आगरा के इनर रिंग रोड टोल प्लाजा पर किसान यूनियन का हंगामा: 50 मिनट तक टोल फ्री कराया, महिला कर्मचारियों से मारपीट, केस दर्ज

आगरा। आगरा के इनर रिंग रोड स्थित रहनकलां टोल प्लाजा पर मंगलवार दोपहर किसान यूनियन चौधरी चरण सिंह संगठन के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। कुबेरपुर और रामाडा की ओर से आए कार्यकर्ताओं ने टोल प्लाजा की चार लेन के बूम बैरियर तोड़ दिए और लगभग 50 मिनट तक टोल को मुफ्त करवा दिया, जिससे करीब 400 गाड़ियाँ बिना शुल्क दिए निकल गईं। टोल मैनेजर पर हमला, महिला कर्मचारियों से दुर्व्यवहार जानकारी के अनुसार, जब टोल मैनेजर ने कार्यकर्ताओं से हंगामा करने का कारण पूछा तो उन्होंने मैनेजर पर हमला करने का प्रयास किया। पुलिस ने बीच-बचाव कर मैनेजर को बचाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने टोल प्लाजा पर तैनात महिला कर्मचारियों के साथ भी दुर्व्यवहार किया। कर्मचारी ज्योति राजपूत के साथ मारपीट की गई, और विरोध करने पर अन्य कर्मचारियों को भी कैमरे की नजर से दूर ले जाकर पीटा गया। कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की धमकियाँ भी दीं। 50 मिनट बाद पुलिस ने संभाली स्थिति, FIR दर्ज करीब 50 मिनट तक चले इस हंगामे के बाद, दोपहर 1:10 बजे पुलिस की समझाइश के बाद स्थिति सामान्य हो सकी और टोल वसूली फिर से शुरू हुई। इस घटना के बाद टोल मैनेजर ने सभी आरोपियों के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना टोल प्लाजा पर सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। और खबरें भी हैं…

आगरा के एत्माद्दौला में भंडारे में सब्जी मांगने पर बवाल: पथराव में सिपाही घायल, थाने के सामने से 5-6 लोग पकड़े गए, FIR दर्ज

आगरा। आगरा के थाना एत्माद्दौला के सीता नगर में रविवार रात को एक भंडारे में सब्जी न देने को लेकर जमकर बवाल हो गया। देखते ही देखते बात मारपीट और फिर पथराव में बदल गई, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। प्रसाद के लिए खड़े लोगों को अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा। सूचना पर पहुँची पुलिस की पीआरवी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) के सिपाही ने पथराव कर रहे लोगों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान उनके सिर में पत्थर लगने से वह घायल हो गया। जानकारी मिलते ही थाने की फोर्स मौके पर पहुँची और आधा दर्जन लोगों को हिरासत में ले लिया गया। इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। क्या हुआ था भंडारे में? सीता नगर निवासी सुरेश चंद, संजय राठौर, रामदास और ओमी प्रजापति हर साल की तरह इस बार भी 17 अगस्त को साईं पालकी का आयोजन कर रहे थे। रविवार सुबह 10:30 बजे पालकी निकाली गई और क्षेत्र में भ्रमण करने के बाद मोहल्ले के चामुंडा देवी मंदिर पहुँची। शाम 6 बजे से यहाँ भंडारा शुरू हुआ। थाना प्रभारी देवेंद्र दुबे ने बताया कि मंदिर के पीछे रहने वाला अंशुल प्रसाद के लिए मिले दोने में सब्जी मांग रहा था। कमेटी के कान्हा और विवेक ने उसे थोड़ा इंतजार करने के लिए कहा। इसी बात पर अंशुल और कमेटी के सदस्यों के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और गाली-गलौज के बाद उनमें मारपीट होने लगी। सब्जी मांगने पर चले ईंट-पत्थर, सिपाही घायल आरोप है कि विवाद बढ़ने पर अंशुल के घर से उसके परिवार के लोगों ने ईंट-पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। इस हंगामे के समय भंडारे में बड़ी संख्या में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और वे जान बचाकर भागे। कमेटी के गौरव दिवाकर ने तुरंत 112 पर कॉल कर दिया, जिस पर पीआरवी 6144 मौके पर पहुँच गई। हेड कांस्टेबल हेमंत यादव और चालक अभय सिंह ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बवाल करने वाले नहीं माने और पथराव करते रहे। इसी दौरान एक पत्थर चालक सिपाही अभय सिंह के सिर में लग गया, जिससे वह खून से लथपथ हो गए। इस पर थाना पुलिस को सूचना दी गई। अतिरिक्त फोर्स के पहुँचने पर बलवाई भाग निकले। पुलिस ने मौके से 5-6 लोगों को हिरासत में ले लिया और घायल सिपाही को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। मामले में कमेटी पदाधिकारियों और पुलिस की ओर से देर रात तहरीर लेकर रिपोर्ट दर्ज की गई है। और खबरें भी हैं…

आगरा के अछनेरा में रास्ता विवाद पर खूनी संघर्ष: थाने के सामने भी दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, प्रधान सहित 17 नामजद

आगरा। अछनेरा थाना क्षेत्र के गांव अरुआ में रास्ता निकालने को लेकर दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। इस घटना में कई लोग घायल हुए हैं। हैरानी की बात यह है कि यह मारपीट थाने तक पहुँचकर और बिगड़ गई, जहाँ पुलिस की मौजूदगी में भी एक पक्ष ने दूसरे पर हमला कर दिया। प्रधान की गाड़ी से शुरू हुई कहासुनी, फिर लाठी-डंडे चले दरअसल, अरुआ गांव में एक कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान ग्राम प्रधान महेश कुमार की गाड़ी वहाँ से निकल रही थी। रास्ते को लेकर किसी बात पर कहासुनी शुरू हो गई, जो जल्द ही इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते लाठी-डंडे चलने लगे, जिससे कई लोग चोटिल हो गए। इस घटना के बाद दोनों पक्षों ने अछनेरा थाने में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। थाने के सामने पुलिस की मौजूदगी में भी हुई मारपीट मामला शांत होने की बजाय थाने तक पहुँचकर और ज्यादा गरमा गया। अछनेरा पुलिस स्टेशन के ठीक सामने ही एक पक्ष ने दूसरे पर हमला कर दिया। पुलिस ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन उनकी मौजूदगी में भी दौड़ा-दौड़ाकर पिटाई होती रही। इस घटना ने पुलिस की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने इस मामले में ग्राम प्रधान महेश कुमार सहित 17 लोगों को नामजद किया है, जबकि 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की बात कह रही है। और खबरें भी हैं…

आगरा में ब्लैकमेलिंग का मामला: शादी के लिए दबाव बनाने अश्लील फोटो-वीडियो बनाए, पुलिस ने दर्ज किया केस

आगरा। आगरा के थाना कमलानगर क्षेत्र में एक महिला ने अपनी बेटी के साथ हुए अत्याचार और ब्लैकमेलिंग की शिकायत दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि उसकी बेटी के अश्लील फोटो और वीडियो बनाए गए हैं, और उन्हें इस बात के लिए ब्लैकमेल किया जा रहा है कि यदि परिवार उसकी शादी पंकज नामक व्यक्ति से नहीं करते, तो वे इन फोटो और वीडियो को वायरल कर देंगे। पुलिस कमिश्नर के दखल के बाद हुई FIR पीड़ित महिला का कहना है कि उसने इस मामले में पहले थाना कमलानगर में शिकायत की थी, लेकिन उस समय कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद, उसने आगरा के पुलिस कमिश्नर को एक प्रार्थना पत्र दिया। पुलिस कमिश्नर के आदेश पर ही अब इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और उन्हें पकड़ने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस गहराई से जांच कर रही है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना समाज में बढ़ रहे साइबर अपराधों और ब्लैकमेलिंग के खतरों को उजागर करती है, जिस पर तत्काल और सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।

आगरा में वैश्य समाज एकजुट: बबली गर्ग को न्याय दिलाने के लिए लामबंद, पुलिस कमिश्नर से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल

आगरा। आगरा में वैश्य समाज ने कालिंदी विहार निवासी बबली गर्ग को न्याय दिलाने के लिए कमर कस ली है। सोमवार, 11 अगस्त 2025 को लोहा मंडी स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में अग्रवाल युवा संगठन रजि. आगरा के अध्यक्ष राकेश अग्रवाल के नेतृत्व में सर्व वैश्य समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य बबली गर्ग को यह आश्वासन देना था कि समाज तन, मन, धन से उनके साथ खड़ा है और जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, वैश्य समाज चुप नहीं बैठेगा। क्या है बबली गर्ग का मामला? बबली गर्ग पत्नी देवीचरण, कालिंदी विहार में मकान नंबर 41, कान्हा कृष्ण रेजिडेंसी, आर बी डिग्री कॉलेज के पीछे किराए पर रहती हैं। वह पहले चौका-बर्तन का काम करती थीं और अब खाने के टिफिन बनाकर सप्लाई करती हैं। उनके पति ड्राइवर हैं, जिन्हें दो बार हार्ट अटैक आ चुका है। उनके चार बच्चे भी हैं, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति नाजुक है। बबली गर्ग ने कालिंदी विहार में 50 गज का एक मकान विक्रेता प्रेमलता पत्नी शिशुपाल सिंह से खरीदा था। रजिस्ट्री के समय ₹7,70,000 का चेक बबली गर्ग ने प्रेमलता को दिया था। रजिस्ट्री होने के बाद, प्रेमलता ने कहा कि पैसे तुरंत बैंक में जमा करने होंगे, नहीं तो बैंक मकान को नीलाम कर देगा। उसने बबली गर्ग से ₹7,70,000 नकद देने और चेक वापस लेने को कहा। बबली गर्ग ने चेक वापस ले लिया और ₹7,70,000 नकद प्रेमलता को दे दिए, जो बैंक में जमा भी हो गए। इसकी लिखा-पढ़ी ₹10 के नोटरी के स्टांप पर की गई थी। अब बबली गर्ग के पास सभी ओरिजिनल रजिस्ट्री की कॉपियां और ₹7,70,000 का वापसी का चेक भी है। बबली गर्ग के पास मकान का कब्जा भी था, जिसमें उन्होंने अपना सामान रखा हुआ था। लेकिन, 16 मार्च 2025 को जब बबली गर्ग अपनी रिश्तेदारी से लौटीं, तो देखा कि प्रेमलता और उसके कुछ लोगों ने ताला तोड़कर मकान पर कब्जा कर लिया है और उनके सारे सामान की चोरी भी कर ली है। बबली गर्ग का कहना है कि यह सीधा-सीधा कब्जा और डकैती का मामला है। पुलिस और स्थानीय विधायक पर गंभीर आरोप बबली गर्ग ने बताया कि महीनों चक्कर लगाने के बाद पुलिस ने दो महीने की जांच के बाद कहीं जाकर एफआईआर दर्ज की। जब पुलिस मकान पर पहुंची, तो प्रेमलता के परिवार के लोगों ने जमकर नौटंकी की और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक को बीच में लाकर थाने पर भारी लाव-लश्कर के साथ हंगामा किया, जिसके परिणामस्वरूप चार-पांच पुलिस वालों को निलंबित करवा दिया गया। बबली गर्ग विधायक के घर भी गईं, लेकिन विधायक ने उनकी बात नहीं सुनी, बल्कि उन्हें “फ्रॉड” तक कह दिया। आरोप है कि विधायक की शह पर प्रेमलता ने पुलिस और बबली गर्ग के खिलाफ मुकदमा दायर करने के लिए एक आवेदन भी दिया हुआ है। वैश्य समाज की चेतावनी: उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो चुनाव में दिखेगी ताकत अग्रवाल युवा संगठन के संस्थापक विनोद अग्रवाल ने कहा कि लगातार हो रहे उत्पीड़न से वैश्य समाज बहुत दुखी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समाज पर उत्पीड़न बंद नहीं हुआ, तो आने वाले चुनाव में समाज अपनी ताकत दिखाएगा। उन्होंने विशेष रूप से एत्मादपुर विधानसभा का जिक्र किया, जहाँ वैश्य समाज के 50,000 वोट हैं। विनोद अग्रवाल ने कहा कि अब यह वोट ‘फ्लोटिंग’ बनेगा और विधायक को हरवाएगा। मुख्य संरक्षक विनय अग्रवाल ने भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अग्रवाल वैश्य समाज का उत्पीड़न और शोषण लगातार हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि माफिया अग्रवाल वैश्य समाज की जमीनों पर कब्जा करने में लगे हैं। उन्होंने सेवला, सैंया रोड, सेव का बाजार, बोदला, फतेहपुर सिकरी और अब कालिंदी विहार के मामलों का उल्लेख किया। विनय अग्रवाल ने कहा कि जब तक समाज सड़कों पर उतरकर इनका विरोध नहीं करेगा, तब तक जमीनों पर कब्जे होते रहेंगे। उन्होंने कहा, “अब समय आ गया है। समाज को अपनी लड़ाई खुद लड़नी होगी और अपने ऊपर उत्पीड़न के खिलाफ समाज सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होगा। आंदोलन हिंसात्मक होगा, क्योंकि हम गांधी के वंशज हैं जिन्होंने देश को आजाद कराया था।” अग्रवाल युवा संगठन के अध्यक्ष राकेश अग्रवाल ने दृढ़ता से कहा कि जब तक बबली गर्ग को न्याय नहीं मिल जाता, वह इस न्याय की लड़ाई में तन, मन, धन से उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अब यह लड़ाई सिर्फ बबली गर्ग की नहीं, बल्कि पूरे समाज की हो गई है, और समाज तब तक चैन की नींद नहीं सोएगा जब तक न्याय नहीं मिल जाता। पुलिस कमिश्नर से मुलाकात और आगे की रणनीति समस्त वैश्य समाज 13 अगस्त 2025, दिन बुधवार को सुबह 10:30 बजे अग्रसेन भवन लोहा मंडी, कोठी मीना बाजार के सामने आगरा पर एकत्रित होकर पुलिस कमिश्नर से मिलने जाएगा। इस दौरान वे बबली गर्ग को न्याय दिलाने, उनके मकान को कब्जा मुक्त कराने, निलंबित निर्दोष पुलिसकर्मियों का निलंबन वापस लेने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे। मीडिया प्रभारी सोनू अग्रवाल ने जोर दिया कि मकान पर कब्जा करना न केवल गैरकानूनी है बल्कि यह नैतिक रूप से भी गलत है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करती है, और “यदि आज हम चुप बैठे तो कल किसी और के साथ भी यह हो सकता है।” बैठक में पीड़ित बबली गर्ग, संस्थापक विनोद अग्रवाल, मुख्य संरक्षक विनय अग्रवाल, अध्यक्ष राकेश अग्रवाल, विकास मोहन बंसल, गणेश अग्रवाल, संजय अग्रवाल, नीतू अग्रवाल, निशा अग्रवाल, छावनी संगठन महामंत्री रुपेश अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, अंकित अग्रवाल, हिमांशु अग्रवाल, सुखिल अग्रवाल, नितिन अग्रवाल, अमन अग्रवाल, अरुप गोयल, आशीष अग्रवाल, प्रकाश गोयल, नितिन गर्ग, प्रवीण अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, भारत मित्तल, रजत अग्रवाल, सौरभ गर्ग, रामअवतार अग्रवाल, नितिन गर्ग, जितेंद्र अग्रवाल, रवि गोयल, मुदित अग्रवाल, शिवम गर्ग, मयंक गर्ग, राजीव कैमरा, रवी गोयल, रामकुमार अग्रवाल, कपिल अग्रवाल, शिवम अग्रवाल, भारत मित्तल, जितेंद्र अग्रवाल, सौरभ गर्ग, शरद अग्रवाल, अनुज गोयल, सौरभ जैन सहित बड़ी संख्या में वैश्य समाज के सदस्य उपस्थित रहे।

आगरा: गलती से खाते में गए ₹10 लाख हड़पे, धमकी भी दी; कारोबारी ने दर्ज कराई FIR

आगरा। आगरा के विजय नगर निवासी एक लोहा कारोबारी के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कारोबारी के खाते से गलती से दूसरे व्यक्ति के खाते में ₹10 लाख चले गए। जब कारोबारी ने पैसे वापस लौटाने को कहा, तो उस व्यक्ति ने धमकाना शुरू कर दिया और खाते से ₹2 लाख भी निकाल लिए। पीड़ित कारोबारी ने अब पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। गलत खाते में पहुंचे ₹10 लाख विजय नगर निवासी संजीव अग्रवाल का लोहे का कारोबार है। संजीव ने 18 जनवरी को अपने साथी व्यापारी शैलेंद्र अग्रवाल के खाते में NEFT के माध्यम से ₹10 लाख ट्रांसफर किए थे। लेकिन, एक गलती के कारण, ये पैसे शैलेंद्र के खाते में न पहुँचकर सैंया निवासी श्रीनिवास के खाते में चले गए। पैसे मांगने पर धमकी और ₹2 लाख निकाले जब संजीव अग्रवाल को इस गलती का पता चला, तो उन्होंने तुरंत श्रीनिवास को फोन किया और गलत ट्रांसफर के बारे में बताया। लेकिन, श्रीनिवास की नीयत खराब हो गई। पैसे लौटाने के बजाय, उसने अपने खाते से ₹2 लाख निकालकर दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए। इतना ही नहीं, जब संजीव ने पैसे वापस मांगे, तो श्रीनिवास उन्हें धमकाने लगा। जब संजीव का अकाउंटेंट श्रीनिवास के घर गया, तो उसे भी धमकाया गया और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। पीड़ित व्यापारी संजीव अग्रवाल ने अब थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना ऑनलाइन लेनदेन में सावधानी बरतने और ऐसे गलत ट्रांसफर होने पर तुरंत बैंक और पुलिस को सूचित करने की आवश्यकता पर जोर देती है।

आगरा: इलाज को आया साइबर अपराधी हथकड़ी खोल भागा, 2 जेल वार्डन सोते रहे!

आगरा। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए कासगंज जेल से लाया गया एक साइबर अपराधी शुक्रवार देर रात दो जेल वार्डनों को चकमा देकर फरार हो गया। हैरानी की बात यह है कि कैदी के भागने के दौरान दोनों जेल वार्डन सो रहे थे। शातिर अपराधी ने हथकड़ी से हाथ निकाला और मौका पाते ही चंपत हो गया। एक घंटे बाद जब जेल कर्मियों की नींद खुली और उन्होंने बंदी को गायब देखा, तो उनके होश उड़ गए। लापरवाही का नतीजा: ₹22 वर्षीय साइबर अपराधी फरार मध्य प्रदेश के जबलपुर का रहने वाला 22 वर्षीय संकेत यादव साइबर क्राइम के एक मामले में कासगंज जेल में बंद था। पेट में दर्द और उल्टी की शिकायत के बाद उसे शुक्रवार शाम को आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए लाया गया था। जेल से वार्डन अजीत पांडेय और जयंत कुमार उसे लेकर आए थे और उसे मेडिसिन विभाग में भर्ती कराया गया था। रात में, ड्यूटी पर तैनात दोनों जेल कर्मी सो गए। इसी का फायदा उठाकर रात करीब 2 बजे संकेत यादव ने चालाकी से हथकड़ी से अपना हाथ निकाला और अस्पताल से फरार हो गया। नींद खुली तो उड़े होश, पुलिस कर रही तलाश रात करीब 3 बजे जब जेल कर्मियों की नींद खुली और उन्होंने बंदी को गायब पाया, तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने पहले अपने स्तर पर एसएन मेडिकल कॉलेज में संकेत की तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने आगरा पुलिस को सूचना दी। एमएम गेट थाने में कासगंज जेल के उप कारापाल उमेश चंद शर्मा की तहरीर पर दोनों लापरवाह जेल कर्मियों (अजीत पांडेय और जयंत कुमार) और फरार बंदी संकेत यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। हालांकि, पुलिस ने अभी ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले जेल कर्मियों को गिरफ्तार नहीं किया है, वे भी फरार आरोपी की तलाश में जुटे हुए हैं। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि पुलिस की टीम सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है और एक जगह आरोपी कैमरे में कैद हुआ भी है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी भागकर अपने गृह नगर जबलपुर जाएगा। पुलिस की एक टीम को जबलपुर के लिए रवाना कर दिया गया है और रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है। यह घटना जेल कर्मियों की बड़ी लापरवाही को उजागर करती है।

आगरा: सेक्टर 4 में बैंक के ‘अपने’ ही सराफ ने दिया चूना! नकली ज्वेलरी पर दिलवाया लाखों का गोल्ड लोन, FIR दर्ज

आगरा। आगरा के आवास विकास सेक्टर 4 स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ बैंक के अपने ही सराफ की मिलीभगत से नकली ज्वेलरी पर लाखों का गोल्ड लोन ले लिया गया। बैंक मैनेजर की शिकायत पर ज्वेलरी की जांच करने वाले सराफ सहित दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। यह घटना बैंक की आंतरिक सुरक्षा और कर्मचारियों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। कैसे लगा बैंक को चूना? यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, आवास विकास सेक्टर 4 के मैनेजर जितेंद्र सिंह कैन ने एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 14 नवंबर 2022 को अनीता पत्नी मोनू (प्रेम नगर, शाहगंज) और मुरारीलाल सक्सेना गोल्ड लोन लेने के लिए बैंक आए थे। उन्होंने एक सोने की अंगूठी, चार सोने की चूड़ियां और एक सोने का पेंडेंट गोल्ड लोन के लिए जमा किए। बैंक ने इन आभूषणों की जांच के लिए अपने पैनल के ज्वेलर मनोज कुमार वर्मा को दिया। ज्वेलर मनोज कुमार वर्मा ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सभी आभूषण शुद्ध सोने के हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर बैंक ने अनीता को 1.42 लाख रुपए और 1.15 लाख रुपए के दो अलग-अलग लोन दे दिए। दूसरा ऑडिटर आया तो खुली पोल काफी समय बाद, जब बैंक के दूसरे ऑडिटर और सराफ संजय अग्रवाल ने उन्हीं आभूषणों को दोबारा चेक किया, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। संजय अग्रवाल की जांच में सामने आया कि जो आभूषण सोने के बताकर लोन लिया गया था, वे सभी नकली थे। इस धोखाधड़ी का पता चलते ही बैंक कर्मचारी अनीता के घर प्रेम नगर पहुंचे, लेकिन उसका कोई अता-पता नहीं चला। इसके बाद, बैंक अधिकारियों ने गोल्ड की जांच करने वाले सराफ मनोज वर्मा के घर संपर्क किया, लेकिन वह इस मामले को घुमाने लगे और सहयोग नहीं किया। आरोप है कि सराफ मनोज वर्मा ने अपने साथी मुरारीलाल सक्सेना और अनीता के साथ मिलकर सोची-समझी साजिश के तहत नकली आभूषणों को असली बताकर बैंक से लोन दिलवाया है। पुलिस ने बैंक मैनेजर जितेंद्र सिंह कैन की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

आगरा: DP Hotel में हिंदू महिला संग सलमान को बेरहमी से पीटा, पुलिस के सामने भी मारपीट, VIDEO वायरल

आगरा। आगरा के शमसाबाद स्थित डीपी होटल में कानून को ताक पर रखकर एक युवक के साथ सरेआम मारपीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बजरंग दल के कार्यकर्ता बताए जा रहे 8-10 लोगों ने ज़बरदस्ती होटल में घुसकर एक युवक को बुरी तरह पीटा। हैरानी की बात यह है कि मारपीट की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस की मौजूदगी में भी युवक पर लात-घूंसे बरसाए जाते रहे। युवक जिस महिला के साथ होटल में था, वह हाथ जोड़कर गुहार लगाती रही, लेकिन हमलावरों ने किसी की नहीं सुनी। यह घटना 6 अगस्त की है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। क्या है पूरा मामला? शमसाबाद के डीपी होटल में 6 अगस्त की शाम करीब 5 बजे एक युवक अपनी महिला साथी के साथ कमरा नंबर 106 में रुका था। लगभग एक घंटे बाद, 8-10 युवक खुद को बजरंग दल का कार्यकर्ता बताते हुए होटल पहुंचे। उन्होंने रिसेप्शन पर रजिस्टर चेक कराया, जिसमें हिंदू महिला और मुस्लिम युवक (सलमान) को कमरा देने की जानकारी सामने आई। इसके बाद ये सभी लड़के ऊपर कमरे में गए और दरवाजों को खटखटाना शुरू कर दिया। जब कमरा नंबर 106 का दरवाज़ा खुला, तो युवक और घूंघट किए महिला बाहर निकले। युवक के निकलते ही तथाकथित हिंदूवादी संगठन के लोगों ने उस पर हमला बोल दिया। जूतों से पीटा, सिर दीवार में मारा, महिला गिड़गिड़ाती रही होटल मैनेजर पवन ने बताया कि हमलावरों ने सलमान नाम के युवक को जमकर पीटा, जूतों से मारा और लात-घूंसे बरसाए। युवक और महिला दोनों हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगते रहे, लेकिन हमलावरों ने कोई दया नहीं दिखाई। उन्होंने महिला के साथ भी अभद्रता की और युवक का सिर दीवार में मारा। महिला किसी तरह मौका पाकर वहां से भागने में सफल रही। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि पुलिस भी मौके पर मौजूद थी, लेकिन मारपीट नहीं रुक रही थी। बाद में पुलिस युवक को अपने साथ ले गई। होटल मैनेजर पवन ने अज्ञात लोगों के खिलाफ होटल में घुसकर तोड़फोड़ करने और ग्राहक के साथ मारपीट करने की एफआईआर शमशाबाद थाने में दर्ज कराई है। थाना प्रभारी डीपी तिवारी का कहना है कि मैनेजर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है और वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। यह घटना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है और खुलेआम हुई इस गुंडागर्दी पर सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। और खबरें भी हैं… आगरा में ‘डीपी होटल प्रकरण’ पर हिंदूवादी संगठनों का थाना घेराव: पुलिस अलर्ट पर, एडिशनल सीपी ने दिया उचित कार्रवाई का आश्वासन

सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियां! ताजमहल के 500 मीटर के दायरे में धड़ल्ले से चल रहा अवैध निर्माण, VIDEO वायरल; ASI ने दर्ज कराई FIR, फिर भी नहीं रुक रहा काम

आगरा। देश की सर्वोच्च अदालत, सुप्रीम कोर्ट, के स्पष्ट आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। आगरा में ताजमहल की 500 मीटर की परिधि के अंदर धड़ल्ले से अवैध निर्माण कार्य चल रहा है, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना तब सामने आई है जब कुछ दिन पहले ही पूर्वी गेट के पास एक रेस्टोरेंट मालिक ने भी इसी तरह का अवैध निर्माण करवाया था, जिस पर कार्रवाई अभी लंबित है। टीन शेड के पीछे चल रहा काम, सड़क पर बिखरी ईंटें वायरल वीडियो में ताजमहल के पास टांगा स्टैंड के निकट एक टीन शेड के पीछे अवैध निर्माण कार्य चलता हुआ साफ दिखाई दे रहा है। निर्माण सामग्री, विशेषकर ईंटें, सड़क पर ही बिखरी पड़ी हैं, जिससे सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई निर्माण पर रोक का मज़ाक उड़ाया जा रहा है। पुरातत्व विभाग (ASI) के सहायक संरक्षक प्रिंस वाजपेयी ने बताया कि उन्हें टांगा स्टैंड के पास सुनील राठौर नामक व्यक्ति द्वारा अवैध निर्माण कराए जाने की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पुलिस अधिकारियों और संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। आश्चर्यजनक रूप से, सुनील राठौर के खिलाफ 2021 और 2023 में भी थाना ताजगंज में एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। सील हुए निर्माण, ध्वस्तीकरण के आदेश, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं! प्रिंस वाजपेयी ने यह भी खुलासा किया कि पूर्व में प्रशासन द्वारा इन निर्माणों पर सील लगा दी गई थी और उनके ध्वस्तीकरण के आदेश भी जारी हो चुके हैं। हालांकि, आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) ने अब तक उन्हें ध्वस्त नहीं किया है। कुछ दिन पहले भी सुनील राठौर को दो बार नोटिस दिया गया था, और पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार को भी इस संबंध में पत्र भेजकर शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अवैध निर्माण रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्वी गेट के पास भी था अवैध रेस्टोरेंट निर्माण, कार्रवाई का इंतजार यह पहला मामला नहीं है। कुछ दिन पहले भी ताजमहल के पूर्वी गेट से लगभग 150 मीटर की दूरी पर एक रेस्टोरेंट संचालक ने रेस्टोरेंट के पीछे टीन शेड डालकर अवैध निर्माण कर लिया था। एएसआई विभाग के अधिकारियों को जानकारी मिलने पर संचालक को नोटिस दिया गया था और ध्वस्तीकरण के आदेश जारी कर एफआईआर भी करा दी गई थी। लेकिन, दुर्भाग्यवश, अब तक उस अवैध निर्माण को भी ध्वस्त नहीं किया गया है। यह स्थिति सवाल उठाती है कि जब सुप्रीम कोर्ट जैसे सर्वोच्च न्यायालय ने ताजमहल जैसे विश्व धरोहर स्थल की सुरक्षा के लिए कड़े निर्देश दिए हैं, तो स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग उनका पालन क्यों नहीं कर रहे हैं। इन अवैध निर्माणों से न केवल ताजमहल की ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व को खतरा है, बल्कि यह कानून के शासन का भी खुलेआम उल्लंघन है।

UP में ‘पति की घिनौनी साजिश’: दोस्त के हवाले की पत्नी, आगरा लाकर बंधक बनाया और लूटता रहा ‘आबरू’! सात के खिलाफ FIR दर्ज

आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दिल्ली में हलवाई का काम करने वाले एक पति ने अपनी ही पत्नी को अपने दोस्त के हवाले कर दिया। महिला दोस्त के साथ आगरा आई, जहां आरोपी ने उसे बंधक बनाकर रखा और लगातार दुष्कर्म करता रहा। पीड़िता की शिकायत के बाद अदालत के आदेश पर पति सहित सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। दिल्ली से साजिश, आगरा में बंधक बनाकर दुष्कर्म पीड़िता महिला ने अदालत में एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर आरोप लगाया कि उसकी शादी 2011 में पिड़ोरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक से हुई थी। उनके दो बच्चे भी हैं। पीड़िता का पति दिल्ली में हलवाई का काम करता है, और उसके साथ खेड़ा राठौर थाना क्षेत्र के गांव खोहरी निवासी उमेश भी काम करता था। महिला का आरोप है कि 23 अगस्त 2024 को उसके पति ने एक षड्यंत्र के तहत उसे अपने दोस्त उमेश के साथ दिल्ली से गांव भेजा। लेकिन, उमेश महिला को गांव न ले जाकर बोदला स्थित एक मकान में ले गया। वहां उसने महिला को जान से मारने की धमकी देकर दुष्कर्म किया। जेवर छीने, गर्भवती हुई पीड़िता आरोप है कि बोदला के बाद उमेश महिला को अपने गांव खोहरी ले गया। वहां उसने महिला के जेवर छीन लिए और उसे बंधक बनाकर लगातार दुष्कर्म करता रहा, जिससे पीड़िता गर्भवती हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, एसीजेएम-6 (अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-6) ने पीड़िता के पति, उसके दोस्त उमेश और परिजन सहित कुल सात लोगों के खिलाफ थाना खेड़ा राठौर को केस दर्ज कर विवेचना (जांच) करने के आदेश दिए हैं। यह घटना रिश्तों पर सवाल खड़े करती है और पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी।

सपा में ‘महाभारत’! आगरा में एक और पूर्व जिलाध्यक्ष पर भी FIR, पार्टी की कलह सड़क पर!

आगरा। समाजवादी पार्टी की आगरा इकाई में चल रही ‘अंदरूनी महाभारत’ अब सड़क पर आ गई है! PDA के मुख्य घटक सपा में आपसी फूट इतनी बढ़ गई है कि पार्टी के दो धड़े एक-दूसरे के खिलाफ FIR दर्ज कराने लगे हैं। पूर्व जिलाध्यक्ष रामसहाय यादव के करीबी संदीप ने अब आगरा के थाना ताजगंज में पूर्व जिला उपाध्यक्ष सत्यभान यादव और पूर्व जिलाध्यक्ष रामगोपाल बघेल के खिलाफ जान से मारने की धमकी और मारपीट का गंभीर मुकदमा दर्ज कराया है। पलटवार: FIR पर FIR, कलह की नई ‘किस्त’ यह मामला तब और गरमा गया है जब इससे पहले खुद सत्यभान यादव पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष रामसहाय यादव सहित 4 लोगों पर जानलेवा हमला और धमकाने के संबंध में थाना ताजगंज में FIR दर्ज करा चुके हैं। यानी, यह सीधे-सीधे एक-दूसरे पर पलटवार का मामला बन गया है, जो सपा की आगरा इकाई में बढ़ती दरार को साफ दिखाता है। क्या है संदीप का आरोप? जगदीशपुरा, नई आबादी बोदला निवासी संदीप ने 19 जुलाई को थाना ताजगंज में सपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष सत्यभान यादव और पूर्व जिलाध्यक्ष रामगोपाल बघेल के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। संदीप का कहना है कि सत्यभान और रामगोपाल बघेल काफी समय से उनसे और रामसहाय यादव, पवन यादव से रंजिश रखते हैं। संदीप के मुताबिक: संदीप ने बताया कि जब उन्होंने चिल्लाया, तो कुछ राहगीर इकट्ठा हो गए और उन्हें बचाया। पहले क्या हुआ था? सत्यभान यादव की FIR आपको याद दिला दें कि इस घटना से पहले, 15 जुलाई को समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला उपाध्यक्ष सत्यभान यादव ने पूर्व जिलाध्यक्ष राम सहाय यादव सहित 4 लोगों पर जानलेवा हमला कराने और धमकाने का आरोप लगाया था। इस मामले में भी थाना ताजगंज में FIR दर्ज हो गई है। सत्यभान का कहना है कि उनके खेत पर अज्ञात हमलावरों ने हमला किया और धमकी भी दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि उन्हें मोबाइल और सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, जिसके बाद उन्होंने पुलिस आयुक्त दीपक कुमार से अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई थी। इस मामले में, थाना ताजगंज अंतर्गत बुढ़ाना निवासी सत्यभान यादव की शिकायत पर पुलिस आयुक्त दीपक कुमार को प्रार्थना पत्र देने के बाद, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राम सहाय यादव, लखेंद्र यादव उर्फ लख्खो, पवन यादव सहित 4 अन्य अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। सपा के अंदरूनी कलह का यह बढ़ता ग्राफ पार्टी की एकजुटता के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। देखना होगा कि पार्टी आलाकमान इस ‘महाभारत’ को शांत करने के लिए क्या कदम उठाता है।

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