Agra News: बटेश्वर मेले में उटंगन नदी पर जल संरक्षण सम्मेलन!

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Agra News बटेश्वर मेले में ग्रामीण पत्रकार उटंगन नदी केंद्रित जल संरक्षण सम्मेलन करेंगे। रेहावली बांध की उपयोगिता पर ज़ोर दिया जाएगा। भूजल सुधार के लिए यह पहल जरूरी है। Agra News आगरा जनपद के भूजल स्तर को सुधारने और सिंचाई संसाधनों को पुनर्जीवित करने की दिशा में उत्तर प्रदेश ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने एक सकारात्मक पहल की है। एसोसिएशन ने बटेश्वर मेले के अवसर पर उटंगन नदी केंद्रित एक जल संरक्षण जागरूकता सम्मेलन आयोजित करने का प्रस्ताव रखा है। इस आयोजन का मुख्य फोकस जनपद से होकर बहने वाली नदियों और उनके प्रवाह तंत्र से संबंधित जागरूकता और चर्चा पर रहेगा, विशेष रूप से उटंगन नदी पर प्रस्तावित रेहावली बांध की महत्ता पर। उटंगन पर सम्मेलन की पहल उप्र ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन की जनपद इकाई के तत्वावधान में प्रस्तावित इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के संबंध में एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शंकर देव तिवारी ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्रामीण पत्रकारों के समक्ष जनपद की पेयजल और सिंचाई संसाधनों से संबंधित समस्याओं की रिपोर्टिंग हमेशा ही एक बड़ी चुनौती रही है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि जनपद का भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है, जबकि मानसून कालीन विपुल जलराशि नदियों से होकर बह जाती है और जलस्तर सुधारने में उसका उपयोग नहीं हो पाता है। श्री तिवारी ने स्पष्ट किया कि उटंगन नदी जनपद की भूजल रिचार्ज की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण जल स्त्रोत है। अतः: इसी नदी को केंद्रित कर इस साल जागरूकता सम्मेलन की शुरुआत करने का प्रयास किया जाएगा। आयोजन को सफल बनाने के लिए एसोसिएशन जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया से संपर्क कर उनका सहयोग और सानिध्य प्राप्त करने का आग्रह करेगी। नदी तट का भ्रमण और ज़मीनी आकलन सम्मेलन के प्रस्ताव से पहले, शंकर देव तिवारी के नेतृत्व में ग्रामीण पत्रकारों और सिविल सोसायटी ऑफ़ आगरा के प्रतिनिधिमंडल ने नदी तटीय स्थिति का आकलन किया। इस दल में सिविल सोसायटी के सेक्रेटरी अनिल शर्मा, वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट असलम सलीमी, और राजीव सक्सेना शामिल रहे। सोमवार को अरनौटा और पिढौरा में नदी प्रवाह का जायजा लिया गया। टीम ने पाया कि मानसून कालीन उफान थम जाने के बावजूद नदी में पिढौरा और रीठे (रिठाई) गांव तक भरपूर जल प्रवाह मौजूद है। यह ज़मीनी आकलन इस बात की पुष्टि करता है कि उटंगन में जल संग्रहण की अपार संभावनाएँ हैं। बटेश्वर में श्री तिवारी ने बाह क्षेत्र के पत्रकारों के साथ भी औपचारिक चर्चा कर इस पहल को सकारात्मक बताया। रेहावली बांध: भूजल रिचार्ज का मील का पत्थर सम्मेलन का केंद्रीय विषय उटंगन नदी पर रेहावली गांव में प्रस्तावित बांध होगा। पत्रकार राजीव सक्सेना ने बांध बनाने की उपयोगिता पर बोलते हुए कहा कि बांध बनाकर जल संग्रहित करने से पानी के अभाव में खराब पड़े हैंडपंप पुनः चालू होंगे। साथ ही, यह परियोजना आगरा शहर, फतेहाबाद, बाह, किरावली, खैरागढ़ के साथ एक बड़ी आबादी को मीठा व गुणवत्तापूर्ण जल पीने को मुहैया कराएगी। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार भी, भूगर्भित जल स्तर बढ़ने से प्रधानमंत्री की “हर घर नल, हर घर जल” योजना का सपना साकार करने में उटंगन नदी पर रेहावली में बनने वाला बांध मील का पत्थर साबित होगा। यह बांध विशेष रूप से शमसाबाद, फतेहाबाद, पिनाहट और बाह ब्लॉक के उन क्षेत्रों में भूमिगत जल के स्तर और गुणवत्ता में सुधार लाएगा, जो वर्तमान में अति दोहित श्रेणी में हैं और जहाँ गिरते जलस्तर के कारण अधिकांश हैंडपंप काम करना बंद कर चुके हैं। सिविल सोसायटी और ग्रामीण पत्रकारों की सहभागिता सिविल सोसायटी ऑफ़ आगरा के सेक्रेटरी अनिल शर्मा ने बताया कि उटंगन नदी को डॉ. मंजू भदौरिया (अध्यक्ष जिला पंचायत आगरा) के कार्यकाल में उपयुक्त पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा नदी पर रेहावली गांव में बांध बनाये जाने के लिये हुए प्रयास सर्वथा जन अपेक्षाओं के अनुरूप हैं। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के अलख दुबे, पत्रकार रणवीर सिंह, पत्रकार राज यादव, मंदिर प्रबंधक अजय भदौरिया, वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट असलम सलीमी और महामंत्री मुकेश शर्मा आदि ने बटेश्वर मंदिर में प्रस्तावित सम्मेलन आयोजन के प्रयास को सकारात्मक पहल बताकर चर्चा में सक्रिय सहभागिता की। यह पहल ग्रामीण मीडिया और सिविल सोसायटी के बीच जल संरक्षण जैसे राष्ट्रीय महत्व के मुद्दे पर सामूहिक प्रयास का उत्कृष्ट उदाहरण है। आगरा सिविल एयरपोर्ट के दूसरे चरण को मिलेगी हरी झंडी, 6 सदस्यीय समिति गठित

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