17 छात्राओं से यौन शोषण का आरोपी स्वामी चैतन्यानंद Agra से गिरफ्तार
दिल्ली में 17 छात्राओं से यौन शोषण के आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को दिल्ली Police ने Agra के एक होटल से गिरफ्तार किया है। आरोपी 5 अगस्त को FIR दर्ज होने के बाद से फरार चल रहा था। दिल्ली Police ने रविवार तड़के 3 बजे दबिश देकर उसे पकड़ा और दिल्ली ले गई, जहां Vasant Kunj Police Station में उससे पूछताछ की जा रही है।
होटल में पार्थ सारथी के नाम से छिपा था बाबा
Agra के Hotel The First के कर्मचारी भरत ने बताया कि आरोपी स्वामी चैतन्यानंद 27 सितंबर को अपने एक जानकार कौशल के जरिए होटल में आया था। उसने अपना नाम पार्थ सारथी बताया और कमरा नंबर 101 में रुका। वह होटल से बाहर नहीं निकला और सिर्फ रेस्टोरेंट में खाना खाता था। रविवार तड़के 3 बजे दिल्ली Police की टीम पहुंची और उसे गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई। Police ने उसके साथ करीब 15 मिनट बात की, फिर उसे लेकर चली गई।
फर्जी विजिटिंग कार्ड और गंभीर आरोप
Police ने चैतन्यानंद के पास से दो फर्जी विजिटिंग कार्ड भी बरामद किए हैं। एक कार्ड में उसे संयुक्त राष्ट्र में स्थायी राजदूत और दूसरे में ब्रिक्स संयुक्त आयोग का सदस्य बताया गया है।
आरोपी पर छात्राओं का यौन और मानसिक शोषण करने के गंभीर आरोप हैं। FIR के मुताबिक, वह देर रात छात्राओं को अपने कमरे में बुलाता था और न आने पर कम नंबर देने की धमकी देता था। आरोप है कि उसने हॉस्टल के कमरों में भी CCTV कैमरे लगवा रखे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि तीन महिला वॉर्डन भी इस सब में शामिल थीं, जो छात्राओं को आरोपी के मैसेज डिलीट करने के लिए कहती थीं।
स्वामी चैतन्यानंद ने EWS स्कॉलरशिप पर पढ़ने वाली छात्राओं को निशाना बनाया था, जिनके माता-पिता की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। वह करियर खराब करने की धमकी देकर उनका शोषण करता था।
कौन है स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती?
62 वर्षीय चैतन्यानंद सरस्वती खुद को प्रोफेसर, दार्शनिक और लेखक बताता है। उसके खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी और छेड़छाड़ के कई मामले दर्ज हैं। वह खुद को हार्वर्ड के प्रोफेसर और BJP सांसद से परिचित बताकर रुतबा दिखाता था। वह अपनी कार पर भी संयुक्त राष्ट्र की नंबर प्लेट लगाकर घूमता था।


