आगरा: डॉ. आंबेडकर विश्वविद्यालय में NSUI का धरना, छात्रों की समस्याओं पर कुलसचिव से हुई बात

आगरा। आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में गुरुवार को एनएसयूआई (NSUI) कार्यकर्ताओं ने छात्र समस्याओं को लेकर कुलसचिव कार्यालय के बाहर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। छात्रों की समस्याओं को सुनकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने जल्द ही समाधान का आश्वासन दिया है। रिजल्ट, मार्कशीट और ऑनलाइन आवेदन की समस्या एनएसयूआई के प्रदेश सचिव अंकुश गौतम ने बताया कि छात्रों को समय पर रिजल्ट, मार्कशीट और डिग्री नहीं मिल रही है, जिससे उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अधिकारियों ने सुनवाई नहीं की। इसके अलावा, ऑनलाइन आवेदन करने के बाद भी छात्रों को विश्वविद्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं। हेल्प डेस्क पर भी हमेशा भीड़ लगी रहती है, जिससे छात्रों को कोई खास मदद नहीं मिल पाती। कुलसचिव ने दिया आश्वासन लगभग दो घंटे तक चले धरने और नारेबाजी के बाद कुलसचिव अजय मिश्रा और चीफ प्रोक्टर प्रो. मनुप्रताप सिंह ने एनएसयूआई कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। कार्यकर्ताओं ने उनके सामने कुछ प्रमुख मांगें रखीं: इन मांगों पर कुलसचिव ने आश्वासन दिया कि सोशियोलॉजी और एमएसडब्ल्यू जैसे विषयों में सीटों की संख्या बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने अन्य मांगों पर भी जल्द से जल्द कार्रवाई करने की बात कही।

आगरा विवि के दीक्षांत समारोह में गर्मी से छात्र बेहाल: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने फर्जी डिग्री और रिसर्च पर दिया जोर, आप और छात्र संगठनों ने किया विरोध प्रदर्शन

आगरा। बुधवार को आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के 91वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल पहुंचीं। इंडियन हैबिटेट सेंटर के निदेशक प्रो. केजी सुरेश भी इस दौरान मौजूद रहे। कार्यक्रम स्थल, शिवाजी मंडपम में एसी न चलने से गर्मी और उमस के कारण उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र काफी परेशान दिखे और इन्विटेशन कार्ड से हवा करते नजर आए। राज्यपाल का फर्जी डिग्री पर प्रहार, रिसर्च पर जोर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने संबोधन में शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर देते हुए कहा कि “रिसर्च पर फोकस करना होगा। यूनिवर्सिटी में पेपर बदलना, बार कोड बदलना जैसे काम बंद कराने होंगे। ऐसे देश विकसित नहीं होगा। फर्जी डिग्री लेकर घूमने से देश को लाभ नहीं मिलेगा।” उन्होंने आगे कहा कि “यूनिवर्सिटी में ऐसी कई चीजें हैं, जिन्हें बंद कराने की जरूरत है। केजी टू पीजी का ध्येय लेकर चलिए। सिलेबस पर मंथन हो और 10 साल का विजन होना चाहिए।” वहीं, कुलपति प्रो. आशु रानी ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने बताया कि इस साल दीक्षांत समारोह को ‘दीक्षोत्सव’ के रूप में मनाया गया और विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित कराई गईं। उन्होंने जानकारी दी कि इस समारोह में 82 हजार से ज्यादा डिग्रियां और 144 पीएचडी डिग्रियां दी जाएंगी। उन्होंने विश्वविद्यालय को नैक में ‘ए प्लस’ ग्रेड मिलने को टीम वर्क का नतीजा बताया। विश्वविद्यालय की उपलब्धियां और सम्मान कुलपति प्रो. आशु रानी ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि इस साल ‘समर्थ’ से एडमिशन लिए गए हैं। उन्होंने सेंट्रल लाइब्रेरी के बारे में भी जानकारी दी और कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रहा है। उन्होंने बताया कि पांडुलिपियों का संरक्षण शुरू हो चुका है, और 15 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय एमओयू (MoU) किए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि छात्रों का इसरो में भी चयन हुआ है, और खेलो इंडिया के लिए 13 खिलाड़ियों का चयन हुआ है। एक लाख से ज्यादा छात्रों को मोबाइल दिए गए हैं और 22 पेटेंट हुए हैं। दीक्षांत समारोह में बेस्ट टीचर रिसर्च का अवॉर्ड डॉ. जैसवार गौतम को, बेस्ट टीचर सोशल वर्क का अवॉर्ड डॉ. अर्चना को, और बेस्ट टीचर ओवर ऑल का अवॉर्ड प्रो. मनु प्रताप सिंह को मिला। आप और छात्र संगठनों का विरोध प्रदर्शन, हिरासत में लिए गए नेता दीक्षांत समारोह के दौरान विरोध प्रदर्शन की खबरें भी सामने आईं। उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल के आगमन पर विरोध जताने पहुंचे आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष पंडित सिद्धार्थ चतुर्वेदी को एसओजी टीम ने रास्ते से हिरासत में ले लिया। जिलाध्यक्ष गले में काला कपड़ा डालकर सरकारी स्कूल बंद करने के खिलाफ विरोध करना चाहते थे। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें रोक लिया और पुलिस लाइन ले गए। राज्यपाल के जाने के बाद ही उन्हें छोड़ा गया। इसी तरह, एनएसयूआई और सपा छात्रसभा के पदाधिकारियों को भी विरोध से पहले ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दोनों संगठनों ने अधूरे परिणामों और विभिन्न अव्यवस्थाओं के बीच हो रहे समारोह का विरोध किया था। और खबरें भी हैं…

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