Agra में दहेज में बाइक न मिलने पर दो बहनों को ससुराल वालों ने पीटा, एक का गर्भपात हुआ

Agra के Khandauli में दहेज में मोटरसाइकिल न मिलने पर दो सगी बहनों को उनके ससुराल वालों ने कथित तौर पर बेरहमी से मारपीट कर घर से निकाल दिया। पीड़ित बहनों का आरोप है कि बड़ी बहन को जान से मारने की भी कोशिश की गई। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नेकपुर निवासी मधु (पत्नी कृष्णपाल) ने पुलिस को बताया कि उनका विवाह 9 जुलाई, 2024 को हुआ था। उसी दिन उनकी बहन राधा की शादी कुलदीप से हुई। शादी में लाखों रुपए खर्च कर गृहस्थी का सामान, आभूषण और नकद राशि दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद ससुराल वालों ने दोनों बहनों से एक-एक मोटरसाइकिल की मांग शुरू कर दी और उन्हें प्रताड़ित करने लगे। मारपीट से गर्भपात का आरोप मधु ने आरोप लगाया कि गर्भवती होने पर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उनका तीन माह का गर्भपात हो गया। वहीं, राधा के पुत्री जन्म देने के बाद ससुराल वालों का व्यवहार और भी क्रूर हो गया। राइफल के बट से जान से मारने की धमकी 27 सितंबर की रात मधु के पति कृष्णपाल, बहनोई कुलदीप, ससुर रामप्रकाश, सास सुनीता, ननद भागवती और चाचा-ससुर धाधू ने दोनों बहनों को बुरी तरह पीटा। मधु ने आरोप लगाया कि धाधू ने राइफल का बट उनके मुंह में डालकर जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान, छोटी बहन ने शोर मचाकर बड़ी बहन को बचाया, जिसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर दोनों बहनों की जान बचाई। मारपीट में उन्हें गंभीर चोटें आईं और उन्हें केवल पहने हुए कपड़ों में घर से बाहर निकाल दिया गया। KhandoIi Police Station के प्रभारी निरीक्षक हंसराज भदौरिया ने बताया कि तहरीर के आधार पर पति समेत 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

आगरा में मजदूर ने पेड़ से लटककर दी जान, सुसाइड से पहले वीडियो में पंचायत सचिव पर लगाए गंभीर आरोप

आगरा। आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र के खड़वाई गांव में शुक्रवार की सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां दिहाड़ी मजदूर पप्पू का शव घर से 300 मीटर दूर एक पेड़ से लटका मिला। चौंकाने वाली बात यह है कि आत्महत्या से पहले पप्पू ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया है, जिसमें उसने गांव की पंचायत सचिव पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पप्पू की मौत के बाद परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर हंगामा किया और पुलिस कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। परिजनों का आरोप है कि पंचायत सचिव ने पप्पू को झूठे केस में फंसाने की धमकी दी थी, जिसके डर से उसने यह कदम उठाया। जन्म प्रमाण पत्र को लेकर शुरू हुआ था विवाद मृतक की पत्नी और परिजनों ने बताया कि पप्पू ने अपने 4 साल के बेटे के जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था, लेकिन पंचायत सचिव रश्मि राठौर महीनों से उसका काम नहीं कर रही थीं। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस हुई, जिसके बाद सचिव ने पुलिस केस में फंसाने की धमकी दी। परिजनों के अनुसार, पंचायत सचिव की शिकायत पर सिकंदरा थाने के दरोगा लगातार पप्पू को फोन करके परेशान कर रहे थे और जेल भेजने की धमकी दे रहे थे। इन धमकियों से परेशान होकर पप्पू ने यह कदम उठाया। सुसाइड वीडियो में बयां किया दर्द मृतक के मोबाइल से बरामद वीडियो में पप्पू का दर्द साफ झलक रहा है। वीडियो में वह कह रहा है, “मैं पढ़ा-लिखा नहीं हूं… अब मुझे जान देनी पड़ेगी… मुझे फंसाया गया है… सरकारी आदमी है, केस लग गया तो मेरे बच्चे परेशान हो जाएंगे…” उसने यह भी कहा कि वह डर के कारण दर-दर भटक रहा था। पुलिस ने पप्पू के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है और पंचायत सचिव रश्मि राठौर पर लगे आरोपों की जांच शुरू कर दी है। गांव वालों का कहना है कि पंचायत सचिव की कार्यशैली को लेकर पहले भी कई शिकायतें उठ चुकी हैं। इस मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

ताजमहल के पास ‘लपका’ आतंक: विदेशी पर्यटक को परेशान कर रहे तीन पकड़े गए, मुकदमा दर्ज!!!

आगरा। आगरा में ताजमहल के पास पर्यटकों को जबरदस्ती घुमाने का दबाव डालने वाले तीन युवकों को पर्यटन पुलिस ने गिरफ्तार किया है। तीनों पर्यटकों पर लगातार दबाव बना रहे थे, जिसके बाद पर्यटन पुलिस ने यह त्वरित कार्रवाई की। क्या हुआ था? गुरुवार को ताजमहल के पूर्वी और पश्चिमी गेट के पास इन तीन युवकों ने कुछ पर्यटकों को घेर लिया। वे पर्यटकों पर इस बात का दबाव बना रहे थे कि वे उन्हें कम पैसों में ताजमहल घुमा देंगे और शॉपिंग भी करा देंगे। पर्यटक बार-बार मना कर रहे थे, लेकिन तीनों युवक पर्यटकों के साथ जबरदस्ती करते रहे। इसकी शिकायत तुरंत पर्यटन पुलिस तक पहुँची। पुलिस ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर सलमान, राहुल सिंह और विकास नाम के तीनों युवकों को धर दबोचा। ये तीनों ही बिना आईडी कार्ड के पर्यटकों पर दबाव बना रहे थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 170, 126 और 135 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। ‘लपकों का आतंक’ खत्म क्यों नहीं हो रहा? यह कोई नई बात नहीं है कि ताजमहल के आसपास ‘लपकों’ (पर्यटकों को परेशान करने वाले गाइड/दलाल) का आतंक है। कुछ साल पहले आगरा आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ताजमहल को ‘लपका मुक्त’ करने की बात कही थी। पुलिस ने तब सख्ती भी बरती थी और कुछ दिनों तक हालात सुधरे भी थे, लेकिन फिर स्थिति जस की तस हो गई। योगी सरकार 2.0 में भी, सरकार के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने लपकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद आगरा प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लेते हुए ताजमहल शिल्पग्राम रोड पर एक एसडीएम की तैनाती करने की बात कही थी, ताकि वे ताजमहल और उसके आसपास लपकों के खिलाफ कार्रवाई कर सकें। हालांकि, दुखद बात यह है कि ये एसडीएम अब तक तैनात नहीं हो पाए हैं। तत्कालीन डीएम प्रभु एन. सिंह के कार्यकाल में ताजमहल के आसपास सख्ती का असर दिखाई दिया था। वर्तमान में भी पर्यटन पुलिस लपकों को पकड़ने का अभियान चला रही है और लगभग 500 लपकों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। लेकिन सूत्रों के अनुसार, अब भी 1500 से ज़्यादा लपके ताजमहल के आसपास सक्रिय हैं, जो पर्यटकों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। और खबरें भी हैं…

आगरा में वैश्य समाज एकजुट: बबली गर्ग को न्याय दिलाने के लिए लामबंद, पुलिस कमिश्नर से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल

आगरा। आगरा में वैश्य समाज ने कालिंदी विहार निवासी बबली गर्ग को न्याय दिलाने के लिए कमर कस ली है। सोमवार, 11 अगस्त 2025 को लोहा मंडी स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में अग्रवाल युवा संगठन रजि. आगरा के अध्यक्ष राकेश अग्रवाल के नेतृत्व में सर्व वैश्य समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य बबली गर्ग को यह आश्वासन देना था कि समाज तन, मन, धन से उनके साथ खड़ा है और जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, वैश्य समाज चुप नहीं बैठेगा। क्या है बबली गर्ग का मामला? बबली गर्ग पत्नी देवीचरण, कालिंदी विहार में मकान नंबर 41, कान्हा कृष्ण रेजिडेंसी, आर बी डिग्री कॉलेज के पीछे किराए पर रहती हैं। वह पहले चौका-बर्तन का काम करती थीं और अब खाने के टिफिन बनाकर सप्लाई करती हैं। उनके पति ड्राइवर हैं, जिन्हें दो बार हार्ट अटैक आ चुका है। उनके चार बच्चे भी हैं, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति नाजुक है। बबली गर्ग ने कालिंदी विहार में 50 गज का एक मकान विक्रेता प्रेमलता पत्नी शिशुपाल सिंह से खरीदा था। रजिस्ट्री के समय ₹7,70,000 का चेक बबली गर्ग ने प्रेमलता को दिया था। रजिस्ट्री होने के बाद, प्रेमलता ने कहा कि पैसे तुरंत बैंक में जमा करने होंगे, नहीं तो बैंक मकान को नीलाम कर देगा। उसने बबली गर्ग से ₹7,70,000 नकद देने और चेक वापस लेने को कहा। बबली गर्ग ने चेक वापस ले लिया और ₹7,70,000 नकद प्रेमलता को दे दिए, जो बैंक में जमा भी हो गए। इसकी लिखा-पढ़ी ₹10 के नोटरी के स्टांप पर की गई थी। अब बबली गर्ग के पास सभी ओरिजिनल रजिस्ट्री की कॉपियां और ₹7,70,000 का वापसी का चेक भी है। बबली गर्ग के पास मकान का कब्जा भी था, जिसमें उन्होंने अपना सामान रखा हुआ था। लेकिन, 16 मार्च 2025 को जब बबली गर्ग अपनी रिश्तेदारी से लौटीं, तो देखा कि प्रेमलता और उसके कुछ लोगों ने ताला तोड़कर मकान पर कब्जा कर लिया है और उनके सारे सामान की चोरी भी कर ली है। बबली गर्ग का कहना है कि यह सीधा-सीधा कब्जा और डकैती का मामला है। पुलिस और स्थानीय विधायक पर गंभीर आरोप बबली गर्ग ने बताया कि महीनों चक्कर लगाने के बाद पुलिस ने दो महीने की जांच के बाद कहीं जाकर एफआईआर दर्ज की। जब पुलिस मकान पर पहुंची, तो प्रेमलता के परिवार के लोगों ने जमकर नौटंकी की और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक को बीच में लाकर थाने पर भारी लाव-लश्कर के साथ हंगामा किया, जिसके परिणामस्वरूप चार-पांच पुलिस वालों को निलंबित करवा दिया गया। बबली गर्ग विधायक के घर भी गईं, लेकिन विधायक ने उनकी बात नहीं सुनी, बल्कि उन्हें “फ्रॉड” तक कह दिया। आरोप है कि विधायक की शह पर प्रेमलता ने पुलिस और बबली गर्ग के खिलाफ मुकदमा दायर करने के लिए एक आवेदन भी दिया हुआ है। वैश्य समाज की चेतावनी: उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो चुनाव में दिखेगी ताकत अग्रवाल युवा संगठन के संस्थापक विनोद अग्रवाल ने कहा कि लगातार हो रहे उत्पीड़न से वैश्य समाज बहुत दुखी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समाज पर उत्पीड़न बंद नहीं हुआ, तो आने वाले चुनाव में समाज अपनी ताकत दिखाएगा। उन्होंने विशेष रूप से एत्मादपुर विधानसभा का जिक्र किया, जहाँ वैश्य समाज के 50,000 वोट हैं। विनोद अग्रवाल ने कहा कि अब यह वोट ‘फ्लोटिंग’ बनेगा और विधायक को हरवाएगा। मुख्य संरक्षक विनय अग्रवाल ने भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अग्रवाल वैश्य समाज का उत्पीड़न और शोषण लगातार हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि माफिया अग्रवाल वैश्य समाज की जमीनों पर कब्जा करने में लगे हैं। उन्होंने सेवला, सैंया रोड, सेव का बाजार, बोदला, फतेहपुर सिकरी और अब कालिंदी विहार के मामलों का उल्लेख किया। विनय अग्रवाल ने कहा कि जब तक समाज सड़कों पर उतरकर इनका विरोध नहीं करेगा, तब तक जमीनों पर कब्जे होते रहेंगे। उन्होंने कहा, “अब समय आ गया है। समाज को अपनी लड़ाई खुद लड़नी होगी और अपने ऊपर उत्पीड़न के खिलाफ समाज सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होगा। आंदोलन हिंसात्मक होगा, क्योंकि हम गांधी के वंशज हैं जिन्होंने देश को आजाद कराया था।” अग्रवाल युवा संगठन के अध्यक्ष राकेश अग्रवाल ने दृढ़ता से कहा कि जब तक बबली गर्ग को न्याय नहीं मिल जाता, वह इस न्याय की लड़ाई में तन, मन, धन से उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अब यह लड़ाई सिर्फ बबली गर्ग की नहीं, बल्कि पूरे समाज की हो गई है, और समाज तब तक चैन की नींद नहीं सोएगा जब तक न्याय नहीं मिल जाता। पुलिस कमिश्नर से मुलाकात और आगे की रणनीति समस्त वैश्य समाज 13 अगस्त 2025, दिन बुधवार को सुबह 10:30 बजे अग्रसेन भवन लोहा मंडी, कोठी मीना बाजार के सामने आगरा पर एकत्रित होकर पुलिस कमिश्नर से मिलने जाएगा। इस दौरान वे बबली गर्ग को न्याय दिलाने, उनके मकान को कब्जा मुक्त कराने, निलंबित निर्दोष पुलिसकर्मियों का निलंबन वापस लेने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे। मीडिया प्रभारी सोनू अग्रवाल ने जोर दिया कि मकान पर कब्जा करना न केवल गैरकानूनी है बल्कि यह नैतिक रूप से भी गलत है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करती है, और “यदि आज हम चुप बैठे तो कल किसी और के साथ भी यह हो सकता है।” बैठक में पीड़ित बबली गर्ग, संस्थापक विनोद अग्रवाल, मुख्य संरक्षक विनय अग्रवाल, अध्यक्ष राकेश अग्रवाल, विकास मोहन बंसल, गणेश अग्रवाल, संजय अग्रवाल, नीतू अग्रवाल, निशा अग्रवाल, छावनी संगठन महामंत्री रुपेश अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, अंकित अग्रवाल, हिमांशु अग्रवाल, सुखिल अग्रवाल, नितिन अग्रवाल, अमन अग्रवाल, अरुप गोयल, आशीष अग्रवाल, प्रकाश गोयल, नितिन गर्ग, प्रवीण अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, भारत मित्तल, रजत अग्रवाल, सौरभ गर्ग, रामअवतार अग्रवाल, नितिन गर्ग, जितेंद्र अग्रवाल, रवि गोयल, मुदित अग्रवाल, शिवम गर्ग, मयंक गर्ग, राजीव कैमरा, रवी गोयल, रामकुमार अग्रवाल, कपिल अग्रवाल, शिवम अग्रवाल, भारत मित्तल, जितेंद्र अग्रवाल, सौरभ गर्ग, शरद अग्रवाल, अनुज गोयल, सौरभ जैन सहित बड़ी संख्या में वैश्य समाज के सदस्य उपस्थित रहे।

आगरा में GST का ‘छापा-मार’ एक्शन: ट्रेनों में फूड सप्लाई करने वाली फर्म से वसूले ₹49.50 लाख! रेस्टोरेंट मालिक की पत्नी ने लगाए ‘गुंडागर्दी और प्रताड़ना’ के सनसनीखेज आरोप

आगरा। आगरा में स्टेट जीएसटी (GST) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जहाँ ट्रेनों में IRCTC के माध्यम से फूड सप्लाई करने वाली एक फर्म और एक रेस्टोरेंट पर छापा मारा गया। जीएसटी टीम ने फर्म से ₹49.50 लाख जमा कराए हैं। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद रेस्टोरेंट संचालक की पत्नी ने सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर जीएसटी टीम पर ‘गुंडागर्दी, अभद्रता और पैसे मांगने’ जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे यह मामला गरमा गया है। AI से पकड़ी गई ‘गड़बड़ी’, 4 महीने से फाइल नहीं हुआ था रिटर्न! स्टेट जीएसटी के अधिकारियों के अनुसार, थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र की वह फर्म जो ट्रेनों में फूड सप्लाई करती है, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ‘बिजनेस इंटेलिजेंस और फ्रॉड एनालिटिक्स पोर्टल’ की जांच में पकड़ी गई। जाँच में पाया गया कि फर्म द्वारा सप्लाई पर काटे गए टीडीएस (TDS) और घोषित सप्लाई में गड़बड़ी थी। इतना ही नहीं, फर्म ने पिछले चार महीने से जीएसटी रिटर्न भी फाइल नहीं किया था। यह पूरी कार्रवाई अपर आयुक्त ग्रेड 1 पंकज गांधी और अपर आयुक्त ग्रेड 2 अंजनी अग्रवाल के निर्देशन में हुई। संयुक्त आयुक्त बीडी शुक्ला ने इटावा, टूंडला और अलीगढ़ में इस फर्म की ब्रांचों की भी जांच कराई। फर्म से कुल ₹49.50 लाख रुपये जमा कराए गए हैं। छापे के दौरान सुभाष चंद्र, विनीता श्रीवास्तव, अतुल आर्या, लोकेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। रेस्टोरेंट मालिक की पत्नी का ‘वायरल’ आरोप: “बेटा मरे तो मर जाने दो, ₹1 करोड़ मांगे!” जीएसटी टीम ने ट्रांस यमुना क्षेत्र के जैन रेस्टोरेंट पर भी कार्रवाई की। टीम के पहुँचते ही रेस्टोरेंट मालिक दुकान बंद कर भाग गया, जिसके बाद आसपास की दुकानें भी बंद हो गईं। टीम ने फिर रेस्टोरेंट पर कार्रवाई शुरू की। इस रेस्टोरेंट की शमसाबाद रोड पर भी एक इकाई है, जहाँ भी जांच की गई। लेकिन इस कार्रवाई ने एक नया मोड़ ले लिया जब फर्म के संचालक की पत्नी, जिनका फेसबुक प्रोफाइल ‘संजू जैन’ के नाम से है, ने कई वीडियो अपलोड कर जीएसटी टीम पर संगीन आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि गुरुवार रात 8 बजे जीएसटी टीम रेस्टोरेंट पहुँची और आते ही ‘गुंडागर्दी’ शुरू कर दी। महिला ने आरोप लगाया: इस मामले के वीडियो वायरल होने से हड़कंप मच गया है, और अब यह कार्रवाई आरोपों के घेरे में आ गई है।

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