलिस ने तब सख्ती भी बरती थी और कुछ दिनों तक हालात सुधरे भी थे, लेकिन फिर स्थिति जस की तस हो गई। योगी सरकार 2.0 में भी, सरकार के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने लपकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद आगरा प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लेते हुए ताजमहल शिल्पग्राम रोड पर एक एसडीएम की तैनाती करने की बात कही थी, ताकि वे ताजमहल और उसके आसपास लपकों के खिलाफ कार्रवाई कर सकें। हालांकि, दुखद बात यह है कि ये एसडीएम अब तक तैनात नहीं हो पाए हैं। तत्कालीन डीएम प्रभु एन. सिंह के कार्यकाल में ताजमहल के आसपास सख्ती का असर दिखाई दिया था। वर्तमान में भी पर्यटन पुलिस लपकों को पकड़ने का अभियान चला रही है और लगभग 500 लपकों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। लेकिन सूत्रों के अनुसार, अब भी 1500 से ज़्यादा लपके ताजमहल के आसपास सक्रिय हैं, जो पर्यटकों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। और खबरें भी हैं…

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