ताजमहल के पास ‘लपका’ आतंक: विदेशी पर्यटक को परेशान कर रहे तीन पकड़े गए, मुकदमा दर्ज!!!

आगरा। आगरा में ताजमहल के पास पर्यटकों को जबरदस्ती घुमाने का दबाव डालने वाले तीन युवकों को पर्यटन पुलिस ने गिरफ्तार किया है। तीनों पर्यटकों पर लगातार दबाव बना रहे थे, जिसके बाद पर्यटन पुलिस ने यह त्वरित कार्रवाई की। क्या हुआ था? गुरुवार को ताजमहल के पूर्वी और पश्चिमी गेट के पास इन तीन युवकों ने कुछ पर्यटकों को घेर लिया। वे पर्यटकों पर इस बात का दबाव बना रहे थे कि वे उन्हें कम पैसों में ताजमहल घुमा देंगे और शॉपिंग भी करा देंगे। पर्यटक बार-बार मना कर रहे थे, लेकिन तीनों युवक पर्यटकों के साथ जबरदस्ती करते रहे। इसकी शिकायत तुरंत पर्यटन पुलिस तक पहुँची। पुलिस ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर सलमान, राहुल सिंह और विकास नाम के तीनों युवकों को धर दबोचा। ये तीनों ही बिना आईडी कार्ड के पर्यटकों पर दबाव बना रहे थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 170, 126 और 135 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। ‘लपकों का आतंक’ खत्म क्यों नहीं हो रहा? यह कोई नई बात नहीं है कि ताजमहल के आसपास ‘लपकों’ (पर्यटकों को परेशान करने वाले गाइड/दलाल) का आतंक है। कुछ साल पहले आगरा आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ताजमहल को ‘लपका मुक्त’ करने की बात कही थी। पुलिस ने तब सख्ती भी बरती थी और कुछ दिनों तक हालात सुधरे भी थे, लेकिन फिर स्थिति जस की तस हो गई। योगी सरकार 2.0 में भी, सरकार के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने लपकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद आगरा प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लेते हुए ताजमहल शिल्पग्राम रोड पर एक एसडीएम की तैनाती करने की बात कही थी, ताकि वे ताजमहल और उसके आसपास लपकों के खिलाफ कार्रवाई कर सकें। हालांकि, दुखद बात यह है कि ये एसडीएम अब तक तैनात नहीं हो पाए हैं। तत्कालीन डीएम प्रभु एन. सिंह के कार्यकाल में ताजमहल के आसपास सख्ती का असर दिखाई दिया था। वर्तमान में भी पर्यटन पुलिस लपकों को पकड़ने का अभियान चला रही है और लगभग 500 लपकों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। लेकिन सूत्रों के अनुसार, अब भी 1500 से ज़्यादा लपके ताजमहल के आसपास सक्रिय हैं, जो पर्यटकों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। और खबरें भी हैं…

आगरा में SDM को ‘शहीद का पाठ’ पढ़ाते दिखे सपा सांसद रामजीलाल सुमन

आगरा। अक्सर अपनी बेबाकी के लिए चर्चा में रहने वाले सपा सांसद रामजीलाल सुमन एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। इस बार वे आगरा के खेरागढ़ क्षेत्र में एक एसडीएम (उप जिलाधिकारी) की सरेआम क्लास लेते हुए दिखाई दिए हैं, जिसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। 22 सेकंड के इस वीडियो में राज्यसभा सदस्य सुमन एसडीएम को शहीद के सम्मान का महत्व समझाते नजर आ रहे हैं, जबकि एसडीएम भीड़ के सामने हाथ बांधे खड़े दिखाई दे रहे हैं। शहीद लाखन सिंह लोधी के सम्मान में देरी पर भड़के सांसद यह पूरा मामला तब सामने आया जब रविवार को सपा सांसद रामजीलाल सुमन आगरा के खेरागढ़ तहसील के खानपुर गांव में शहीद सार्जेंट लाखन सिंह लोधी के परिजनों से मिलने पहुंचे थे। परिजनों ने सांसद को बताया कि सार्जेंट लाखन सिंह लोधी की शहादत को लगभग डेढ़ महीना बीत चुका है, लेकिन उनके समाधि स्थल का निर्माण अभी तक शुरू नहीं हुआ है। इसी जानकारी पर सांसद सुमन एसडीएम पर भड़क गए। रामजीलाल सुमन के साथ उनके आवास पर कुछ दिन पहले ही शहीद के परिजन पहुंचे थे, जहां उन्होंने बताया था कि लाखन सिंह लोधी पंजाब के जालंधर में सार्जेंट पद पर तैनात थे और उन्होंने भारतीय वायुसेना में 17 साल देश की सेवा की। 30 जून को हुई थी शहादत, प्रशासन पर संवेदनहीनता का आरोप सार्जेंट लाखन सिंह लोधी की 30 जून को सेवारत रहते हुए मृत्यु हो गई थी। 2 जुलाई को उनके पैतृक गांव खानपुर में वायुसेना के अधिकारियों ने राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया था। हालांकि, उस दौरान स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी मौजूद नहीं थे। शहीद की प्रतिमा स्थापना और समाधि स्थल के निर्माण में स्थानीय प्रशासन की ओर से हो रही देरी से परिजनों में नाराजगी थी। इसी के बाद सांसद सुमन रविवार को खानपुर गांव पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले सार्जेंट के चित्र पर माल्यार्पण किया। फिर एसडीएम ऋषि राज से कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले शहीद की प्रतिमा स्थापना में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है। उन्होंने भाजपा शासन और प्रशासन पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे बड़ा उदाहरण और कुछ नहीं हो सकता। “धरना देंगे अगर काम शुरू नहीं हुआ!” रामजीलाल सुमन ने एसडीएम को साफ चेतावनी दी कि समाधि स्थल का चयन प्रशासनिक अधिकारियों ने ही किया था, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, “समयबद्ध रूप से समाधि स्थल के निर्माण का कार्य प्रारंभ करवाएं। नहीं तो वे यहीं पर धरना देंगे।” वायरल वीडियो में सांसद सुमन एसडीएम से कहते सुनाई दे रहे हैं, “नहीं तो हम यहीं पर भूख हड़ताल करेंगे। कितना महत्वपूर्ण मामला कि एक जवान की देश की खातिर जान चली गई, हम उसको सम्मान देने के लिए तैयार नहीं हैं।” इस पर एसडीएम ऋषि राज यह कहते हुए दिख रहे हैं, “सर, मैं पूरा प्रयास कर रहा हूं। अभी दो दिन पहले ही मिला हूं।” सांसद ने जवाब में कहा, “आपका इसका हल निकालिए। आपको हर कीमत पर यहां मूर्ति लगवानी है। इसके बाद यहां पार्क बनेगा। यह आपकी जिम्मेदारी है।” यह घटना शहीदों के प्रति सम्मान और प्रशासनिक जवाबदेही पर नए सिरे से बहस छेड़ सकती है।

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