Agra: एक दिन की E.O. बनीं दलित छात्रा, सुलझाए 8 मामले

Agra प्रदेश सरकार के ‘मिशन शक्ति’ अभियान के तहत, शनिवार को पिनाहट कस्बे की दलित बस्ती की छात्रा प्रतीक्षा जाटव को नगर पंचायत पिनाहट का एक दिन का अधिशासी अधिकारी (ईओ) बनाया गया। इस दौरान उन्होंने सूझबूझ का परिचय देते हुए आठ शिकायतें सुनीं और उनका निस्तारण किया, जिसमें एक खरंजा निर्माण से जुड़ा विवाद भी शामिल था। प्रतीक्षा जाटव ने बिजली, पानी, खरंजा, साफ-सफाई, विधवा-वृद्धा पेंशन और आवास से संबंधित शिकायतों को सुना। उन्होंने सबसे पहले हैंडपंप की खराब होने की समस्या का संज्ञान लिया और तुरंत कर्मचारियों को उसे ठीक करने का निर्देश दिया, जिसे एक घंटे के भीतर पूरा कर दिया गया। बघेल कॉलोनी में खरंजा निर्माण को लेकर चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए, उन्होंने तत्काल पिनाहट के लेखपाल सुनील कुमार से फोन पर संपर्क किया। उन्होंने लेखपाल को मौके पर जाकर पैमाइश करने और दोनों पक्षों को समझाकर विवाद खत्म कराने का निर्देश दिया, जिससे निर्माण कार्य में आ रही बाधा दूर हुई। इसके अलावा, एक गरीब महिला को आवास के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने नगर पंचायत कार्यालय के कर्मचारियों से गृह कर और पेयजल कर के बारे में भी जानकारी ली। एक दिन की ईओ बनीं प्रतीक्षा ने लोगों से प्रतिबंधित पॉलीथिन का उपयोग छोड़कर कपड़े की थैली अपनाने की अपील भी की। इस अवसर पर चेयरमैन प्रतिनिधि आजाद बाबू, नगर पंचायत बाबू सुरेंद्र सिंह बघेल, रिंकू शर्मा और सुनील कुमार समेत कई अन्य लोग मौजूद रहे।

आगरा में व्यापारियों का ‘हाउस टैक्स’ पर हंगामा: नगर निकायों पर लगाए उत्पीड़न के आरोप, बोले- ‘मनमाने तरीके से बढ़ा रहे टैक्स, सीवर-जलकर की भी लूट!’

आगरा। आगरा में नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के खिलाफ व्यापारियों ने उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश ने आज नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर कहा कि स्थानीय निकाय G.I. सर्वे के नाम पर मनमाने तरीके से हाउस टैक्स बढ़ा रहे हैं, जबकि सरकार के 28 जून 2024 के आदेश को दरकिनार किया जा रहा है। “सीवर नहीं, फिर भी सीवर टैक्स! पेयजल का अभाव, फिर भी जलकर वसूली!” संगठन के महानगर अध्यक्ष नरेश पांडे ने आरोप लगाया कि जिन क्षेत्रों में सीवर की सुविधा तक नहीं है, वहाँ भी सीवर टैक्स वसूला जा रहा है। इसके अलावा, बाजारों में पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था न होने के बावजूद जलकर वसूली जारी है। व्यापारियों ने मांग की है कि बाजारों में वाटर कूलर लगाए जाएं और उनके रखरखाव की जिम्मेदारी तय की जाए। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि नगर निगम और पालिका के अधिकारी निर्धारित समय पर दफ्तरों में उपलब्ध नहीं रहते, जिससे आम जनता को काफी परेशानी होती है। साथ ही, बरसात में जलभराव, कूड़ा निस्तारण में लापरवाही, और सड़कों, नालियों, स्ट्रीट लाइट आदि की बदहाल स्थिति से व्यापारी वर्ग को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। “आवारा जानवरों का आतंक, अतिक्रमण पर आंखें मूंदे प्रशासन” संगठन ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि नगर क्षेत्रों में आवारा कुत्तों और बंदरों का आतंक बना हुआ है, लेकिन प्रशासन इस पर आंखें मूंदे बैठा है। वहीं, शहर की बड़ी समस्या अतिक्रमण और जाम को दूर करने के लिए स्ट्रीट वेंडर अधिनियम 2014 को अब तक ठीक से लागू नहीं किया गया है। व्यापारियों की ओर से मांग की गई है कि इन सभी समस्याओं पर त्वरित संज्ञान लेते हुए प्रदेश सरकार स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे और संबंधित निकायों को जवाबदेह बनाया जाए। ज्ञापन देने आए प्रतिनिधिमंडल में महानगर अध्यक्ष नरेश पांडे, मुकेश सिंह, मनोज गुप्ता, संजय गुप्ता, कपूर चंद रावत आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। व्यापारियों का यह विरोध नगर निकायों के कामकाज पर सवालिया निशान लगाता है और उनकी जवाबदेही की मांग करता है।

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