आगरा: बटेश्वर में बाढ़ ने छीनी मजदूर की आजीविका, परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट

आगरा। बटेश्वर तीर्थ धाम में आई यमुना नदी की बाढ़ ने जहां एक तरफ घाटों और मंदिरों को नुकसान पहुँचाया है, वहीं एक गरीब मजदूर परिवार की आजीविका भी छीन ली है। बाढ़ की चपेट में आने से सुखदेव उर्फ बिहारी का लकड़ी का छोटा खोखा बह गया, जिससे उनकी छोटी सी दुकान और सारा सामान पूरी तरह से खराब हो गया। सुखदेव ने बताया कि उनका यह खोखा ही परिवार के भरण-पोषण का एकमात्र जरिया था। अब उनके सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। उनकी आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी और उनकी पत्नी भी अक्सर बीमार रहती हैं। अब एक तरफ पत्नी के इलाज का खर्च है और दूसरी तरफ बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी। बाढ़ पीड़ित सुखदेव का कहना है कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि यमुना की बाढ़ एक ही झटके में उनसे सबकुछ छीन लेगी। अब उन्हें परिवार के भविष्य की चिंता सता रही है और वे मदद की आस लगाए बैठे हैं।

आगरा: बटेश्वर धाम में विशेष सफाई अभियान, जिला पंचायत ने हटाई बाढ़ की मिट्टी

आगरा। आगरा के बटेश्वर तीर्थ धाम में जिला पंचायत द्वारा एक विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर शुरू किए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य हाल ही में आई बाढ़ के कारण मंदिर परिसर और घाटों पर जमा हुई भारी मात्रा में मिट्टी और गंदगी को हटाना है। जिला पंचायत की टीम ने घाटों और उनके आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सफाई का काम शुरू किया है। इस अभियान के तहत, टीम घाटों पर जमी मिट्टी और अन्य गंदगी को हटा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को एक स्वच्छ और पवित्र वातावरण मिल सके। स्थानीय लोगों ने जिला पंचायत की इस पहल का दिल खोलकर स्वागत किया है। उनका मानना है कि यह सफाई अभियान न केवल बटेश्वर धाम के धार्मिक महत्व को बढ़ाएगा, बल्कि यहाँ के आध्यात्मिक माहौल को भी और अधिक पवित्र बनाएगा। यह अभियान तीर्थ स्थल की खोई हुई चमक को लौटाने में सहायक साबित होगा।

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