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आगरा के एत्मादपुर में दर्दनाक हादसा: तालाब में डूबने से युवक की मौत, गाय बचाने गया था

आगरा। आगरा के एत्मादपुर थाना क्षेत्र के खंदौली स्थित नगला गोदा गांव में सोमवार सुबह एक दुखद घटना घटी। नगला लोधा निवासी 35 वर्षीय प्रभाकर (पुत्र रामचरन) अपने पालतू गाय को तालाब से निकालने गए थे, तभी अचानक उनका पैर फिसल गया। वह गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। दो घंटे की मशक्कत के बाद मिला शव सुबह करीब 10 बजे हुई इस घटना को देखकर गांव के लोगों ने प्रभाकर को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह पानी में ओझल हो गए। सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने तुरंत बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद, प्रभाकर का शव तालाब से बाहर निकाला जा सका। गांव में पसरा मातम, परिजन बेहाल घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। प्रभाकर की असामयिक मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिवार के लोग, खासकर उनकी पत्नी और पाँच वर्षीय बेटा, रो-रोकर बेहाल हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, और आश्रित को सरकारी मदद मिले, ताकि उनके मासूम बच्चे का भविष्य सुरक्षित रह सके। यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों और ऐसी आकस्मिक घटनाओं से निपटने के लिए तैयारियों की आवश्यकता पर जोर देती है।

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आगरा में प्राइमरी स्कूल की जर्जर बाउंड्रीवॉल गिरी: 10 वर्षीय छात्रा की दर्दनाक मौत, बारिश की सीलन बनी काल; 3 बच्चे बाल-बाल बचे

आगरा। आगरा के थाना पिढोरा के गांव पोखरा गगनकी में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। प्राथमिक विद्यालय की जर्जर बाउंड्री वॉल और गेट गिरने से 10 वर्षीय एक छात्रा चांदनी की मौत हो गई। बारिश की सीलन को इस हादसे की वजह बताया जा रहा है। इस घटना में तीन अन्य बच्चियां राधिका, दिव्या और निशा बाल-बाल बच गईं। स्कूल के बाहर खेल रही थी चांदनी, मलबे में दबकर हुई मौत यह हादसा गुरुवार शाम करीब चार बजे हुआ, जब विद्यालय की लगभग 30 मीटर लंबी बाउंड्रीवॉल और तीन मीटर का गेट बारिश की सीलन के कारण अचानक ढह गया। उस समय विद्यालय के बाहर कई बच्चे खेल रहे थे। बाउंड्रीवॉल का मलबा सीधे कक्षा पांच की छात्रा चांदनी के ऊपर गिरा। ग्रामीणों ने शोर सुनकर तुरंत मौके पर पहुंचकर चांदनी को मलबे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। यह घटना पूरे गांव में मातम और आक्रोश का माहौल पैदा कर गई है। मुंबई में मजदूरी करते हैं पिता, परिवार में मचा कोहराम मृतक चांदनी के पिता केशव मुंबई में मजदूरी करते हैं। उनके परिवार में तीन बेटियां – चांदनी (10), राधिका (5), दुर्गेश (3) और एक बेटा प्रदीप (8) है। इस दर्दनाक घटना के बाद चांदनी की मां जमुनादेवी, दादी फूलों देवी और दादा बदन सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जर्जर घोषित होने के बावजूद चल रहा था स्कूल, शिक्षक भी नदारद ग्रामीणों के अनुसार, इसी साल जुलाई में विद्यालय के भवन को जर्जर घोषित कर दिया गया था। इसके बावजूद यहाँ शिक्षण कार्य जारी था, जो प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पिछले दो दिनों से कोई शिक्षक विद्यालय नहीं आया था। घटना की सूचना मिलने पर राजस्व टीम के कानूनगो रामनिवास, लेखपाल राघवेन्द्र गौतम और प्रधान राजेश भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दुखद बात यह भी रही कि गगनकी गांव तक पहुंचने का कोई पक्का रास्ता नहीं है, जिसके कारण बच्ची के शव को ले जाने के लिए यमुना के किनारे ट्रैक्टर से रास्ता बनाकर निकाला गया। यह स्थिति गांव में मूलभूत सुविधाओं की कमी को भी उजागर करती है।

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