आगरा में 4 होमगार्डों को बिल्ली की देखभाल में लगाया: “SP ट्रैफिक की पालतू है, कुछ हुआ तो एक्शन होगा!” – बाद में निकला सब ‘अफवाह’
आगरा। आगरा पुलिस लाइन में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जिसने सबको चौंका दिया है। यहाँ एक बिल्ली की ‘सिक्योरिटी’ के लिए 4 होमगार्डों को ड्यूटी पर लगा दिया गया। शिफ्ट इंचार्ज कॉन्स्टेबल ने इन होमगार्डों से कहा कि यह बिल्ली SP ट्रैफिक अभिषेक कुमार की पालतू है और अगर उसे कुछ हुआ तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। लेकिन, बाद में पता चला कि यह पूरी बात ही ‘अफवाह’ थी और बिल्ली लावारिस थी! होमगार्ड्स ने बताया पूरा मामला: 12 घंटे की ‘बिल्ली ड्यूटी’ होमगार्ड्स (एचजी 1411 पवन पाराशर, एचजी 1335 निजाम खान, एचजी 1185 सत्यपाल और पीआरडी एदल सिंह) की ड्यूटी पुलिस लाइन में ‘बंदशुदा’ (बंद जगह) की निगरानी के लिए लगी थी। 30 जुलाई को जब वे ड्यूटी पर आए, तो कॉन्स्टेबल योगेश कुमार ने उन्हें एक बिल्ली दिखाई। होमगार्ड्स के अनुसार, योगेश कुमार ने उनसे कहा: 12 घंटे तक बिल्ली की ‘देखभाल’ करने के बाद, होमगार्ड्स को पता चला कि यह बिल्ली एसपी ट्रैफिक की है ही नहीं। इसके बाद एक होमगार्ड ने अपने ऑफिशियल ग्रुप पर बिल्ली के बच्चे की फोटो के साथ यह पूरा मैसेज लिखा, जिसके बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया। पुलिस का आया स्पष्टीकरण: “अफवाह है, बिल्ली लावारिस!” मामला गरमाने के बाद दैनिक भास्कर ने जब इसकी तहकीकात की, तो सामने आया कि ट्रैफिक पुलिस लाइन में एक बिल्ली ने बच्चे दिए थे। उसके एक बच्चे पर कुत्तों ने हमला कर दिया था, जिससे उसे चोट लग गई थी। उसे कुत्तों से बचाने के लिए गाड़ियों की पार्किंग वाले एरिया में रख दिया गया था। माना जा रहा है कि लाइन में रहने वाले एक कॉन्स्टेबल ने होमगार्डों को गुमराह कर दिया था। आगरा ट्रैफिक पुलिस की मीडिया सेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस मामले पर स्पष्टीकरण दिया, लेकिन उनके जवाब भी अलग-अलग थे: होमगार्डों का कहना है कि उनकी भर्ती सुरक्षा ड्यूटी के लिए हुई थी, न कि बिल्ली की देखभाल करने के लिए। यह मामला आगरा पुलिस प्रशासन में चर्चा का विषय बन गया है।
